Dehradun
मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारियों को दिए अहम निर्देश, सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर ध्यान देने का दिया आदेश !

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों पर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने खासतौर पर राज्य के धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने के आदेश दिए। इसके अलावा, चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारियों को अपने जनपदों में सुरक्षा की नियमित निगरानी करनी चाहिए और किसी भी तरह की चूक पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान और अन्य महत्वपूर्ण मामलों में फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारियों को सही जानकारी नियमित रूप से विभिन्न माध्यमों से साझा करने के निर्देश दिए गए।

किरायेदारों और दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी
मुख्यमंत्री ने किरायेदारों का सत्यापन न कराने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने ठेली, फड़ और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों का भी सत्यापन करने की बात कही। उन्होंने अपात्र व्यक्तियों को राशन कार्ड, आधार कार्ड, बिजली के कनेक्शन और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात की।
वनाग्नि प्रबंधन और डेंगू नियंत्रण पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने वनाग्नि की घटनाओं पर कड़ी नजर रखने और इस मामले में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही, डेंगू के प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि नियमित फॉगिंग के साथ डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
बिजली और पानी की व्यवस्था में सुधार
मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकाल में प्रदेश में बिजली और पानी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने अस्पतालों में बिजली की रोस्टिंग न करने और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात भी कही।
कैंचीधाम वार्षिकोत्सव के लिए तैयारियाँ
मुख्यमंत्री ने आगामी कैंचीधाम वार्षिकोत्सव को ध्यान में रखते हुए सड़क की स्थिति और पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता और स्मार्ट मीटर निगरानी
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 10 करोड़ तक के टेंडर केवल स्थानीय ठेकेदारों को दिए जाएं। इसके अलावा, स्मार्ट मीटर की प्रगति पर निगरानी रखने और विद्युत बिल की शिकायतों को गंभीरता से निपटने की बात भी कही। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
जन समस्याओं का समाधान और निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कहा कि वे समय-समय पर विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण करें, ताकि व्यवस्थाएं सही बनी रहें और जन समस्याओं का समाधान तेजी से हो सके। उन्होंने बहुद्देशीय शिविरों, तहसील दिवस और बीडीसी की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने का निर्देश भी दिया।
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उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 11 IAS-IFS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में हुआ बदलाव

IAS-IFS Transfers : उत्तराखंड सरकार ने शुक्रवार देर शाम प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए 11 आईएएस और आईएफएस अधिकारियों के विभागों में फेरबदल किया है। इस संबंध में कार्मिक एवं सतर्कता विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों की जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया गया है।
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उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
देर रात जारी हुए आदेशों के मुताबिक प्रमुख सचिव एल. फैनई से आबकारी विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है, जबकि उनके अन्य सभी विभाग पूर्ववत बनाए रखे गए हैं।
सचिव नितेश कुमार झा से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग की जिम्मेदारी हटाकर उन्हें पंचायती राज विभाग का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।

11 IAS-IFS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में हुआ बदलाव
सचिव रविनाथ रमन के कार्यभार में भी बदलाव किया गया है। उनसे विद्यालयी शिक्षा विभाग हटाते हुए परिवहन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही उन्हें परिवहन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

सरकार ने सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय को उनके मौजूदा विभागों के साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग का अतिरिक्त दायित्व सौंपा है। इसके अलावा सचिव बृजेश कुमार संत से परिवहन विभाग वापस लेकर उन्हें आबकारी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
Dehradun
उत्तराखंड पुलिस की वर्दी में जंतर-मंतर पहुंचा सस्पेंड कांस्टेबल, बयान से मची सनसनी

Uttarakhand News : दिल्ली में चल रहे CJP के आंदोलन के दौरान उत्तराखंड पुलिस के लंबे समय से निलंबित चल रहे सिपाही शेर सिंह द्वारा मंच से तथाकथित “इस्तीफा” देने का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटनाक्रम के बाद ये प्रश्न उठ रहे हैं कि जो व्यक्ति पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निलंबित है और सक्रिय पुलिस सेवा में नहीं है, उसके द्वारा दिया गया यह तथाकथित इस्तीफा आखिर किस पद से है तथा इसका वास्तविक औचित्य क्या है।
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उत्तराखंड पुलिस की वर्दी में जंतर-मंतर पहुंचा सस्पेंड कांस्टेबल
मिली जानकारी के मुताबिक शेर सिंह वर्ष 2025 से एक गंभीर आपराधिक प्रकरण में नामजद होने के बाद उत्तराखंड पुलिस से निलंबित चल रहा है। उसके विरुद्ध थाना गंगनहर, जनपद हरिद्वार में मु०अ०सं० 415/2025 के अंतर्गत भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420, 467, 468, 471, 120-बी तथा भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 111(2)(बी), 351(2) एवं 352 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
आपराधियों का साथ देने के हैं आरोप
जांच में ये तथ्य सामने आए कि हरिद्वार-रुड़की क्षेत्र के कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि, जिसके विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, अवैध वसूली और भूमि पर अवैध कब्जे सहित अनेक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और जो वर्तमान में जेल में निरुद्ध है, द्वारा संचालित आपराधिक गिरोह में शेर सिंह की भी सक्रिय भूमिका पाई गई।
आरोप है कि शेर सिंह ने मनीष बॉलर, हसन अब्बास जैदी और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर स्थानीय लोगों को डराकर उनकी भूमि पर अवैध कब्जा करने व उससे आर्थिक लाभ अर्जित करने में सहयोग किया।

भूमि पर अवैध कब्जा कर उसे फर्जी तरीके से बेचा
जांच के अनुसार, रुड़की निवासी एक विधवा महिला और उसके परिवार को गैंग द्वारा लगातार धमकाया गया। आरोप है कि पीड़िता के भाई और देवर पर पहले गैंग द्वारा गोलीबारी की गई। जिसके बाद भयवश पीड़िता अपने बच्चों सहित अन्य स्थान पर रहने चली गई। इसी दौरान उसकी भूमि पर अवैध कब्जा कर उसे फर्जी तरीके से बेच दिया गया।
प्रकरण में ये भी सामने आया कि उस समय उत्तराखंड पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात शेर सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कुख्यात अपराधी प्रवीण वाल्मीकि से सितारगंज जेल एवं रुड़की न्यायालय में कई बार मुलाकात की, पीड़िता और उसके परिवार को मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाने का प्रयास किया। आरोप है कि न्यायालय में पेशी के दौरान भी पीड़िता को अपराधी के सामने ले जाकर डराया-धमकाया गया तथा गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर विवादित भूमि के अवैध सौदे से लाभ अर्जित किया गया।
15 सितंबर 2025 को गिरफ्तारी के बाद किया गया था सस्पेंड
प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के उपरांत शेर सिंह को दिनांक 15 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। बाद में उसे 7 नवंबर 2025 को माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल से जमानत प्राप्त हुई। गिरफ्तारी के उपरांत विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था और वह तब से सक्रिय पुलिस सेवा में नहीं है।
Dehradun
मसूरी जाने से पहले पढ़ लें ये खबर!, सिर्फ इस समय खुलेगा मार्ग, प्रशासन ने जारी किए नए नियम

Mussoorie Road Update : लगातार बारिश और भूस्खलन से प्रभावित मसूरी-देहरादून मार्ग पर फिलहाल राहत की खबर है। पानी वाले बैंड क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़क की अस्थायी मरम्मत पूरी होने के बाद प्रशासन ने सीमित शर्तों के साथ मार्ग पर यातायात बहाल करने का फैसला लिया है।
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मसूरी जाने से पहले पढ़ लें ये खबर!, सिर्फ इस समय खुलेगा मार्ग
20 जुलाई को भारी बारिश के कारण पानी वाले बैंड क्षेत्र में सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। सुरक्षा कारणों से मार्ग पर यातायात रोक दिया गया था ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि न हो।
अब लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा कर सड़क को अस्थायी रूप से वाहन संचालन योग्य बना दिया है। इसके बाद उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने मार्ग पर यातायात शुरू करने के आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन ने सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
मसूरी के उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने कहा कि यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सड़क की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस व संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

रात में केवल जरूरी वाहनों को मिलेगी अनुमति
प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक इस मार्ग पर केवल अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। सामान्य वाहनों का प्रवेश इस अवधि में प्रतिबंधित रहेगा।
तीनों पालियों में तैनात रहेगा पुलिस बल
मसूरी कोतवाली और राजपुर थाना पुलिस को पूरे मार्ग पर तीनों शिफ्टों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस न केवल यातायात को नियंत्रित करेगी, बल्कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी भी करेगी। साथ ही रात के समय मार्ग पर सघन चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा।
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