Nainital
जिम कॉर्बेट पार्क की सफारी और नाइट स्टे पर बढ़ा शुल्क, ये हैं नए रेट्स…

रामनगर: कार्बेट नेशनल पार्क में सफारी का आनंद लेने वाले पर्यटकों के लिए अब यात्रा महंगी हो गई है। तीन साल बाद, पंजीकृत जिप्सियों का शुल्क बढ़ा दिया गया है, जो आज से लागू हो जाएगा। कार्बेट पार्क के सीटीआर निदेशक डॉ. साकेत बडोला द्वारा शुल्क बढ़ाने को मंजूरी दिए जाने के बाद यह नया शुल्क लागू किया गया है।
अब कार्बेट पार्क में डे सफारी के लिए प्रति जिप्सी 200 रुपये का शुल्क बढ़ा दिया गया है। कार्बेट पार्क के प्रमुख पर्यटन जोन जैसे ढिकाला, बिजरानी, ढेला, झिरना, दुर्गादेवी और गिरिजा में पर्यटक सफारी करते हैं। इन जोन में कुल 383 जिप्सियां पंजीकृत हैं और काफी समय से जिप्सी मालिक शुल्क वृद्धि की मांग कर रहे थे। कार्बेट प्रशासन ने अब उनकी मांग को मानते हुए शुल्क वृद्धि का फैसला लिया है।
बिजरानी जोन का शुल्क अब 2500 रुपये से बढ़कर 2700 रुपये हो गया है। वहीं, झिरना, ढेला, दुर्गादेवी और गिरिजा पर्यटन जोन का शुल्क अब 2800 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है। यह नया शुल्क 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा, और कार्बेट की वेबसाइट पर भी इसकी जानकारी अपडेट कर दी गई है। हालांकि, इस बार कालागढ़ के पाखरो और सोनानदी पर्यटन जोन के जिप्सियों के शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब कार्बेट सफारी का शुल्क बढ़ाया गया है। इससे पहले, नवंबर 2021 में भी जिप्सी के शुल्क में वृद्धि की गई थी। हालांकि, अब यह नया शुल्क बढ़ोतरी अप्रैल महीने से लागू हो गया है।
इस बीच, अप्रैल के साथ ही बढ़ते तापमान और उमस के प्रभाव से मैदानी क्षेत्रों के पर्यटक अब बागेश्वर, कौसानी, बैजनाथ जैसे शीतल पहाड़ी स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। इन स्थानों पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है। बागेश्वर नगर का तापमान सामान्य से अधिक रहता है, इसलिए पर्यटक बाबा बागनाथ के दर्शन के बाद कौसानी या बैजनाथ की ओर लौट रहे हैं।
हिमालय की श्रृंखलाओं के नजारे और साफ मौसम के कारण ये स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। वीकेंड पर इन स्थानों पर पर्यटकों की भीड़ और बढ़ जाती है। ट्रेकिंग के शौकियों का रुख पिंडारी की ओर है।
दिल्ली, महाराष्ट्र, कोलकाता, मुंबई, गुजरात, राजस्थान, जयपुर और हरियाणा से आने वाले पर्यटकों के लिए कौसानी सबसे पसंदीदा हिल स्टेशन बन गया है। यहां का मौसम इस समय 20 से 25 डिग्री के बीच रहता है, जो पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। इसीलिए सप्ताहांत ही नहीं, बल्कि पूरा सप्ताह कौसानी गुलजार रहता है।
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बड़ी खबर : हल्द्वानी में आंधी-तूफान का कहर, स्कूल की दीवार गिरने से मलबे में दबे आठ लोग

Haldwani News : उत्तराखंड में रविवार को मौसम ने करवट ली और जोरदार आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। बारिश और आंधी तूफान के कारण भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। हल्द्वानी में आंधी के कारण एक स्कूल की दीवार गिर गई। जिसके मलबे में आठ लोग दब गए।
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हल्द्वानी में आंधी-तूफान से गिरी स्कूल की दीवार
नैनीताल जिले के हल्द्वानी में रविवार रात आंधी के कारण सेंट स्कूल की दीवार गिर गई। दिवार गिरने के कारण बगल में रह रहे आठ लोग मलबे में दब गए। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और सभी को मलबे से निकालकर आस्पताल पहुंचाया।
स्कूल की दीवार गिरने से मलबे में दबे आठ लोग
मिली जानकारी के मुताबिक रविवार रात करीब डेढ़ बजे भीषण तूफान के कारण हल्द्वानी के सेंट स्कूल की दीवार गिर गई। जिसके मलबे में आठ लोग दब गए। गनीमत रही कि पड़ोसियों ने सभी तुरंत मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया जिस से बड़ी घटना टल गई।

देर रात आंधी-तूफान ने नैनीताल में मचाया तांडव
बताया जा रहा है कि देर रात आए आंधी-तूफान के कारण नैनीताल जिले में भारी नुकसान हुआ है। भीषण तूफान के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई जगह पर पेड़ गिरने से नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर बिजली की लाइनें भी टूट गई हैं। यहां तक कि कुछ स्थानों पर घरों की छतें उड़ने की खबरें भी आ रही हैं।
पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग भी उखड़ी
तेज हवाओं के कारण हल्द्वानी में सड़कों पर पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग भी उखड़ गई। जिस कारण कई जगहों पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई। अचानक आए इस तूफान के कारण लोगों में हड़कंप मच गया। तूफान के कारण पेड़ गिरने से काफी देर तक आज सुबह यातायात भी प्रभावित रहा।
Nainital
नैनीताल : मुक्तेश्वर के सालियाकोट गांव में कॉटेज में लगी भीषण आग, कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया काबू

Nainital News : नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर में सालियाकोट गांव में एक कॉटेज में आग लग गई। आग लगने की जानकारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू।
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मुक्तेश्वर के सालियाकोट गांव में कॉटेज में लगी भीषण आग
मुक्तेश्वर में सालियाकोट गांव देर रात एक कॉटेज में आग लगने से हड़कंप मच गया। कॉटेज से धुंआ उठता देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आग को बुझाने की कोशिश की लेकिन तक तक आग भंयकर रूप ले चुकी थी। जिसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचा दी गई। सूचना पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका
अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने जानकारी दी कि मुक्तेश्वर के सालियाकोट गांव में बने अनीता सूद कॉटेज आग लगी थी। प्रथम दृष्टया आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। लेकिन आग लगने की घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि कड़ी मशक्त के बाद आग पर काबू पा लिया गया है।

लकड़ियों का कॉटेज होने के कारण तेजी से फैली आग
बताया जा रहा है कि गांव वालों ने कॉटेज से धुंआ उठता हुआ देखा। जिसके बाद वो मौके पर पहुंचे तो देखा आग लगी हुई थी। ग्रामीणों ने खुद आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन कॉटेज लकड़ियों का बना होने के कारण आग तेजी से फैली और विकराल रूप ले लिया।
Ramnagar
होली के रंगों से स्किन नहीं होगी खराब, उत्तराखंड में यहां बनाया जा रहा सब्जियों-फूलों से सुरक्षित हर्बल गुलाल

Ramnagar News : होली का त्योहार नजदीक है और रंगों की बाजार में भरमार है, लेकिन अगर आप केमिकल वाले रंगों से त्वचा को होने वाले नुकसान से परेशान हैं तो ये खबर आपके लिए है। उत्तराखंड के रामनगर में महिलाएं सब्जियों-फूलों से सुरक्षित गुलाल बना रही हैं।
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होली के रंगों से आपकी स्किन नहीं होगी डैमेज
होली का त्यौहार रंगों का त्यौहार है। जिसमें हर कोई एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। लेकिन बाजार में आजकल कैमिकल वाले रंग भी आ रहे हैं। जिस कारण स्किन खराब हो जाती है। कई बार इसके गंभीर परिणाम भी देखने को मिलते हैं। इसी को देखते हुए नैनीताल जिले के रामनगर के पास स्थित कानियां ग्रामसभा की महिलाओं ने इसका बेहतरीन विकल्प तैयार किया है। यहां महिलाएं पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से हर्बल गुलाल बना रही हैं।
बनाया जा रहा सब्जियों-फूलों से बन रहा सुरक्षित हर्बल गुलाल
महिलाएं फलों, फूलों और सब्जियों से हर्बल गुलाल तैयार कर रहीं हैं। जिसकी मांग स्थानीय स्तर से लेकर महानगरों तक पहुंच चुकी है। बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त रंगों ने कई लोगों को परेशानी में डाला है, त्वचा पर एलर्जी, आंखों में जलन और बालों को नुकसान जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में लोग अब सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प तलाश रहे हैं।

इसी मांग को समझते हुए रामनगर की कानियां ग्रामसभा में वुमेन रिसोर्सेज सेंटर (WRC) समूह की महिलाओं ने हर्बल गुलाल तैयार करने की अनोखी पहल शुरू की है।
ये समूह देहरादून से संचालित पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी के संस्थान हिमालयन एनवायरनमेंटल स्टडीज़ एंड कंजरवेशन ऑर्गनाइजेशन (HESCO) के अंतर्गत कार्य कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद तैयार करना है।
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