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देहरादून की सड़कों पर जल्द होगी आधुनिक EV बसों की एंट्री, FREE में ट्रंसपोर्ट कर सकेंगे ये लोग…

मुख्य बिंदु
GREEN TRANSPORT : देहरादून में जल्द दौड़ेंगी आधुनिक मिनी ईवी शटल बसें
DEHRADUN NEWS: राजधानी में यातायात दबाव कम करने और नागरिकों को सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रशासन द्वारा ऑटोमेटेड मैकेनिकल पार्किंग से जुड़े क्षेत्रों में जल्द ही आधुनिक 13-सीटर EV MINI BUS शटल सेवा शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत EV Sakhi Cab Service को और विस्तार देते हुए अब मिनी ईवी बसों को भी बेड़े में शामिल किया जा रहा है।
DEHRADUN NEWS: पहले चरण में खरीदी जाएंगी 5 ईवी बसें
इस उद्देश्य को साकार करने के लिए जिला प्रशासन ने एडॉर्न एजेंसी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने वर्चुअल बैठक के माध्यम से स्मार्ट सिटी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को बसों की खरीद प्रक्रिया, चार्जिंग स्टेशन, स्टॉपेज, रूट चार्ट और डिज़ाइन से जुड़े कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। पहले चरण में 5 आधुनिक EV MINI BUS खरीदी जाएंगी, जबकि भविष्य में आवश्यकता के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
पार्किंग से बाजार तक फ्री शटल सुविधा, आम जनता को भी मिलेगा लाभ
ऑटोमेटेड मैकेनिकल पार्किंग में वाहन खड़ा करने वाले नागरिकों को इन ईवी शटल बसों के माध्यम से निःशुल्क परिवहन सुविधा दी जाएगी। वहीं, आम जनता के लिए न्यूनतम टिकट दर निर्धारित की जाएगी। ये शटल सेवा परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट और कोरोनेशन पार्किंग से घंटाघर, सुभाष रोड, गांधी पार्क समेत लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में संचालित होगी। पल्टन बाजार, राजपुर रोड और सचिवालय रूट पर 10 ड्रॉप-पिकअप प्वाइंट बनाए जाएंगे।

जाम से राहत और सुव्यवस्थित शहर की ओर प्रशासन की दोहरी पहल
गौरतलब है कि वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा ऑटोमेटेड पार्किंग के साथ ‘ FREE EV Sakhi Cab Service’ भी संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत ईवी टाटा पंच वाहन नागरिकों को व्यस्त इलाकों तक निःशुल्क पहुंचा रहे हैं। अब मिनी ईवी शटल बस सेवा के जुड़ने से शहर को जाम से राहत, पर्यावरण संरक्षण और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन की यह पहल देहरादून को सुव्यवस्थित, स्मार्ट और ग्रीन सिटी ( GREEN TRANSPORT ) बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
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उत्तराखंड में मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर मचा सियासी घमासान, बीजेपी के आरोपों पर हरदा ने किया पलटवार

Uttarakhand Politics : फिर उठा मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मुद्दा, कांग्रेस-बीजेपी में छिड़ी जुबानी जंग
Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर बीजेपी कांग्रेस पर मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर आरोप लगा रही है। तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी अग्रेसिव मोड में नजर आ रही है।
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उत्तराखंड में मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर मचा सियासी घमासान
उत्तराखंड में गाहे-बगाहे मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने का मुद्दा सामने आ ही जाता है। विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही एक बार फिर से ये मुद्दा चर्चाओं का विषय बन गया है। हाल ही में एक कार्यक्रम में सीएम धामी ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि जो लोग मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने की बात करते थे, अगर वो सरकार में आते तो आज ये बन भी जाती। ये बात आज जनता के सामने भी स्पष्ट हो गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि
मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जुड़ी जमीन मामले की होगी जांच
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जो लोग मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने की बात करते थे, उस समय यदि वह सरकार में आते तो उस दिशा में आगे बढ़ते। ये जनता के सामने स्पष्ट हो चुका है। मुख्यमंत्री ने दून विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, जिस तरह मामला सामने आया इससे स्पष्ट हो चुका है और प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी। मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जुड़ी जमीन का जो मामला सामने आया है उसमें उन्होंने जांच के आदेश दे दिए हैं।

बीजेपी के आरोपों पर हरदा ने किया पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आज हल्द्वानी पहुंचे और उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि चुनाव आते ही भाजपा फिर मुस्लिम यूनिवर्सिटी का हल्ला मचा रही है। हरीश रावत ने भाजपा को सुझाव देते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को मुस्लिम यूनिवर्सिटी का ताबीज बनाकर अपने गले में डाल लेना चाहिए क्योंकि इसी ताबीज के बल पर भाजपा 2022 में सत्ता में आई है और 2027 में भी अब उन्हें ताबीज़ नमो कहना चाहिए।
हरदा साफ कहा है कि देहरादून में जिस जगह की बात कही जा रही है वहां प्लाट खरीदने वाले अधिकतर लोग हिंदू हैं और जिस भी सरकार में उन्हें जमीन दी गई होगी वो नियमों के तहत ही दी गई होगी।

प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म – हरदा
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राजधानी देहरादून में लगातार घटनाएं बढ़ रही है, आए दिन हत्याएं हो रही है। इसके बावजूद कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है।
पुलिस कानून व्यवस्था को छोड़कर अब दूसरे कामों में लगी हुई है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। राजधानी जैसी जगह में हत्याएं हो रही है महिलाओं के साथ घटनाएं हो रही है लोग डर के साये में है।
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मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला!, सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ गाना हुआ अनिवार्य

Vande Mataram in Hindi : अब वंदे मातरम के छह छंद हुए आनिवार्य, जानें कौन से हैं वो ?
Vande Mataram in Hindi : केंद्र की मोदी सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ गीत की रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर बड़ा फैसला लिया है। अब हर सरकारी कार्यक्रम में वंदे मातरम गाना अनिवार्य कर दिया गया है।
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सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ गाना हुआ अनिवार्य
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया है। अब सरकारी कार्यकर्मों में वंदे मातरम गीत गाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए गृह विभाग ने नई गाइडलाइंस भी जारी कर दी हैं। जिसके मुताबिक वंदे मातरम् के छह अंतरे किसी भी सरकारी कार्यक्रम में गाना या बजाना अनिवार्य कर दिया है।
पहले राष्ट्रगान और फिर बजेगा छह छंदों वाला वंदेमातरम
बता दें कि अब से देशभर में होने वाले सरकारी कार्यक्रमों के साथ ही विद्यालयों में पहले राष्ट्रगान बजाया जाएगा। इसके बाद पूरे छह छंदों वाला वंदेमातरम को भी गाना या बजाना अनिवार्य कर दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी को जारी गाइडलाइन सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, विभिन्न मंत्रालयों और संवैधानिक संस्थाओं को भेजी गई है।

वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर लिया गया फैसला
आपको बता दें कि इसी साल राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को 150 साल पूरे हो गए हैं। इसी अवसर पर मोदी सरकार ने ये फैसला लिया है। हालांकि इस से पहले राष्ट्रीय गीत के गायन या वादन के लिए कोई औपचारिक नियमावली नहीं थी. लेकिन अब इसे अनिवार्य कर दिया गया है।
वंदे मातरम के अनिवार्य किए गए छह छंद (Vande Mataram in Hindi)
| छंद संख्या | पाठ |
|---|---|
| छंद–1 | वन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यशामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्ना पुलकित यामिनीं, फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीं। सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥ वन्दे मातरम्॥ |
| छंद–2 | वन्दे मातरम्। कोटि-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले, कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले। अबला केन मा एत बले, बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं, रिपुदलवारिणीं मातरम्॥ वन्दे मातरम्॥ |
| छंद–3 | वन्दे मातरम्। तुमि विद्या, तुमि धर्म, तुमि हृदि, तुमि मर्म। त्वं हि प्राणाः शरीरे, बाहुते तुमि मा शक्ति, हृदये तुमि मा भक्ति। तोमारई प्रतिमा गडि, मन्दिरे-मन्दिरे मातरम्॥ वन्दे मातरम्॥ |
| छंद–4 | वन्दे मातरम्। त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी, कमला कमलदलविहारिणी। वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्। नमामि कमलां अमलां अतुलां, सुजलां सुफलां मातरम्॥ वन्दे मातरम्॥ |
| छंद–5 | वन्दे मातरम्। श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषितां, धरणीं भरणीं मातरम्। शत्रु-दल-वारिणीं, मातरम्॥ वन्दे मातरम्॥ |
| छंद–6 | वन्दे मातरम्। त्वं हि शक्ति, त्वं हि शक्ति, त्वं हि शक्ति मातरम्। वन्दे मातरम्॥ |
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BJP विधायक दुर्गेश्वर लाल के बयान से मचा सियासी घमासान, पूर्व MLA को कह दिया मंत्री का चपरासी, देखें वीडियो

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में भले ही इन दिनों मौसम सर्द बना हुआ है लेकिन यहां राजनीति देहरादून में सियासी उबाल देखने को मिल रहे हैं। नेताओं के बयानों से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। इसी बीच अक्सर चर्चाओं में रहने वाले पुरोला से बीजेपी विधायक दुर्गेश्वक एक बार फिर से अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं।
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BJP विधायक दुर्गेश्वर लाल के बयान से मचा सियासी घमासान
उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर भाजपा के भीतर मची ऊहापोह एक बार फिर सामने आ गई है। इस बार मौजूदा विधायक ने पूर्व विधायक को मंत्री का चपरासी बता दिया। जिसके बाद से ही चर्चाओं के बाजार गर्म हो गए हैं। बीजेपी विधायक दुर्गेश्वर लाल के बयान से बीजेपी में सियासी घमासान की स्थिति देखने को मिल रही है।
पूर्व MLA को कह दिया मंत्री का चपरासी
दरअसल पुरोला विधानसभा से पूर्व विधायक मालचंद को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी द्वारा प्रतिनिधि बनाए जाने पर मौजूदा विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कटाक्ष किया है। विधायक दुर्गेश्वर लाल ने मंत्री गणेश जोशी और पूर्व विधायक मालचंद को आड़े हाथों लिया है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अच्छा होता किसी सामान्य कार्यकर्ता को प्रतिनिधि बनाया जाता, लेकिन दो बार के पूर्व विधायक मालचंद को प्रतिनिधि बनाया जाना समझ से परे है।
पूर्व विधायक को चपरासी बनाया गया जो समझ से परे
बीजेपी विधायक दुर्गेश्वर लाल का कहना है कि एक पूर्व विधायक को चपरासी बनाया गया है। जबकि विधायक की अपनी एक गरिमा होती है चाहे वो पूर्व क्यों ना हो। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा है कि हो सकता है मंत्री जी से कोई गलती हुई हो।
विधायक जी के बयान ने भाजपा को किया असहज
पुरोला विधायक के द्वारा पूर्व विधायक मालचंद को मंत्री का चपरासी कहना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुरोला विधायक के इस बयान से भाजपा असहज नजर आ रही है। हालांकि इस मामले को आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि ये खींचतान विधानसभा चुनाव से पहले टिकट की दावेदारी से जुड़ी हो सकती है।
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