Dehradun
सीएम धामी ने विदेश मंत्री से की बात, म्यांमार में फंसे उत्तराखंडियों को वापस लाने का किया अनुरोध।

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने म्यांमार के फर्जी नौकरी रैकेट मामले में विदेश मंत्रालय से राजनयिक हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को पत्र भेजकर इस संबंध में भारतीय दूतावास की एडवाइजरी का भी हवाला दिया है। बृहस्पतिवार को उन्होंने खुद विदेश मंत्री से इस बाबत फोन पर बात भी की।

मुख्यमंत्री ने पत्र में मीडिया रिपोर्ट की सूचना का भी जिक्र किया है। मीडिया मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी आई है कि आकर्षक नौकरी के नाम पर थाईलैंड से करीब कई भारतीय म्यांमार के फर्जी नौकरी रैकेट के हवाले कर दिए गए। इनमें उत्तराखंड राज्य के 15 से अधिक पुरुष और नौ महिलाएं वहां बंधक बनाए गए हैं। विदेश मंत्री को लिखे पत्र में कहा, मैं आपको इस विषय के संदर्भ में आपातकालीन आधार पर लिख रहा हूं।
लिखा, उत्तराखंड के 15 पुरुषों और नौ महिलाओं को म्यांमार में धोखाधड़ी वाले कॉल सेंटरों में काम करने के लिए मजबूर किया गया है। इस स्थिति ने पीड़ितों के परिवारों में काफी परेशानी और मानसिक पीड़ा पैदा की है और उत्तराखंड के लोगों में गहरा डर उत्पन्न हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मैं आपके कार्यालय से तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह करने के लिए बाध्य हूं।
ताकि सभी निर्दोष व्यक्तियों को सुरक्षित बचाया जा सके और वापस लाया जा सके। कहा, उत्तराखंड राज्य अपने नागरिकों के कल्याण के बारे में बहुत चिंतित है और उन्हें सुरक्षित रूप से घर वापस लाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए विदेश मंत्रालय से प्राथमिकता और तत्काल सहायता चाहता है।
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करोड़ों खर्च होने के बाद भी बेअसर देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना, CAG रिपोर्ट ने उठाए सवाल !

Dehradun News : देहरादून में चल रहे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कामों को लेकर CAG की रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। जिसे लेकर अब प्रदेश में राजनीति तेज हो चली है।
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कैग रिपोर्ट में देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर उठे सवाल
विधानसभा के बजट सत्र में कैग रिपोर्ट पेश की गई। इस रिपोर्ट में देहरादून की स्मार्ट सिटी परियोजना को कई सवाल उठाए गए हैं। आपको बता दें कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत देहरादून का चयन जून 2017 में किया गया था और उत्तराखंड से इस प्रोजेक्ट में शामिल होने वाला ये एकमात्र शहर है ।
देहरादून के लिए इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 1000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे । 17 से 23 के बीच इसमें से 737 करोड़ रुपये जारी किए गए, लेकिन मात्र 634 करोड़ रुपये ही खर्च किए जा सके, जिससे स्पष्ट है कि स्वीकृत राशि का पूरा उपयोग नहीं हो पाया।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल
कैग की इस रिपोर्ट में वर्ष 2018 से 2023 के बीच लागू की गई 22 परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया, जिसमें अधिकांश योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक दून इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के तहत ई-गवर्नेंस समाधान में शामिल बायोमेट्रिक और सेंसर आधारित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉड्यूल प्रभावी रूप से काम नहीं कर पाया, जिससे लगभग 4.5 करोड़ रुपये बेकार चले गए। वहीं स्मार्ट अपशिष्ट वाहन परियोजना के तहत नब्बे लाख से खरीदे गए ई-रिक्शा भी उपयोग में नहीं लाए गए।
इसके अलावा स्मार्ट स्कूल परियोजना भी सफल नहीं हो पाई । देहरादून के तीन सरकारी स्कूलों में लगाए गए इंटरैक्टिव बोर्ड, कंप्यूटर लैब, प्रोजेक्टर और सीसीटीवी बिजली बिल के खर्च के कारण निष्क्रिय पड़े रहे, क्योंकि स्कूल इस खर्च को वहन नहीं कर सके ।
परियोजनाओं में अधूरे कार्यों के बावजूद पूरा भुगतान
रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि पर्यावरण सेंसरों पर खर्च किए गए दो करोड़ 62 लाख रुपये और मल्टी यूटिलिटी डक्ट पर 3 करोड़ 24 रुपये का खर्च भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाया । कुछ परियोजनाओं में अधूरे कार्यों के बावजूद पूरा भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे 5 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितताएं पाई गईं ।
यही नहीं देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड कार्यदायी संस्था से 19 करोड़ रुपए की वो राशि भी वसूलने में विफल रही, जिसका उपयोग नहीं हुआ था। वित्तीय कुप्रबंधन के कारण स्मार्ट सिटी परियोजना को करीब 6 करोड़ रुपये के ब्याज का भी नुकसान उठाना पड़ा।
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देशभर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर संकट, देहरादून में कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक

Dehradun News : मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के कारण देश में गैस संकट गहराता जा रहा है। लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इसी बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। देहरादून में कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है।
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देशभर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर संकट
ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद दुनिया के कई देशों में गैस, पेट्रोल और डीजल की कमी हो रही है। भारत में भी गैस की किल्लत सामने आ रही है। इसी बीच सरकार ने Essential Commodities Act, 1955 यानी आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है।
देहरादून में कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक
देशभर में हो रही गैस की किल्लत के बीच देहरादून में करीब दो दिन का बैकलॉग हो गया है। जिस कारण देहरादून में कमर्शियल गैस सिलिंडरों की सामान्य आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। जानकारी के मुताबिक गैस एजेंसियों को कमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई केवल आवश्यक सेवाओं को ही दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके तहत शहर के अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ही प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आवश्यक सेवाएं बाधित न हों। वहीं, होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी। ऐसे में व्यापार से जुड़े लोगों की परेशानियां बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बुकिंग नंबर भी ठीक से नहीं कर रहा काम
शहर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर संकट के बीच लोगों को बुकिंग करने में दिक्कत हो रही है। बुकिंग नंबर भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। जिस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और अनावश्यक गैस की बुकिंग न करने की अपील की है।
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बढ़ती महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरी महिला कांग्रेस, सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

Dehradun News : देशभर में बढ़ती मंहगाई के खिलाफ आज देहरादून में उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस ने बीच सड़क पर चूल्हे पर खाना पकाकर सिलेंडर के बढ़ते दामों के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया।
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बढ़ती महंगाई के खिलाफ के खिलाफ सड़कों पर उतरी महिला कांग्रेस
देहरादून में बढ़ती महंगाई और रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में इज़ाफे के विरोध में उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन से कनक चौक तक जुलूस निकाला।
सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने कनक चौक पर बीच सड़क पर प्रतीकात्मक रूप से अंगीठी जलाकर खाना बनाया और गैस सिलेंडर और राशन के बढ़ते दामों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। इसके साथ ही महिला कांग्रेस मे राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

बीजेपी सरकार करती है केवल बड़े-बड़े दावे
उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि ये सरकार केवल बड़े बड़े दावे करती है, जबकि देश में 12 सालों और प्रदेश में 9 सालों से भाजपा सरकार मौजूद है लेकिन सरकार का ये डबल इंजन पूरी तरह से फेल हो चुका है। बढ़ती महंगाई की मार से महिलाएं परेशान हैं।
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