Dehradun
धामी सरकार ने पेश किया 89 हजार करोड़ का विकासोन्मुखी बजट, पढ़िए बजट में क्या है नया।


अभी तक विधानसभा के पटल पर भोजनवकाश के बाद शाम चार बजे बजट पेश करने की परंपरा रही है, लेकिन इस बार यह परंपरा टूट गई। सत्र की शुरुआत प्रश्नकाल हुई। इसके बाद सरकार ने पटल पर वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट रखा। वित्त मंत्री ने प्रेमचंद अग्रवाल सदन में बजट पेश कर इसकी खासियत बताई।सदन में वित्त मंत्री ने कहा कि इस रोडमैप के तहत सरकार को पर्यटन, उद्यान, आयुष, सेवा, उद्योग, अवस्थापना विकास, तीर्थांटन और नई टाउनशिप के क्षेत्र में चरणबद्ध ढंग से कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीन पर उतारना है। वहीं उन्होंने बताया कि इस बजट में नया क्या है।
इस बजट में नया क्या है?
- ई-विधान सभा एप्लीकेशन कार्यक्रम अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 31 करोड़
- मेगा प्रोजेक्ट योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 850.00 करोड़
- जमरानी बांध परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 710.00 करोड़
- सौंग परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 300.00 करोड़
- लखवाड परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 250.00 करोड़
- प्रदेश में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए 250.00 करोड़
- यूनिटी मॉल/प्लाजा निर्माण के लिए 157.00 करोड़
- प्रशासकीय एवं अनायसीय भवनों की रूफ टॉप सोलर योजना के लिए सौ करोड़

- राजस्व अभिलेखों को पूर्णतः डिजिटाइजेशन किया जाएगा, जिसके लिए नई मांग से 50 करोड़
- स्क्रैप पॉलिसी के तहत वाहन क्रय के लिए 50 करोड़
- टाटा टेक्नॉलाजी मॉडल के अनुसार आईटीआई के उन्नयन के लिए 40 करोड़

- खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत प्राथमिक और अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को सस्ती दरों पर नमक उपलब्ध कराने के लिए 2024-25 में लगभग 34.00 करोड़
- खनन सर्विलांश के लिए 25 करोड़
- प्रत्येक जनपद में चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क के निर्माण के लिए नई मांग में दस करोड़
- बंजर भूमि में सामूहिक कृषि के लिए सात करोड़
- प्रत्येक जनपद में थीम बेस्ड विज्ञान एवं नवाचार केंद्र के लिए दस करोड़

- राज्य में शहरी यातायात को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अर्बन मोबिलिटी कार्यक्रम के लिए नई मांग के माध्यम से दस करोड़
- थर्मल प्रोजेक्ट के लिए टीएचडीसी एवं यूजेवीएन संयुक्त उपक्रम के लिए पांच करोड़
- परिवहन विभाग के अन्तर्गत ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए दस करोड़
इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में हमारी डबल इंजन सरकार ने आज उत्तराखण्ड के समग्र विकास के दृष्टिगत ₹89,230 करोड़ का समावेशी एवं विकासोन्मुखी बजट पेश किया है। उन्नत कृषि, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, विकसित पर्यटन क्षेत्र, युवाओं के उत्थान और बुजुर्गों के लिए विशेष योजनाओं के संचालन के साथ ही उत्तराखण्ड को वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्रदान करने में यह बजट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कहा हमारी सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सभी भर्तियां पारदर्शिता के साथ हो इसके लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए भी भर्ती प्रक्रिया गतिमान है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी, मंत्री ने बताया कब बढ़ेगा मानदेय

Uttarakhand News : उत्तराखंड की 35 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी है! लंबे समय से मानदेय बढ़ने का इंतजार कर रहीं इन महिलाओं के लिए सरकार ने विधानसभा में बड़ा जवाब दिया है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने लिखित जवाब में कहा है कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाएगी।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खुशखबरी
उत्तराखंड में हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए मानदेय बढ़ने की उम्मीद जगी है। विधानसभा सत्र के दौरान खानपुर विधायक उमेश कुमार ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है? अगर सरकार मानदेय बढ़ाएगी, तो कितनी धनराशि की बढ़ोतरी की जाएगी ?
मंत्री रेखा आर्या ने बताया कब बढ़ेगा मानदेय
इस सवाल के लिखित जवाब में विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाएगी। हालांकि, कितनी बढ़ोतरी होगी, इस पर राज्य के वित्तीय संसाधनों के आधार पर विचार किया जाएगा। यानी मानदेय बढ़ाने की बात तो सरकार ने कही है, लेकिन बढ़ोतरी की रकम और इसे लागू करने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने मिलते हैं 9 हजार रूपए
आंकड़ों के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने 9 हजार 300 रुपये मानदेय मिलता है। इसके अलावा 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यानी कुल 9 हजार 800 रुपये प्रतिमाह। वहीं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 5 हजार 250 रुपये मानदेय और 250 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। यानी कुल 5 हजार 500 रुपये प्रतिमाह। ऐसे में मानदेय बढ़ाने की सरकार की बात से इन महिलाओं की उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं। लेकिन असली सवाल यही है कि बढ़ोतरी कितनी होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार आ सके।
Dehradun
SSC परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला, STF ने दिल्ली से एक और आरोपी को किया गिरफ्तार

Dehradun News : कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की मल्टीटास्किंग स्टाफ (MTS) और हवलदार भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने के मामले में उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को दिल्ली से पकड़ा गया है। वह परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात था और उस पर नकल कराने वाले गिरोह के संपर्क में रहने का आरोप है।
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SSC परीक्षा में हाईटेक नकल मामले में एक और गिरफ्तार
एसटीएफ के मुताबिक, इस मामले में 14 फरवरी 2026 को देहरादून नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के सर्वर रूम और भूमिगत चैंबर में छिपाए गए लैपटॉप, राउटर और फर्जी आईपी एड्रेस (प्रॉक्सी सर्वर) की मदद से कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस हासिल किया जाता था। इसके जरिए बाहर बैठे लोगों से परीक्षा के प्रश्न हल कराए जाते थे।
मामले की गंभीरता और तकनीकी पहलुओं को देखते हुए जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की भूमिका का पता लगाया।

अभ्यर्थियों के आईडी कार्ड जांचने की थी जिम्मेदारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित कुमार के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय का निवासी है। एसटीएफ के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर उसकी जिम्मेदारी अभ्यर्थियों के पहचान पत्रों की जांच करने और परीक्षा के दौरान निगरानी रखने की थी।
आरोप है कि अंकित कुमार ने परीक्षा केंद्र में लगे कंप्यूटरों को दूर से एक्सेस करने के लिए जरूरी आईपी संबंधी जानकारी नकल कराने वाले गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाई थी। एसटीएफ मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
Dehradun
देहरादून में नगर आयुक्त का एक्शन, बैठक के बहाने बुलाए इंस्पेक्टर, फोन जब्त कर सड़क पर ले गए

Dehradun News : शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए नगर आयुक्त ने आज अचानक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम में हड़कंप मच गया। नगर आयुक्त ने पहले सभी इंस्पेक्टरों को बैठक के बहाने नगर निगम कार्यालय बुलाया। यहां सभी के फोन जब्त कराए गए। इसके बाद नगर आयुक्त सभी इंस्पेक्टरों के साथ शहर की सड़कों पर निरीक्षण के लिए निकल पड़े।
निरीक्षण के दौरान राजपुर रोड पर कई जगह कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले। इस पर नगर आयुक्त ने संबंधित इंस्पेक्टरों और सुपरवाइजरों से जवाब तलब किया। मौके पर ही एक सुपरवाइजर को निलंबित करने के आदेश भी जारी कर दिए गए।
नगर आयुक्त की इस कार्रवाई से निगम कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। औचक निरीक्षण के जरिए नगर निगम की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की ड्यूटी में लापरवाही की स्थिति को परखा गया।
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