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बड़ी खबर: IndiGo को टक्कर देने आ रही है नई एयरलाइन Alhind Air ! जानें कब से शुरू होगी सेवा…

Alhind Air : भारतीय आकाश में उड़ान भरने को तैयार नई क्षेत्रीय एयरलाइन
भारतीय विमानन उद्योग में एक नया अध्याय शुरू होने वाला है। Alhind Air नामक क्षेत्रीय कम्यूटर एयरलाइन जल्द ही देश के आकाश में अपनी उड़ान भरने की तैयारी कर रही है। यह एयरलाइन विशेष रूप से दक्षिण भारत के उन शहरों को जोड़ने पर केंद्रित होगी जहां वर्तमान में पर्याप्त हवाई संपर्क की कमी है। केरल और आसपास के राज्यों के यात्रियों के लिए यह एक नया और सुविधाजनक विकल्प साबित होगा।
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Alhind group की समृद्ध विरासत
Alhind Air को केरल के प्रतिष्ठित Alhind Group का मजबूत समर्थन प्राप्त है। यह व्यावसायिक समूह तीन दशकों से अधिक समय से कालीकट (कोझिकोड) में स्थापित है और यात्रा एवं पर्यटन प्रबंधन उद्योग में अपनी विशेष पहचान बना चुका है। कंपनी ने पूरे एशिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है और हजारों यात्रियों को अपनी सेवाएं प्रदान की हैं।
Alhind Group का यात्रा उद्योग में व्यापक अनुभव और गहरी समझ अब विमानन क्षेत्र में प्रवेश का आधार बन रही है। कंपनी के पास यात्रियों की जरूरतों को समझने और उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान करने का दशकों का अनुभव है। यह विशेषज्ञता अलहिंद एयर को एक मजबूत नींव प्रदान करती है।
आधुनिक विमान बेड़े की योजना
Alhind Air ने अपने प्रारंभिक बेड़े के लिए ATR 72-600 विमानों का चयन किया है। ये विमान क्षेत्रीय और छोटी दूरी की उड़ानों के लिए दुनिया भर में लोकप्रिय हैं। ATR 72-600 अपनी ईंधन दक्षता, विश्वसनीयता और आरामदायक यात्रा अनुभव के लिए जाने जाते हैं। इन विमानों की क्षमता 70 से 78 यात्रियों तक होती है, जो क्षेत्रीय मार्गों के लिए आदर्श है।

इन विमानों की एक प्रमुख विशेषता यह है कि ये छोटे हवाई अड्डों पर भी आसानी से संचालित हो सकते हैं। इसका मतलब है कि अलहिंद एयर उन शहरों को भी जोड़ सकेगी जहां बड़े विमान नहीं जा सकते। यह क्षमता एयरलाइन को वास्तव में क्षेत्रीय संपर्क प्रदाता के रूप में स्थापित करेगी।
शुरुआत में कंपनी घरेलू मार्गों पर अपनी सेवाएं शुरू करेगी। लेकिन भविष्य की योजनाओं में अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी शामिल है। खाड़ी देशों और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों तक सेवाएं विस्तारित करना कंपनी के दीर्घकालिक लक्ष्यों में से एक है।
सरकारी मंजूरी और नियामक प्रगति
हाल ही में, Alhind Air ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। भारत सरकार ने कंपनी को अनापत्ति प्रमाणपत्र (No Objection Certificate – NOC) प्रदान किया है। यह प्रमाणपत्र किसी भी नई एयरलाइन के लिए पहला और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम होता है। इसके बिना कोई भी कंपनी विमानन सेवाएं शुरू करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा सकती।
अब कंपनी अपना अगला लक्ष्य हासिल करने में जुटी है – एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (Air Operator Certificate – AOC) प्राप्त करना। यह प्रमाणपत्र नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी किया जाता है और यह प्रमाणित करता है कि एयरलाइन के पास सुरक्षित विमान संचालन के लिए आवश्यक सभी प्रणालियां, प्रक्रियाएं और संसाधन मौजूद हैं।
Alhind Air की टीम नियामक अधिकारियों के साथ निकटता से काम कर रही है। कंपनी AOC प्राप्त करने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज, सुरक्षा प्रोटोकॉल, परिचालन मैनुअल और अन्य तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा कर रही है। यह प्रक्रिया व्यापक और सख्त होती है, लेकिन यह सुनिश्चित करती है कि केवल उच्चतम मानकों को पूरा करने वाली एयरलाइनें ही संचालन शुरू करें।
मुख्यालय और परिचालन केंद्र
Alhind Air ने कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अपने मुख्यालय और प्राथमिक परिचालन केंद्र के रूप में चुना है। कोच्चि हवाई अड्डा देश का पहला पूरी तरह से सौर ऊर्जा संचालित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है और यह दक्षिण भारत के प्रमुख हवाई अड्डों में से एक है।
इस स्थान का चयन रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। कोच्चि केरल के मध्य में स्थित है और राज्य के सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। साथ ही, यह तमिलनाडु, कर्नाटक और अन्य दक्षिणी राज्यों के करीब भी है। इस केंद्रीय स्थान से अलहिंद एयर अपने सभी नियोजित मार्गों को कुशलतापूर्वक संचालित कर सकेगी।
व्यापक मार्ग नेटवर्क की योजना
Alhind Air ने दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। कंपनी के प्रारंभिक मार्ग नेटवर्क में निम्नलिखित शहर शामिल होंगे:
कोच्चि – यह मुख्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा जहां से अधिकांश उड़ानें संचालित होंगी। केरल का वाणिज्यिक केंद्र होने के नाते, कोच्चि से हर दिन हजारों व्यापारिक और पर्यटन यात्री यात्रा करते हैं।
तिरुवनंतपुरम – केरल की राजधानी और राज्य का दक्षिणी प्रवेश द्वार। यह शहर सरकारी गतिविधियों, पर्यटन और व्यापार का प्रमुख केंद्र है।
कोझिकोड – मालाबार क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर और ऐतिहासिक व्यापारिक केंद्र। खाड़ी देशों से लौटने वाले प्रवासियों के लिए यह महत्वपूर्ण शहर है।
कन्नूर – केरल के उत्तरी भाग का महत्वपूर्ण शहर जिसे बेहतर हवाई संपर्क की आवश्यकता है।
बेंगलुरु – भारत की सिलिकॉन वैली और दक्षिण भारत का सबसे बड़ा महानगर। केरल से बेंगलुरु के लिए भारी यात्री मांग है।
चेन्नई – तमिलनाडु की राजधानी और दक्षिण भारत का प्रमुख औद्योगिक केंद्र।
यह नेटवर्क न केवल केरल के विभिन्न शहरों को आपस में जोड़ेगा, बल्कि राज्य को पड़ोसी राज्यों के प्रमुख शहरों से भी जोड़ेगा। इससे व्यापार, पर्यटन और व्यक्तिगत यात्राओं में काफी सुविधा होगी।
क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा
Alhind Air की स्थापना भारत सरकार की उड़ान (UDAN – उड़े देश का आम नागरिक) योजना के उद्देश्यों के साथ पूरी तरह मेल खाती है। यह योजना 2016 में शुरू की गई थी और इसका मुख्य लक्ष्य देश के छोटे शहरों और कस्बों में हवाई संपर्क विकसित करना है।
उड़ान योजना के तहत, सरकार क्षेत्रीय मार्गों पर एयरलाइनों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इससे एयरलाइनें किफायती दरों पर सेवाएं प्रदान कर सकती हैं। अलहिंद एयर जैसी नई क्षेत्रीय एयरलाइनें इस योजना का लाभ उठाकर उन मार्गों पर सेवाएं शुरू कर सकती हैं जो अन्यथा व्यावसायिक रूप से संभव नहीं होतीं।
क्षेत्रीय विमानन का विकास कई तरह से फायदेमंद है। यह दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ता है, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है, और लोगों को तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प प्रदान करता है।
रोजगार और आर्थिक प्रभाव
एक नई एयरलाइन की स्थापना का सबसे बड़ा प्रभाव रोजगार सृजन पर होता है। अलहिंद एयर केरल और दक्षिण भारत में सैकड़ों प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करेगी। इनमें पायलट, केबिन क्रू, ग्राउंड स्टाफ, रखरखाव इंजीनियर, प्रशासनिक कर्मचारी और अन्य पेशेवर शामिल होंगे।
इसके अलावा हजारों अप्रत्यक्ष नौकरियां भी पैदा होंगी। हवाई अड्डों पर सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियां, आपूर्तिकर्ता, खानपान सेवाएं, परिवहन सेवाएं – ये सभी क्षेत्र विस्तार करेंगे। स्थानीय अर्थव्यवस्था को इससे काफी बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन उद्योग पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बेहतर हवाई संपर्क से केरल के पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा। यह राज्य में अधिक पर्यटकों को आकर्षित करेगा, जिससे होटल, रेस्तरां, टूर ऑपरेटर और अन्य पर्यटन सेवाओं को फायदा होगा।
प्रतिस्पर्धा और यात्री लाभ
भारतीय विमानन बाजार में एक नए खिलाड़ी का प्रवेश मौजूदा एयरलाइनों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा। इसका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। बढ़ती प्रतिस्पर्धा से टिकट की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं और एयरलाइनों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित करती है।
Alhind Air का फोकस क्षेत्रीय मार्गों पर होने से उन रूटों पर भी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी जहां वर्तमान में सीमित विकल्प हैं। यात्रियों को अधिक उड़ान समय विकल्प, बेहतर सेवा और किफायती दरें मिलेंगी।
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RBI Polymer Notes 2026 : भारत में आने वाले हैं ₹200 और ₹500 के नए नोट , जानिए RBI की नई योजना…

RBI Polymer Notes 2026: क्या ₹200 और ₹500 के प्लास्टिक नोट आने वाले हैं?
भारत में एक बार फिर मुद्रा व्यवस्था को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। हाल ही में कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में Polymer Banknotes यानी प्लास्टिक नोटों को शुरू करने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इस खबर के सामने आने के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या ₹200 और ₹500 के नोट बदल जाएंगे? क्या पुराने नोट बंद हो जाएंगे? क्या यह 2016 की नोटबंदी जैसा कदम होगा?
फिलहाल RBI ने किसी नोटबंदी की घोषणा नहीं की है, लेकिन Polymer Currency Notes को लेकर चर्चा तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार RBI जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है, जिसके तहत कुछ मूल्यवर्ग के नोटों को Polymer Material पर छापा जा सकता है।
Polymer Notes क्या होते हैं?
Polymer Notes ऐसे बैंक नोट होते हैं जो पारंपरिक कागज के बजाय विशेष प्रकार की प्लास्टिक सामग्री पर बनाए जाते हैं। इन्हें आम भाषा में Plastic Currency Notes भी कहा जाता है।
हालांकि ये क्रेडिट कार्ड की तरह कठोर नहीं होते। ये सामान्य नोटों की तरह ही मुड़ सकते हैं और आसानी से इस्तेमाल किए जा सकते हैं। दुनिया के कई देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम में Polymer Currency पहले से सफलतापूर्वक उपयोग की जा रही है।
RBI Polymer Notes पर विचार क्यों कर रहा है?
भारत में डिजिटल पेमेंट्स तेजी से बढ़े हैं, लेकिन नकदी की मांग अभी भी काफी अधिक है। RBI के आंकड़ों के अनुसार देश में Currency in Circulation लगातार बढ़ रही है। इसी के साथ नोटों की छपाई और रखरखाव की लागत भी बढ़ रही है।
Polymer Notes पर विचार करने के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं:
1. नकली नोटों पर रोक
हाल ही में RBI की रिपोर्ट में नकली ₹500 नोटों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बैंकिंग सिस्टम में पकड़े गए फर्जी ₹500 नोटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
Polymer Notes में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं, जिनकी नकल करना काफी कठिन होता है।
2. लंबी उम्र
कागज के नोट जल्दी फट जाते हैं, गंदे हो जाते हैं या खराब हो जाते हैं। Polymer Notes अधिक समय तक चलते हैं और बार-बार बदलने की जरूरत कम होती है।
3. लागत में कमी
शुरुआत में Polymer Notes की छपाई महंगी हो सकती है, लेकिन उनकी लाइफ ज्यादा होने के कारण लंबे समय में खर्च कम हो सकता है।
4. ATM Compatibility
रिपोर्ट्स के अनुसार RBI अब ऐसी तकनीक विकसित कर चुका है जिससे ATM मशीनें Polymer Notes को आसानी से संभाल सकेंगी।
क्या ₹200 और ₹500 के नोट बदले जाएंगे?
सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा ₹200 और ₹500 नोटों को लेकर हो रही है। हालांकि कई रिपोर्ट्स में शुरुआती परीक्षण के लिए ₹10 और ₹20 नोटों का भी जिक्र किया गया है। अभी तक RBI ने आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि कौन-से मूल्यवर्ग सबसे पहले Polymer Format में आएंगे।
लेकिन ₹500 नोट पर विशेष ध्यान इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि यह भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले नोटों में से एक है और नकली नोटों के मामलों में भी इसका बड़ा हिस्सा सामने आता है।
क्या यह नोटबंदी होगी?
इस सवाल का जवाब है – नहीं।
फिलहाल ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि RBI या केंद्र सरकार मौजूदा ₹200 या ₹500 नोटों को अमान्य घोषित करने वाली है।
2016 की नोटबंदी में पुराने ₹500 और ₹1000 नोटों को कानूनी मान्यता से बाहर कर दिया गया था और उनकी जगह नए नोट जारी किए गए थे। वर्तमान Polymer Notes योजना केवल नोटों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुधारने से जुड़ी हुई दिखाई दे रही है।
इसलिए लोगों को किसी भी तरह की अफवाहों से बचना चाहिए।
Polymer Notes के प्रमुख फायदे
अधिक टिकाऊ
- जल्दी नहीं फटते
- पानी से कम खराब होते हैं
- गंदगी कम पकड़ते हैं
बेहतर सुरक्षा
- Transparent Windows
- Micro-Optic Features
- Advanced Holograms
- विशेष सुरक्षा स्याही
इन फीचर्स के कारण नकली नोट बनाना कठिन हो जाता है।
कम Replacement Cost
हर साल बड़ी संख्या में खराब नोटों को हटाना पड़ता है। Polymer Notes लंबे समय तक उपयोग में बने रह सकते हैं।
Polymer Notes के संभावित नुकसान
हालांकि इसके कई फायदे हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां भी मौजूद हैं।
शुरुआती निवेश अधिक
नई प्रिंटिंग तकनीक और मशीनों पर बड़ा खर्च करना पड़ सकता है।
लोगों की आदत बदलना
भारत में लोग लंबे समय से कागज के नोटों का इस्तेमाल करते आए हैं। नए नोटों को स्वीकार करने में समय लग सकता है।
बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव
ATM, Cash Sorting Machines और अन्य उपकरणों में कुछ तकनीकी बदलाव करने पड़ सकते हैं।
दुनिया के किन देशों में Polymer Notes हैं?
कई विकसित और विकासशील देशों ने Polymer Currency को अपनाया है।
कुछ प्रमुख देश:
- Australia
- Canada
- United Kingdom
- New Zealand
- Singapore
- Romania
- Vietnam
इन देशों में Polymer Notes को सफल माना जाता है क्योंकि इनकी लाइफ कागज के नोटों से काफी अधिक होती है।
भारत में Polymer Notes का पुराना इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब भारत में Polymer Currency की चर्चा हो रही है।
RBI ने 2013 में ₹10 Polymer Notes का सीमित परीक्षण भी किया था। हालांकि तकनीकी और परिचालन कारणों से उस समय यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब लगभग 12 साल बाद इस विचार को दोबारा जीवित किया जा रहा है।
क्या UPI के दौर में भी नकदी की जरूरत है?
भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट बाजार बन चुका है। UPI ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं।
इसके बावजूद नकदी की मांग खत्म नहीं हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे व्यापारियों और कई स्थानीय बाजारों में आज भी कैश का उपयोग व्यापक रूप से होता है। यही कारण है कि RBI नकदी प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए Polymer Notes पर विचार कर रहा है।
RBI की अगली रणनीति क्या हो सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI पहले सीमित स्तर पर Pilot Project शुरू कर सकता है।
संभावित चरण:
- चुनिंदा शहरों में परीक्षण
- सीमित मूल्यवर्ग के नोट जारी करना
- ATM और बैंकिंग सिस्टम की जांच
- जनता की प्रतिक्रिया लेना
- सफल होने पर बड़े स्तर पर विस्तार
हालांकि अंतिम फैसला RBI की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
निष्कर्ष
RBI Polymer Notes 2026 भारत की मुद्रा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। बढ़ती नकदी मांग, नकली नोटों की समस्या और प्रिंटिंग लागत को देखते हुए Polymer Currency एक आधुनिक समाधान के रूप में सामने आ रही है।
फिलहाल ₹200 और ₹500 के मौजूदा नोट पूरी तरह वैध हैं और उन्हें बंद करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन यदि Polymer Notes का पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में भारतीय मुद्रा का स्वरूप बदल सकता है।
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FAQs
RBI Polymer Notes क्या हैं?
Polymer Notes प्लास्टिक आधारित बैंक नोट होते हैं जो सामान्य कागज के नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ और सुरक्षित होते हैं।
क्या ₹500 के नोट बंद होने वाले हैं?
नहीं, अभी तक RBI ने ₹500 नोट बंद करने की कोई घोषणा नहीं की है।
क्या Polymer Notes भारत में जल्द लॉन्च होंगे?
रिपोर्ट्स के अनुसार RBI एक पायलट प्रोजेक्ट पर विचार कर रहा है, लेकिन आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
Polymer Notes का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
इनकी लंबी उम्र और बेहतर सुरक्षा फीचर्स सबसे बड़े फायदे माने जाते हैं।
क्या यह 2016 की नोटबंदी जैसा कदम है?
नहीं, यह नोटबंदी नहीं है। यह केवल नई तकनीक वाले नोटों को लाने की संभावित योजना है।
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पेट्रोल और डीजल के बाद अब बढ़े सीएनजी के दाम, 2 रुपये प्रति किलोग्राम हुई महंगी, देखें नए रेट

CNG Price Hike : पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी उपभोक्ताओं को भी महंगाई का झटका लगा है। 26 मई से सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर इजाफा किया गया है।
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पेट्रोल और डीजल के बाद अब बढ़े सीएनजी के दाम
पेट्रोल और डीजल के बाद अब सीएनजी के दाम बढ़ गए हैं। नई दरों के अनुसार, CNG अब 2 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो गई है। बीते कुछ दिनों में ये चौथी बार है जब सीएनजी की कीमतों में बदलाव किया गया है। नई बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में CNG की कीमत बढ़कर 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है।
चौथी बार सीएनजी के दामों में हुई बढ़ोतरी
पिछले दिनों कीमतों में क्रमिक वृद्धि देखी गई थी। 15 मई को 2 रुपये, 18 मई को 1 रुपये, 23 मई को 1 रुपये और अब 26 मई को 2 रुपये की बढ़ोतरी के साथ बीते 11 दिनों में कुल 6 रुपये प्रति किलोग्राम तक कीमत बढ़ चुकी है।

इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र पर पड़ सकता है, जहां बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी, स्कूल वाहन और निजी गाड़ियां सीएनजी पर निर्भर हैं।
आने वाले दिनों में रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें हो सकती हैं महंगी
गौरतलब है कि हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी कई बार बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल की बढ़ती लागत से परिवहन खर्च बढ़ सकता है, जिसका असर सब्जियों, फलों, दूध, दवाओं और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
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आज से नौतपा शुरू, अगले नौ दिन पड़ेगी भीषण गर्मी, लू से बचना है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां

Nautapa 2026 : 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है। नौतपा का संबंध सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने से माना जाता है। मान्यता के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब धरती पर गर्मी का असर सबसे अधिक महसूस होता है। इसी वजह से इन शुरुआती नौ दिनों को नौतपा कहा जाता है।
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आज से नौतपा शुरू, अगले नौ दिन पड़ेगी भीषण गर्मी
Nautapa 2026 शुरू होते ही कई इलाकों में भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। भारतीय पंचांग के अनुसार ये नौ दिन साल के सबसे गर्म दिनों में शामिल होते हैं। इस दौरान लू लगना, शरीर में पानी की कमी, पेट संबंधी समस्याएं और थकान जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में खानपान और दिनचर्या का विशेष ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।
लू से बचना है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां
विशेषज्ञों के अनुसार इस समय ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को ठंडा रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी की पूर्ति करें। वहीं, शरीर की गर्मी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है। सही खानपान अपनाकर गर्मी के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नौतपा में क्या करें और क्या ना करें ?
खाने-पीने में ज्यादा तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन कम लेना चाहिए, क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है। भारी नॉनवेज भोजन जैसे मटन से भी परहेज करना बेहतर माना जाता है। इसकी जगह हल्का भोजन जैसे दाल, हरी सब्जियां और ताजे फल शामिल किए जा सकते हैं।
चाय और कॉफी का अधिक सेवन करने के बजाय पानी, जूस और अन्य तरल पदार्थों को प्राथमिकता देना चाहिए। साथ ही शराब और धूम्रपान से दूरी बनाए रखना बेहतर रहता है।

नौतपा के दौरान इन चीजों को डाइट में करें शामिल
- छाछ और लस्सी
- नारियल पानी
- तरबूज, खरबूजा और खीरा
- नींबू पानी
- दही और हल्का भोजन
- मौसमी फल
- अधिक पानी और ORS

गर्मी से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
इसके अलावा गर्मी से बचाव के लिए हल्के और सूती कपड़े पहनना फायदेमंद माना जाता है। दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि धूप में बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को कपड़े, टोपी या अन्य साधनों से ढककर रखना चाहिए।
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