Uttarakhand
देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए हेली सर्विस शुरू, 14 घंटे का सफ़र 60 मिनट में, सीएम धामी ने किया शुभारंभ

DEHRADUN PITHORAGARH HELI SERVICE: एलाइंस एयर देहरादून से पिथौरागढ़ के बीच संचालित करेगा 42 सीटर विमान सेवा
DEHRADUN PITHORAGARH HELI SERVICE: देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए हेली सर्विस शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर देहरादून-पिथौरागढ़-देहरादून विमान सेवा का शुभारंभ किया है। 42 यात्री क्षमता वाला ये विमान एक घंटे में अपना सफ़र पूरा करेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये विमान सेवा सामरिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य बिंदु
देहरादून पिथौरागढ़ हेली सेवा का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब हवाई यात्रा करना केवल विशिष्ट और सम्पन्न वर्ग के लोगों के लिए ही संभव माना जाता था। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हवाई चप्पल पहनने वाला आम नागरिक भी हवाई यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2016 में UDAN योजना की शुरुआत कर देश में नागरिक विमानन के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात किया था। जिसके माध्यम से ओर छोटे शहरों, दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर आम नागरिकों को सस्ती दरों पर हवाई सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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उड़ान योजना 2.0 को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो दिन पहले ही उड़ान योजना 2.0 को मंजूरी प्रदान की है। जिसके अंतर्गत, आगामी 10 वर्षों में लगभग 29 हजार करोड़ रुपये के बजट से 100 नए हवाई अड्डों और 200 नए हेलीपैड के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना का विस्तार विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने तथा दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में सस्ती एवं सुगम हवाई सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
जीवन रेखा बन चुकी है हवाई सेवाएं
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए हवाई सेवाएँ मात्र एक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा बन चुकी है। दुर्गम और दूरस्थ अंचलों में आवश्यक सामग्री पहुँचाने से लेकर गंभीर रोगियों को त्वरित उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक लाने में हवाई सेवाएं कारगर साबित हो रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान में उड़ान योजना के अंतर्गत राज्य में 26 हवाई मार्गों का संचालन किया जा रहा है।

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2023 में शुरू हुई थी “उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी योजना”
राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए वर्ष 2023 में “उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी योजना” प्रारंभ की गई है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 6 हवाई मार्गों पर उड़ानों का नियमित संचालन किया जा रहा है। बीते चार वर्षों में प्रदेश में हेलिपोर्ट्स की संख्या 2 से बढ़कर 12 हो गई है। साथ ही, हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो चुकी है। उत्तराखंड को “बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम” जैसा राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हो चुका है।
एक घंटे में पूरा होगा पिथौरागढ़ का सफर
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून- पिथौरागढ़ हवाई सेवा के प्रारंभ होने से, पिथौरागढ़ के लोग एक घंटे में देहरादून तक पहुंच सकते हैं। इस सेवा से पिथौरागढ़ की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले हमारे सीमांत क्षेत्रों को वर्षों तक उपेक्षित रखा, जिस कारण इन क्षेत्रों में विकास की गति सीमित रही। आज केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं। इसी दिशा में चलते हुए पिथौरागढ़ और मुनस्यारी के बीच भी हेली सेवा प्रारंभ की गई है।

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450 करोड़ रुपये से विकसित होगा पिथौरागढ़ हवाई अड्डा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने का काम भी कर रही है। इसी कड़ी में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री की उपस्थिति में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और उत्तराखंड सरकार के मध्य नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए एमओयू भी किया है, जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र को और भी अधिक फायदा मिलेगा।
Haridwar
कुंभ मेले में नहीं होगी राशन की कमी, केंद्र ने उत्तराखंड को दिया बड़ा आवंटन

Haridwar News : धर्मनगरी हरिद्वार में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेला-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार आयोजन को व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी बीच केंद्र सरकार की ओर से उत्तराखंड को बड़ी मदद मिली है। केंद्र ने अर्धकुंभ मेले के लिए राज्य को 14,520 मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित किया है। इसमें गेहूं और चावल की बराबर मात्रा शामिल है।
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कुंभ मेले के लिए केंद्र ने उत्तराखंड को दिया बड़ा आवंटन
अर्धकुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं और अन्य व्यवस्थाओं के लिए खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त आवंटन की मांग की थी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर इस फैसले की जानकारी दी।
7,260 मीट्रिक टन गेहूं और 7,260 मीट्रिक टन चावल शामिल
केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से आवंटित कुल खाद्यान्न में 7,260 मीट्रिक टन गेहूं और 7,260 मीट्रिक टन चावल शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस अतिरिक्त आवंटन से मेले के दौरान खाद्य सामग्री की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सीएम धामी ने जताया पीएम मोदी का आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार के इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया है। गौरतलब है कि इससे पहले हरिद्वार अर्धकुंभ-2027 को लेकर आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की गई थी। इसके साथ ही मेले के लोगो का अनावरण और थीम सॉन्ग का लोकार्पण भी किया गया। आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अर्धकुंभ से जुड़ी जरूरी जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।
Breakingnews
चमोली में चारधाम यात्रियों को ले जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत 6 लोगों की मौत

Chamoli News : उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरने वाला एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा जोशीमठ के पास हाथी पर्वत क्षेत्र में हुआ। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि की है।
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चमोली में चारधाम यात्रियों को ले जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश
हेलीकॉप्टर ने दोपहर 1:14 बजे बर्फबारी के बीच बदरीनाथ धाम से देहरादून के लिए उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर पहुंचने के दौरान हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया। इसके साथ ही ट्रैकिंग सिस्टम भी उसकी लोकेशन पता नहीं लगा सका। कुछ देर बाद हाथी पर्वत के पास हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली।
पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत
प्रशासन के अनुसार, भारतीय सेना ने सबसे पहले चमोली के जिलाधिकारी को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद सेना, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के लिए मौके पर रवाना की गईं। हादसे के बाद एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगा दी गई।
कई कंपनियों के बीच बंटी थीं परिचालन और रखरखाव की जिम्मेदारियां
यूसीएडीए के हेड ऑफ ऑपरेशंस के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर स्काई पल्स कंपनी का था। इसे चार्टर उड़ानों के संचालन के लिए शिव भोले ट्रेवल मार्ट को दिया गया था। जानकारी के अनुसार, शिव भोले ट्रेवल मार्ट के पास अपना एनएसओपी (नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर परमिट) नहीं था। कंपनी ने डीजीसीए में परमिट के लिए आवेदन किया था, जिसकी प्रक्रिया जारी थी। इस दौरान उड़ानों के संचालन के लिए दूसरी कंपनी के परमिट का इस्तेमाल किया जा रहा था।
संचालन से लेकर रखरखाव तक की जिम्मेदारी अलग-अलग कंपनियों के पास
हेलीकॉप्टर के संचालन से लेकर रखरखाव तक की जिम्मेदारी अलग-अलग कंपनियों के पास थी। हेलीकॉप्टर का वास्तविक मालिक स्काई पल्स था, जबकि इसका संचालन लीज पर शिव भोले ट्रेवल मार्ट कर रहा था। उड़ान भरने वाले पायलट चिप्सन कंपनी के थे और हेलीकॉप्टर के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी शौर्य एयरोनॉटिक्स के पास थी। हादसे के बाद हेलीकॉप्टर के स्वामित्व, संचालन, परमिट और रखरखाव से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
Pithoragarh
आदि कैलाश यात्रा पर आए मध्य प्रदेश के युवक की मौत, सांस लेने में हुई थी परेशानी

Pithoragarh News : उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश के एक युवक की मौत हो गई। युवक को अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए गुंजी स्थित अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद युवक के साथ यात्रा पर आए दोस्तों में शोक है।
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आदि कैलाश यात्रा पर आए मध्य प्रदेश के युवक की मौत
मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी तिलक शर्मा पुत्र मनोज शर्मा के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, तिलक अपने दोस्तों के साथ आदि कैलाश की यात्रा पर आया था। यात्रा के दौरान आदि कैलाश क्षेत्र में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई।
सांस लेने में हुई थी युवक को परेशानी
बताया जा रहा है कि उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। साथियों ने बिना देरी किए उसे गुंजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
युवक का शव धारचूला लाया गया है। फिलहाल शव राजकीय चिकित्सालय में रखा गया है। पुलिस के अनुसार, शव का पंचायतनामा और पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद अंतिम सुपुर्दगी के लिए शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

इस साल अब तक तीन यात्रियों की हुई मौत
गौरतलब है कि इस वर्ष आदि कैलाश यात्रा पर आए अब तक तीन श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इससे पहले भी एक श्रद्धालु की यात्रा से लौटते समय धारचूला पहुंचने पर तबीयत बिगड़ गई थी और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई थी।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अधिक ऊंचाई के कारण ऑक्सीजन की उपलब्धता कम हो जाती है। ऐसे में यात्रियों को सांस लेने में परेशानी समेत स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ये घटना एक बार फिर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की जरूरत को सामने लाती है।
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