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Gold Rate 23 Dec 2025: रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा सोना, ₹1.38 लाख के पार हुई कीमत; जानें अपने शहर का ताजा भाव..

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Gold Rate 23 Dec 2025: सोना, ₹1.38 लाख के पार
Gold Rate 23 Dec 2025: भारतीय सर्राफा बाजार और वायदा बाजार (MCX) में आज यानी मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 को सोने की कीमतों में जबरदस्त तूफानी तेजी देखी जा रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू मांग के चलते सोने ने आज एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना आज अपने सर्वकालिक उच्च स्तर के करीब ट्रेड कर रहा है, जिससे निवेशकों और आम खरीदारों के बीच हलचल तेज हो गई है।
MCX पर सोने की चाल: ₹1550 की भारी उछाल
घरेलू फ्यूचर्स मार्केट में आज शुरुआती कारोबार से ही बुलिश ट्रेंड (Bullish Trend) देखने को मिला।
- ओपनिंग: 5 फरवरी 2026 की एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर आज 1,38,297 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ओपन हुआ।
- ताजा स्थिति: सुबह 9:55 बजे तक यह 1,38,300 रुपए पर पहुंच गया, जो पिछले कारोबारी दिन की तुलना में लगभग 1,550 रुपए की बड़ी बढ़त है।
- इंट्राडे हाई: शुरुआती सत्र में ही कीमतें 1,38,381 रुपए के उच्च स्तर तक जा पहुंचीं।

Gold Rate 23 Dec 2025 : प्रमुख शहरों में सोने के दाम
गुड रिटर्न्स (GoodReturns) के आंकड़ों के अनुसार, भारत के अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम नीचे दिए गए हैं:
| शहर | 24 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) | 18 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) |
| दिल्ली | ₹1,38,700 | ₹1,27,150 | ₹1,04,060 |
| मुंबई | ₹1,38,550 | ₹1,27,000 | ₹1,03,910 |
| चेन्नई | ₹1,39,310 | ₹1,27,700 | ₹1,06,500 |
| कोलकाता | ₹1,38,550 | ₹1,27,000 | ₹1,03,910 |
| अहमदाबाद | ₹1,38,600 | ₹1,27,050 | ₹1,03,960 |
| लखनऊ | ₹1,38,700 | ₹1,27,150 | ₹1,04,060 |
| पटना | ₹1,38,600 | ₹1,27,050 | ₹1,03,960 |
| हैदराबाद | ₹1,38,550 | ₹1,27,000 | ₹1,03,910 |
सोने की कीमतों में तेजी के मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर 2025 के इस आखिरी सप्ताह में सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं:
- वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव और रूस-यूक्रेन संघर्ष के लंबे खिंचने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ी है।
- US फेडरल रिजर्व की नीति: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं ने डॉलर इंडेक्स को कमजोर किया है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों में उछाल के रूप में दिख रहा है।
- रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (INR) में गिरावट के कारण सोने का आयात महंगा हो गया है, जिससे घरेलू बाजारों में कीमतें बढ़ गई हैं।
- शादियों का सीजन: भारत में शादियों के सीजन के चलते फिजिकल गोल्ड की डिमांड चरम पर है, जो स्थानीय स्तर पर कीमतों को सपोर्ट कर रही है।
निवेश का ‘सेफ हेवन’ है सोना
भारत में सोना खरीदना केवल एक वित्तीय निर्णय नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक परंपराओं और सुरक्षा की भावना से जुड़ा है।
“सोना न केवल सकारात्मकता का प्रतीक है, बल्कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच यह निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प (Safe Haven Asset) माना जाता है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे, तो साल 2026 की शुरुआत में सोना ₹1.45 लाख के स्तर को भी छू सकता है।
ग्राहकों के लिए सलाह
अगर आप आज ज्वेलरी या निवेश के लिए सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो हमेशा Hallmarked (BIS) सोना ही खरीदें। सोने के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए खरीदारी से पहले अपने नजदीकी जौहरी से लेटेस्ट रेट्स और मेकिंग चार्जेस की पुष्टि जरूर करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. Gold Rate 23 Dec 2025 भारत में 24 कैरेट सोने का क्या भाव है?
आज दिल्ली और लखनऊ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग Rs1,38,000 प्रति 10 ग्राम चल रहा है। वहीं मुंबई और कोलकाता में यह Rs1,38,550 के आसपास है। (कीमतें स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्जेस के कारण थोड़ी भिन्न हो सकती हैं)।
Q2. सोने की कीमतों में अचानक इतनी तेजी क्यों आई है?
इस तेजी के तीन मुख्य कारण हैं:
- जियो-पॉलिटिकल तनाव: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक अनिश्चितता पैदा की है।
- US फेड रेट: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती के संकेतों से डॉलर कमजोर हुआ है।
- घरेलू मांग: भारत में शादियों के सीजन की वजह से फिजिकल गोल्ड की डिमांड बहुत ज्यादा है।
Q3. क्या 18 कैरेट सोना निवेश के लिए अच्छा है?
18 कैरेट सोने में 75% शुद्धता होती है और इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से हीरे की ज्वेलरी बनाने में होता है। निवेश के नजरिए से 24 कैरेट (सिक्के या बार) या डिजिटल गोल्ड (ETF) को बेहतर माना जाता है क्योंकि इनकी रीसेल वैल्यू अधिक होती है।
Q4. हॉलमार्क सोना कैसे पहचानें?
सोना खरीदते समय उस पर BIS हॉलमार्क का लोगो जरूर देखें। साथ ही उस पर शुद्धता (जैसे 22K916) और एक 6 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक कोड (HUID) होता है। आप BIS Care App के जरिए इस कोड को वेरीफाई भी कर सकते हैं।
Q5. क्या दिसंबर के अंत तक कीमतें और बढ़ेंगी?
बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि साल के अंत तक कम ट्रेडिंग वॉल्यूम और वैश्विक मांग के कारण कीमतें ₹1.40 लाख के स्तर को छू सकती हैं। हालांकि, मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते छोटी गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
Q6. क्या अभी सोना खरीदना सही समय है?
अगर आप लंबे समय (3-5 साल) के लिए निवेश कर रहे हैं, तो सोना हमेशा एक सुरक्षित विकल्प है। छोटे समय के लिए निवेश करने वालों को बाजार में सुधार (Correction) का इंतजार करना चाहिए।
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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी, आज INDIA गठबंधन की बैठक

CEC Gyanesh Kumar : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी के बीच INDIA गठबंधन शनिवार को अहम कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। यह कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर होगा। इससे पहले शुक्रवार को प्रस्तावित कार्यक्रम दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के कारण स्थगित कर दिया गया था।
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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया था कि बारिश और खराब मौसम को देखते हुए सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से कार्यक्रम को एक दिन आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को बारिश के बीच असुविधा न हो, इसलिए अब यह कार्यक्रम शनिवार को उसी समय आयोजित किया जाएगा।
खरगे के आवास पर आज INDIA गठबंधन की बैठक
राहुल गांधी ने इस दौरान राजनीतिक दलों, नागरिक समाज के सदस्यों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान तक होने वाले INDIA गठबंधन के मार्च में शामिल होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि इस मार्च में राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संगठनों के साथ आम नागरिक भी हिस्सा ले सकते हैं।

राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग में उनकी टीम के साथ मिलकर देश के लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।
इसके साथ ही राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री विपक्ष की रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे लोगों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब समेत कई राज्यों से आने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों को रोकने की कोशिश की जा रही है।
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अष्टमी और नवमी की तारीख को लेकर कंफ्यूजन, जानें कब करें कन्या पूजन, क्या है शुभ मुहूर्त ?

Ashtami or Navami 2026 : शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। इस दौरान भक्त उपवास रखकर माता रानी की पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्रि के अंतिम दिनों में अष्टमी और नवमी के अवसर पर कन्या पूजन की विशेष परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है और उन्हें भोजन कराकर सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की जाती है। कई भक्त अष्टमी पर कन्या पूजन करते हैं, जबकि कुछ लोग नवमी तिथि को यह अनुष्ठान पूरा करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में अष्टमी और नवमी की तिथियां क्या हैं और कन्या पूजन के लिए कौन-से शुभ मुहूर्त बताए गए हैं।
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शारदीय नवरात्रि 2026 में कब है अष्टमी?
पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी। ये तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर 19 अक्टूबर को अष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन भक्त मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ कन्या पूजन कर सकते हैं। परंपरा के अनुसार, कन्याओं को घर आमंत्रित कर उनके चरण धोए जाते हैं, तिलक लगाया जाता है और भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है।
अष्टमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
अष्टमी के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक बताया गया है। इस अवधि में मां दुर्गा की पूजा और कन्या पूजन करना शुभ माना जाता है।

नवमी पर कब करें कन्या पूजन?
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर आरंभ होगी और 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी। तिथि के समय के कारण कुछ परंपराओं में 19 अक्टूबर को नवमी के अनुष्ठान किए जा सकते हैं, जबकि उदयातिथि के आधार पर पूजा करने वाले श्रद्धालु 20 अक्टूबर को नवमी मनाकर कन्या पूजन कर सकते हैं।
नवमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
नवमी के अवसर पर 19 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक बताया गया है। वहीं, 20 अक्टूबर को भी अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। भक्त इस दौरान मां दुर्गा की आराधना और कन्या पूजन कर सकते हैं।
अष्टमी हो या नवमी, दोनों ही तिथियों पर कन्या पूजन को नवरात्रि की महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा माना जाता है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक मान्यताओं और स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि चुनकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
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नवरात्रि पर मां के 9 रूप बदल सकते हैं किस्मत! जानें किसकी पूजा से दूर होंगे कष्ट

Navratri 2026 : शारदीय नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए विशेष माने जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नौ दिनों में देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा करने से भक्तों को सुख, समृद्धि, साहस, शांति और सकारात्मकता का आशीर्वाद मिलता है। हर दिन मां के एक विशेष स्वरूप की पूजा की जाती है और उनसे जीवन की परेशानियां दूर करने की प्रार्थना की जाती है।
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मां शैलपुत्री की पूजा से मिलेगी दृढ़ता
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। देवी का यह स्वरूप धैर्य, स्थिरता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री की आराधना से जीवन में आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती की कामना की जाती है। जो लोग जीवन में अस्थिरता या निर्णय लेने में कठिनाई महसूस करते हैं, वे माता की पूजा कर मनोबल प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।
भोग: मां शैलपुत्री को गाय के शुद्ध घी का भोग अर्पित करने की परंपरा है।

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से बढ़ेगा आत्मबल
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना होती है। देवी का यह स्वरूप तपस्या, त्याग, संयम और संकल्प शक्ति का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से मन को एकाग्र रखने, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा मिलती है। विद्यार्थी और अपने लक्ष्य के लिए मेहनत कर रहे लोग भी माता से एकाग्रता और आत्मबल की कामना करते हैं।
भोग: माता को शक्कर, सफेद मिठाई या पंचामृत अर्पित किया जाता है।

मां चंद्रघंटा की आराधना से दूर होगा भय
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है। देवी का यह स्वरूप साहस, शौर्य और शांति का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा की आराधना से भय और मानसिक अशांति से मुक्ति तथा विपरीत परिस्थितियों का सामना करने का साहस प्राप्त करने की कामना की जाती है।
भोग: मां चंद्रघंटा को दूध, खीर या दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाया जाता है।

मां कूष्मांडा की पूजा से मिलेगी सकारात्मकता
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। मान्यता है कि देवी ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी। उन्हें सृष्टि की ऊर्जा और प्रकाश का प्रतीक माना जाता है। मां कूष्मांडा की आराधना से जीवन में ऊर्जा, उत्साह, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की जाती है। देवी का यह स्वरूप भक्तों को कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
भोग: मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग अर्पित करने की परंपरा है।

मां स्कंदमाता की पूजा से मिलेगा सुख-शांति का आशीर्वाद
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना की जाती है। भगवान कार्तिकेय को स्कंद भी कहा जाता है और उनकी माता होने के कारण देवी का नाम स्कंदमाता पड़ा। मां का यह स्वरूप ममता, वात्सल्य और करुणा का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी पूजा से परिवार में सुख-शांति, प्रेम और खुशहाली की कामना की जाती है।
भोग: इस दिन माता को केले का भोग अर्पित किया जाता है।

मां कात्यायनी की पूजा से मिलेगी बाधाओं से लड़ने की शक्ति
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। देवी का यह स्वरूप शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की आराधना से जीवन की बाधाओं का सामना करने की शक्ति और सफलता प्राप्त करने की कामना की जाती है। देवी को महिषासुर का वध करने वाली मां के रूप में भी पूजा जाता है।
भोग: मां कात्यायनी को शहद अर्पित करने की परंपरा है।

मां कालरात्रि की पूजा से दूर होगा भय और संकट
सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना होती है। देवी का यह स्वरूप उग्र और शक्तिशाली माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि अपने भक्तों को भय से मुक्ति और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्रदान करती हैं। उनकी पूजा करके भक्त जीवन की परेशानियों, अनिश्चितताओं और संकटों का सामना करने के लिए शक्ति और साहस की कामना करते हैं।
भोग: मां कालरात्रि को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाइयों का भोग लगाया जाता है।

मां महागौरी की पूजा से मिलती है शांति
नवरात्रि के आठवें दिन महाअष्टमी मनाई जाती है और मां महागौरी की पूजा की जाती है। देवी का यह स्वरूप पवित्रता, शांति और सौम्यता का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी की आराधना से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता की कामना की जाती है। अष्टमी पर कई परिवारों में कन्या पूजन भी किया जाता है।
भोग: मां महागौरी को नारियल अर्पित करने की परंपरा है।

मां सिद्धिदात्री की पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं
नवरात्रि के नौवें और अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में देवी को सिद्धियां प्रदान करने वाली और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली माना जाता है। उनकी आराधना से ज्ञान, सफलता, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन में संतुलन की कामना की जाती है। नवमी के दिन कई घरों में कन्या पूजन और हवन के साथ नवरात्रि का समापन होता है।

भोग: मां सिद्धिदात्री को हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद अर्पित किया जाता है।











































