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गणतंत्र दिवस 2026: परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह के टिकटों की बिक्री आज से शुरू , जानिए कीमत और बुकिंग प्रक्रिया…

republic day parade tickets 2026: गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट टिकट बिक्री आज से शुरू
भारत के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजनों में से एक गणतंत्र दिवस समारोह 2026 को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। आधिकारिक सूचना के अनुसार, republic day parade tickets सहित बीटिंग रिट्रीट और उसके फुल ड्रेस रिहर्सल के टिकटों की बिक्री 5 जनवरी 2026 यानि आज से शुरू होगी। यह बिक्री 14 जनवरी 2026 तक चलेगी या फिर तय दैनिक कोटा समाप्त होने तक जारी रहेगी।
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📅 गणतंत्र दिवस 2026: कार्यक्रमों की तारीखें
गणतंत्र दिवस से जुड़े प्रमुख कार्यक्रमों का आयोजन निम्नलिखित तारीखों पर किया जाएगा:
- 🇮🇳 गणतंत्र दिवस परेड: 26 जनवरी 2026
- 🎺 बीटिंग रिट्रीट फुल ड्रेस रिहर्सल: 28 जनवरी 2026
- 🎶 मुख्य बीटिंग रिट्रीट समारोह: 29 जनवरी 2026
इन तीनों कार्यक्रमों के लिए आम नागरिकों के लिए टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे।
💰 Republic Day Parade टिकट की कीमतें
आधिकारिक जानकारी के अनुसार republic day parade tickets और अन्य कार्यक्रमों के टिकटों की कीमतें इस प्रकार तय की गई हैं:
- 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस परेड):
- Rs100
- Rs20
- 28 जनवरी (बीटिंग रिट्रीट फुल ड्रेस रिहर्सल):
- Rs20
- 29 जनवरी (बीटिंग रिट्रीट मुख्य समारोह):
- Rs100
👉 टिकटों की बिक्री प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शुरू होगी और दैनिक कोटा समाप्त होने तक जारी रहेगी।
🖥️ Republic Day Parade Ticket Online Booking कैसे करें?
जो लोग ऑनलाइन टिकट खरीदना चाहते हैं, उनके लिए सरकार ने डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराई है।
🔹 republic day parade tickets ऑनलाइन खरीदने के लिए आधिकारिक वेबसाइट:
👉 www.aamantran.mod.gov.in
ऑनलाइन टिकट बुकिंग करते समय सही विवरण भरना अनिवार्य है।
🧾 टिकट खरीदने के लिए जरूरी पहचान पत्र
ऑनलाइन या ऑफलाइन, टिकट खरीदने और कार्यक्रम में प्रवेश के लिए मूल फोटो पहचान पत्र अनिवार्य होगा। मान्य पहचान पत्रों में शामिल हैं:
- आधार कार्ड
- वोटर आईडी
- ड्राइविंग लाइसेंस
- पैन कार्ड
- पासपोर्ट
- केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र
⚠️ नोट:
जिस पहचान पत्र से टिकट खरीदा गया है, वही पहचान पत्र कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश के समय भी साथ रखना अनिवार्य होगा।
🏢 ऑफलाइन टिकट काउंटर: स्थान और समय
जो लोग ऑफलाइन republic day parade tickets खरीदना चाहते हैं, उनके लिए नई दिल्ली में 6 स्थानों पर टिकट काउंटर बनाए गए हैं। ये काउंटर 5 जनवरी से 14 जनवरी 2026 तक कार्यरत रहेंगे।
📍 ऑफलाइन टिकट काउंटर स्थान:
- सेना भवन – गेट नंबर 5 के पास (बाउंड्री वॉल के अंदर)
- शास्त्री भवन – गेट नंबर 3 के पास (बाउंड्री वॉल के अंदर)
- जंतर मंतर – मुख्य गेट (बाउंड्री वॉल के अंदर)
- संसद भवन – रिसेप्शन काउंटर
- राजीव चौक मेट्रो स्टेशन – डी ब्लॉक, गेट नंबर 3 और 4 के पास
- कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन – कॉन्कोर्स लेवल, गेट नंबर 8 के पास
⏰ टिकट काउंटर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से खुले रहेंगे।
गणतंत्र दिवस: एक नज़र में
भारत में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ था, जिसके साथ ही भारत एक संप्रभु गणराज्य बना। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में हर वर्ष गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।
- भारतीय संविधान ने भारत सरकार अधिनियम 1935 का स्थान लिया
- 26 जनवरी का चयन पूर्ण स्वराज घोषणा (1930) की याद में किया गया
- देशभर में ध्वजारोहण और परेड का आयोजन होता है
- मुख्य गणतंत्र दिवस परेड नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित की जाती है
🎺 बीटिंग रिट्रीट समारोह क्या है?
बीटिंग रिट्रीट समारोह गणतंत्र दिवस समारोहों का औपचारिक समापन माना जाता है।
🔸 आयोजन स्थल: विजय चौक, नई दिल्ली
🔸 तिथि: 29 जनवरी 2026 (शाम)
इस समारोह में भाग लेते हैं:
- भारतीय थल सेना
- नौसेना
- वायु सेना
- दिल्ली पुलिस
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड
यह कार्यक्रम भारत के राष्ट्रपति की उपस्थिति में आयोजित किया जाता है और देश की सैन्य परंपराओं, वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि देता है।
❓ FAQs
Q1. republic day parade tickets कब से मिलेंगे?
👉 टिकटों की बिक्री 5 जनवरी 2026 से शुरू होगी।
Q2. ऑनलाइन टिकट कहां से खरीद सकते हैं?
👉 www.aamantran.mod.gov.in से।
Q3. ऑफलाइन टिकट कहां मिलेंगे?
👉 नई दिल्ली के 6 निर्धारित काउंटरों पर।
Q4. क्या पहचान पत्र जरूरी है?
👉 हां, टिकट खरीद और प्रवेश दोनों के लिए।
Q5. बीटिंग रिट्रीट समारोह कब है?
👉 29 जनवरी 2026 को।
🔚 निष्कर्ष
अगर आप 2026 में भारत के राष्ट्रीय गौरव से जुड़े आयोजनों को करीब से देखना चाहते हैं, तो republic day parade tickets आपके लिए सुनहरा अवसर हैं। समय पर टिकट खरीदकर गणतंत्र दिवस परेड, बीटिंग रिट्रीट और उसके रिहर्सल का हिस्सा बनें और भारत की सांस्कृतिक एवं सैन्य विरासत को सजीव अनुभव करें।
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CM ने खोला मुफ्त सुविधाओं का पिटारा, अब एक साल में मिलेंगे 3 LPG सिलेंडर फ्री

Free LPG Cylinder : विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान तमिलनाडु सरकार ने राज्य के परिवारों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री विजय ने सदन में कहा कि पात्र परिवारों को हर साल तीन LPG सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। ये योजना पोंगल 2027 से लागू किए जाने की तैयारी है।
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CM ने खोला पिटारा, साल में 3 LPG सिलेंडर मिलेंगे फ्री
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में नियम 110 के तहत इस योजना की घोषणा की। सरकार के मुताबिक, ‘अन्नपूर्णानी सुपर सिक्स’ नाम की इस योजना के लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये का बजट रखा जाएगा। सरकार का अनुमान है कि योजना से करीब 1,38,16,104 परिवार लाभान्वित होंगे।
किन परिवारों को मिलेगा फायदा ?
योजना का लाभ उन परिवारों को देने की बात कही गई है, जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। इसके दायरे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के अलावा छोटे और सीमांत किसान तथा ऐसे परिवार भी शामिल होंगे, जिनमें दिव्यांग सदस्य हैं और परिवार की आय निर्धारित सीमा के भीतर है।

सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी सिलेंडर की कीमत
सरकार के अनुसार, लाभार्थी जब LPG सिलेंडर के लिए पंजीकरण कराएंगे, तो तेल कंपनियों से संबंधित जानकारी ली जाएगी। इसके बाद मुफ्त सिलेंडर की कीमत लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे जमा किए जाने की व्यवस्था होगी। सरकार ने बताया कि योजना को लागू करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और पोंगल 2027 से इसे लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
चुनावी वादे से जुड़ी है योजना
बता दें कि मुफ्त कुकिंग गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना मुख्यमंत्री विजय की TVK पार्टी के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल रहा है। विधानसभा में इस घोषणा के साथ सरकार ने अब इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत दिया है।
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NET के 3 पेपर रद्द, NTA के खिलाफ छात्रों का हल्लाबोल, सड़कों पर उतरकर किया विरोध

UGC-NET Exam : UGC-NET जून 2026 में अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपर रद्द होने से विवाद बढ़ गया है। हजारों छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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NET के 3 पेपर रद्द, NTA के खिलाफ छात्रों का हल्लाबोल
UGC-NET जून 2026 की परीक्षा को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र समेत तीन विषयों की परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान कई सवाल दोहराए गए, कुछ प्रश्नों में तथ्यात्मक खामियां थीं और कई जगह भाषा व व्याकरण से जुड़ी गलतियां भी देखने को मिलीं।
सड़कों पर उतरकर किया विरोध
पेपर रद्द होने के फैसले के बाद छात्र संगठनों नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग
छात्र संगठनों की मांग है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाए। दिल्ली के ओखला स्थित NTA कार्यालय के बाहर SFI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए NTA को समाप्त करने की मांग भी उठाई।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की स्थिति से उनके परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इसका असर आगे होने वाले PhD दाखिलों और अकादमिक करियर की प्रक्रिया पर भी पड़ने की आशंका है।
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Nag Panchami 2026: 16 या 17 अगस्त कब है नाग पंचमी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त

Nag Panchami 2026: 16 या 17 अगस्त कब है नाग पंचमी?
सनातन धर्म में सावण (श्रावण) का महीना अत्यंत पवित्र माना जाता है।इसी पावन माह में आने वाली नाग पंचमी (Nag Panchami) का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।नाग पंचमी का पर्व मुख्य रूप से भगवान शिव (Lord Shiva) के आभूषण स्वरूप नाग देवताओं की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है।
वर्ष 2026 में नाग पंचमी की सही तारीख को लेकर पंचांग गणनाओं के कारण कुछ असमंजस की स्थिति बन रही है।इस लेख में हम नाग पंचमी 2026 की सटीक तिथि, प्रातःकालीन पूजा मुहूर्त, सम्पूर्ण पूजा विधि, पौराणिक महत्व और कालसर्प दोष से मुक्ति के प्रभावी उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
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Nag Panchami 2026 Date: 16 या 17 अगस्त कब मनाई जाएगी नाग पंचमी?
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है।
वर्ष 2026 की पंचांग गणना के आधार पर इस प्रकार है:
| विवरण | तिथि एवं समय |
| पंचमी तिथि प्रारंभ | 16 अगस्त 2026 (रविवार), शाम 04:52 बजे से |
| पंचमी तिथि समाप्त | 17 अगस्त 2026 (सोमवार), शाम 05:00 बजे तक |
| उदया तिथि नाग पंचमी | 17 अगस्त 2026, सोमवार |
| विशेष योग | तीसरा सावन सोमवार व्रत + सिंह संक्रांति |
शास्त्रों में उदया तिथि (सूर्योदय कालीन तिथि) को ही सर्वमान्य माना जाता है।चूंकि 17 अगस्त की सुबह सूर्योदय के समय पंचमी तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए नाग पंचमी का व्रत और पूजन 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को ही किया जाएगा।
विशेष ध्यान दें: 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी के दिन ही तीसरा सावन सोमवार भी पड़ रहा है।सावन सोमवार और नाग पंचमी का यह दुर्लभ संयोग शिव और नाग देव दोनों की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर प्रस्तुत करता है।(नोट: गुजरात में अमांत परंपरा के अनुसार नाग पंचमी 1 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी)।
Nag Panchami 2026 Shubh Muhurat (पूजा का शुभ मुहूर्त)
नाग पंचमी पर प्रातःकाल में नाग देवता का पूजन करना अत्यंत श्रेष्ठ फलदायी माना गया है।
की ज्योतिषाचार्य गणना के अनुसार शुभ मुहूर्त समय:
- नाग पंचमी पूजा मुहूर्त:17 अगस्त 2026, सुबह 05:51 AM से सुबह 08:29 AM तक।
- कुल अवधि:लगभग 2 घंटे 38 मिनट।
नाग पंचमी का धार्मिक और पौराणिक महत्व (Significance of Nag Panchami)
सनातन संस्कृति में प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति आभार व्यक्त करने की समृद्ध परंपरा रही है। नाग पंचमी इसी परंपरा का प्रतीक है:
- भगवान शिव और वासुकि नाग:भगवान शिव अपने गले में नागराज वासुकि को आभूषण स्वरूप धारण करते हैं।
- भगवान विष्णु और शेषनाग:भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर विराजमान रहते हैं।
- श्रीकृष्ण और कालिय दमन:पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि के आसपास भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना नदी को विषमुक्त करने के लिए कालिय नाग का दमन किया था।
- पर्यावरणीय महत्व:कृषि प्रधान भारत में सर्प किसानों के मित्र माने जाते हैं।वे खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों और कीटों का भक्षण कर फसलों की रक्षा करते हैं।
बारह प्रमुख नाग देवताओं के नाम
नाग पंचमी की पूजा के दौरान बारह प्रमुख नाग देवों का स्मरण और आवाहन करना शुभ होता है:
- अनंत
- वासुकि
- शेष
- पद्म
- कम्बल
- कर्कोटक
- अश्वतर
- धृतराष्ट्र
- शंखपाल
- कालिया
- तक्षक
- पिंगल
Nag Panchami Puja Vidhi: नाग पंचमी की सम्पूर्ण पूजा विधि
शास्त्रों के अनुसार नाग पंचमी के दिन निम्नलिखित विधि से पूजन करना चाहिए:
- स्नान एवं संकल्प:प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण कर पूजा का संकल्प लें।
- आकृति निर्माण:घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर गोबर, हल्दी या रोली से नाग देव की आकृति बनाएं।
- शिवलिंग पर जलाभिषेक:सावन सोमवार होने के कारण सबसे पहले तांबे के पात्र से शिवलिंग पर जल व कच्चा दूध अर्पित करें।
- नाग देव पूजन:मिट्टी, पीतल या चांदी की नाग प्रतिमा पर अक्षत, चंदन, हल्दी, रोली, फूल और दूर्वा अर्पित करें।
- भोग अर्पण:नाग देवता को भुने हुए चने, लावा (खील), दूध, गुड़ और सात्विक मिठाई का भोग लगाएं।
- मंत्र जाप:पूजा के समय
ॐ नमः शिवायतथाॐ नागदेवताय नमःमंत्रों का जप करें। - कथा श्रवण व आरती:अंत में नाग पंचमी की प्रामाणिक व्रत कथा सुनें और धूप-दीप से आरती उतारकर प्रसाद वितरित करें।
जीवदया संदेश: जीवित सांपों को जबरन दूध पिलाने से बचना चाहिए, क्योंकि दूध सांपों की पाचन क्रिया के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है।अतः केवल प्रतिमा या चित्र पर ही प्रतीकात्मक रूप से दूध अर्पित करना शास्त्रसम्मत है।
नाग पंचमी पर कालसर्प दोष निवारण के अचूक उपाय
ज्योतिष शास्त्र में नाग पंचमी को कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और सर्प दोष की शांति कराने के लिए अत्यंत सिद्ध दिन माना गया है।
- चांदी के नाग-नागिन का दान:इस दिन चांदी के बने नाग-नागिन के जोड़े का पूजन करके उसे बहते जल में प्रवाहित करें अथवा मंदिर में दान करें।
- महामृत्युंजय और रुद्राभिषेक: भगवान शिव का दूध व गंगाजल से रुद्राभिषेक कराएं और महामृत्युंजय मंत्र की कम से कम 108 बार एक माला का जाप करें।
- राहु-केतु शांति: नाग गायत्री मंत्र (
ॐ नवकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्) का जाप करने से राहु-केतु की अशुभ महादशा का प्रभाव कम होता है। - पीपल वृक्ष पूजन: पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और नाग देव से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. नाग पंचमी 2026 में किस तारीख को है?
उत्तर: उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को मनाई जाएगी।
Q2. नाग पंचमी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
उत्तर: 17 अगस्त 2026 को पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातः 05:51 AM से 08:29 AM तक रहेगा।
Q3. क्या नाग पंचमी पर सुई-धागे या तवे का प्रयोग मना होता है?
उत्तर: कई स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं में नाग पंचमी के दिन लोहे के तवे पर रोटी बनाना, सिलाई-कढ़ाई करना अथवा भूमि की खुदाई करना वर्जित माना जाता है।
Q4. सावन सोमवार और नाग पंचमी एक साथ पड़ने का क्या लाभ है?
उत्तर: शिवजी नागों के स्वामी हैं।अतः सोमवार को नाग पंचमी पड़ने से महादेव और नाग देव दोनों का एक साथ आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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