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गुंजन हत्याकांड में एसआईटी का हुआ गठन, आरोपी को कोर्ट में पेश कर भेजा गया जेल

Dehradun News : देहरादून के मच्छी बाजार में हुई युवती की हत्या की गंभीर और संवेदनशील घटना को पुलिस प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस कप्तान देहरादून अजय सिंह के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिससे मामले की जांच किसी भी स्तर पर कमजोर न रहे और हर पहलू की गहराई से पड़ताल की जा सके।
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गुंजन हत्याकांड में एसआईटी का हुआ गठन
देहरादून के मच्छी बाजार में हुई युवती की हत्या मामले की एसआईटी जांच प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर को सौंपी गई है। जिन्हें पूरे मामले की जिम्मेदारी के साथ निष्पक्ष, प्रभावी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एसआईटी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विवेचना पूरी तरह वैज्ञानिक, तकनीकी और पेशेवर तरीके से की जाए।
इसके तहत घटनास्थल से भौतिक साक्ष्यों का सटीक संकलन, फॉरेंसिक जांच, डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण, क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की गहन समीक्षा और घटना से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों और संदिग्धों के बयानों के आधार पर ठोस कार्रवाई की जाएगी।

जल्द से जल्द मामले का निस्तारण कराने की है कोशिश
आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।पुलिस का उद्देश्य केवल अभियुक्त की पहचान और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि मजबूत साक्ष्यों के आधार पर ऐसा आरोप पत्र तैयार करना है, जिससे न्यायालय में मामला पूरी मजबूती के साथ प्रस्तुत हो सके।
मामले में लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त
पुलिस प्रशासन ने ये भी सुनिश्चित किया है कि विवेचना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी न हो और पूरे प्रकरण को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।
लक्ष्य ये है कि शीघ्र ही आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के माध्यम से मामले का त्वरित निस्तारण कराया जाए।ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और समाज में ये स्पष्ट संदेश जाए कि इस तरह के जघन्य अपराधों पर कानून पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करता है।
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बड़ी खबर : गंगोत्री धाम में दर्शन से पहले गौमूत्र पीना अनिवार्य !, मंदिर समिति ने लिया बड़ा फैसला…

Uttarkashi News : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने में एक महीने से भी कम का वक्त शुरू है ऐसे में प्रशासन और मंदिर समितियां तैयारियों में जुटी हैं। इसी बीच चारों धामों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर घमासान मच गया है। जहां एक ओर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने केदारनाथ और बद्रीनाथ में दर्शन से पहले शपथ पत्र देने की बात कही है तो वहीं अब गंगोत्री धाम में भी दर्शन से पहले गौमूत्र पीना अनिवार्य करने का फैसला लिया गया है।
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गंगोत्री धाम में दर्शन से पहले गौमूत्र पीना अनिवार्य !
प्रदेश में चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले जहां एक तरफ़ बदरी-केदार मंदिर समिति ने उनके अधीन आने वाले उत्तराखंड के दो महत्वपूर्ण धाम बदरीनाथ और केदारनाथ में गैर हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने और एफिडेविट व्यवस्था लागू करने को लेकर अपनी बोर्ड बैठक में फैसला लिया है।
चारों धामो में से बचे हुए दो धाम गंगोत्री और यमुनोत्री धाम का संचालन करने वाली चारधाम महापंचायत ने इन दोनों धमों में गैर (हिंदुओं) सनातनियों के परिबंध को एक बिल्कुल नई और अनोखी व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है।
गंगोत्री धाम में “पंचगव्य” ग्रहण के बाद ही हो सकेगा प्रवेश
श्रीपंच गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव और चार धाम पंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया की गंगोत्री धाम में ग़ैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध के कानूनी और संवैधानिक पहलू को लेकर एक कमेटी बनाई गई है। जिसमें क़ानून के जानकारों को शामिल किया गया है, जो आगामी 10 दिन में अपनी रिपोर्ट दे देगी। जिसके बाद ये स्पष्ट हो जाएगा कि गंगोत्री में ग़ैर सनातनियों के प्रवेश को संवैधानिक और क़ानूनी तरीक़े से प्रतिबंधित किया जाएगा।
वहीं इसके अलावा गंगोत्री में ग़ैर सनातनियों के प्रतिबंध के धार्मिक पहलू पर भी ज़ोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगोत्री धाम में दर्शन से पहले पंचगव्य की व्यवस्था रखी जाएगी। जो इसे ग्रहण करेगा उसे सनातन में आस्था रखने वाला माना जाएगा।

पंचगव्य क्या होता है और है इसकी क्या मान्यता ?
पंचगव्य एक संस्कृत शब्द का है जो पंच यानी पांच और गव्य यानी गाय से प्राप्त पदार्थ है। हिन्दू परंपरा में गाय से प्राप्त पांच पदार्थों का मिश्रण पंचगव्य है, जिसमें दूध, दही, घी, गोमूत्र, गोबर शामिल होते हैं। इसे पौराणिक मंत्रोचारण और वैदिक विधि से एक निच्छित मात्रा में मिश्रित किया जाता है। ये पाँचों तत्व मिलकर “पंचगव्य” बनाते हैं।
बता दें पंचगव्य को धार्मिक, आयुर्वेदिक और कृषि दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार गंगाजल और शहद भी बेहद पवित्र माना जाता है और पंचगव्य में गंगाजल में शहद भी शामिल होता है।
धार्मिक मान्यता की बात करे तो हिन्दू धर्म में गाय को “माता” का दर्जा दिया गया है और इसलिए पंचगव्य को अत्यंत पवित्र माना जाता है। पूजा-पाठ, यज्ञ और संस्कारों में इसका उपयोग शुद्धिकरण (पवित्रिकरण) के लिए किया जाता है। मान्यता है कि पंचगव्य के सेवन या स्पर्श से शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है। कई धार्मिक ग्रंथों में इसे पापों के नाश और पुण्य प्राप्ति से जोड़ा गया है।

आयुर्वेद में भी पंचगव्य का है बड़ा महत्व
आयुर्वेद में भी पंचगव्य का बड़ा महत्व है। आयुर्वेद के अनुसार पंचगव्य औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। इसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना गया है। कुछ पारंपरिक उपचारों में इसका उपयोग त्वचा रोग, पाचन समस्या आदि के लिए बताया गया है। तो वहीं कृषि में भी विशेष तौर पर जैविक खेती में पंचगव्य का उपयोग एक प्राकृतिक उर्वरक (fertilizer) और कीटनाशक के रूप में किया जाता है।
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बड़ी खबर : धामी कैबिनेट के नए मंत्रियों में किसे मिल सकता है कौन सा विभाग ?, पढ़ें खास रिपोर्ट…

Uttarakhand Politics : नवनियुक्त मंत्रियों में किसे मिल सकता है भारी भरकम विभाग ?, जानें यहां
Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में चार साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार शुक्रवार को कैबिनेट विस्तार हो गया है। पांच विधायकों को धामी कैबिनेट में जगह मिली है। जिसमें विधायक खजान दास, विधायक भरत सिंह चौधरी, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक मदन कौशिक और विधायक राम सिंह कैड़ा शामिल हैं।
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धामी कैबिनेट के नए मंत्रियों को लेकर चर्चाएं तेज
धामी कैबिनेट के नवनियुक्त मंत्रियों को लेकर चर्चाओं के बाजार गर्म हैं। कैबिनेट विस्तार के बाद अब चर्चाएं हो रही हैं मंत्रियों को दिए जाने वाले विभागों को लेकर। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नवनियुक्त पांच में से दो मंत्रियों को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। जबकि अन्य तीन को सामान्य विभाग मिल सकते हैं।

नए मंत्रियों में किसे मिल सकता है कौन सा विभाग ?
धामी कैबिनेट में शामिल किए गए पांच मंत्रियों में से दो मंत्री मदन कौशिक और खजान दास ऐसे हैं जो पहले की सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। जबकि तीन मंत्री पहली बार जिम्मेदारी निभाएंगे। चर्चाएं हैं कि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और कैबिनेट मंत्री खजान दास को सबसे अहम विभागों में शामिल विभागों की जिम्मेदारी मिल सकती है।

चर्चाएं हैं कि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक को पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के विभाग सौंपे जा सकते हैं। जबकि कैबिनेट मंत्री खजान दास को दिवंगत चंदन रामदास के विभागों की जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं बाकी के तीन पहली बार कैबिनेट मंत्री बने सामान्य विभागों की जिम्मेदारी मिल सकती है जो कि फिलहाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी संभाल रहे हैं ताकि उनका भार भी कम हो सके।
सियासी गलियारों में लगातार मंत्रियों को दिए जाने वाले विभागों को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। सोशल मीडिया पर भी इलकी चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि इसको लेकर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन माना जा रहा है कि सीएम धामी जल्द ही इसकी घोषणा कर सकते हैं।
नवनियुक्त मंत्रियों के संभावित विभाग
| मंत्री का नाम | संभावित विभाग |
|---|---|
| मदन कौशिक | वित्त, शहरी विकास, आवास, विधायी एवं संसदीय कार्य |
| खजान दास | समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, निर्वाचन |
| भरत सिंह चौधरी | परिवहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), खादी एवं ग्रामोद्योग |
| प्रदीप बत्रा | पेयजल, जनगणना, पुनर्गठन विभाग |
| राम सिंह कैड़ा | आयुष एवं आयुष शिक्षा, ऊर्जा, वैकल्पिक ऊर्जा |
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बड़ी खबर : पेपर लीक के कारण रद्द हुई परीक्षा की नई तारीख घोषित, 17 मई को होगा एग्जाम

UKSSSC Exam Date 2026 : पेपर लीक के कारण रद्द हुई यूकेएसएसएससी की परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान हो गया है। पटवारी सहित अन्य स्नातक स्तरीय पदों की भर्ती की अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने नई तिथि घोषित कर दी है।
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पेपर लीक के कारण रद्द हुई परीक्षा की नई तारीख घोषित
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने स्नातक स्तरीय पदों पर भर्ती के लिए नई परीक्षा तिथि की घोषणा कर दी है। पेपर लीक के बाद रद्द हुई अब ये परीक्षा 17 मई को होगी। जबकि तकनीकी पदों की परीक्षा का आयोजन तीन मई को किया जाएगा।

21 सितंबर 2025 को हुई परीक्षा को किया था रद्द
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल के अनुसार, 21 सितंबर 2025 को पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी समेत अन्य स्नातक स्तरीय पदों के लिए लिखित परीक्षा कराई गई थी। हालांकि, एक परीक्षा केंद्र पर नकल की पुष्टि होने के बाद आयोग ने इस परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया।
अब आयोग ने दोबारा परीक्षा आयोजित करने के लिए 17 मई की नई तिथि निर्धारित की है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में तकनीकी योग्यता वाले लगभग 18 प्रकार के पदों के लिए भर्ती परीक्षा 3 मई को कराई जाएगी।
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