Jammu & Kashmir
पाकिस्तान की नापाक हरकतें: पुंछ में भारतीय चौकियों पर गोलाबारी, सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब…

पुंछ/जम्मू कश्मीर: पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। रविवार दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने पुंछ के दिगवार दलान सेक्टर में भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर गोलाबारी की। पाकिस्तान ने सुबह 11:35 बजे नूरकोट और नक्करकोट में भारतीय अग्रिम चौकियों पर स्नाइपर राइफलों से गोलियां दागीं।
इस पर भारतीय सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए करीब 10 मिनट तक पाकिस्तानी चौकियों पर गोलियां बरसाईं, जिससे सीमा पार से गोलीबारी रुक गई। हालांकि, सेना ने गोलीबारी के बाद कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने इसे पाकिस्तान से होने वाली गोलीबारी के रूप में पहचाना है।
सूत्रों के अनुसार, पिछले 15 दिनों में पाकिस्तान ने नौ बार नापाक हरकतों को अंजाम दिया है। इस दौरान सेना के कैप्टन और नायक बलिदान हुए, साथ ही तीन जवान घायल हुए। सेना ने हर बार मुंहतोड़ जवाब देकर दुश्मन की चौकियों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
वहीं, रविवार को पुंछ जिले के उप जिला मेंढर में सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। सेना, पुलिस, एसओजी और सीआरपीएफ ने बैरीरख, गुस्साई, मूरी और जड़ांवाली गली क्षेत्र को खंगाला। गांव, खेत-खलिहान, नालों और जंगलों में तलाशी ली गई, क्योंकि पाकिस्तान द्वारा कई बार गोलीबारी और आतंकियों के घुसपैठ के प्रयास किए गए हैं।
#Pakistanceasefireviolation, #Poonchsectorfiring, #IndianArmy response, #Bordertensions, #Counterterrorismoperations
Jammu & Kashmir
Srinagar CRPF Bunker Accident: सीआरपीएफ का बुलेट प्रूफ वाहन दुर्घटनाग्रस्त, 7 जवान घायल

श्रीनगर में सीआरपीएफ का बंकर वाहन हादसे का शिकार
Srinagar CRPF Bunker Accident: अहमद नगर इलाके में सीआरपीएफ जवानों को ले जा रहा एक बंकर वाहन सड़क से फिसलकर नहर में गिर गया, जिससे सात जवान घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
मुख्य बिंदु
CRPF का बंकर वाहन दुर्घटनाग्रस्त, घायल अस्पताल में भर्ती
मिली जानकारी के मुताबिक, सीआरपीएफ की 21वीं बटालियन का बुलेटप्रूफ वाहन रेगुलर ड्यूटी पर था। अहमद नगर क्षेत्र में पहुंचते ही चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। इसके परिणामस्वरूप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बह रही नहर में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सड़क की स्थिति और वाहन की रफ्तार हादसे की वजह हो सकती है।
ये भी पढ़ें _ सीमा की शेरनी बनीं नेहा भंडारी, ऑपरेशन सिंदूर में निभाई बड़ी भूमिका, सेना ने किया सम्मानित…
स्थानीय लोगों की मदद से चलाया गया राहत बचाव अभियान
इसी बीच, हादसे को देख आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बिना देरी किए बचाव कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे जवानों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को इलाज के लिए शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) सौरा भेजा गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।
Srinagar CRPF Bunker Accident सेना और प्रशासन की टीमें कर रही घटना की जाँच
वहीं दूसरी ओर, प्रशासन ने घटना की जांच शुरू करने की बात कही है। प्रारंभिक तौर पर हादसे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, इसलिए तकनीकी खराबी, चालक की चूक या अन्य संभावित कारणों की जांच की जाएगी। फिलहाल सभी घायल जवानों की हालत स्थिर बताई जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
ये भी पढ़ें _ Army Bus Palti: जोशीमठ से रायवाला जा रही जवानों की बस सड़क पर पलटी
Jammu & Kashmir
रामबन में बादल फटा: 3 की मौत, 5 लापता; रेल सेवाएं ठप, वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन की जांच शुरू

रामबन में बादल फटा: 3 की मौत, 5 लापता; राहत-बचाव अभियान जारी
रामबन / जम्मू / कटरा: जम्मू- कश्मीर का पहाड़ी इलाका एक बार फिर प्रकृति के प्रकोप की चपेट में आ गया है। रामबन ज़िले की राजगढ़ तहसील में शनिवार तड़के अचानक बादल फटने की घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पांच अन्य लोग लापता हैं।
प्रशासन और राहत टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं, बचाव कार्य जारी है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि घटना के बाद से आसपास का इलाका बाढ़ की चपेट में है, जिससे घरों और संपत्तियों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। लोगों के घर उजड़ गए, गांव खामोश हो गए
राजगढ़ की तंग गलियों में अब सिर्फ मलबा और मायूसी पसरी है। तीन शव मलबे से निकाले जा चुके हैं, और लापता लोगों की तलाश जारी है। पीड़ितों के परिवारों को फौरी राहत देने के लिए प्रशासन जुटा है, लेकिन दुर्गम रास्ते और लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रहे हैं।
जम्मू क्षेत्र में रेल सेवाएं ठप, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
बादल फटने और भारी बारिश का असर रेल यातायात पर भी बुरी तरह पड़ा है। जम्मू-कटरा और उधमपुर तक रेल सेवाएं पूरी तरह बंद हैं, और अब तक 46 ट्रेनों को रद्द किया जा चुका है।
रेलवे के पीआरओ के अनुसार, कठुआ और उधमपुर के बीच ट्रैक कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे यातायात बहाल करने में समय लगेगा। कुछ ट्रेनें बीच रास्ते से शुरू या खत्म की जा रही हैं, जिससे यात्री असमंजस में हैं। इससे पहले, 29 अगस्त को भी 40 ट्रेनें रद्द की गई थीं।
वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर त्रासदी, जांच के लिए समिति गठित
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन की जांच के आदेश दे दिए हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई है, जिसकी अध्यक्षता जल शक्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव करेंगे। समिति को दो हफ्ते में रिपोर्ट सौंपनी है।
गौरतलब है कि मंगलवार को त्रिकुटा पहाड़ियों पर हुए भूस्खलन में 34 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक घायल हुए थे। यह हादसा श्रद्धालुओं के लिए न केवल एक भावनात्मक आघात है, बल्कि यात्रा सुरक्षा पर भी गहरे सवाल खड़े करता है।
अभी और बरसेगा कहर?
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहेगी, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। राज्य प्रशासन ने जनता से अपील की है कि जरूरी न हो तो यात्रा से बचें, खासकर पहाड़ी इलाकों की ओर।
Jammu & Kashmir
कटड़ा में भारी बारिश बनी काल, अर्धकुंवारी के पास भूस्खलन से 8 श्रद्धालुओं की मौत, 20 घायल

जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के कटड़ा में मंगलवार को भारी बारिश के कारण माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा हो गया। अर्धकुंवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास दोपहर लगभग 3 बजे भूस्खलन हुआ, जिसमें अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए हैं।
भूस्खलन के चलते तीन पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं और यात्रियों को ले जा रही कई टीमों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया है। हादसे की जानकारी मिलते ही श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से आधिकारिक सूचना जारी की और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
राहत-बचाव कार्य जारी, NDRF और प्रशासन अलर्ट मोड में
घटना के तुरंत बाद रियासी पुलिस, प्रशासन, और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका है, इसलिए बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
हिमकोटी ट्रेक मार्ग पहले ही बंद था, अब पुराना मार्ग भी बंद
बारिश के चलते हिमकोटी ट्रेक मार्ग को पहले से ही मंगलवार सुबह बंद कर दिया गया था। दोपहर 1:30 बजे तक पुराना मार्ग चालू था, लेकिन लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए अधिकारियों ने वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से पूरी तरह से स्थगित कर दिया।
भूस्खलन त्रिकुटा पहाड़ी के मध्य भाग में हुआ
यह हादसा माता वैष्णो देवी मंदिर तक जाने वाले करीब 12 किलोमीटर के पैदल मार्ग के बीच हिस्से में हुआ, जो तीखी चढ़ाई और संकरे रास्तों के कारण पहले से ही संवेदनशील माना जाता है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम सामान्य होने और मार्ग की मरम्मत पूरी होने तक यात्रा पर न जाएं। श्राइन बोर्ड सभी घायल यात्रियों को उचित इलाज और हरसंभव मदद मुहैया करा रहा है।
Accident20 hours agoDehradun Accident News Today: देहरादून में दर्दनाक सड़क हादसा, सिटी बस ने 5 लोगों को कुचला
Cricket18 hours agoSuryansh Shedge कौन हैं? जानिए टीम इंडिया के नए ऑलराउंडर की पूरी कहानी
Business21 hours agoAdvit Jewels Ltd IPO: संपूर्ण विश्लेषण, जीएमपी, वित्तीय स्थिति और क्या आपको निवेश करना चाहिए?
Uttarakhand17 hours agoउत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: मानसून के खतरे को देखते हुए 1 जुलाई से मिलेगा 3 महीने का राशन!
Business21 hours agoCSM Technologies IPO: डेट, प्राइस बैंड, फाइनेंशियल और पूरी एनालिसिस
Uttarakhand20 hours agoमुख्यमंत्री के अपर सचिव मैनाली ने किया कोलीढेक झील का निरीक्षण , विकास कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का लिया जायजा….
Uttarakhand17 hours agoकर्णप्रयाग और नगरासू प्रकरण की निष्पक्ष जांच जारी, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: सीएम धामी
Uttarakhand16 hours agoउत्तराखंड में फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देश , सभी प्रमुख संस्थानों का कराया जाएगा व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट..






































