Pithoragarh
पिथौरागढ़ के दड़माल गांव में दिन दहाड़े दो तेंदुए दिखने से हड़कंप, ग्रामीणों ने की निजात दिलाने की मांग

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ जिले के थल पांखू में आज सुबह दड़माल गांव में दिन दहाड़े सुबह 12 बजे के आसपास दो तेंदुओं के गांव में घुसने से गांव में दहशत फैल गई। गांव में दिन में दो गुलदार दिखने के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है।
Table of Contents
पिथौरागढ़ के दड़माल गांव में दिन दहाड़े दो तेंदुए दिखने से हड़कंप
Pithoragarh के दड़माल गांव में आज सुबह दो तेंदुए एक साथ दिखने से दहशत का माहौल है। इत्तेफाक से उस समय गांव के सभी लोग अपने अपने घर के अंदर मौजूद थे। तेंदुए को देखकर ग्रामीणों ने अपने घरों की खिड़कियों से और आंगन से शोर मचाया। जिस से कुछ देर बाद दोनों तेंदुए खेतों के बीच बने पैदल रास्ते की ओर भाग गए।

तीन दिनों से लगातार गांव में दिख रहा है तेंदुआ
Pithoragarh के दड़माल गांव के निवासी मदन मोहन उपाध्याय ने बताया पिछले तीन दिन से रोज दिन दहाड़े गांव में तेंदुआ आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि 13 जनवरी की सुबह पौने छः बजे के करीब गांव के राजेंद्र उपाध्याय के मकान के आंगन से उनके पालतू कुत्ते को निवाला बनाया था।
ग्रामीणों ने की तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग
आज गांव में दिन दहाड़े दो तेंदुए की धमक से गांव वाले बुरी तरह से खौफजदा हो गए हैं। गांव के ही मदन मोहन उपाध्याय में वन विभाग केवन क्षेत्राधिकारी और वन दरोगा ज्योति वर्मा को इसकी सूचना देकर गांव में तेंदुए की धमक से निजात दिलाने की मांग की है।
Pithoragarh
OM Parvat पर मंडराया जलवायु संकट: जनवरी में बर्फ के बिना दिखा पवित्र ॐ पर्वत, बढ़ी हिमालय की चिंता..

OM Parvat पर जलवायु परिवर्तन की छाया, जनवरी में बर्फ के बिना दिखा पवित्र पर्वत
Pithoragarh : उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित OM Parvat इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा में है। आमतौर पर जनवरी के महीने में मोटी बर्फ की सफेद चादर ओढ़े रहने वाला यह पवित्र पर्वत इस बार लगभग बर्फविहीन नजर आ रहा है। करीब 15 हजार 700 फीट की ऊंचाई पर स्थित ओम पर्वत का अधिकांश हिस्सा काला पड़ चुका है, जिससे न केवल स्थानीय लोग बल्कि पर्यावरण विशेषज्ञ भी चिंतित हैं।
जनवरी में बर्फ का न होना, बढ़ती चिंता का संकेत
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा दृश्य देखा है, जब जनवरी के महीने में ओम पर्वत का ज्यादातर हिस्सा बिना बर्फ के दिखाई दे रहा हो। आम तौर पर दिसंबर और जनवरी को ऊंचे हिमालयी इलाकों में भारी बर्फबारी का मौसम माना जाता है, लेकिन इस वर्ष हालात बिल्कुल उलट हैं।
पिछले कुछ वर्षों में अगस्त और सितंबर जैसे महीनों में ओम पर्वत का बर्फविहीन होना लोगों के लिए आश्चर्य का विषय था। लेकिन अब सर्दियों के चरम महीने जनवरी में भी बर्फ का न होना जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकेत देता है।

OM Parvat की तस्वीरें दे रहीं हैं हालात की साफ स्थिति
हाल ही में सामने आई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि ओम पर्वत के ऊपरी हिस्से में ही हल्की बर्फ जमी हुई है, जबकि निचला हिस्सा लगभग पूरी तरह काला नजर आ रहा है। इस सर्दी के मौसम में तीन से चार बार हल्की बर्फबारी जरूर हुई, लेकिन वह बर्फ टिक नहीं पाई। तेज हवाओं और बढ़ते तापमान के कारण बर्फ जल्द ही पिघल गई।
स्थानीय लोगों की जुबानी बदलता मौसम
धारचूला क्षेत्र के सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि सामान्य वर्षों में शीतकाल के दौरान ओम पर्वत पूरी तरह बर्फ से ढका रहता था। इस बार बर्फबारी न होना हिमालयी पर्यावरण के लिए खतरे की घंटी है।
90 वर्षीय बुजुर्ग दान सिंह गुंज्याल बताते हैं कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में ऐसा मौसम कभी नहीं देखा। उनके अनुसार, जहां कभी तीन से चार फीट तक बर्फ जमा रहती थी, वे इलाके अब पूरी तरह सूखे पड़े हैं। बर्फीली चोटियों पर भी अब नाम मात्र की बर्फ बची है।

हिमालयी गांवों में बढ़ी मुश्किलें
ओम पर्वत और कैलाश मानसरोवर मार्ग से जुड़े कई हिमालयी गांवों में अब तक हिमपात नहीं हुआ है। तेज हवाओं के कारण बर्फ की जगह धूल उड़ रही है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सर्दियों में जिन गांवों में बर्फ के कारण आवाजाही मुश्किल हो जाती थी, वहां अब सूखे रास्ते दिख रहे हैं। यह बदलाव देखने में भले ही आसान लगे, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।
पेयजल और खेती पर भी असर
सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, बारिश और बर्फबारी के अभाव में पेयजल स्रोत तेजी से सूखने लगे हैं। अगर आने वाले दिनों में बारिश नहीं हुई, तो क्षेत्र में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
ठंड के मौसम में होने वाली बर्फबारी और बारिश को खेती के लिए वरदान माना जाता है। यही पानी धीरे-धीरे पिघलकर नदियों और जलस्रोतों को जीवन देता है। लेकिन इस वर्ष अधिकांश फसलें सूख चुकी हैं, जिससे काश्तकारों की चिंता बढ़ गई है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस की कमजोरी
मौसम विज्ञान विशेषज्ञों के अनुसार, बर्फबारी का सीधा संबंध वेस्टर्न डिस्टरबेंस से होता है। इस बार वेस्टर्न डिस्टरबेंस काफी कमजोर रहा, जिसके कारण ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में सामान्य से बहुत कम हिमपात देखने को मिला।
देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक के अनुसार, जब वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय नहीं होता, तो पहाड़ों में न तो पर्याप्त बर्फ गिरती है और न ही निचली घाटियों में बारिश होती है। यही कारण है कि इस सर्दी में हिमालयी चोटियां भी सूनी नजर आ रही हैं।
जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत
पर्यावरण विशेषज्ञ मानते हैं कि ओम पर्वत पर बर्फ का न होना केवल एक स्थानीय घटना नहीं है। यह वैश्विक जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। तापमान में लगातार हो रही वृद्धि, बदलते मौसम चक्र और अनियमित वर्षा इसके प्रमुख कारण हैं।
अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले वर्षों में हिमालय की बर्फीली चोटियां अपना स्वरूप खो सकती हैं। इसका असर केवल धार्मिक और पर्यटन महत्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नदियों, खेती और करोड़ों लोगों के जीवन पर पड़ेगा।
आस्था, प्रकृति और जिम्मेदारी
ओम पर्वत न केवल एक प्राकृतिक चमत्कार है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक भी है। पर्वत पर प्राकृतिक रूप से बना ‘ॐ’ का आकार इसे विशेष बनाता है। ऐसे में इसका बर्फविहीन होना लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब समय आ गया है जब जलवायु परिवर्तन को लेकर केवल चर्चा नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाने होंगे। हिमालय को बचाना सिर्फ पहाड़ों में रहने वालों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे देश की साझा जिम्मेदारी है।
आने वाले समय की चेतावनी
जनवरी जैसे ठंडे महीने में ओम पर्वत पर बर्फ का न होना भविष्य की एक चेतावनी है। अगर मौसम का यही मिजाज रहा, तो जल संकट, कृषि संकट और पर्यावरण असंतुलन जैसी समस्याएं और गहरी हो सकती हैं।
ओम पर्वत की बदलती तस्वीर हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि प्रकृति के साथ खिलवाड़ का परिणाम अब सामने आने लगा है। जरूरत है समय रहते जागरूक होने की, ताकि हिमालय की बर्फीली पहचान और उससे जुड़ा जीवन सुरक्षित रह सके।
Pithoragarh
पिथौरागढ़ में इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर महिला से तीन लाख की ठगी, बिहार से दो साइबर ठग गिरफ्तार

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ से महिला से तीन लाख की ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने महिला से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती की। इसके बाद उस से तीन लाख रूपए ठग लिए।
Table of Contents
Pithoragarh में इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर महिला से तीन लाख की ठगी
पिथौरागढ़ में महिला से इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर ठगी करने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक एक नवम्बर 2025 को एक महिला द्वारा कोतवाली झूलाघाट में तहरीर दी गई कि इंस्टाग्राम पर एक व्यक्ति द्वारा स्वयं को यू.के. का डॉक्टर बताया गया तथा महंगे उपहार भेजने का लालच देकर कस्टम में पार्सल फँसने का बहाना बनाते हुए उससे तीन लाख की धोखाधड़ी की है।
पार्सल कस्टम में फंसने के बहाने बनाया शिकार
बता दें कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर ठग ने महिला को खुद को यू.के. का डॉक्टर बताया था। दोनों की बातचीत आगे बढ़ी और दोस्ती हुई। इसके बाद ठग ने महिला से महंगे उपहार भेजने का लालच देकर कस्टम में पार्सल फसने का बहाना बनाया और उस से तीन लाख की ठगी को अंजाम दिया।

पुलिस ने बिहार से दो साइबर ठग किए गिरफ्तार
Pithoragarh की कोतवाली झूलाघाट पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस सेल के अपर उप निरीक्षक हेम चन्द्र और कांस्टेबल, कमल तुलेरा की सहायता से औरंगाबाद व गया (बिहार) जाकर अभियुक्तों की लोकेशन और पहचान की पुष्टि की गई। अभियुक्तों को धारा 35(3) बीएनएसएस के अंतर्गत नोटिस तामील कराकर कानून के शिकंजे में लिया गया।
पुलिस ने की डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतने की अपील
जिसके बाद दिलकेश्वर पासवान पुत्र लक्ष्मी पासवान, निवासी – औरंगाबाद, बिहार और रघुनंदन पासवान पुत्र वसुदेव पासवान, निवासी – गया, बिहार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील है कि ऑनलाइन खरीद-फरोख्त और डिजिटल लेन-देन करते समय विशेष सतर्कता बरतें। इसके साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
Pithoragarh
पिथौरागढ़ में खराब राशन मामले का डीएम ने लिया संज्ञान, जांच और निरीक्षण के दिए आदेश

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ में खराब राशन मामले का जिलाधिकारी ने संज्ञान ले लिया है। जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच और निरीक्षण के आदेश दिए हैं।
Table of Contents
पिथौरागढ़ में खराब राशन मामले का डीएम ने लिया संज्ञान
पिथौरागढ़ जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने निर्देश देते हुए बताया है कि बीते दिनों जिले के ग्राम पंचायत पाभैं, धारी और डुंगरा में राशन कार्ड धारकों को वितरित चावल की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई है। प्राप्त शिकायतों के अनुसार, राशन में वितरित चावल खराब गुणवत्ता वाले थे। जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और पोषण के दृष्टिकोण से गंभीर हैं। इस घटना के मद्देनजर, जिलाधिकारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उप जिलाधिकारी, पिथौरागढ़ को निर्देशित किया है कि वे दो दिन के भीतर विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत करें।
लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त
जिलाधिकारी ने बताा कि जांच में ये सुनिश्चित किया जाएगा कि वितरण प्रक्रिया में कोई अनियमितता या लापरवाही तो नहीं हुई, राशन सामग्री की गुणवत्ता और भंडारण का मानक उचित था या नहीं, और दोषपूर्ण वितरण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों की पहचान की जाए।
उप जिलाधिकारियों को निरीक्षण करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने खंड और मंडल में स्थित खाद्यान्न गोदामों और सस्ता गल्ला विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करें और तीन दिन के भीतर विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराएँ। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि आने वाले समय में जिले में राशन वितरण की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे।
जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़ को भी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दोषपूर्ण राशन वितरण की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। जिलाधिकारी ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की खराब गुणवत्ता वाले राशन की शिकायत तुरंत उप जिलाधिकारी या जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में दर्ज कराएं। जिला प्रशासन इस मामले में पूर्ण पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
Cricket7 hours agoRCB-W बनाम GG-W : WPL में हाई-वोल्टेज मुकाबला आज , जाने पिच रिपोर्ट और संभन्धित प्लेईंग XI…
big news7 hours agoउत्तराखंड में ठंड का कहर, इस जिले की चार तहसीलों में दो दिन बंद रहेंगे स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र
Haldwani6 hours agoसिर पर रखा बक्सा हो गया फरार, IG आवास से 100 मीटर दूर दिनदहाड़े लाखों की चोरी, देखें वीडियो
Haridwar8 hours agoरात भर फोन पर बात करता रहा 11 वीं का छात्र, सुबह फंदे से लटका मिला
big news6 hours agoउपनल कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, कैबिनेट बैठक में लिया गया बड़ा फैसला, अब मिलेगा…
Breakingnews2 hours agoमसूरी में बाबा बुल्ले शाह की मजार को लेकर विवाद, बजरंग दल का हंगामे पर प्रशासन ने संभाला मोर्चा
Uttarakhand24 hours agoबागेश्वर में SARRA की अहम बैठक, गरुड़ गंगा समेत जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर जोर
Almora6 hours agoअल्मोड़ा: क्वैराली गांव में चोरी की वारदात, शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई








































