Rudraprayag
बादल फटने से तबाही: रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में भारी नुकसान, राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी

बादल फटने से तबाही: बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटा, कई गांव प्रभावित; सीएम धामी ने दिए त्वरित राहत के निर्देश
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद की तहसील बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बादल फटने की बड़ी घटना सामने आई है। इस भीषण आपदा में कई गांव प्रभावित हुए हैं, जहां भारी मलबा और बोल्डरों के कारण जान-माल के नुकसान की सूचना मिली है। जिला प्रशासन की ओर से युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी हैं।
प्रभावित गांवों में नुकसान की खबरें
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्यूर इलाके में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया है और एक बोलेरो वाहन बहने की खबर है। बड़ेथ, बगड़धार और तालजामनी गांवों में गदेरों के उफान से पानी और मलबा घरों और खेतों तक पहुंच गया है। किमाणा गांव में खेती की जमीन और सड़कें मलबे से पट गई हैं। वहीं, अरखुण्ड क्षेत्र में मछली तालाब और मुर्गी फार्म बह जाने से ग्रामीणों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
छेनागाड़ बाजार क्षेत्र में मलबा भर गया है और कई वाहन बह गए हैं। छेनागाड़ डुगर गांव और जौला बड़ेथ से कुछ लोगों के लापता होने की खबर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

प्रशासनिक मशीनरी अलर्ट पर
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रतीक जैन स्वयं आपदा नियंत्रण कक्ष से हालात की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जिला स्तरीय अधिकारियों की प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती कर दी गई है और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने, लापता लोगों की तलाश और घायलों की मदद में जुटी हुई हैं।
सड़क मार्ग अवरुद्ध, वैकल्पिक रास्तों की तलाश
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण क्षेत्र की कई सड़कों पर मलबा जमा हो गया है। NH, PWD और PMGSY की टीमें रास्ते खोलने के लिए तैनात की गई हैं। जिला प्रशासन वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर राहत दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचा रहा है।
अलकनंदा उफान पर, हाईवे पर खतरा
लगातार बारिश के चलते अलकनंदा नदी उफान पर है। बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर सिरोबगड़ के पास “मिनी गोवा बीच” क्षेत्र में नदी का पानी राजमार्ग पर आ गया है, जिससे यातायात बाधित हो गया है और लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। पूरे राज्य में कई राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हैं और लोक निर्माण विभाग मलबा हटाने में जुटा है।
मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, बचाव कार्यों पर नजर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग जनपद के बसुकेदार क्षेत्र और चमोली जनपद के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की घटनाओं पर गहरा दुःख जताया है। उन्होंने कहा, “कुछ परिवारों के फंसे होने की जानकारी दुखद है। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर कर रहा है। मैं स्वयं लगातार अधिकारियों से संपर्क में हूं और हरसंभव सहायता सुनिश्चित कर रहा हूं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा सचिव और संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बचाव कार्यों में कोई कमी न रहे। साथ ही, उन्होंने बाबा केदारनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना की।
Rudraprayag
केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पड़ाव पर भालू का आतंक, दरवाजा तोड़कर दुकान में घुसा, CCTV में कैद हुआ वीडियो

Rudraprayag News : प्रदेश में जंगली जानवरों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गुलदार के साथ ही इस साल भालू के आतंक से पहाड़ों पर लोग परेशान है। लोग लगातार वन विभाग से इस से छुटकारा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
Table of Contents
Rudraprayag जिले में केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर भालू का आतंक
उत्तराखंड में जहां एक ओर बर्फबारी नहीं हो रही है तो वहीं दूसरी ओर भालू रिहायशी इलाकों तक पहुंचकर नुकसान कर रहे हैं। इसके साथ ही भालू के हमलों में भी भारी तेजी देखने को मिल रही है। ऐसी ही एक खबर रूद्रप्रयाग से (Rudraprayag News) से सामने आ रही है।
केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर लिंचोली पड़ाव से वीडियो सामने आया है। जहां भालू एक दुकान का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गया और वहां नुकसान किया। भालू के दुकान का दरवाजा तोड़ते हुए अंदर घुसने का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
काफी देर तक भालू रहा दुकान के अंदर
सीसीटीवी में कैद इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भालू दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा और काफी देर तक दुकान में रहा। इसके बाद वो बाहर आ गया लेकिन थोड़ी ही देर बाद वो फिर से अंदर आ जाता है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इलाके में लंबे समय से बना हुआ है भालू का आतंक
आपको बता दें कि केदारघाटी में लंबे समय से भालू का आतंक बना हुआ है। बर्फबारी ना होने के कारण भालू लगातार रिहायशी इलाकों का रूख कर रहे हैं। इसके साथ ही भालू इलाके में कई लोगों को पर हमला भी कर चुका है। दो दिन पहले ही Rudraprayag जिले में ही भालू ने एक महिला पर हमला किया था।
भालू के आतंक से निजात दिलाने की मांग
भालू के आतंक के कारण इलाके में लोगों में दहशत का माहौल है। लोग अकेले अपने घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। जबकि रातों को तो कोई बाहर ही नहीं निकल रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से भालू के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। स्थानीयों का कहना है कि लंबे समय से वो इसकी मांग कर रहे हैं। क्योंकि अक्सर भालू केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद दुकानों में घुसकर तोड़फोड़ करता नजर आता है।
big news
जरूरी खबर : केदारनाथ हाईवे 15 जनवरी तक रहेगा बंद, इस रास्ते से होगी आवाजाही

Kedarnath Highway : केदारनाथ हाईवे-107 अगले एक महीने तक बंद रहेगा। मरम्मत के कार्य के चलते केदारनाथ हाईवे को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। इस दौरान मानसून में हाईवे को हुए नुकसान को ठीक किया जाएगा।
Table of Contents
Kedarnath Highway 15 जनवरी तक रहेगा बंद
केदारनाथ हाईवे-107 पर मरम्मत का काम किया जा रहा है। जिसके चलते Kedarnath Highway 15 जनवरी तक बंद रहेगा। बता दें कि हाईवे पर काकड़ागाड़-कुंड-गुप्तकाशी मार्ग पर मानसून में हुई टूटफूट को ठीक करने के लिए 15 जनवरी तक अस्थायी रूप बंद कर दिया गया है। हालांकि इस दौरान कुंड-चुन्नी बैंड-विद्यापीठ-गुप्तकाशी मोटर मार्ग से आवागमन होगा।
यात्रियों को हो सकती हैं परेशानियां
Kedarnath Highway -107 के बंद रहने और लगभग एक महीने कुंड-चुन्नी बैंड-विद्यापीठ-गुप्तकाशी मोटर मार्ग से आवागमन होने के कारण स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि केदारनाथ हाईवे पर किमी 33.130 से 41.260 के बीच मानसून में सड़क को भारी नुकसान हुआ है।

प्रकृति और यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
बता दें कि हाईवे पर मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य कंपनी की ओर से किया जा रहा है। इस दौरान जेसीबी, डंपर, फ्लोरी, एसएलएम सहित अन्य भारी मशीनरी का उपयोग किया जाना बेहद ही जरूरी है।
ये फैसला राष्ट्रीय राजमार्ग की चौड़ाई अत्यंत कम होने और यातायात सुरक्षा के साथ प्रकृति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। लोगों की सुरक्षा के लिए 15 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक मार्ग को अस्थायी रूप से यातायात के लिए प्रतिबंधित रहेगा
Kedarnath Highway – FAQs
1. Kedarnath Highway कब तक बंद रहेगा?
उत्तर: केदारनाथ हाईवे (NH-107) को 15 जनवरी 2026 तक अस्थायी रूप से बंद रखा गया है।
2. केदारनाथ हाईवे क्यों बंद किया गया है?
उत्तर: मानसून के दौरान हुई भारी क्षति की मरम्मत और सड़क के सुदृढ़ीकरण कार्य के कारण हाईवे को बंद किया गया है।
3.कौन-सा हिस्सा ज्यादा क्षतिग्रस्त है?
उत्तर: हाईवे का किमी 33.130 से 41.260 के बीच का हिस्सा मानसून में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।
4. मरम्मत कार्य के दौरान कौन-सी मशीनें इस्तेमाल हो रही हैं?
उत्तर: मरम्मत के लिए जेसीबी, डंपर, फ्लोरी, एसएलएम सहित भारी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है।
5. यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग कौन-सा है?
उत्तर: इस दौरान यातायात कुंड–चुन्नी बैंड–विद्यापीठ–गुप्तकाशी मोटर मार्ग से संचालित किया जाएगा।
Uttarakhand
जिला मुख्यालय के नजदीकी गांवों को जोड़ने वाली Jawadi Motor Road बदहाल, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
रुद्रप्रयाग: भरदार पट्टी के दर्जनों गांवों और मां मठियाणा मंदिर को जोड़ने वाला Jawadi Motor Road इस समय गंभीर रूप से जर्जर स्थिति में है। मार्ग की हालत इतनी खराब है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में यह रास्ता किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
Jawadi Motor Road की खराब हालत, ग्रामीणों में चिंता बढ़ी
बरसात के दौरान जवाड़ी बाईपास मार्ग कई जगहों पर टूट-फूट गया था। भरदार पट्टी, प्रसिद्ध मां मठियाणा मंदिर, जवाड़ी-रौठिया, दरमोला, सौंराखाल सहित कई गांवों की आवाजाही इसी मार्ग से निर्भर है। फिलहाल ग्रामीण अस्थायी इंतज़ाम के सहारे इस मार्ग ( Jawadi Motor Road ) पर चलने को मजबूर हैं, लेकिन यह सफर बेहद जोखिमभरा बना हुआ है और किसी भी समय अप्रिय घटना होने की आशंका है।
जर्जर सड़क से वाहन चालकों को भारी दिक्कत
गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ हिस्सों के कारण छोटे चारपहिया वाहन अक्सर फंस जाते हैं। वहीं टूटी सड़क की वजह से दुपहिया चालकों का संतुलन बिगड़ना भी आम बात हो गई है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रोज़मर्रा की आवाजाही करने को मजबूर हैं। कई बार अधिकारियों से सड़क मरम्मत की मांग उठाई गई, लेकिन जिला मुख्यालय के इतने नज़दीक होने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
भूस्खलन से Jawadi Motor Road क्षतिग्रस्त, 55 लाख रुपये की जरूरत
भारी बारिश के दौरान सड़क के कई हिस्सों में भूस्खलन हुआ था। विभाग के अनुसार मार्ग की पूरी मरम्मत के लिए करीब 55 लाख रुपये की आवश्यकता है, जबकि सुरक्षित आवाजाही के लिए 20 लाख रुपये की जरूरत बताई गई है। मार्ग सुधार के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।
— इन्द्रजीत बोस, लोनिवि अधिशासी अभियंता
बारिश में कई स्थानों पर सड़क वॉशआउट हो गई थी
कई जगह सड़क पूरी तरह वॉशआउट हो गई थी, जिससे यातायात लगभग ठप पड़ गया था। विभाग ने फिलहाल अस्थायी रूप से सड़क को चलने योग्य बनाया है, लेकिन स्थिति अब भी बेहद संवेदनशील है। हाल ही में डीएम प्रतीक जैन ने लोनिवि अधिकारियों संग स्थल निरीक्षण किया और जल्द डीपीआर तैयार कर सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
छात्रों ने सड़क सुधार को लेकर डीएम से लगाई गुहार
भरदार पट्टी के राइंका जवाड़ी के छात्र अनुराग और रोहन ने सोशल मीडिया के माध्यम से डीएम प्रतीक जैन से सड़क को दुरुस्त करने की अपील की है। छात्रों ने बताया कि हाल ही में एक स्कूली छात्र का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें एक युवक घायल हुआ। बच्चों ने संदेश में लिखा—
“डीएम सर, कृपया हमारी स्कूल जाने वाली सड़क Jawadi Motor Road को ठीक करा दीजिए।”
Breakingnews5 hours agoनए साल की खुशियां बदली मातम में, अल्मोड़ा में महिला को बाघ ने बनाया निवाला, क्षत-विक्षत शव बरामद
big news8 hours agoडोईवाला के लालतप्पड़ में चलती बस बनी आग का गोला, मौके पर मची चीख-पुकार, देखें वीडियो
big news9 hours agoDehradun AQI : देहरादून बना गैस चैंबर !, AQI पहुंचा 329 के पार, हवा हुई ‘बहुत खराब’
Job8 hours agoउत्तराखंड में 6000 से अधिक पदों पर होगी भर्ती, NEP-2020 से शिक्षा में बदलाव
Trending5 hours agoमाघ मेला 2026: जानें शाही स्नान और पूजा‑पर्व की पूरी डेट, पवित्र संगम में स्नान से मिलेगा मोक्ष
uttarakhand weather9 hours agoउत्तराखंड : मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान, नए साल के शुरआती दिनों जानें मौसम का हाल…
Chamoli10 hours agoटीएचडीसी टनल हादसे की होगी मजिस्ट्रियल जांच, सीएम धामी ने दिए आदेश
Cricket5 hours agoAA vs WF Dream11 Prediction: ऑकलैंड बनाम वेलिंगटन मैच प्रीव्यू, फैंटेसी टिप्स और एक्सपर्ट एनालिसिस








































