Dehradun
CM धामी का ‘Operation Kaalnemi’ बना फर्जी बाबाओं का काल! सोशल मीडिया पर जमकर मिला समर्थन

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शुरू किया गया “Operation Kaalnemi” अब राज्य की सीमाओं से निकलकर देशव्यापी चर्चा का विषय बन चुका है। धार्मिक चोगा पहनकर आम लोगों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले फर्जी बाबाओं और ढोंगियों के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान को सोमवार को सोशल मीडिया पर जबरदस्त समर्थन मिला। ट्विटर (अब एक्स) पर #OperationKaalnemi ट्रेंड करता रहा और हजारों यूज़र्स ने इस मुहिम को सनातन धर्म की रक्षा का सशक्त कदम बताया।
05 दिन पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विशेष अभियान की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य था उत्तराखंड में सक्रिय ऐसे लोगों की पहचान और गिरफ्तारी, जो साधु-संत का वेष धारण कर धार्मिक स्थलों पर ठगी या अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त हैं। इस अभियान के तहत अब तक पूरे उत्तराखंड में 200 से अधिक ढोंगियों को जेल भेजा जा चुका है।
लोगों ने सोशल मीडिया पर सीएम धामी की निडरता और त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। कई यूजर्स ने उन्हें “सनातन धर्म का प्रहरी”, “धर्म और श्रद्धा का रक्षक” तक कह डाला। वहीं, कई राज्यों के लोगों ने भी इस तरह की कार्यवाही की अपने राज्यों में भी मांग की है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि इस ऑपरेशन ने देश के जनमानस में गहरी छाप छोड़ी है।
सोमवार को जैसे ही यह ट्रेंड शुरू हुआ, घंटों तक #Operation Kaalnemi टॉप ट्रेंडिंग में बना रहा। ये दर्शाता है कि अब जनता सिर्फ आस्था के नाम पर दिखावे से नहीं, वास्तविक धर्म और संस्कारों की रक्षा चाहती है, और मुख्यमंत्री धामी इस दिशा में एक आदर्श नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरे हैं।
इससे पहले भी सीएम धामी धर्म और सनातन की रक्षा के लिए थूक, लव, लैंड जिहाद पर कार्रवाई के साथ ही धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई कर चुके हैं। जिससे पूरे देश में उनकी धर्मरक्षक की छवि बनकर ऊभरी है।
Dehradun
DEHRADUN: जर्जर स्कूलों पर प्रशासन सख्त, CM के आदेश से 76 भवन ध्वस्तीकरण के लिए चिन्हित

DEHRADUN: हजारों बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, 76 जर्जर स्कूल भवन गिरेंगे
देहरादून (DEHRADUN): जिले में वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े विद्यालय भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने पहली बार ठोस एवं निर्णायक कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है। कि माननीय मुख्यमंत्री जी के सख्त निर्देश है कि नौनिहालों के जीवन से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में जर्जर एवं निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों की पहचान, आकलन और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
मुख्य बिंदु
सीएम के निर्देश पर बच्चों की जान का जोखिम बने जिले के 76 जर्जर स्कूल भवन ध्वस्त
जिलाधिकारी देहरादून की सख्ती के बाद महज 10 दिनों के भीतर 100 विद्यालयों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सूची पूर्ण रिपोर्ट के साथ जिला प्रशासन को सौंप दी है।
डीएम ने दिखाई सख्ती तो 10 दिन में आ गई 100 स्कूलों के जर्जर भवन की रिपोर्ट
जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को निष्प्रोज्य एवं आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के आंगणन (एस्टिमेट) तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए 1 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ध्वस्तीकरण एवं आवश्यक सुरक्षा उपायों में कोई विलंब न हो। जनपद में कुल 79 विद्यालयों के सम्पूर्ण भवन निष्प्रोज्य पाए गए हैं, इनमें 13 माध्यमिक एवं 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
63 विद्यालयों में शिक्षण की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है। 16 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। इनके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। 17 विद्यालय आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किए गए हैं। 8 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं पाई गई है।
जिलें में वर्षों से जर्जर पड़े स्कूल भवन पहलीबार हुए निष्प्रोज्य; ध्वस्तीकरण जल्द; 1 करोड़ स्वीकृत
जिलाधिकारी ने पूर्णतः निष्प्रोज्य विद्यालयों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। जिन विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था नहीं है, वहाँ पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर उसके बाद ध्वस्तीकरण किया जाएगा। आंशिक निष्प्रोज्य भवनों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक मरम्मत/प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी विद्यालय में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण संचालित नहीं होगा। प्रशासन समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
Uttarakhand
दून पुलिस की सराहनीय पहल, वरिष्ठ नागरिकों से सम्पर्क कर हाल जाना और साइबर अपराधों से बचने के लिए किया जागरूक

DEHRADUN: एसएसपी के निर्देशों पर दून पुलिस कर रही सीनियर सिटिजंस से संपर्क, सराहनीय पहल की हर तरफ चर्चा
देहरादून (DEHRADUN): वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर दून पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए अकेले रह रहे सीनियर सिटीजनों से सीधे संपर्क किया। इस अभियान के तहत, पुलिसकर्मियों ने नगर और देहात क्षेत्र के सभी थाना क्षेत्रों में जाकर बुजुर्गों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

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दून पुलिस ने सीनियर सिटीजनों से मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना
इस दौरान, पुलिस ने सीनियर सिटीजनों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति में जरुरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके, इसके लिए चीता पुलिस और उच्चाधिकारियों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए।

साइबर अपराधों से बचने के लिए किया जागरूक
भेंट के दौरान, पुलिस टीम ने बुजुर्गों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में भी विस्तार से बताया। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों ने ठगी से बचने के उपाय बताए और अनजान कॉल, लिंक और डिजिटल लेनदेन को लेकर सतर्क रहने के लिए जागरूक किया।

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दून पुलिस की इस पहल से सीनियर सिटीजनों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई। सभी बुजुर्गों ने पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और पुलिसकर्मियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें अपना आशीर्वाद भी दिया। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी इस तरह के जनसंपर्क और सुरक्षा अभियानों को लगातार जारी रखा जाएगा।

Dehradun
देहरादून के चकराता में बड़ा सड़क हादसा, कार खाई में गिरने से सेना के मेजर की मौत

Dehradun News : चकराता में सड़क हादसे में सेना के मेजर की मौत, परिजनों में कोहराम
Dehradun News : राजधानी देहरादून के चकराता में बड़ा सड़क हादसा हो गया। एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे में सेना के मेजर की मौत हो गई। इस खबर के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
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देहरादून के चकराता में बड़ा सड़क हादसा
शनिवार को देहरादून के चकराता में दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसे में आर्मी के मेजर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक मेजर की पबचान शुभम सैनी के रूप में हुई है। जो कि उत्तर प्रदेश के मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित घसौली गांव के रहने वाले थे।
कार खाई में गिरने से सेना के मेजर की मौत
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक मेजर शुभम सैनी अपने दो दोस्त देहरादून में एग्जाम देने के लिए गए थे। परीक्षा देने के बाद शनिवार को मेजर शुभम अपने दोस्तों को कार से चकराता के पास ही एक होटल में छोड़कर वापस लौट रहे थे। यूनिट को जाने के दौरान उनकी कार हादसे का शिकार हो गई।

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
बताया जा रहा है कि मेजर शुभम की कार देहरादून-चकराता मार्ग पर अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में मेजर शुभम सैनी गंभीर रूप से घायल हो गए। आस-पास मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान जहां उनकी मौत हो गई। इस खबर के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
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