Uttarakhand
मदन कौशिक का दबदबा जारी, चौथी बार हुई कैबिनेट में एंट्री, जानें पूरा राजनैतिक सफ़र

धामी कैबिनेट विस्तार: मदन कौशिक समेत 5 विधायकों ने ली शपथ
MADAN KAUSHIK: उत्तराखंड में लम्बे समय से चल रही सियासी अटकलों पर आखिरकार विराम लग चुका है. आज सुबह देहरादून स्थित लोकभवन में राज्यपाल ने 5 विधयाकों को मंत्रिपद की शपथ दिलाई. इनमें भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में हरिद्वार से विधायक मदन कौशिक समेत 4 और नाम हैं.
मुख्य बिंदु
जानिए कौन हैं मदन कौशिक
मदन कौशिक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा हैं. वो हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं और राज्य की राजनीति में मजबूत पकड़ रखते हैं. मदन कौशिक का जन्म उत्तराखंड में हुआ और उन्होंने शुरुआती दौर से ही राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी. वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और संगठन में मेहनत के दम पर अपनी पहचान बनाई.
राजनैतिक करियर 5 बार के अजेय विधायक
मदन कौशिक ने पहली बार वर्ष 2002 में हरिद्वार से विधानसभा चुनाव लड़ा और विधायक बनकर विधानसभा में प्रवेश किया. इसके बाद उन्होंने लगातार चुनाव जीतकर अपनी लोकप्रियता साबित की. वो हरिद्वार विधानसभा से लगातार 5 बार के विधायक हैं.

पूर्व में भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं MADAN KAUSHIK
मदन कौशिक उत्तराखंड की राजनीति में एक जाना पहचाना चेहरा हैं. वो उत्तराखंड की राजनीति में अभी तक अजेय बढ़त बनाए हुए हैं. कौशिक पूर्व में त्रिवेंद्र सिंह रावत (2017–2021), रमेश पोखरियाल निशंक, भुवन चंद्र खंडूरी (2007–2012) की सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. साथ ही 2021 में कौशिक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी चुने गए थे. इसके अलावा, वे उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता भी रह चुके हैं.
मदन कौशिक का चुनावी प्रदर्शन
| वर्ष | निर्वाचन क्षेत्र | दल | परिणाम | वोट प्रतिशत |
|---|---|---|---|---|
| 2022 | हरिद्वार | भाजपा | जीत | 55.45% |
| 2017 | हरिद्वार | भाजपा | जीत | 65.91% |
| 2012 | हरिद्वार | भाजपा | जीत | 51.26% |
| 2007 | हरिद्वार | भाजपा | जीत | 49.85% |
| 2002 | हरिद्वार | भाजपा | जीत | 31.26% |
- 2017 में उन्होंने 37,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जो उनकी सबसे बड़ी जीतों में से एक रही.
- 2022 में भी उन्होंने 15,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर पांचवीं बार विधायक बनने का रिकॉर्ड कायम किया.
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मदन कौशिक के राजनैतिक करियर की उपलब्धियां
- हरिद्वार से लगातार 5 बार विधायक
- उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री
- भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष
- राज्य सरकार के प्रवक्ता
- संगठन में मजबूत पकड़
Breakingnews
भिकियासैंण के पास भीषण सड़क हादसा, जागर से लौट रहे जगरियों की कार खाई में गिरी, 3 की मौके पर मौत

Almora Accident : अल्मोड़ा के भिकियासैंण में दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां जागर में शामिल होकर वापस लौट रहे जगरियों की कार हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
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भिकियासैंण के पास जगरियों की कार खाई में गिरी
अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण तहसील क्षेत्र में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हो गई। हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि रापड़–गंगोड़ा–चमड़खान मोटर मार्ग पर एक कार अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई।
हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। बचाव दल ने राहत अभियान चलाकर खाई में गिरे वाहन तक पहुंचने का प्रयास किया। वाहन सावर तीन लोगों को तक जब तक टीम पहुंची तक तब तीनों की मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

जागरी के कार्यक्रम से लौट रहे थे तीनों
मिली जानकारी के मुताबिक तीनों व्यक्ति जागरी कार्य से जुड़े थे। ग्राम चमोली पुसैला में आयोजित जागर कार्यक्रम संपन्न कराने के बाद देर रात्रि अपने घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनका वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। SDRF टीम द्वारा तीनों मृतकों को खाई से बाहर निकालकर अग्रिम कार्रवाई हेतु मोर्चरी रानीखेत भिजवा दिया गया है।
big news
BKTC में लाखों का घोटाला, RTI से हुआ बड़ा खुलासा, अधिवक्ता विकेश नेगी ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

Uttarakhand News : श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। आरोप है कि धामों में तीर्थ यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं देने में नाकाम समिति, श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे की रकम का मनमाने ढंग से इस्तेमाल कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने एक बार फिर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को लेकर खुलासा करते हुए फंड दुरुपयोग सहित कई गंभीर आरोप लगाये हैं।
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बीकेटीसी में लाखों का घोटाला
देहरादून कचहरी परिसर स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने दावा करते हुए कहा कि कहा सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए सामने आए दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2025 में केदारनाथ के तीर्थ-पुरोहितों की संस्था ‘केदार सभा’ को नियमों को दरकिनार कर 11 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह भुगतान ऐसे समय में हुआ जब केदार सभा ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ खुलकर विरोध जताया था, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ढाई महीने बाद अचानक स्वीकृति, नोटशीट में भी कई खामियां
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि आरटीआई में सामने आया है कि केदारनाथ धाम में 25 जुलाई से 1 अगस्त 2025 के बीच श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हुआ था। लेकिन आयोजन समाप्त होने के करीब ढाई महीने बाद, 12 अक्टूबर 2025 को बीकेटीसी के स्तर पर आनन-फानन में दो अलग-अलग नोटशीट तैयार कर 11 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी गई। इन नोटशीट्स पर तत्कालीन मुख्य कार्याधिकारी विजय थपलियाल, उपाध्यक्ष विजय सिंह कप्रवाण और अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
हैरानी की बात ये है कि पूरे भुगतान प्रक्रिया में वित्त नियंत्रक की कोई सहमति नहीं ली गई, जो वित्तीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है। इसके अलावा नोटशीट में यह तक स्पष्ट नहीं किया गया कि केदार सभा ने आर्थिक सहयोग के लिए लिखित आवेदन दिया था या केवल मौखिक अनुरोध किया गया था। संबंधित पत्र भी आरटीआई में उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

विरोध के ठीक बाद भुगतान पर उठे सवाल
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 को केदार सभा ने बीकेटीसी अध्यक्ष की कार्यशैली के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके ठीक दो दिन बाद 12 अक्टूबर को 11 लाख रुपये की स्वीकृति मिलना कई तरह के संदेह पैदा करता है। नेगी का आरोप है कि यह पूरा मामला ‘विरोध शांत कराने’ के लिए धन के दुरुपयोग का संकेत देता है।
इतना ही नहीं, कथा की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए ‘तीतर मीडिया एंड एडवर्टाइजिंग कंपनी’ को 1.5 लाख रुपये का भुगतान भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि इस कार्य के लिए अपनाई गई कोटेशन प्रक्रिया संदिग्ध थी, तीनों कंपनियों के कोटेशन एक ही तारीख पर और लगभग एक जैसी भाषा में प्रस्तुत किए गए, जिससे मिलीभगत की आशंका और गहरा गई है।
अधिवक्ता विकेश नेगी ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की बात करते हैं लेकिन एक के बाद एक बीकेटीसी में घपले-घोटाले व भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बीकेटीसी में सामने आ रहे घपले-घोटालों व भ्रष्टाचार को लेकर उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला प्रदेश में मंदिर प्रबंधन की विश्वसनीयता पर गंभीर असर डाल सकता है।
Breakingnews
उत्तराखंड में यहां 2 महिला पुलिसकर्मियों को लापरवाही पड़ी भारी, एसएसपी ने कर दिया सस्पेंड

Rudrapur News : रूद्रपुर में एसएसपी का बड़ा एक्शन देखने को मिला है। एसएसपी ने लापरवाही बरतने पर दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।
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2 महिला पुलिसकर्मियों को एसएसपी ने किया सस्पेंड
नाबालिग से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिला पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। महिला अपराधों के मामलों में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने ये कदम उठाया।
लापरवाही पर एसएसपी ने लिया एक्शन
जानकारी के अनुसार, 6 मई को एक महिला पुलिस कार्यालय पहुंची और अपनी नाबालिग बेटी के साथ हुई घटना की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की मां का आरोप है कि 17 अप्रैल को यश प्रताप सिंह नामक युवक उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोप है कि इस दौरान नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई।

क्षेत्राधिकारी पंतनगर डीआर वर्मा को सौंपी जांच
पीड़िता की मां ने बताया कि उसने मामले में कार्रवाई के लिए कई बार रूद्रपुर कोतवाली, पंतनगर कोतवाली और महिला हेल्प डेस्क में शिकायत देने का प्रयास किया। लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल जांच के आदेश दिए।
जांच में सामने आया कि महिला हेल्प डेस्क पर तैनात महिला हेड कांस्टेबल पायल आर्या और महिला कांस्टेबल मंजू आर्या ने अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जिम्मेदारी क्षेत्राधिकारी पंतनगर डीआर वर्मा को सौंपी गई है।
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