Uttarakhand
ठंड ने बढ़ाई टेंशन! 15 जनवरी को इस जिले…के सभी स्कूल बंद

Haridwar news: 15 जनवरी को सभी स्कूल बंद, मौसम अलर्ट के बाद डीएम का बड़ा फैसला
मुख्य बिंदु
Haridwar news: उत्तराखंड में बढ़ती ठंड और शीतलहर का असर लगातार तेज होता जा रहा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून ने अगले 7 दिनों के लिए कड़े मौसम अलर्ट जारी किए हैं। इसके मद्देनज़र, हरिद्वार जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। 15 जनवरी 2026 को हरिद्वार जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
कल बंद रहेंगे हरिद्वार में सभी स्कूल (haridwar school closed)
डीएम हरिद्वार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी, अशासकीय तथा सहायता प्राप्त विद्यालय बंद रहेंगे। साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए ठंड एवं कोहरे की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक हो गया।

आदेश का पालन न करने पर होगी सख्त कार्रवाई
वहीं, प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि अवकाश के दौरान ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रखी जा सकती है। इसके अलावा, सभी उप जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, यदि किसी संस्था द्वारा आदेश का उल्लंघन किया गया, तो उसके खिलाफ उत्तराखंड प्रचलन अधिनियम–2005 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि बच्चों को अनावश्यक ठंड में बाहर न निकलने दें। साथ ही, मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन अवश्य करें। इसलिए, अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहना ही सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
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Almora
अल्मोड़ा: क्वैराली गांव में चोरी की वारदात, शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

ALMORA: अल्मोड़ा में चोरी के मामले में राजस्व पुलिस कर रही किनारा, पीड़ित ने प्रशासन को लिख पत्र
अल्मोड़ा (ALMORA): उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के हवालबाग क्षेत्र के क्वैराली गांव में एक घर से चोरी का मामला सामने आया है। जिससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है।
मुख्य बिंदु
अल्मोड़ा में चोरी के मामले में पीड़ित ने प्रशासन से लगाई गुहार
ग्राम क्वैराली निवासी नरेंद्र चौहान ने बताया कि वो 22 नवंबर को किसी रिश्तेदार की शादी समारोह में शामिल होने के लिए गांव से बाहर गए थे। दिसंबर में जब वो वापस लौटे तो घर का ताला टूटा मिला और कीमती सामान चोरी होने के साथ ही घर में तोड़-फोड़ की गई थी।
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राजस्व पुलिस पर तहकीकात न करने का आरोप
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने सबसे पहले क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक को सूचना दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोतवाली अल्मोड़ा से संपर्क किया गया, जहां इसे राजस्व क्षेत्र का मामला बताते हुए जिम्मेदारी से किनारा कर लिया गया।
पीड़ित ने तहसीलदार को पत्र लिख कार्रवाई की मांग की
लगातार प्रयासों के बावजूद सुनवाई न होने पर नरेंद्र चौहान ने तहसीलदार सदर अल्मोड़ा को लिखित शिकायत दी और सीपी ग्राम ऑनलाइन पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि चोरी के इस मामले में जल्द से जल्द जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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big news
उपनल कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, कैबिनेट बैठक में लिया गया बड़ा फैसला, अब मिलेगा…

Uttarakhand News : उत्तराखंड के उपनल कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। सीएम धामी की अध्यक्षता में गुरूवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उपनलकर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है।
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उपनल कर्मचारियों के लिए कैबिनेट बैठक में लिया गया बड़ा फैसला
Uttarakhand के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक बड़ा निर्णय लिया गया है… बैठक में तमाम महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी मुहर लगी है। इसमें मुख्य रूप से उपनल कर्मचारी को लेकर मंत्रिमंडल की बैठक में विस्तृत रूप से चर्चा की गई। इसके साथ ही उपनल कर्मचारी के हक में निर्णय लिया गया है। उपनलकर्मचारियों के समान कार्य समान वेतन पर कैबिनेट की मुहर लगी है।
अब मिलेगा समान कार्य पर समान वेतन
सचिव शैलेश बगोली ने बताया की बैठक में समान कार्य समान वेतन पर सहमति बनी है। जिसका लाभ कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से मिलेगा। उपनल के करीब सात हजार कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन का लाभ मिलेगा। वहीं अब केवल भूतपूर्व सैनिकों के परिजनों को उपनल में नौकरी मिलेगी।

साल 2015 तक के लगे हुए कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
कैबिनेट ने वित्तिय संसाधनों को देखते हुए फैसला लिया कि साल 2015 तक के लगे हुए उपनल कर्मचारियों को शासनादेश जारी होने के बाद तत्काल प्रभाव से सामान कार्य का सामान वेतन निर्धारण कर दिया जाएगा और उनको विभागीय संविदा पर नहीं लिया जाएगा।
FAQs: Uttarakhand News : उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला
Q1. उपनल कर्मचारियों को लेकर कैबिनेट ने क्या बड़ा फैसला लिया है?
कैबिनेट ने उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य–समान वेतन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
Q2. समान कार्य–समान वेतन का लाभ किसे मिलेगा?
उपनल के लगभग 7,000 कर्मचारियों को इस फैसले का लाभ मिलेगा।
Q3. क्या सभी उपनल कर्मचारियों को तुरंत लाभ मिलेगा?
नहीं, यह लाभ कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा।
Q4. किस वर्ष तक नियुक्त कर्मचारियों को तत्काल लाभ मिलेगा?
साल 2015 तक नियुक्त उपनल कर्मचारियों को शासनादेश जारी होने के बाद तत्काल प्रभाव से लाभ मिलेगा।
Q5. क्या इन कर्मचारियों को विभागीय संविदा पर लिया जाएगा?
नहीं, 2015 तक नियुक्त कर्मचारियों को विभागीय संविदा पर नहीं लिया जाएगा।
Q6. उपनल में आगे किन्हें नौकरी मिलेगी?
अब उपनल में केवल भूतपूर्व सैनिकों के परिजनों को ही नौकरी दी जाएगी।
Q7. यह फैसला उपनल कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
इससे कर्मचारियों को वेतन में समानता, आर्थिक राहत और कार्यस्थल पर न्याय सुनिश्चित होगा।
Dehradun
केदारनाथ में खच्चरों के गोबर से बनेगा बायो-ईंधन, होमस्टे योजनाओं में भी किया गया बदलाव
Dehradun: कैबिनेट बैठक में पर्यटन विभाग के अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, स्थानियों को मिलेंगे स्वरोजगार के नए अवसर
मुख्य बिंदु
देहरादून (Dehradun) : बुधवार, 15 जनवरी को उत्तराखंड सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में पर्यटन विभाग से जुड़े दो अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इसके आलावा ब्रिडकुल (उत्तराखंड राज्य अवस्थापना विकास निगम) की भूमिका को भी विस्तार देने का फैसला लिया गया। सरकार के इन निर्णयों को पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धामी कैबिनेट ने होमस्टे नियमावली में बड़ा किया बदलाव
बुधवार को उत्तराखंड सचिवालय में कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली–2026 को स्वीकृति प्रदान की गई। इस नई नियमावली के तहत अब होमस्टे योजना का लाभ केवल उत्तराखंड के स्थायी निवासी ही उठा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और स्थानीय लोगों को सीधे तौर पर स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।
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नई नियमावली से स्थानीय लोगों को मिलेंगे स्वरोजगार के अवसर (Homestay Rule Change Uttarakhand)
दरअसल, अब तक राज्य में पर्यटन व्यवसाय और होमस्टे संचालन के लिए अलग-अलग नियमावलियां लागू थीं। पर्यटन व्यवसाय के लिए उत्तराखंड पर्यटन और यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली–2014 और संशोधन नियमावली–2016 पहले से प्रभावी थीं। जबकि होमस्टे के लिए अतिथि गृह आवास (होम-स्टे) पंजीकरण नियमावली–2015 लागू थी, जिसे समय-समय पर संशोधित किया गया। इन विभिन्न नियमावलियों के चलते पंजीकरण प्रक्रिया में मुश्किल बढ़ रही थी। नई नियमावली के जरिए अब इन सभी व्यवस्थाओं को एकीकृत कर दिया गया है।
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बतया कि
इस संबंध में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों को उनके स्वामित्व वाले परिसरों में स्वावलंबन और स्वरोजगार से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के बाहर के लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा, जिससे स्थानीय हित सुरक्षित रहेंगे।
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केदारनाथ में गोबर से बनेगा पर्यावरण-अनुकूल ईंधन (Kedarnath Biofuel Project)
कैबिनेट बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केदारनाथ धाम में खच्चरों के गोबर से ईंधन पेलेट बनाने के पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। केदारनाथ में श्रद्धालुओं और माल ढुलाई के लिए बड़ी संख्या में खच्चरों का उपयोग होता है, जिससे रास्तों पर गोबर जमा होने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है।
अब इस समस्या के समाधान के तौर पर खच्चर के गोबर और चीड़ की पत्तियों को 50-50 प्रतिशत अनुपात में मिलाकर पर्यावरण-अनुकूल बायोमास पेलेट तैयार किए जाएंगे। ये पायलट प्रोजेक्ट एक वर्ष की अवधि के लिए संचालित किया जाएगा।
ब्रिडकुल के कार्य क्षेत्र का विस्तार
इसके अलावा, सरकार ने उत्तराखंड राज्य अवस्थापना विकास निगम (ब्रिडकुल) के कार्यक्षेत्र को भी बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब ब्रिडकुल रोपवे, ऑटोमेटेड या मैकेनाइज्ड कार पार्किंग, तथा टनल और कैविटी पार्किंग से जुड़े निर्माण कार्य भी कर सकेगा। इसके लिए ब्रिडकुल को राज्य की कार्यदायी संस्थाओं की सूची में शामिल किया गया है।
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