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छात्रों के लिए पीएम मोदी से सीधे बात करने का सुनहरा मौका , परीक्षा पे चर्चा 2026 के रजिस्ट्रेशन खुले, जानें पूरी प्रक्रिया…

Pariksha Pe Charcha Registration 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय वार्षिक संवाद कार्यक्रम “परीक्षा पे चर्चा” का नौवां संस्करण आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है। Pariksha Pe Charcha Registration 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया अब खुल गई है और देश–विदेश के छात्र, शिक्षक और अभिभावक इसमें भाग ले सकते हैं। यह पहल परीक्षा से जुड़े तनाव को कम करने और सीखने की प्रक्रिया को एक उत्सव के रूप में देखने का संदेश देती है।
हर साल की तरह इस बार भी “परीक्षा पे चर्चा” का उद्देश्य केवल परीक्षा पर बात करना नहीं, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच, अनुशासन और जीवन कौशल पर खुले संवाद को बढ़ावा देना है।
क्या है परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम?
परीक्षा पे चर्चा एक इंटरैक्टिव और प्रेरणादायक कार्यक्रम है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के छात्रों, माता-पिता और शिक्षकों से सीधे संवाद करते हैं। इस कार्यक्रम में पढ़ाई के दबाव, परीक्षा के डर, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास और भविष्य की तैयारी जैसे विषयों पर सरल और व्यावहारिक सुझाव दिए जाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी अक्सर कहते हैं कि परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि अपनी सीख दिखाने का अवसर समझना चाहिए। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए यह कार्यक्रम छात्रों को यह सिखाता है कि असफलता डरने वाली चीज नहीं, बल्कि सीखने का जरिया है।

Pariksha Pe Charcha Registration 2026: आवेदन कहां और कैसे करें?
Pariksha Pe Charcha Registration 2026 के लिए पंजीकरण MyGov Portal के जरिए किया जा रहा है। इच्छुक प्रतिभागी नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन की चरणबद्ध प्रक्रिया:
स्टेप 1:
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं:
👉 innovateindia1.mygov.in
स्टेप 2:
होमपेज पर दिख रहे ‘Participate Now’ बटन पर क्लिक करें।
स्टेप 3:
यहां आप अपनी श्रेणी चुनें:
- Student (छात्र)
- Teacher (शिक्षक)
- Parent (अभिभावक)
स्टेप 4:
आवश्यक बुनियादी जानकारियां भरें और अपनी क्रिएटिव एंट्री सबमिट करें।
स्टेप 5:
सभी एक्टिविटी मॉड्यूल्स को पूरा करें।
स्टेप 6:
फॉर्म सबमिट करने के बाद उसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।
कौन ले सकता है हिस्सा?
इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए किसी विशेष बोर्ड की बाध्यता नहीं है।
- कक्षा 6 से 12 तक के छात्र
- सभी बोर्ड (CBSE, State Boards, KVs, Navodaya, Sainik Schools आदि)
- शिक्षक और अभिभावक भी आवेदन के पात्र
- भारत के साथ-साथ विदेशों में रह रहे भारतीय छात्र भी शामिल हो सकते हैं
जो भी प्रतिभागी सभी गतिविधियां पूरी करेगा, उसे Participation Certificate भी दिया जाएगा।

ऑनलाइन MCQ प्रतियोगिता भी है खास
प्रतिभागियों के चयन के लिए MyGov Portal पर एक ऑनलाइन MCQ आधारित प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
- शुरुआत: 1 दिसंबर 2025
- अंतिम तिथि: 11 जनवरी 2026
इस प्रतियोगिता के जरिए छात्रों की सोच, समझ और नजरिए को परखा जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल है।
Pariksha Pe Charcha 2025 की झलकियां
पिछले साल यानी Pariksha Pe Charcha 2025 का आयोजन 10 फरवरी को नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में हुआ था। यह संस्करण अपने अनोखे और रचनात्मक फॉर्मेट की वजह से खास रहा।
- इसमें देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से 36 छात्रों ने हिस्सा लिया
- सरकारी स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, सैनिक स्कूल, एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल, नवोदय और CBSE स्कूलों के छात्र शामिल हुए
- PRERANA कार्यक्रम के पूर्व छात्र, काला उत्सव और वीर गाथा के विजेता भी मंच का हिस्सा बने
सात विशेष एपिसोड बने आकर्षण
2025 के संस्करण में “परीक्षा पे चर्चा” को और भी रोचक बनाने के लिए सात अलग-अलग विशेष एपिसोड शामिल किए गए थे। इनमें विषय थे:
- खेल और फिटनेस
- अनुशासन और आत्मनियंत्रण
- मानसिक स्वास्थ्य
- पोषण और संतुलित खान-पान
- रचनात्मकता और कला
- तकनीक और डिजिटल शिक्षा
- वित्तीय जागरूकता और सकारात्मक सोच
इन एपिसोड्स में देश की कई जानी-मानी हस्तियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का हिस्सा बना PPC
साल 2025 में परीक्षा पे चर्चा ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस कार्यक्रम में:
- 245 से अधिक देशों से छात्रों ने भाग लिया
- 153 देशों से शिक्षक जुड़े
- 149 देशों से अभिभावकों की भागीदारी रही
इसी वैश्विक सहभागिता के चलते PPC ने Guinness World Record भी अपने नाम किया, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े छात्र संवाद कार्यक्रमों में शामिल करता है।
क्यों जरूरी है परीक्षा पे चर्चा में भाग लेना?
आज के समय में परीक्षा का दबाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ा असर डालता है। परीक्षा पे चर्चा जैसे कार्यक्रम छात्रों को यह भरोसा देते हैं कि वे अकेले नहीं हैं।
इस प्लेटफॉर्म के जरिए:
- छात्र अपने डर खुलकर साझा कर सकते हैं
- माता-पिता बच्चों की भावनाओं को बेहतर समझते हैं
- शिक्षक, पढ़ाई के साथ जीवन मूल्यों पर भी फोकस करते हैं
निष्कर्ष
अगर आप या आपके घर में कोई छात्र परीक्षा की तैयारी कर रहा है, तो Pariksha Pe Charcha Registration 2026 एक बेहतरीन मौका है। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और जीवनभर काम आने वाली सीख देने की पहल है।
आज ही MyGov Portal पर जाकर आवेदन करें और परीक्षा को तनाव नहीं, सीखने के उत्सव के रूप में देखें।
यहां AEO (Answer Engine Optimization) के अनुसार तैयार किया गया FAQ सेक्शन दिया गया है, जो Google Search, Google Discover और AI Overviews के लिए उपयोगी रहेगा। आप इसे सीधे अपने आर्टिकल में इस्तेमाल कर सकते हैं।
FAQs
Pariksha Pe Charcha Registration 2026 कब शुरू हुआ है?
Pariksha Pe Charcha Registration 2026 आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 1 दिसंबर 2025 से MyGov पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
Pariksha Pe Charcha 2026 के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र, साथ ही शिक्षक और अभिभावक भी आवेदन कर सकते हैं। सभी बोर्ड और किसी भी स्कूल से जुड़े प्रतिभागी इसके पात्र हैं।
परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए आवेदन कहां करें?
Pariksha Pe Charcha Registration 2026 के लिए आवेदन केवल MyGov की आधिकारिक वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर किया जा सकता है।
Pariksha Pe Charcha 2026 के लिए चयन कैसे होगा?
प्रतिभागियों का चयन MyGov पोर्टल पर आयोजित ऑनलाइन MCQ आधारित प्रतियोगिता के माध्यम से किया जाएगा।
Pariksha Pe Charcha 2026 की अंतिम तिथि क्या है?
ऑनलाइन प्रतियोगिता और गतिविधियों को पूरा करने की अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।
क्या Pariksha Pe Charcha 2026 में भाग लेने पर सर्टिफिकेट मिलेगा?
हां, जो भी छात्र, शिक्षक या अभिभावक सभी गतिविधियां सफलतापूर्वक पूरी करेंगे, उन्हें Participation Certificate दिया जाएगा।
Pariksha Pe Charcha का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी चिंता और तनाव को कम करना, सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और परीक्षाओं को सीखने के उत्सव के रूप में देखना है।
Pariksha Pe Charcha 2026 का आयोजन कब होगा?
Pariksha Pe Charcha 2026 की आयोजन तिथि की आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी।
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कौन हैं नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी?, आज तक नहीं हारे एक भी चुनाव, जाने कितने हैं पढ़े-लिखे…

New Education Minister Of India : नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जारी आधिकारिक आदेश में उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की पुष्टि की गई।
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कौन हैं नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री बने प्रह्लाद जोशी चर्चाओं में हैं। हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है। प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में हुआ। उनके पिता वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कार्यरत थे, जबकि उनकी माता मालतीबाई गृहिणी थीं।
कितने पढ़े-लिखे हैं देश के नए शिक्षा मंत्री
प्रह्लाद जोशी की प्रारंभिक शिक्षा रेलवे स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने कर्नाटक विश्वविद्यालय से संबद्ध के.एस. आर्ट्स कॉलेज, हुबली में प्रवेश लिया, जहां से उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स (बी.ए.) की डिग्री प्राप्त की।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सामाजिक कार्यों और जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम करना शुरू किया। सार्वजनिक जीवन में बढ़ती भागीदारी के साथ उन्होंने लोगों से जुड़कर विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर काम किया, जिसने आगे चलकर उनके राजनीतिक सफर की मजबूत नींव रखी।

ऐसे हुई थी राजनीतिक जीवन की शुरुआत
प्रह्लाद जोशी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ सक्रिय रूप से काम किया। 1990 के दशक में हुबली के ईदगाह मैदान तिरंगा आंदोलन और कर्नाटक में ‘कश्मीर बचाओ आंदोलन’ जैसे अभियानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्ष 1998 में उन्हें भाजपा के धारवाड़ जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
आज तक नहीं हारे एक भी चुनाव
साल 2004 में उन्होंने पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव जीता। तब से लेकर 2009, 2014, 2019 और 2024 में लगातार जीत दर्ज करते हुए वे पांच बार लोकसभा सांसद चुने जा चुके हैं। वर्ष 2014 से 2016 तक वे कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।

केंद्र सरकार में निभाई कई अहम जिम्मेदारियां
प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व कर चुके हैं। वे संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में उनके पास खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, उपभोक्ता मामले और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी है। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वे केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का नेतृत्व कर रहे हैं।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्रों से की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील

dharmendra pradhan resigns : दिल्ली में छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच शनिवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। हाल के दिनों में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देश के कई हिस्सों, खासकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं के नाम जारी एक पत्र में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने लिखा कि उनका यह फैसला देश में शांति और एकता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि आंदोलन की स्थिति का कोई भी देश-विरोधी तत्व फायदा न उठा सके और छात्र किसी कानूनी विवाद में फंसने के बजाय अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
छात्रों से की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र हित, शिक्षा और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका मानना है कि एक मजबूत, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव होती है।

उन्होंने आगे लिखा कि वे देश के युवाओं की भावनाओं, आकांक्षाओं और उनकी उचित अपेक्षाओं का सम्मान करते हैं। उनके अनुसार, भारत के युवाओं के सपनों को साकार करना सार्वजनिक जीवन में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने इसे बताया लोकतंत्र की जीत
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिलने पर आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस जिम्मेदारी को निभाना उनके लिए सम्मान की बात रही।

इस बीच, प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों के बीच आए इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कॉकरोच जनता पार्टी ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए छात्रों के आंदोलन का परिणाम बताया है।
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Agnipath Yojna 2026: अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! देखें लेटेस्ट अपडेट…

Agnipath Yojna 2026 Latest Updates
भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) में युवाओं की भर्ती के लिए शुरू की गई अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) एक बार फिर देश भर में चर्चा का मुख्य केंद्र बन गई है। साल 2022 में शुरू हुई इस क्रांतिकारी योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीर साल 2026 के अंत तक अपना 4 साल का कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं। इसी बीच, रक्षा गलियारों से अग्निवीरों के भविष्य को लेकर कई बड़ी और सकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं, जो इस योजना का स्वरूप बदल सकती हैं।
यदि आप भी भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा का जज्बा रखते हैं या अग्निवीर भर्ती 2026 की तैयारी कर रहे हैं, तो यह विस्तृत और व्यापक लेख आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं अग्निपथ योजना क्या है, इसकी चयन प्रक्रिया, सैलरी स्ट्रक्चर, सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ और 2026 में इसमें होने वाले बड़े बदलावों के बारे में।
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1. अग्निपथ योजना क्या है? (What is Agnipath Yojna?)
अग्निपथ योजना भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा 14 जून 2022 को शुरू की गई एक अल्पकालिक सैन्य भर्ती प्रणाली है। इसके तहत देश के युवाओं को 4 साल की अवधि के लिए भारतीय थल सेना (Indian Army), नौसेना (Indian Navy) और वायु सेना (Indian Air Force) में सेवा करने का अवसर मिलता है। इस योजना के माध्यम से सेना में भर्ती होने वाले जवानों को ‘अग्निवीर’ (Agniveers) के नाम से जाना जाता है।
सरकार का इस योजना को लाने के पीछे मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के प्रोफाइल को और अधिक युवा (Youthful Profile) बनाना, औसत आयु को 32 वर्ष से घटाकर 26 वर्ष करना और सेना को आधुनिक तकनीकों (जैसे ड्रोन, एआई, और डिजिटल युद्ध प्रणालियों) से लैस करना है।
2. साल 2026 में सबसे बड़ा बदलाव: क्या 25% से ज्यादा जवान होंगे परमानेंट?
अग्निपथ योजना के मूल नियमों के अनुसार, 4 साल की सेवा पूरी होने के बाद केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी कैडर (15 साल की नियमित सेवा के लिए) में बरकरार रखा जाना था, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवामुक्त कर दिया जाना तय था।
लेकिन वर्ष 2026 में सबसे बड़ी ‘गुड न्यूज’ यह आ रही है कि तीनों सेनाओं ने परिचालन आवश्यकताओं और जमीनी अनुभवों के आधार पर इस रिटेंशन दर (Retention Rate) को बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है:
- भारतीय नौसेना (Indian Navy): तकनीकी और विशिष्ट कार्यप्रणाली को देखते हुए नौसेना लगभग 75 प्रतिशत तक अग्निवीरों को स्थायी रूप से बनाए रखने की मांग कर रही है।
- थल सेना और वायु सेना (Army & IAF): दोनों सेनाएं वर्तमान 25% की सीमा को बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक करने के पक्ष में हैं।
ऐसा क्यों किया जा रहा है?
सेना के अधिकारियों का मानना है कि पिछले 4 वर्षों में अग्निवीरों ने कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया है, कई बड़े अभियानों में हिस्सा लिया है और आधुनिक हथियारों का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया है। ऐसे में पूरी तरह से प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम इन जवानों को केवल 4 साल बाद बाहर करना व्यावहारिक नहीं होगा। अधिक रिटेंशन से सेना के पास अनुभवी सैनिकों का एक मजबूत पूल हमेशा उपलब्ध रहेगा।
3. अग्निवीर पात्रता और चयन प्रक्रिया 2026 (Eligibility & Selection Process)
यदि आप अग्निपथ योजना के तहत आवेदन करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित योग्यताओं को पूरा करना आवश्यक है:
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria):
- आयु सीमा: उम्मीदवार की आयु 17.5 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता: पदों के अनुसार (जैसे जनरल ड्यूटी, टेक्निकल, क्लर्क आदि) उम्मीदवार का 10वीं या 12वीं पास होना अनिवार्य है।
- लिंग: इस योजना के तहत पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवार आवेदन करने के पात्र हैं।
चयन प्रक्रिया के चरण:
- केंद्रीयकृत ऑनलाइन परीक्षा (CEE): सबसे पहले उम्मीदवारों को कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा पास करनी होती है।
- शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और मापन (PMT): लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को दौड़, बीम, और अन्य शारीरिक परीक्षणों से गुजरना पड़ता है।
- चिकित्सीय परीक्षण (Medical Test): अंतिम चरण में पूर्ण चिकित्सा जांच की जाती है, जिसके बाद मेरिट लिस्ट जारी होती है।
4. अग्निवीर सैलरी और ‘सेवा निधि’ पैकेज (Salary Structure & Seva Nidhi)
अग्निवीरों को 4 साल की सेवा के दौरान एक आकर्षक और कस्टमाइज्ड मासिक पैकेज दिया जाता है, जो हर साल बढ़ता है। इसके साथ ही उन्हें रिस्क और हार्डशिप अलाउंस भी मिलता है।
| वर्ष | मासिक वेतन (Gross Salary) | इन-हैंड सैलरी (70%) | अग्निवीर कॉर्पस फंड (30%) |
| प्रथम वर्ष | ₹30,000 | ₹21,000 | ₹9,000 |
| द्वितीय वर्ष | ₹33,000 | ₹23,100 | ₹9,900 |
| तृतीय वर्ष | ₹36,500 | ₹25,550 | ₹10,950 |
| चतुर्थ वर्ष | ₹40,000 | ₹28,000 | ₹12,000 |
सेवा निधि पैकेज (Seva Nidhi Package):
अग्निवीर के वेतन से जो 30% हिस्सा काटा जाता है, उतना ही योगदान (Matching Contribution) भारत सरकार भी देती है। 4 साल की अवधि समाप्त होने पर, संचित ब्याज सहित प्रत्येक अग्निवीर को लगभग ₹11.71 लाख का एकमुश्त ‘सेवा निधि’ पैकेज दिया जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पूरी राशि पूरी तरह से आयकर (Income Tax) से मुक्त होती है।
5. जीवन सुरक्षा और अन्य वित्तीय लाभ
अग्निपथ योजना के तहत जवानों की सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है:
- गैर-अंशदायी जीवन बीमा: सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को ₹48 लाख का मुफ्त जीवन बीमा कवर मिलता है।
- ड्यूटी के दौरान शहादत पर: यदि कोई अग्निवीर सेवा के दौरान शहीद होता है, तो उसके परिवार को ₹1 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता (सेवा निधि और गैर-सेवा अवधि का वेतन मिलाकर) दी जाती है।
- दिव्यांगता की स्थिति में: ड्यूटी के दौरान अक्षमता की गंभीरता के आधार पर ₹44 लाख तक की अनुग्रह राशि का प्रावधान है।
6. 4 साल बाद क्या हैं करियर के विकल्प? (Future Opportunities)
जो 75% या 50% अग्निवीर (नए नियमों के आधार पर) 4 साल बाद सेवामुक्त होंगे, उन्हें समाज में पुनर्वास के लिए कई तरह के विशेष अवसर दिए जा रहे हैं:
- सुरक्षा बलों में आरक्षण: गृह मंत्रालय (MHA) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) जैसे BSF, CISF, CRPF और असम राइफल्स में पूर्व-अग्निवीरों के लिए 10% रिक्तियां आरक्षित की हैं।
- राज्य पुलिस में प्राथमिकता: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा जैसे कई राज्यों ने अपनी पुलिस और संबद्ध सेवाओं की भर्तियों में पूर्व-अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की घोषणा की है।
- कॉर्पोरेट और बैंक लोन: कई बड़ी निजी कंपनियों (जैसे टाटा, महिंद्रा) ने पूर्व-अग्निवीरों को नौकरी देने की इच्छा जताई है। इसके अलावा, जो युवा अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, उन्हें बैंक ‘सेवा निधि’ के आधार पर प्राथमिकता से लोन प्रदान करते हैं।
- शैक्षणिक डिग्री: रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के समन्वय से पूर्व-अग्निवीरों के लिए विशेष डिप्लोमा और ग्रेजुएशन क्रेडिट सिस्टम तैयार किया गया है, ताकि वे अपनी आगे की पढ़ाई आसानी से पूरी कर सकें।
निष्कर्ष (Conclusion)
अग्निपथ योजना 2026 न केवल भारतीय सेना को अत्याधुनिक और युवा बना रही है, बल्कि देश के युवाओं के लिए करियर के नए द्वार भी खोल रही है। वर्ष 2026 में सेना द्वारा रिटेंशन रेट (स्थायी होने की सीमा) को 25% से बढ़ाकर 50% या 75% करने की मांग ने युवाओं के बीच इस योजना के प्रति आकर्षण और भरोसे को और मजबूत कर दिया है। यदि आप अनुशासित जीवन, देश सेवा और एक सुरक्षित वित्तीय भविष्य की चाह रखते हैं, तो अग्निपथ योजना आपके सपनों को उड़ान देने का एक बेहतरीन माध्यम है।
अस्वीकरण: यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक सूचनाओं के विश्लेषण पर आधारित है। भर्ती की सटीक तारीखों और नियमों में बदलाव की अंतिम पुष्टि के लिए हमेशा भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट (joinindianarmy.nic.in) पर जाएँ।
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