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चूहों ने किया मेस पर कब्जा: आईआईटी रुड़की में बवाल, अब एक्शन….

रुड़की – देश की प्रमुख संस्थान, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की, एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार की लापरवाही ने छात्रों को भौचक्का कर दिया है। आईआईटी रुड़की के राधा-कृष्ण भवन की मेस में खाने के सामान में चूहे पाए गए हैं, जो कढ़ाई, चावल और राशन में देखे गए। इस घटना के बाद छात्रों ने मेस में हंगामा कर दिया, जिससे 400 से अधिक छात्रों को भूखा रहना पड़ा। सोशल मीडिया पर इस मामले की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
आईआईटी रुड़की की राधा कृष्ण मेस में चूहे निकलने के बाद आज खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जांच पड़ताल के लिए संस्थान पहुंची। टीम खाद्य सामग्री की जांच पड़ताल में जुटी है। टीम ने खाने के सैंपल लिए। टीम ने कहा कि आईआईटी विशेषज्ञों की मदद से चूहों को हटाने की योजना बनाई जाएगी। खास किस्म के चूहा ट्रेकर लगाए जाएंगे।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि खाने और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए हैं। संस्थान को चूहों से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
गुरुवार को वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि दोपहर का खाना तैयार होने के बाद छात्र जब मेस में पहुंचे, तो उन्होंने किचन में चूहों को उछलते-कूदते पाया। छात्रों ने तुरंत इसका वीडियो बना लिया और अन्य छात्रों को बुलाकर हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि देश के प्रतिष्ठित संस्थान में साफ-सफाई की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है, जिससे उन्हें स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
गुस्साए छात्रों ने संस्थान के खिलाफ नारेबाजी की और खाना बनाने वाले कर्मचारियों के साथ बहस की। हालांकि, कर्मचारी छात्रों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन छात्रों ने उनकी एक न सुनी और हंगामा जारी रखा। इस घटना ने आईआईटी कैंपस में हड़कंप मचा दिया है।
आईआईटी रुड़की की मीडिया सेल प्रभारी सोनिका श्रीवास्तव ने एक प्रेस नोट के माध्यम से बताया कि राधा कृष्ण भवन मेस में चूहों की उपस्थिति की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में तत्काल जांच शुरू कर दी गई है और स्वच्छता मानकों के अनुपालन के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बाहरी विशेषज्ञों को नियुक्त किया जाएगा।
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गंगनहर किनारे मूर्ति पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से भड़का स्वर्णकार समाज

Roorkee News : रुड़की में गंगनहर किनारे स्थापित अजमीर जी महाराज की मूर्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सिंचाई विभाग की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई ने अब तूल पकड़ लिया है। गंगनहर किनारे मूर्ति पर चला बुलडोजर
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गंगनहर किनारे मूर्ति पर चला बुलडोजर
गंगनहर किनारे मूर्ति पर बुलडोजर की कार्रवाई मामले को लेकर हंगामा देखने को मिल रहा है। विभागीय टीम पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची और मूर्ति के स्लेब को तोड़ते हुए आसपास बनी दीवार और गेट को भी ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद स्वर्णकार समाज में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से भड़का स्वर्णकार समाज
मामला गंगनहर क्षेत्र स्थित पुल के पास का है। जहां सिंचाई विभाग की जमीन पर स्थापित मूर्ति और आसपास हुए निर्माण को विभाग ने अवैध अतिक्रमण मानते हुए ये कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध या हंगामा न हो इसके लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें उच्च अधिकारियों से गंगनहर किनारे हुए अवैध निर्माण को हटाने के निर्देश मिले थे, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने साफ कहा कि यदि निर्माण कराने वाले लोगों की जानकारी सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को स्थानीय बता रहे पूर्वजों का अपमान
बताया जा रहा है कि करीब चार महीने पहले स्वर्णकार समाज द्वारा घाट के पास अजमीर जी महाराज की मूर्ति स्थापित कर सौंदर्यीकरण कराया गया था। उस समय स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम और भंडारे का आयोजन भी हुआ था।
अब अचानक हुई इस कार्रवाई को समाज के लोग अपने पूर्वजों का अपमान बता रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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महाराष्ट्र में तरबूज खाने से 4 की मौत, उत्तराखंड में एक्शन में खाद्य विभाग, यहां मंडी में ताबड़तोड़ छापेमारी

Roorkee News :महाराष्ट्र में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के कई लोगों की मौत की घटना सामने आई है। जिसके बाद उत्तराखंड का खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट मोड में आ गया है।
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तरबूज खाने से 4 की मौत के बाद एक्शन में खाद्य विभाग
महराष्ट्र से सामने आए मामले के बाद उत्तराखंड में भी प्रशासन एक्शन मोड में देखने को मिल रहा है। महराष्ट्र में तरबूज खाने के बाद चार लोगों की मौत के बाद उत्तराखंड में खाद्य विभाग अलर्ट मोड में है। खाद्य आयुक्त सचिन कुर्वे के निर्देश पर रुड़की कृषि मंडी में तड़के छापेमारी कर फलों की जांच की गई।
रूड़की में मंडी पर ताबड़तोड़ छापेमारी
खाद्य उपायुक्त गढ़वाल आर.एस. रावत के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मंडी में तरबूज, खरबूजा, पपीता और केले की गहन जांच की। इस दौरान कई दुकानों और गोदामों से फलों के सैंपल लेकर लैब परीक्षण के लिए भेजे गए। जांच के दौरान एक गोदाम से संदिग्ध केमिकल भी बरामद हुआ। जिसका इस्तेमाल फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में किया जा रहा था।

व्यापारियों को विभाग ने जारी किए नोटिस
छापेमारी में यह भी सामने आया कि कई व्यापारियों के पास फलों को पकाने से संबंधित वैध लाइसेंस तक मौजूद नहीं था। ऐसे व्यापारियों को विभाग की ओर से नोटिस जारी कर 10 दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
खाद्य विभाग ने आम लोगों से की अपील
खाद्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि बाजार में जरूरत से ज्यादा चमकदार और असामान्य रूप से पके हुए फल खरीदने से बचें। विभाग का कहना है कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ ये अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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Good News : मजदूर के बेटे ने रचा इतिहास, रुड़की के लविश ने प्रदेश टॉप-5 में बनाई जगह

Roorkee News : उत्तराखंड बोर्ड के परिणाम सामने आते ही कुछ ऐसे बच्चों की खबरें सामने आ रहीं हैं जो दूसरे बच्चों के लिए प्रेरण बन रही हैं। रूड़की के लविश ने प्रदेश के टॉप 5 की लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। जबकि उसके पिता एक मजदूर हैं। लविश की कामयाबी के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
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रुड़की के लविश ने प्रदेश टॉप-5 में बनाई जगह
उत्तराखंड बोर्ड के नतीजों के साथ जहां हजारों घरों में खुशियां बिखरीं हुईं हैं। तो वहीं रुड़की से आई एक कहानी ने हर किसी का दिल जीत लिया। सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखने वाले एक छात्र ने अपनी मेहनत से प्रदेश में टॉप-5 में जगह बनाकर नया इतिहास रच दिया।
रुड़की के सिटी पब्लिक इंटर कॉलेज के छात्र लविश लामियान ने 500 में से 484 अंक हासिल करते हुए 96.8 प्रतिशत के साथ पूरे उत्तराखंड में पांचवां स्थान प्राप्त किया है।
पिता करते हैं मजदूरी लेकिन बेटे की पढ़ाई में नहीं होने दी कोई कमी
ये उपलब्धि इसलिए और भी खास हो जाती है क्योंकि लविश के पिता मजदूरी करते हैं। लेकिन उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। संघर्ष और मेहनत की इस कहानी में लविश की लगन साफ झलकती है।

दिन-रात की पढ़ाई, परिवार का त्याग और गुरुओं का मार्गदर्शन—इन्हीं के दम पर लविश ने ये मुकाम हासिल किया। उसकी इस सफलता ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे रुड़की शहर का नाम रोशन कर दिया है।
परिवार और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय
लविश की इस उपलब्धि से परिवार में जश्न का माहौल है, तो वहीं स्कूल में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। विद्यालय प्रबंधन ने लविश की इस उपलब्धि को गौरव का क्षण बताया। विद्यालय प्रबंधक दीपक वर्मा ने कहा कि लविश शुरू से ही होनहार छात्र रहा है और उसकी मेहनत रंग लाई है।
लाखों बच्चों के लिए प्रेरणा बने लविश
वहीं, लविश ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया और कहा कि उनका सपना आगे भी पढ़ाई कर देश के लिए कुछ बड़ा करने का है। लविश की ये सफलता उन तमाम छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को सच करने का हौसला रखते हैं।
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