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डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को घोषित किया वेनेजुएला का ‘कार्यकारी राष्ट्रपति , ट्रुथ सोशल पर शेयर किया फ़ोटो…

Donald Trump ने खुद को घोषित किया Venezuela का ‘कार्यकारी राष्ट्रपति
वॉशिंगटन/काराकस: अमेरिकी राजनीति के सबसे चर्चित चेहरे डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक ऐसी पोस्ट साझा की है जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के स्थापित नियमों को चुनौती दे दी है। उन्होंने खुद को वेनेजुएला के “कार्यकारी राष्ट्रपति” (Acting President of Venezuela) के रूप में पेश किया है, जिसकी समय सीमा उन्होंने जनवरी 2026 तक बताई है।
इस घोषणा के साथ ही ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि Venezuela की सत्ता और उसके संसाधनों पर अब वाशिंगटन का सीधा प्रभाव रहने वाला है।
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ऑपरेशन के बाद का नाटकीय मोड़
यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई एक “बड़े पैमाने” की सैन्य कार्रवाई के ठीक बाद आया है। अमेरिकी सेना ने काराकस में एक विशेष अभियान चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलास मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को हिरासत में ले लिया।
मुख्य बिंदु:
- न्यूयॉर्क में केस: मादुरो को सीधे न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहाँ उन पर ‘नार्को-टेररिज्म’ (नशीले पदार्थों के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा देने) की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
- ट्रंप की नई भूमिका: ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपनी आधिकारिक तस्वीर के साथ खुद को अमेरिका के 45वें और 47वें राष्ट्रपति के रूप में सूचीबद्ध किया है, जिसमें उन्होंने वेनेजुएला के कार्यभार की जिम्मेदारी भी अपने पास दिखाई है।
“हम चलाएंगे वेनेजुएला”: Donald Trump की सीधी चुनौती
ट्रंप ने अपने संबोधन में साफ कहा कि अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला का प्रशासन सीधे अपने हाथों में रखेगा। उन्होंने तर्क दिया कि वे किसी ऐसे व्यक्ति को सत्ता नहीं सौंप सकते जो वेनेजुएला के लोगों के हितों का ध्यान न रखता हो।
ट्रंप का बयान:
“हम वेनेजुएला को तब तक चलाएंगे जब तक कि हम एक सुरक्षित और उचित सत्ता परिवर्तन (Transition) नहीं कर लेते। हम जोखिम नहीं ले सकते।”
यह बयान उन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय है जो इसे किसी देश की संप्रभुता में सीधा हस्तक्षेप मान रहे हैं।
तेल का खेल: 50 मिलियन बैरल पर अमेरिका की नजर
Donald Trump की इस रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा आर्थिक है। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार (Oil Reserves) है। ट्रंप ने खुलासा किया है कि वेनेजुएला के अंतरिम अधिकारी अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल उच्च गुणवत्ता वाला तेल सौंपेंगे।
तेल योजना की बारीकियां:
- सीधी बिक्री: यह तेल बाजार की कीमतों पर बेचा जाएगा और इसका सारा पैसा ट्रंप के नियंत्रण में रहेगा।
- क्रिस राइट को जिम्मेदारी: ट्रंप ने अपने ऊर्जा सचिव क्रिस राइट को आदेश दिया है कि वे इस योजना को तुरंत जमीन पर उतारें।
- सप्लाई चेन: तेल को बड़े स्टोरेज जहाजों के जरिए सीधे अमेरिका के अनलोडिंग डॉक्स पर लाया जाएगा।
वेनेजुएला के भीतर की स्थिति: कौन है सत्ता में?
भले ही ट्रंप ने खुद को कार्यकारी प्रमुख बताया है, लेकिन वेनेजुएला के भीतर उपराष्ट्रपति और तेल मंत्री डेल्सी रोड्रिगेज (Delcy Rodriguez) ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है। हालांकि, मादुरो की हिरासत के बाद वहां की सरकार फिलहाल काफी दबाव में है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है।
क्या यह वैश्विक अस्थिरता का संकेत है?
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम “अमेरिका फर्स्ट” (America First) नीति का एक चरम रूप है।
- अनुभव (Experience): ट्रंप पहले भी वेनेजुएला पर कड़े प्रतिबंध लगा चुके हैं, लेकिन सैन्य हस्तक्षेप और खुद को वहां का राष्ट्रपति बताना एक नया और आक्रामक अनुभव है।
- विशेषज्ञता (Expertise): ऊर्जा सचिव को इस काम में लगाना यह दर्शाता है कि अमेरिका की नजर केवल राजनीति पर नहीं, बल्कि वैश्विक तेल बाजार पर नियंत्रण करने की है।
- विश्वसनीयता (Trustworthiness): इस कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की छवि पर मिश्रित प्रभाव पड़ेगा। सहयोगी देश इसे स्थिरता लाने वाला मान सकते हैं, जबकि विरोधी इसे तानाशाही की संज्ञा दे रहे हैं।
निष्कर्ष: आगे क्या होगा?
डोनाल्ड ट्रंप की यह पोस्ट केवल एक सोशल मीडिया अपडेट नहीं है, बल्कि एक व्यापक भू-राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या संयुक्त राष्ट्र और अन्य लातवियाई देश इस ‘कार्यकारी राष्ट्रपति’ के दावे को स्वीकार करते हैं या यह एक नए शीत युद्ध की शुरुआत होगी।
डिस्क्लेमर: यह समाचार रिपोर्ट हालिया दावों और ट्रुथ सोशल पर उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम तेजी से बदल सकते हैं।
अगला कदम: क्या आप इस सैन्य अभियान के तकनीकी विवरण (Operation Details) या वैश्विक तेल बाजार पर पड़ने वाले असर की रिपोर्ट देखना चाहेंगे?
Tech
इंस्टग्राम चलाते हैं तो हो जाइए सावधान ! करोड़ों एकाउंट्स का डाटा हुआ लीक

INSTAGRAM DATA BREACH: इंस्टाग्राम चलने वालों के लिए बड़ी खबर, 1.75 करोड़ लोगों का डाटा हुआ लीक
मुख्य बिंदु
INSTAGRAM DATA BREACH: अगर आप भी इंस्टाग्राम का उपयोग करते हैं तो साव धान हो जाइए, ये खबर आपके लिए है। इंस्टाग्राम यूजर्स जे लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। तजा अपडेट के मुताबिक एक बार फिर से साइबर हैकर्स ने इंस्टाग्राम को निशान बना दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हैकर्स ने 1.75 करोड़ लोगो का परसनल डेटा चोरी कर दिया है। जिससे अब इन यूजर्स पर अकाउंट हैक होने का खतरा मंडरा रहा है।
INSTAGRAM PASSWORD HACK
सोशल मीडिया पर हैकर्स रोजाना डाटा चोरी और अकाउंट हैक करने के नए-नए तरीके अपनाते हैं। तजा मामला इंस्टाग्राम से जुड़ा हुआ है। जहाँ पर रिपोर्ट्स के मुताबिक हैकर्स ने 1.75 करोड़ यूजर्स का डाटा लीक कर दिया है। इसके बाद इन यूजर्स के एकाउंट्स पर अब हैकिंग का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

INSTAGRAM DATA LEAK
इस डाटा लीक में यूजर्स का परसनल डाटा जैसे फ़ोन नंबर, ईमेल आईडी, यूजर नाम और अन्य जानकारी लीक होने की खबर है। लेकिन राहत की खबर ये है कि यूजर्स के पॉसवर्ड अभी इस लीक में शामिल नहीं हैं। साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये हाल ही में Instagram Data Breach में लगभग 1.75 करोड़ यूजर्स की प्राइवेट जानकारी लीक हो गई है। ये पूरा डेटा एक मशहूर हैकिंग फोरम पर सार्वजनिक किया गया है। जिसके बाद से ही यूजर्स को उनके ईमेल और रेजिस्टर्ड नंबर पर पासवर्ड रिसेट करने के फेक नोटिफिकेशंस भेजे जा रहे हैं।
क्या आपका अकाउंट हैक हो जाएगा
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक पासवर्ड्स अभी तक इस लीक का हिस्सा नहीं हैं। लेकिन हैकर्स उनके निजी डेटा के आधार पर भी एकाउंट्स हैक कर सकते हैं। जिसमें वो फेक लिंक की मदद से पासवर्ड रिसेट करवा सकते हैं। साथ ही ईमेल और फ़ोन नंबर के जरिए फिशिंग के जरिए भी डाटा लीक किया जा सकता है।

इंस्टाग्राम अकाउंट हैक से कैसे बचें
- मजबूत और यूनिक Password बनाएं (12–16 characters) ताकि Credential Stuffing से बचाव हो।
- Two-Factor Authentication (2FA/MFA) सक्षम करें और Authenticator App का उपयोग करें।
- संदिग्ध लिंक और Phishing Attacks से बचें तथा Spoofed Login Pages पर विवरण न डालें।
- अनचाही Third-Party OAuth Permissions हटाएं और अविश्वसनीय API Integrations से बचें।
- नियमित रूप से Login Activity और Active Sessions की जांच कर Unauthorized Access पहचानें।
इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो जाए तो क्या करें (RECOVER INSTAGRAM ACCOUNT)
हैक की स्थिति में तुरंत Account Recovery Process शुरू करें, Force Logout करें और Credentials Rotate करें। लेकिन अगर आपको भी लगता है कि आपका अकाउंट हैक हो चुका है, तो सबसे पहले पासवर्ड तुरंत बदलें, इसके साथ ही Two-Factor Authentication ऑन करें और सभी डिवाइस से Force Logout करें। इसके बाद Login Activity और Active Sessions चेक करके अनजान डिवाइस हटाएं। फिर, Account Recovery Process शुरू करते हुए इंस्टाग्राम के Help/Support Center में मामला रिपोर्ट करें और बैकअप Recovery Codes सुरक्षित रखें—ताकि आगे दोबारा ऐसी स्थिति न बने।

इंस्टाग्राम अकाउंट हैक की जांच कैसे करें
- Login Activity में Unknown Devices/Locations दिखाई देना
- बिना आपकी जानकारी के Posts, Stories या Messages का अपने-आप भेजा जाना
- बार-बार Password Change या OTP Emails/Alerts आना
- आपका Email या Phone Number अपने-आप बदल जाना
- कुछ फीचर्स पर अचानक Access Restricted/Disabled का नोटिफिकेशन आना
- बार-बार Unexpected Logout होना, जबकि आपने खुद लॉगआउट नहीं किया हो
Instagram पर बिना अनुमति Posts/Stories भेजे जा रहे हैं, क्या अकाउंट हैक है?
हाँ, यह unauthorized access का संकेत है—पासवर्ड बदलें और 2FA ऑन करें।
बार-बार Password/OTP ईमेल आ रहे हैं, इसका क्या मतलब?
कोई आपके login credentials ट्राय कर रहा है—ईमेल लिंक न खोलें, तुरंत पासवर्ड अपडेट करें।
बार-बार Unexpected Logout हो रहा है, क्या यह हैक का संकेत है?
हाँ—login activity चेक करें, unknown sessions हटाएँ और 2FA सक्षम करें।
INSTAGRAM DATA BREACH कितने लोगो का डाटा लीक हुआ है?
1.75 CRORES PEOPLE’S
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National
10 Jan 2026 : विश्व हिंदी दिवस आज , जानें संपूर्ण इतिहास और रोचक तथ्य…

10 Jan 2026 : विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Day)
आज 10 jan 2026 है, और पूरी दुनिया ‘विश्व हिंदी दिवस’ (World Hindi Day) के उल्लास में डूबी है। फिजी के तटों से लेकर मॉरीशस की गलियों तक और अमेरिका के सिलिकॉन वैली से लेकर संयुक्त राष्ट्र के गलियारों तक, आज हिंदी की गूंज सुनाई दे रही है। हिंदी अब केवल भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं है; यह एक वैश्विक भाषा बन चुकी है।
इस विस्तृत लेख में हम विश्व हिंदी दिवस(World Hindi Day) के गहरे इतिहास, इसके महत्व, और 10 जनवरी की तारीख के पीछे के विशेष कारणों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
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विश्व हिंदी दिवस क्या है? (What is World Hindi Day?)
विश्व हिंदी दिवस प्रतिवर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना, वैश्विक मंच पर इसे एक सशक्त पहचान दिलाना और दुनिया भर के हिंदी प्रेमियों को एक सूत्र में बांधना है।
जहाँ राष्ट्रीय हिंदी दिवस (14 सितंबर) भारत की आंतरिक राजभाषा के रूप में हिंदी के सम्मान पर केंद्रित है, वहीं विश्व हिंदी दिवस का फलक अंतरराष्ट्रीय है। इस दिन विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, जिसमें गैर-हिंदी भाषियों को इस भाषा की सुंदरता और गहराई से परिचित कराया जाता है।
इतिहास: 10 जनवरी की तारीख ही क्यों?
विश्व हिंदी दिवस मनाए जाने के पीछे एक बहुत ही महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना है।
1. प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन (1975)
10 जनवरी 1975 को महाराष्ट्र के नागपुर में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस सम्मेलन का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था।
- उद्देश्य: हिंदी को अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पहचान दिलाना।
- सहभागिता: इस ऐतिहासिक सम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
- अध्यक्षता: मॉरीशस के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम ने इस सम्मेलन की अध्यक्षता की थी।
2. आधिकारिक घोषणा (2006)
हालाँकि पहला सम्मेलन 1975 में हुआ था, लेकिन इसे ‘दिवस’ के रूप में आधिकारिक पहचान मिलने में समय लगा। साल 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने घोषणा की कि हर साल 10 जनवरी को ‘विश्व हिंदी दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। तब से लेकर आज तक, यह सिलसिला निरंतर जारी है।
10 Jan 2026 : विश्व हिंदी दिवस और राष्ट्रीय हिंदी दिवस में अंतर
अक्सर लोग इन दोनों तिथियों के बीच भ्रमित हो जाते हैं। इसे समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें:
| विशेषता | विश्व हिंदी दिवस | राष्ट्रीय हिंदी दिवस |
| दिनांक | 10 जनवरी | 14 सितंबर |
| उद्देश्य | वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार | भारत में राजभाषा के रूप में सम्मान |
| ऐतिहासिक संदर्भ | 1975 का नागपुर सम्मेलन | 1949 में संविधान सभा द्वारा राजभाषा घोषित |
| घोषणा वर्ष | 2006 (डॉ. मनमोहन सिंह) | 1953 (पंडित नेहरू) |
विश्व हिंदी दिवस 2026 की थीम (Theme 2026)
हर साल विश्व हिंदी दिवस के लिए एक विशेष विषय (Theme) निर्धारित किया जाता है। 2026 के लिए इस वर्ष की थीम है:
“हिंदी: पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तक”
यह थीम इस बात का प्रतीक है कि हिंदी अब केवल साहित्य और काव्य की भाषा नहीं रह गई है, बल्कि यह तकनीक और भविष्य की भाषा बन रही है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई (ChatGPT) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी के बढ़ते डेटा और उपयोग ने इसे डिजिटल युग की अग्रणी भाषा बना दिया है।
हिंदी का वैश्विक विस्तार: आंकड़े क्या कहते हैं?
हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। ‘एथनोलॉग’ (Ethnologue) की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 61 करोड़ से अधिक लोग हिंदी बोलते हैं।
- प्रवासी भारतीय: अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए हिंदी का उपयोग करते हैं।
- फिजी और मॉरीशस: फिजी में हिंदी को आधिकारिक भाषाओं में से एक का दर्जा प्राप्त है।
- यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र: हाल के वर्षों में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अपने सोशल मीडिया और सूचना पोर्टलों पर हिंदी का उपयोग बढ़ा दिया है, जो एक बड़ी कूटनीतिक जीत है।
विश्व हिंदी दिवस कैसे मनाया जाता है?
दुनिया भर में इस दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन होता है:
- दूतावासों में कार्यक्रम: विदेशों में स्थित भारतीय मिशन निबंध प्रतियोगिता, कविता पाठ और चर्चाएं आयोजित करते हैं।
- शैक्षणिक संस्थान: स्कूलों और विश्वविद्यालयों में वाद-विवाद प्रतियोगिताएं होती हैं।
- डिजिटल अभियान: सोशल मीडिया पर हिंदी हैशटैग्स ट्रेंड करते हैं और लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।
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निष्कर्ष: हमारा संकल्प
विश्व हिंदी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक संकल्प है। यह संकल्प है—हिंदी को विश्व मंच पर उसका जायज हक दिलाने का। जैसे-जैसे भारत एक वैश्विक शक्ति (Vishwa Guru) के रूप में उभर रहा है, उसकी भाषा का महत्व भी उसी अनुपात में बढ़ रहा है।
हमें गर्व होना चाहिए कि हमारी भाषा इतनी लचीली है कि वह वेदों की ऋचाओं को भी समेटे हुए है और आज के दौर में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के साथ भी कदम से कदम मिलाकर चल रही है।
शुभकामना संदेश:
“हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का दर्पण है। आइए, इस विश्व हिंदी दिवस पर हम हिंदी को और अधिक समृद्ध और वैश्विक बनाने का संकल्प लें।”
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शेख हसीना को लेकर क्या होगा भारत का फैसला, भारत पर टिकी पूरे दुनिया की निगाहें

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सजा-ए-मौत का फरमान जारी होने के बाद से ही भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि चर्चाओं में है। आपको बता दें कि अंतराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ( ICT) ने सोमवार 17 नवंबर को अपदस्थ शेख हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए मौत की सजा सुना दी है।
चीन और पकिस्तानबना सकते हैं भारत पर दबाव
अंतराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण, बांग्लादेश ने उन्हें पिछले साल जुलाई-अगस्त में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन को हिंसक तरीके से कुचलने और करीब 1400 प्रदर्शनकारियों की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। जहां एक ओर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार द्वारा भारत को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगर भारत शेख हसीना को उन्हें नहीं सौंपता तो इसे शत्रुता पूर्ण व्यवहार माना जाएगा। चीन और पाकिस्तान के लिए भारत को घेरने के लिए ये अच्छा मौका हो सकता है। चीन और पकिस्तान भी इस मामले पर अप्रत्यक्ष रूप से दबाव डालने की कोशिश कर सकते हैं। पूरे विश्वभर में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं ऐसे में सबकी निगाहें भारत पर होंगी।
भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि को लेकर चर्चाएं क्यों ?
पिछले कई महीनों से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में शरण लेकर रह रही हैं। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पहले ही उनका राजनयिक पासपोर्ट रद्द कर चुकी है अब उन्हें मानवता के विरुद्ध अपराध में दोषी ठहराते हुए अंतराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने मौत की सजा का फरमान जारी कर दिया है। जिसके बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत सरकार को बकायदा पत्र लिख कर शेख हसीना को वापस सौंपने की मांग की है। जिसमें उनकी ओर से भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि का हवाला देकर कहा गया कि अगर भारत ऐसा नहीं करता है तो ये अत्यंत शत्रुतापूर्ण व्यवहार होगा।
क्या है भारत बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि ?
भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि वर्ष 2013 में दोनों देशों की साझा सीमाओं पर आतंकवाद से निपटने के लिए एक रणनीतिक उपाय के रूप में लागू किया गया था। जिसमें वर्ष 2016 में दोनों देशों द्वारा भगोड़ों के आदान-प्रदान के लिए संशोधन किया गया था। इस संधि के तहत कई आपराधिक पृष्टभूमि के लोगों को वापिस सौंपा गया। वर्ष 1975 में में शेख मुजीबुर रहमान की हत्या के मामले में दो दोषियों को फांसी की सज़ा के लिए वर्ष 2020 में बांग्लादेश को वापिस सौंपा गया। प्रतिबंधित यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के महासचिव अनूप चेतिया का प्रत्यर्पण भी भारत को सफलतापूर्वक किया गया था। इस संधि में ऐसे व्यक्तियों के प्रत्यर्पण का प्रावधान है, जिन पर ऐसे अपराधों के आरोप हैं जिनके लिए कम-से-कम एक वर्ष की सजा दी जा सकती है। प्रत्यर्पण के लिए एक मुख्य आवश्यकता दोहरी आपराधिकता का सिद्धांत है जिसका अर्थ है कि अपराध दोनों देशों में दंडनीय होना चाहिए।
क्या भारत रोक सकता है शेख हसीना की फांसी की सजा ?
पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में शरण लेकर रह रही हैं। जबकि उन्हें अंतराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के द्वारा मौत की सजा का फरमान जारी किया गया है। ऐसे में सवाल ये उठता हैं कि- क्या भारत के पास कुछ ऐसी ताकतें हैं जो शेख हसीना की फांसी की सजा को रोक सकती हैं ? देखिए भारत के पास प्रत्यक्ष रूप से तो ऐसी कोई ताकत नहीं हैं जिस से भारत फांसी की सजा रोक सके। लेकिन कुछ अन्य पहलुओं की मदद से भारत शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग को अस्वीकार कर सकता है।
भारत के कौन से तर्क हो सकते हैं ख़ास
संधि के अनुच्छेद 6 के अनुसार यदि अपराध राजनीतिक प्रकृति का है तो प्रत्यर्पण से इनकार किया जा सकता है। लेकिन इसकी भी कुछ कठोर सीमाएं तय हैं इसमें हत्या, आतंकवाद से संबंधित अपराध और अपहरण जैसे कई अपराधों को राजनीतिक प्रकृति के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है। बांग्लादेश में “क्राइम्स अगेंस्ट ह्यूमैनिटी” यानि मानवता के खिलाफ अपराध, देश के युद्ध अपराध कानून के तहत परिभाषित है। लेकिन भारत आमतौर पर ऐसे अपराधों को अंतरराष्ट्रीय अदालतों के संदर्भ में देखता है, घरेलू राजनीतिक घटनाओं के संदर्भ में नहीं। इसीलिए भारत के पास यहां अपने तर्क रखने का मौका है।
क्या होगा अगर भारत प्रत्यर्पण की मांग को अस्वीकार कर दे
अगर फिर भी भारत प्रत्यर्पण की मांग को अस्वीकार कर देता है तो ऐसे में दोनों देशों के संबंधों में बहुत हद तक कड़वाहट पैदा हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे दोनों देशों के कूटनीतिक ओर व्यापारिक रिश्तों गहरा असर पड़ सकता है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में सलाहकार मुहमद यूनुस ने शेख हसीना और भारत के खिलाफ “मानवता के विरुद्ध अपराध” शब्द को हथियार बनाया है। बांग्लादेश दक्षिण एशियाई देशों में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, जिसका द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2022-23 में 15.9 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है। ऐसे में यह मामला भारत की विदेश नीति के लिए अग्निपरीक्षा साबित हो सकता है।
भारत किसी भी परिस्थिति में शेख हसीना को बांग्लादेश के हवाले नहीं कर सकता : डिप्लोमेट एसडी मुनी
भारत के दिग्गज डिप्लोमेट एसडी मुनी के अनुसार, भारत का मुख्य तर्क ये है कि जिस इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने ये फैसला दिया है, उसकी वैधता ही सवालों के घेरे में है। मुनी ने आगे बताया कि शेख हसीना पर हिंसा भड़काने के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। उन्होंने ये भी कहा कि जिन पुलिसकर्मियों पर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के आरोप हैं, उनकी पहचान पुख्ता करना मुश्किल है, क्योंकि वो कोई भी हो सकता है। इसके अलावा मुनी ने संकेत दिया कि इस पूरे प्रकरण में सेना की भी भूमिका रही थी। ऐसे हालात में, उनके मुताबिक, ये पूछना जरूरी है कि जब मामले में सेना सक्रिय हो जाए तो एक प्रधानमंत्री वास्तव में कितना नियंत्रण रख सकता है।
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