Connect with us

Blog

Kedarkantha Trek vs Brahmatal Trek : आपके लिए कौन सा विंटर ट्रेक सबसे बेहतर है?

Published

on

Kedarkantha Trek vs Brahmatal Trek

Kedarkantha Trek vs Brahmatal Trek

उत्तराखंड की हसीन वादियों में जब सर्दियों की चादर बिछती है, तो हर एडवेंचर प्रेमी के मन में एक ही सवाल होता है— केदारकांठा (Kedarkantha) या ब्रह्मताल (Brahmatal)? दोनों ही ट्रेक अपनी खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं, लेकिन आपकी पसंद और अनुभव के हिसाब से कौन सा ट्रेक “परफेक्ट” है, यह जानना बहुत जरूरी है।

इस ब्लॉग में हम इन दोनों दिग्गज विंटर ट्रेक्स की गहराई से तुलना करेंगे ताकि आप 2026 की अपनी अगली हिमालयी यात्रा का सही फैसला ले सकें।


केदारकांठा ट्रेक (Kedarkantha Trek): विंटर ट्रेकिंग की रानी

केदारकांठा ट्रेक को भारत का सबसे लोकप्रिय विंटर ट्रेक माना जाता है। उत्तरकाशी जिले के गोविंद वन्यजीव अभयारण्य (Govind Wildlife Sanctuary) में स्थित यह ट्रेक अपनी ‘क्लासिक समिट’ (Summit) के लिए जाना जाता है।

मुख्य आकर्षण:

  • 360 डिग्री हिमालयी दृश्य: समिट पर पहुँचते ही आपको स्वर्गारोहिणी, बंदरपूंछ और ब्लैक पीक जैसी चोटियों का अद्भुत नज़ारा मिलता है।
  • जुडा का तालाब (Juda Ka Talab): चीड़ के घने जंगलों के बीच स्थित यह जमी हुई झील किसी सपने जैसी लगती है।
  • शुरुआती लोगों के लिए आसान: अगर आप पहली बार ट्रेकिंग कर रहे हैं, तो यह ट्रेक आपके लिए सबसे सुरक्षित और बेहतरीन अनुभव होगा।
Kedarkantha Trek

ब्रह्मताल ट्रेक (Brahmatal Trek): झीलों और रिज का जादुई सफर

चमोली जिले में स्थित ब्रह्मताल ट्रेक उन लोगों के लिए है जो भीड़भाड़ से दूर शांति और प्राकृतिक सुंदरता की तलाश में हैं। यह ट्रेक अपनी बर्फीली झीलों और लंबी ‘रिज वॉक’ (Ridge Walk) के लिए मशहूर है।

मुख्य आकर्षण:

  • जमी हुई झीलें: यहाँ आपको बेकल ताल और ब्रह्मताल जैसी दो खूबसूरत झीलें देखने को मिलती हैं।
  • त्रिशूल और नंदा घुंटी के नज़ारे: इस ट्रेक के दौरान माउंट त्रिशूल और नंदा घुंटी चोटियाँ इतनी करीब महसूस होती हैं कि लगता है आप उन्हें छू लेंगे।
  • एकांत और शांति: केदारकांठा के मुकाबले यहाँ भीड़ कम होती है, जो इसे फोटोग्राफर्स और शांति पसंद लोगों की पहली पसंद बनाता है।
Brahmataal Trek

Kedarkantha Trek vs Brahmatal Trek : तुलनात्मक तालिका (Comparison Table)

विशेषताकेदारकांठा ट्रेक (Kedarkantha)ब्रह्मताल ट्रेक (Brahmatal)
अधिकतम ऊंचाई12,500 फीट12,250 फीट
कठिनाई स्तरआसान से मध्यम (Beginner Friendly)मध्यम (Moderate)
कुल दूरीलगभग 20 किमीलगभग 24 किमी
समय अवधि5 दिन6 दिन
बेस कैंपसांकरी (Sankri)लोहाजंग (Lohajung)
सबसे अच्छा समयदिसंबर से अप्रैलदिसंबर से मार्च
मुख्य अनुभवसमिट क्लाइम्ब और सनराइजजमी हुई झीलें और रिज वॉक

गहराई से तुलना: आपको क्या चुनना चाहिए?

1. ट्रेक की कठिनाई और शारीरिक क्षमता

केदारकांठा का रास्ता काफी सुगम है और इसमें चढ़ाव धीरे-धीरे आता है। केवल समिट वाले दिन आपको थोड़ी मेहनत करनी पड़ती है। वहीं, ब्रह्मताल में आपको ज्यादा दूरी तय करनी होती है और बर्फीले रास्तों पर चलने के लिए थोड़ी ज्यादा स्टैमिना (Stamina) की जरूरत होती है।

2. दृश्यों का अंतर (Landscapes)

केदारकांठा घने देवदार और ओक के जंगलों से घिरा हुआ है। यहाँ की कैंपिंग साइट्स बहुत जादुई होती हैं। दूसरी ओर, ब्रह्मताल में आप जंगलों से बाहर निकलकर ऊंचे ‘रिज’ (पहाड़ की धार) पर चलते हैं, जहाँ से विशाल हिमालयी पर्वतमालाएं आपके साथ-साथ चलती हैं।

3. भीड़ और माहौल

यदि आप नए लोगों से मिलना और कैंपफायर के साथ रौनक पसंद करते हैं, तो केदारकांठा बेस्ट है। लेकिन अगर आप अपनी तन्हाई और पहाड़ों की खामोशी को महसूस करना चाहते हैं, तो ब्रह्मताल की ओर रुख करें।


जरूरी तैयारी और टिप्स (2026 अपडेट)

  • रजिस्ट्रेशन: उत्तराखंड सरकार के नियमों के अनुसार अपना ऑनलाइन ई-पास और रजिस्ट्रेशन पहले ही करा लें।
  • गियर: विंटर ट्रेक के लिए वाटरप्रूफ ट्रेकिंग शूज, कम से कम 3 लेयर के गर्म कपड़े और माइक्रो-स्पाइक्स (Micro-spikes) साथ रखें।
  • फिटनेस: ट्रेक पर जाने से कम से कम 1 महीना पहले कार्डियो एक्सरसाइज शुरू कर दें।

निष्कर्ष (Final Verdict)

  • केदारकांठा चुनें यदि: आप पहली बार पहाड़ों पर जा रहे हैं और कम समय में एक महान समिट का अनुभव करना चाहते हैं।
  • ब्रह्मताल चुनें यदि: आप पहले एक-दो ट्रेक कर चुके हैं और आपको जमी हुई झीलों और शांत रास्तों से प्यार है।

उत्तराखंड के ये दोनों ही ट्रेक आपको जीवनभर की यादें देंगे। तो आप इस साल कहाँ जा रहे हैं? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं!


आपके पाठकों के मन में केदारकांठा और ब्रह्मताल ट्रेक को लेकर कई सवाल हो सकते हैं। लेख की Google रैंकिंग सुधारने के लिए ये FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) सेक्शन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह Google के “People Also Ask” सेक्शन में आने में मदद करता है।

यहाँ आपके आर्टिकल के लिए सबसे महत्वपूर्ण FAQ दिए गए हैं:


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. केदारकांठा और ब्रह्मताल में से कौन सा ट्रेक शुरुआती (Beginners) के लिए बेहतर है?

उत्तर: केदारकांठा ट्रेक शुरुआती लोगों के लिए थोड़ा बेहतर माना जाता है। इसका रास्ता अच्छी तरह से चिह्नित है और चढ़ाई ब्रह्मताल की तुलना में थोड़ी कम थकाऊ है। हालांकि, अगर आपकी फिटनेस अच्छी है, तो आप ब्रह्मताल से भी अपनी शुरुआत कर सकते हैं।

Q2. क्या इन ट्रेक्स पर जाने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत होती है?

उत्तर: हाँ, उत्तराखंड में उच्च हिमालयी ट्रेक्स के लिए वन विभाग (Forest Department) द्वारा अधिकृत डॉक्टर से हस्ताक्षरित मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य है। इसके बिना आपको बेस कैंप से आगे जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

Q3. क्या सर्दियों में इन झीलों (Juda Ka Talab या Brahmatal) का पानी पीने लायक होता है?

उत्तर: सर्दियों में ये झीलें पूरी तरह जम जाती हैं। ट्रेक के दौरान गाइड बर्फ पिघलाकर पानी तैयार करते हैं या झरनों के बहते पानी का उपयोग करते हैं। हमेशा क्लोरीन टैबलेट या फिल्टर बोतल साथ रखने की सलाह दी जाती है।

Q4. केदारकांठा या ब्रह्मताल ट्रेक के लिए सबसे अच्छा महीना कौन सा है?

उत्तर: यदि आप भारी बर्फबारी देखना चाहते हैं, तो दिसंबर के अंतिम सप्ताह से फरवरी के मध्य तक का समय सबसे अच्छा है। यदि आप खिले हुए बुरांश (Rhododendron) के फूल देखना चाहते हैं, तो मार्च का महीना उत्तम है।

Q5. क्या इन ट्रेक्स पर मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध है?

उत्तर: सांकरी (केदारकांठा बेस) और लोहाजंग (ब्रह्मताल बेस) में BSNL और Jio का नेटवर्क सीमित रूप से मिलता है। लेकिन जैसे ही आप ट्रेक पर ऊपर चढ़ते हैं, नेटवर्क पूरी तरह चला जाता है। अपने परिवार को पहले ही सूचित कर दें कि आप कुछ दिनों के लिए “ऑफ-ग्रिड” रहेंगे।

Q6. क्या मैं बिना गाइड के केदारकांठा या ब्रह्मताल ट्रेक कर सकता हूँ?

उत्तर: सुरक्षा कारणों और स्थानीय नियमों के अनुसार, उत्तराखंड में बिना स्थानीय गाइड के ट्रेकिंग करना अब प्रतिबंधित और असुरक्षित है। स्थानीय गाइड न केवल रास्ता जानते हैं, बल्कि वे मौसम और आपातकालीन स्थिति में आपकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं।


Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Blog

Border 2 में किस किरदार मे नज़र आए दिलजीत दोसांझ जाने उस परमवीर चक्र विजेता की विजय गाथा…

Published

on

nirmal jit singh sekhon

Nirmal Jit Singh Sekhon : परमवीर चक्र विजेता भारतीय वायु सेना का एक मात्र अधिकारी

Nirmal Jit Singh Sekhon: 23 जनवरी 2026 को रिलीज हुई फिल्म Border 2 ने 1971 के भारत-पाक युद्ध से जुड़े कई वीरों की कहानियों को दोबारा सामने रखा। इन्हीं में एक नाम था Nirmal Jit Singh Sekhon, जिनका किरदार फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने निभाया। ये भूमिका सिर्फ एक सैनिक की नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना के अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान की कहानी को दर्शाती है।

Nirmal Jit Singh Sekhon: वायुसेना के इतिहास का विशेष नाम

Nirmal Jit Singh Sekhon भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर तैनात थे। उन्हें अनुशासित, निडर और तेज निर्णय लेने वाले पायलट के रूप में जाना जाता था। देश के लिए उनका योगदान इतना असाधारण रहा कि वे भारतीय वायुसेना के इतिहास में परमवीर चक्र से सम्मानित होने वाले एकमात्र अधिकारी बने।

1971 का युद्ध: जब अकेले आसमान में डट गए सेखों

1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान दिसंबर का महीना चल रहा था। 14 दिसंबर 1971 को श्रीनगर एयरबेस पर अचानक हालात बदल गए। पाकिस्तानी वायुसेना ने हवाई हमले की कोशिश की, जबकि उस समय भारतीय एयरबेस पर सुरक्षा संसाधन बेहद सीमित थे।

ये भी पढ़ें – कौन थे स्वामी विवेकानंद, जानिए सम्पूर्ण जीवन परिचय, शिक्षा Read More……

इसी नाजुक स्थिति में Flying Officer Nirmal Jit Singh Sekhon ने बिना किसी हिचक के अपने Gnat फाइटर जेट को उड़ाने का फैसला लिया। ये फैसला आसान नहीं था। सामने कई दुश्मन विमान थे और समर्थन लगभग ना के बराबर था।

Nirmal Jit Singh ने आसमान में अकेले ही मोर्चा संभाला

सेखों ने पीछे हटने के बजाय आसमान में अकेले ही मोर्चा संभाला। उन्होंने दुश्मन विमानों को श्रीनगर एयरबेस के करीब आने से रोकने की कोशिश की और अंतिम क्षण तक लड़ते रहे। ये मुकाबला किसी रणनीतिक जीत से ज्यादा कर्तव्य और साहस का प्रतीक बन गया।

ये भी पढ़ें – Does God Exist? जावेद अख़्तर कौन हैं, उनके जन्मदिन पर पढ़िए चुनिंदा शेर..

इस संघर्ष में वे वीरगति को प्राप्त हुए, लेकिन उनका यह बलिदान भारतीय सैन्य इतिहास में अमर हो गया। बाद में भारत सरकार ने उनके अद्वितीय साहस को सम्मान देते हुए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र प्रदान किया।

Border 2 में दिलजीत दोसांझ की भूमिका

फिल्म Border 2 में दिलजीत दोसांझ ने Nirmal Jit Singh Sekhon का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने गंभीर और भावनात्मक रूप में देखा। यह भूमिका उनके अब तक के करियर की सबसे अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में गिनी गई।

फिल्म में दिलजीत का किरदार युद्ध के शोर से ज्यादा उस पल के फैसले पर केंद्रित रहा, जब एक पायलट ने जान की परवाह किए बिना अपने एयरबेस और देश की रक्षा को प्राथमिकता दी।

क्यों खास रहा ये किरदार

  • ये किरदार किसी काल्पनिक कहानी पर नहीं, बल्कि वास्तविक इतिहास पर आधारित रहा
  • 1971 युद्ध की हवाई लड़ाई का दुर्लभ चित्रण दिखाया गया
  • भारतीय वायुसेना के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान मिला
  • नई पीढ़ी को एक भूले-बिसरे नायक से परिचय कराया गया

ये भी पढ़ें – कौन है Beatriz Taufenbach : जाने , करियर, निजी जीवन और Toxic मूवी विवाद की पूरी कहानी..

फिल्म और दर्शकों की प्रतिक्रिया

Border 2 के रिलीज के बाद इस किरदार को लेकर खास चर्चा हुई। दर्शकों और समीक्षकों ने माना कि Nirmal Jit Singh Sekhon की कहानी फिल्म का सबसे भावनात्मक और प्रभावशाली हिस्सा रही। दिलजीत दोसांझ के अभिनय को संयमित और सम्मानजनक बताया गया।

nirmal jit singh sekhon

निष्कर्ष

Nirmal Jit Singh Sekhon सिर्फ एक युद्ध नायक नहीं थे, बल्कि वह उदाहरण थे कि संकट के समय एक निर्णय इतिहास बन सकता है। Border 2 के जरिए उनकी कहानी एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श में आई और यह याद दिलाया कि 1971 के युद्ध में सिर्फ ज़मीन पर नहीं, बल्कि आसमान में भी भारत के वीरों ने इतिहास रचा था।

Who was Nirmal Jit Singh Sekhon?

Nirmal Jit Singh Sekhon भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग ऑफिसर थे, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान श्रीनगर एयरबेस की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। वे भारतीय वायुसेना के एकमात्र अधिकारी हैं जिन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

Why is Nirmal Jit Singh Sekhon famous?

Nirmal Jit Singh Sekhon इसलिए प्रसिद्ध हैं क्योंकि उन्होंने 14 दिसंबर 1971 को दुश्मन वायुसेना के कई विमानों का सामना अकेले किया और अंतिम सांस तक लड़ते हुए देश की रक्षा की।

Did Nirmal Jit Singh Sekhon receive the Param Vir Chakra?

Yes. Nirmal Jit Singh Sekhon को उनके अद्वितीय साहस और बलिदान के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

Is Border 2 based on real war stories?

Yes. Border 2 1971 के भारत-पाक युद्ध से जुड़े वास्तविक सैन्य नायकों और उनके बलिदान पर आधारित फिल्म है।

Continue Reading

Blog

नीम करौली बाबा कैंची धाम: इतिहास, महत्व, दूरी और यात्रा गाइड 2026…

Published

on

neem karoli baba kainchi dham

Neem Karoli Baba Kainchi Dham (बाबा नीम करौली महाराज का परिचय)

Nainitaal : नीम करौली बाबा, जिन्हें उनके भक्त प्रेम से महाराज जी कहते हैं, 20वीं सदी के महान संतों में से एक थे। neem karoli baba kainchi dham उनके प्रमुख साधना स्थलों में गिना जाता है। बाबा की ख्याति केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि विदेशों में भी उनके असंख्य अनुयायी बने।
उनकी शिक्षाएं सरल थीं—प्रेम करो, सेवा करो और ईश्वर पर भरोसा रखो। यही वजह है कि आज भी कैंची धाम आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ महसूस होता है।


कैंची धाम का इतिहास

कैंची धाम की स्थापना 1964 में नीम करौली बाबा द्वारा की गई थी। यह स्थान दो पहाड़ियों के बीच कैंची जैसी आकृति में स्थित होने के कारण कैंची धाम कहलाया।
इतिहास पर नजर डालें तो यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक जीवंत आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है। समय के साथ neem karoli baba kainchi dham आस्था, चमत्कार और विश्वास का प्रतीक बन गया।


कैंची धाम का आध्यात्मिक महत्व

कैंची धाम को ध्यान, भक्ति और आत्मिक शांति का केंद्र माना जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि बाबा आज भी इस धाम में अपनी कृपा बरसाते हैं।
यही कारण है कि हर साल लाखों लोग neem karoli baba kainchi dham पहुंचकर मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करते हैं।


मंदिर परिसर और वास्तुकला

कैंची धाम का मंदिर परिसर सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली है। हनुमान जी, राम-सीता और अन्य देवी-देवताओं के मंदिर यहां स्थित हैं।
प्राकृतिक सौंदर्य, पहाड़ों की हरियाली और शांत वातावरण इस स्थान को और भी दिव्य बनाता है।


नीम करौली बाबा की शिक्षाएं

बाबा की शिक्षाएं आज के युग में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। वे कहते थे:

  • प्रेम सबसे बड़ा धर्म है
  • सेवा ही सच्ची साधना है
  • अहंकार को छोड़ो

neem karoli baba kainchi dham इन शिक्षाओं का जीवंत उदाहरण है।


कैंची धाम में प्रमुख उत्सव

15 जून को कैंची धाम स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस दिन भव्य भंडारे और पूजा का आयोजन होता है।
देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस अवसर पर कैंची धाम पहुंचते हैं।


delhi to kainchi dham distance

दिल्ली से कैंची धाम की दूरी लगभग 320 किलोमीटर है।

  • सड़क मार्ग से: 8–9 घंटे
  • ट्रेन + टैक्सी: 7–8 घंटे

दिल्ली से neem karoli baba kainchi dham जाना श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक माना जाता है।


nainital to kainchi dham distance

नैनीताल से कैंची धाम की दूरी करीब 17 किलोमीटर है।

  • टैक्सी से: 40–50 मिनट
  • बस से: 1 घंटा

नैनीताल घूमने आए पर्यटक अक्सर कैंची धाम दर्शन के लिए अवश्य जाते हैं।


kathgodam to kainchi dham distance

काठगोदाम से कैंची धाम की दूरी लगभग 38 किलोमीटर है।

  • टैक्सी: 1.5 घंटे
  • बस: 2 घंटे

काठगोदाम उत्तराखंड का प्रमुख रेलवे स्टेशन है।


kainchi dham nearest railway station

  1. काठगोदाम (38 किमी) – सबसे नजदीकी और सुविधाजनक
  2. हल्द्वानी (40 किमी) – वैकल्पिक स्टेशन
  3. लालकुआं (60 किमी) – सीमित ट्रेनें

इनमें काठगोदाम kainchi dham nearest railway station के रूप में सबसे लोकप्रिय है।


कैंची धाम कैसे पहुंचें

सड़क मार्ग से

दिल्ली, नैनीताल और हल्द्वानी से नियमित बस और टैक्सी उपलब्ध हैं।

रेल मार्ग से

काठगोदाम स्टेशन से टैक्सी द्वारा सीधे neem karoli baba kainchi dham पहुंचा जा सकता है।

हवाई मार्ग से

निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर (लगभग 70 किमी) है।


रहने और खाने की सुविधाएं

कैंची धाम और आसपास आश्रम, गेस्ट हाउस और होटल उपलब्ध हैं।
भोजन के लिए आश्रम में सादा और सात्विक प्रसाद मिलता है।


यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय

मार्च से जून और सितंबर से नवंबर का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।
मानसून में हरियाली तो रहती है, लेकिन सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।


कैंची धाम से जुड़े रोचक तथ्य

  • एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स यहां आ चुके हैं
  • फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग भी बाबा से प्रभावित थे
  • यह स्थान ध्यान के लिए विश्व प्रसिद्ध है

अधिक जानकारी के लिए आप उत्तराखंड पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।


FAQs

1. नीम करौली बाबा कौन थे?

वे एक महान संत और हनुमान जी के अनन्य भक्त थे।

2. कैंची धाम कहां स्थित है?

यह नैनीताल जिले, उत्तराखंड में स्थित है।

3. दिल्ली से कैंची धाम कितनी दूरी है?

लगभग 320 किलोमीटर।

4. कैंची धाम का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन कौन सा है?

काठगोदाम।

5. क्या कैंची धाम में ठहरने की सुविधा है?

हां, आश्रम और होटल उपलब्ध हैं।

6. कैंची धाम जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

मार्च से जून और सितंबर से नवंबर।


निष्कर्ष

neem karoli baba kainchi dham केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, प्रेम और शांति का केंद्र है। यहां आकर व्यक्ति न केवल आध्यात्मिक रूप से जुड़ता है, बल्कि जीवन को एक नई दृष्टि से देखने लगता है। अगर आप मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की तलाश में हैं, तो कैंची धाम की यात्रा जरूर करें।


Continue Reading

Trending

Does God Exist? जावेद अख़्तर कौन हैं, उनके जन्मदिन पर पढ़िए चुनिंदा शेर..

Published

on

Javed Akhtar birthday

Javed Akhtar Birthday: शब्दों का जादूगर, विचारों का योद्धा और भारतीय सिनेमा की जीवित विरासत

Javed Akhtar Birthday: जावेद अख़्तर केवल एक नाम नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा, साहित्य और विचारधारा का एक ऐसा अध्याय हैं, जिसने दशकों तक समाज को शब्द, सोच और साहस दिया। 17 जनवरी 1945 को ग्वालियर में जन्मे जावेद अख्तर आज हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली पटकथा लेखक, गीतकार, कवि और निर्भीक विचारक के रूप में जाने जाते हैं।

Javed Akhtar on Does God Exist

आज जावेद अख़्तर का 81 वां जन्म दिन है। वर्तमान समय में शायद ही ऐसा कोई होगा जो जावेद अख्तर को न जनता होगा। अगर आप उन्हें नहीं भी जानते हो फिर भी उनके गाने या शायरी कभी न कभी सोशल मीडिया की फीड से आपकी जुबान तक जरूर पहुंचे होंगे। हाल ही में लल्लनटॉप के मंच पर”क्या ईश्वर है” चर्चा के बाद तो जावेद अख्तर का नाम डिजिटल युग के छोटे-बड़े हर इंसान की जुबान पर था। जावेद अख्तर और मुफ़्ती शामाइल के बीच चली इस बहस ने उनके तर्कों पर हर किसी को सोचने के लिए मजबूर कर दिया।

साहित्यिक विरासत से सिनेमा तक का सफर

जावेद अख्तर को शब्द विरासत में मिले। उनके पिता जान निसार अख्तर उर्दू के प्रतिष्ठित कवि और गीतकार थे, जबकि उनके दादा और परदादा भी साहित्य और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े रहे। बचपन लखनऊ में बीता, जहाँ तहज़ीब और शायरी ने उनके व्यक्तित्व को गढ़ा। भोपाल के सैफिया कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे सपनों की नगरी मुंबई पहुँचे—जेब खाली थी, लेकिन हौसले बेहिसाब।

सलीम-जावेद: जिसने हिंदी सिनेमा की दिशा बदल दी

1970 के दशक में जावेद अख्तर की किस्मत तब बदली जब उनकी जोड़ी सलीम खान के साथ बनी। सलीम-जावेद नाम की इस ऐतिहासिक जोड़ी ने हिंदी फिल्मों को नया नायक दिया—Angry young men”।

ज़ंजीर, दीवार, शोले, डॉन, त्रिशूल और शक्ति जैसी फिल्मों ने न केवल बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि समाज के गुस्से, संघर्ष और आत्मसम्मान को परदे पर उतार दिया। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले ऐसे पटकथा लेखक बने जिन्हें स्टारडम मिला।

गीतों में संवेदना, शब्दों में क्रांति (Songs, shayari of javed akhtar)

1980 के दशक में जोड़ी के टूटने के बाद जावेद अख्तर ने गीत लेखन को अपना मुख्य माध्यम बनाया। उनके गीत मनोरंजन से कहीं आगे जाकर संवेदना, सामाजिक चेतना और मानवीय भावनाओं की आवाज़ बने।

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा”,
संदेशे आते हैं”,
कल हो ना हो”,
मितवा”,
तेरे लिए
जैसे गीत आज भी पीढ़ियों के दिलों में बसे हैं।

बेबाक विचारक और सामाजिक हस्तक्षेप

जावेद अख्तर सिर्फ कलाकार नहीं, बल्कि एक निर्भीक सार्वजनिक बुद्धिजीवी हैं। वे खुलकर धर्मनिरपेक्षता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, तर्कवाद और लैंगिक समानता की वकालत करते रहे हैं। स्वयं को “सभी धर्मों के प्रति समान अवसर वाला नास्तिक” बताने वाले अख्तर ने सामाजिक पाखंड पर हमेशा सवाल उठाए।

2010 से 2016 तक वे राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी रहे और संसद में कला व संस्कृति की सशक्त आवाज बने।

पुरस्कार और सम्मान

जावेद अख्तर को मिले सम्मान उनकी बहुआयामी प्रतिभा का प्रमाण हैं:

  • पद्म श्री (1999)
  • पद्म भूषण (2007)
  • साहित्य अकादमी पुरस्कार (2013)
  • रिचर्ड डॉकिन्स अवॉर्ड (2020) – पाने वाले पहले भारतीय
  • 5 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
  • 16 फिल्मफेयर पुरस्कार

निजी जीवन: कला का पारिवारिक वृक्ष

जावेद अख्तर की पहली शादी हनी ईरानी से हुई, जिनसे उनके दो बच्चे—फरहान अख्तर और जोया अख्तर—हुए, जो आज खुद सिनेमा के बड़े नाम हैं। बाद में उन्होंने अभिनेत्री शबाना आज़मी से विवाह किया। यह परिवार भारतीय सिनेमा का एक रचनात्मक स्तंभ माना जाता है।

आज भी प्रासंगिक

2024 में आई अमेज़न प्राइम की डॉक्यूमेंट्री ‘Angry Young Men’ ने एक बार फिर सलीम-जावेद की विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ा। वहीं 2025 में “क्या ईश्वर का अस्तित्व है?” विषय पर हुई बहस में जावेद अख्तर की तार्किक दृष्टि ने वैश्विक ध्यान खींचा।

जावेद अख्तर के जन्मदिन पर पढ़िए उनके लिखे चुनिंदा शेर

जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता
मुझे  पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता

गलत बातों को ख़ामोशी से सुनना हामी भर लेना
बहुत हैं फ़ाएदे इस में मगर अच्छा नहीं लगता

नेकी इक दिन काम आती है हम को क्या समझाते हो
हम ने बे-बस मरते देखे कैसे प्यारे प्यारे लोग

हमको तो बस तलाश नए रास्तों की है,

हम हैं मुसाफिर ऐसे जो मंजिल से आए हैं

इस शहर में जीने के अंदाज निराले हैं

होठों पे लतीफ़े हैं आवाज में छाले हैं

मैं पा सका न कभी इस खलिश से छुटकारा

वह मुझसे जीत भी सकता था जाने क्यों हारा

अगर लहरों को है दरिया में रहना

तो उनको होगा चुपचाप अब बहना

तुम ये कहते हो कि मैं ग़ैर हूं फिर भी शायद

निकल आए कोई पहचान ज़रा देख तो लो

तब हम दोनों वक्त चुरा कर लाते थे

अब मिलते हैं जब भी फुर्सत होती है

जावेद अख्तर कौन हैं?

जावेद अख्तर भारत के प्रसिद्ध कवि, गीतकार और पटकथा लेखक हैं। वे हिंदी सिनेमा और आधुनिक उर्दू शायरी में अपने गहरे विचारों और प्रभावशाली लेखन के लिए जाने जाते

जावेद अख्तर क्यों प्रसिद्ध हैं?

जावेद अख्तर अपनी अर्थपूर्ण गीत रचनाओं, प्रगतिशील सोच और सामाजिक मुद्दों पर बेबाक विचारों के कारण प्रसिद्ध हैं।

Famous Books of Javed Akhtar

जावेद अख्तर की प्रमुख पुस्तकें हैं:
तरकश
लावा
टॉकिंग सॉन्ग्स

Javed Akhtar birthday date

17 january 1945, ग्वालियर

जावेद अख्तर को कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?

जावेद अख्तर को:पद्म श्रीपद्म भूषणराष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारकई फिल्मफेयर पुरस्कारमिल चुके हैं।

Does God exist (क्या ईश्वर है) ?

हाल ही में जावेद अख्तर और मुफ़्ती शमाइल के बीच हुई बहस से जावेद काफी चर्चाओं में आए।

mufti shamail कौन है?

मुफ़्ती शमाइल नदवी एक भारतीय इस्लामी विद्वान हैं, जो जावेद अख़्तर के साथ “क्या ईश्वर है?” विषय पर हुई बहस के लिए चर्चा में आए।

क्या जावेद अख्तर नास्तिक हैं

हां जावेद अख्तर नास्तिक हैं

Read more….

कौन थे स्वामी विवेकानंद, जानिए सम्पूर्ण जीवन परिचय, शिक्षा Read More……

माँ पूर्णागिरि मंदिर : इतिहास, महत्व, यात्रा मार्ग और दर्शन गाइड – संपूर्ण जानकारी 2026

कौन है अमन राव ? जिसने शामी , आकाश दीप जैसे गेंदबाज़ों के सामने ठोक दिया दोहरा शतक”

Continue Reading
Advertisement
roorkee parents dispute after children fight
Roorkee26 minutes ago

Roorkee: बच्चों के आपसी विवाद में भिड़े परिजन, बढ़ते विवाद के बीच पुलिस ने किया लाठीचार्ज

South Africa vs Afghanistan
Cricket29 minutes ago

South Africa vs Afghanistan : सांस रोक देने वाला महामुकाबला, आखिरी ओवर के ड्रामे के बाद हुए दो सुपर ओवर, अफ्रीका को मिली 4 रनों से जीत…

roorkee news
Roorkee33 minutes ago

तीसरी बार धंसा रुड़की बाईपास पर बना फ्लाईओवर, निर्माण कार्य को लेकर उठ रहे सवाल, जनता में आक्रोश

Kedarkantha Trek vs Brahmatal Trek
Blog3 hours ago

Kedarkantha Trek vs Brahmatal Trek : आपके लिए कौन सा विंटर ट्रेक सबसे बेहतर है?

Pithoaragrh News
Pithoragarh3 hours ago

पिथौरागढ़ में डीएम ने सुनी जनता की समस्याएं, जल जीवन मिशन में ढिलाई पर अधिकारियों को लगाई फटकार

Dhami cabinet
Breakingnews3 hours ago

धामी कैबिनेट की अहम बैठक समाप्त, मीटिंग में लिए गए छह बड़े फैसले, यहां पढ़ें

dehradun crime news
Dehradun4 hours ago

बड़ी खबर..दिन दहाड़े देहरादून में चली गोली, एक युवक की मौत

ENG vs WI Dream11 Prediction
Cricket5 hours ago

ENG vs WI Dream11 Prediction: सुपरहिट 11 टिप्स जो बनाएंगे आपको विजेता..

Rudrapur dead body found
Udham Singh Nagar5 hours ago

Rudrapur: बिंदुखेड़ा में पेड़ से लटका मिला युवक का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

Vande Mataram in Hindi
big news5 hours ago

मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला!, सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ गाना हुआ अनिवार्य

Aus vs Ireland Dream11 Prediction
Cricket10 hours ago

Aus vs Ireland Dream11 Prediction : जाने संभावित प्लेइंग 11 और फैंटेसी टीम टिप्स…

SA vs AFG Dream11 Prediction
Cricket14 hours ago

SA vs AFG Dream11 Prediction: पढ़िये मैच प्रीव्यू, पिच रिपोर्ट और फैंटेसी टीम टिप्स..

uttarkashi
Accident21 hours ago

Uttarkashi: गंगोत्री हाईवे पर बीआरओ का ओवरलोड ट्रक खाई में गिरा, चालक की मौत

Uttarakhand News
Uttarakhand22 hours ago

उत्तराखंड के एक दर्जन प्राथमिक विद्यालयों का होगा पुनर्निर्माण, मरम्मत व निर्माण कार्य के लिए 568 लाख मंजूर

Dehradun
Dehradun23 hours ago

देहरादून : सीएम धामी ने मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का किया शुभारंभ

Aus vs Ireland Dream11 Prediction
Cricket10 hours ago

Aus vs Ireland Dream11 Prediction : जाने संभावित प्लेइंग 11 और फैंटेसी टीम टिप्स…

dehradun crime news
Dehradun4 hours ago

बड़ी खबर..दिन दहाड़े देहरादून में चली गोली, एक युवक की मौत

rudraprayg woman dies after fallen from hill rampur
Rudraprayag24 hours ago

Rudraprayag: रामपुर न्याल्सू गाँव में पहाड़ी से गिरी महिला, हादसे में गंवाई जान

Haridwar News
Haridwar23 hours ago

महाशिवरात्रि से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग निरीक्षण अभियान तेज, कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी

Vande Mataram in Hindi
big news5 hours ago

मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला!, सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ गाना हुआ अनिवार्य

ENG vs WI Dream11 Prediction
Cricket5 hours ago

ENG vs WI Dream11 Prediction: सुपरहिट 11 टिप्स जो बनाएंगे आपको विजेता..

Dehradun
Dehradun23 hours ago

देहरादून : सीएम धामी ने मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का किया शुभारंभ

Rudrapur dead body found
Udham Singh Nagar5 hours ago

Rudrapur: बिंदुखेड़ा में पेड़ से लटका मिला युवक का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

Uttarakhand News
Uttarakhand22 hours ago

उत्तराखंड के एक दर्जन प्राथमिक विद्यालयों का होगा पुनर्निर्माण, मरम्मत व निर्माण कार्य के लिए 568 लाख मंजूर

roorkee news
Roorkee33 minutes ago

तीसरी बार धंसा रुड़की बाईपास पर बना फ्लाईओवर, निर्माण कार्य को लेकर उठ रहे सवाल, जनता में आक्रोश

SA vs AFG Dream11 Prediction
Cricket14 hours ago

SA vs AFG Dream11 Prediction: पढ़िये मैच प्रीव्यू, पिच रिपोर्ट और फैंटेसी टीम टिप्स..

Pithoaragrh News
Pithoragarh3 hours ago

पिथौरागढ़ में डीएम ने सुनी जनता की समस्याएं, जल जीवन मिशन में ढिलाई पर अधिकारियों को लगाई फटकार

uttarkashi
Accident21 hours ago

Uttarkashi: गंगोत्री हाईवे पर बीआरओ का ओवरलोड ट्रक खाई में गिरा, चालक की मौत

Dhami cabinet
Breakingnews3 hours ago

धामी कैबिनेट की अहम बैठक समाप्त, मीटिंग में लिए गए छह बड़े फैसले, यहां पढ़ें

South Africa vs Afghanistan
Cricket29 minutes ago

South Africa vs Afghanistan : सांस रोक देने वाला महामुकाबला, आखिरी ओवर के ड्रामे के बाद हुए दो सुपर ओवर, अफ्रीका को मिली 4 रनों से जीत…

Breakingnews9 months ago

रामनगर: क़ब्रिस्तान की ज़मीन को लेकर विवाद, दफनाने से पहले उठा बवाल |

Breakingnews9 months ago

हरिद्वार: गंगा घाट किनारे पेड़ पर लिपटा मिला अजगर, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

Breakingnews9 months ago

हरिद्वार में बीजेपी नेता की दबंगई कैमरे में कैद, अफसर पर बरसे अपशब्द, चुप्पी पर उठे सवाल

Breakingnews9 months ago

“सासाराम की मुस्लिम महिलाओं ने रचाया मेहंदी से ‘ऑपरेशन सिन्दूर’, पीएम मोदी के स्वागत में गूंजा एकता का संदेश|

Breakingnews9 months ago

भदोही में खाकी शर्मसार: रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिसकर्मी, वीडियो वायरल |

Breakingnews9 months ago

“चकराता के टाइगर फॉल में प्रकृति का कहर — भारी पेड़ और पत्थरों के गिरने से 2 की मौके पर मौत, कई घायल |

Breakingnews9 months ago

मेरठ में महिला के साथ सड़क पर अश्लील हरकत करने वाला युवक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की गिरफ्त में |

Breakingnews9 months ago

वायरल-होने-का-शौक-पड़ा-भारी-—-देहरादून-पुलिस-ने-स्टंटबाज़-युवती-पर-की-चालानी-कार्रवाई |

Breakingnews9 months ago

ब्रेकिंग न्यूज़ | चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के हापला बाजार में उद्यान विभाग के कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

Nainital9 months ago

नैनीताल: राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किए मां नैना देवी के दर्शन, प्रदेश की सुख-शांति की कामना की….

Crime1 year ago

खेत की मेढ़ काटने को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष का वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल….

Dehradun1 year ago

उत्तराखंड: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और डीजीपी अभिनव कुमार आमने-सामने, त्रिवेंद्र ने आखिर क्यों DGP को दी हद में रहने की सलाह ?

Dehradun1 year ago

VIDEO: सुबह मॉर्निंग वॉक पर हाइवे पर निकला हाथी, पूर्व सैनिक घयाल, अस्पताल में भर्ती

Madhya Pradesh1 year ago

शिक्षक दिवस के अवसर पर इस शराबी शिक्षक का वीडियो सोशल मिडिया पर जमकर हो रहा वायरल !

Crime1 year ago

VIDEO: महिला की शिकायत पर हुआ नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज, दुष्कर्म का आरोप।

Advertisement
Breakingnews9 months ago

रामनगर: क़ब्रिस्तान की ज़मीन को लेकर विवाद, दफनाने से पहले उठा बवाल |

Breakingnews9 months ago

हरिद्वार: गंगा घाट किनारे पेड़ पर लिपटा मिला अजगर, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

Breakingnews9 months ago

हरिद्वार में बीजेपी नेता की दबंगई कैमरे में कैद, अफसर पर बरसे अपशब्द, चुप्पी पर उठे सवाल

Breakingnews9 months ago

“सासाराम की मुस्लिम महिलाओं ने रचाया मेहंदी से ‘ऑपरेशन सिन्दूर’, पीएम मोदी के स्वागत में गूंजा एकता का संदेश|

Breakingnews9 months ago

भदोही में खाकी शर्मसार: रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिसकर्मी, वीडियो वायरल |

Breakingnews9 months ago

“चकराता के टाइगर फॉल में प्रकृति का कहर — भारी पेड़ और पत्थरों के गिरने से 2 की मौके पर मौत, कई घायल |

Breakingnews9 months ago

मेरठ में महिला के साथ सड़क पर अश्लील हरकत करने वाला युवक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की गिरफ्त में |

Breakingnews9 months ago

वायरल-होने-का-शौक-पड़ा-भारी-—-देहरादून-पुलिस-ने-स्टंटबाज़-युवती-पर-की-चालानी-कार्रवाई |

Breakingnews9 months ago

ब्रेकिंग न्यूज़ | चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के हापला बाजार में उद्यान विभाग के कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

Nainital9 months ago

नैनीताल: राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किए मां नैना देवी के दर्शन, प्रदेश की सुख-शांति की कामना की….

Crime1 year ago

खेत की मेढ़ काटने को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष का वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल….

Dehradun1 year ago

उत्तराखंड: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और डीजीपी अभिनव कुमार आमने-सामने, त्रिवेंद्र ने आखिर क्यों DGP को दी हद में रहने की सलाह ?

Dehradun1 year ago

VIDEO: सुबह मॉर्निंग वॉक पर हाइवे पर निकला हाथी, पूर्व सैनिक घयाल, अस्पताल में भर्ती

Madhya Pradesh1 year ago

शिक्षक दिवस के अवसर पर इस शराबी शिक्षक का वीडियो सोशल मिडिया पर जमकर हो रहा वायरल !

Crime1 year ago

VIDEO: महिला की शिकायत पर हुआ नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज, दुष्कर्म का आरोप।

Dehradun9 months ago

देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े का किया भव्य स्वागत…

Breakingnews9 months ago

ब्रेकिंग न्यूज़ देहरादून: आईपीएस रचिता जुयाल ने निजी कारणों से दिया इस्तीफा…

Crime9 months ago

हल्द्वानी: बनभूलपुरा क्षेत्र में युवक की पत्थर से कुचलकर हत्या, एक हिरासत में…

Dehradun9 months ago

देहरादून में स्मार्ट ऑटोमेटेड पार्किंग का कार्य अंतिम चरण में, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत…

Chamoli9 months ago

श्रद्धालुओं को ठगने बद्रीनाथ पहुंचा मोबाइल माफिया गैंग , पुलिस ने 6 को रंगे हाथों पकड़ा…

Crime9 months ago

कारोबारी को सेल्समैन ने लगाया 9 लाख से ज्यादा का चूना, फर्जी पेमेंट बुक से की ठगी, मुकदमा दर्ज…

Rudraprayag9 months ago

रुद्रप्रयाग: जखोली में फिर गुलदार का कहर, महिला की मौत से दहशत, वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश….

Dehradun9 months ago

देहरादून समेत उत्तराखंड के कई जिलों में आज भी बारिश, मौसम विभाग ने येलो अलर्ट किया जारी….

Dehradun9 months ago

अंकिता भंडारी हत्याकांड में इंसाफ की जीत, धामी सरकार की सख्ती से टूटा रसूखदारों का गुरूर…

Dehradun9 months ago

ऋषिकेश रेंज के जंगल में पत्ते लेने गए युवकों पर बाघ का हमला, एक की मौत, दूसरा घायल….

Dehradun9 months ago

राजभवन नैनीताल में मनाया गया गोवा स्थापना दिवस, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत का दिया संदेश….

Dehradun9 months ago

उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों के लिए बनेगा विशेष ट्रेनिंग सेंटर: मुख्यमंत्री धामी

Rudraprayag9 months ago

केदारनाथ धाम यात्रा: सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद केदारनाथ यात्रा मार्ग पर नहीं होगा घोड़े-खच्चरों का संचालन….

Nainital9 months ago

20वें गवर्नर्स कप गोल्फ टूर्नामेंट का राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया उद्घाटन, पहले दिन 70 गोल्फरों ने लिया भाग…

Crime9 months ago

अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा, कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला…

Breakingnews9 months ago

रामनगर: क़ब्रिस्तान की ज़मीन को लेकर विवाद, दफनाने से पहले उठा बवाल |

Breakingnews9 months ago

हरिद्वार: गंगा घाट किनारे पेड़ पर लिपटा मिला अजगर, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

Breakingnews9 months ago

हरिद्वार में बीजेपी नेता की दबंगई कैमरे में कैद, अफसर पर बरसे अपशब्द, चुप्पी पर उठे सवाल

Breakingnews9 months ago

“सासाराम की मुस्लिम महिलाओं ने रचाया मेहंदी से ‘ऑपरेशन सिन्दूर’, पीएम मोदी के स्वागत में गूंजा एकता का संदेश|

Breakingnews9 months ago

भदोही में खाकी शर्मसार: रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिसकर्मी, वीडियो वायरल |

Breakingnews9 months ago

“चकराता के टाइगर फॉल में प्रकृति का कहर — भारी पेड़ और पत्थरों के गिरने से 2 की मौके पर मौत, कई घायल |

Breakingnews9 months ago

मेरठ में महिला के साथ सड़क पर अश्लील हरकत करने वाला युवक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की गिरफ्त में |

Breakingnews9 months ago

वायरल-होने-का-शौक-पड़ा-भारी-—-देहरादून-पुलिस-ने-स्टंटबाज़-युवती-पर-की-चालानी-कार्रवाई |

Breakingnews9 months ago

ब्रेकिंग न्यूज़ | चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के हापला बाजार में उद्यान विभाग के कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

Nainital9 months ago

नैनीताल: राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किए मां नैना देवी के दर्शन, प्रदेश की सुख-शांति की कामना की….

Crime1 year ago

खेत की मेढ़ काटने को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष का वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल….

Dehradun1 year ago

उत्तराखंड: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और डीजीपी अभिनव कुमार आमने-सामने, त्रिवेंद्र ने आखिर क्यों DGP को दी हद में रहने की सलाह ?

Dehradun1 year ago

VIDEO: सुबह मॉर्निंग वॉक पर हाइवे पर निकला हाथी, पूर्व सैनिक घयाल, अस्पताल में भर्ती

Madhya Pradesh1 year ago

शिक्षक दिवस के अवसर पर इस शराबी शिक्षक का वीडियो सोशल मिडिया पर जमकर हो रहा वायरल !

Crime1 year ago

VIDEO: महिला की शिकायत पर हुआ नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज, दुष्कर्म का आरोप।

Advertisement
Advertisement

Trending