National
1 जनवरी से शुरू हो रही ‘Bharat Taxi’ ऐप , ओला-उबर और रैपिडो के लिए बजी खतरे की घंटी…

Ola , Uber , Rapido को टक्कर देने आगयी Bharat Taxi ऐप
भारत में ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसी दिग्गज कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने के लिए एक नया ‘देसी’ विकल्प तैयार हो गया है। केंद्र सरकार के सहयोग से शुरू होने वाली ‘भारत टैक्सी’ ऐप 1 जनवरी 2026 से दिल्ली में अपनी आधिकारिक सेवा शुरू करने जा रही है।
यह केवल एक ऐप नहीं, बल्कि एक सहकारी (Cooperative) आंदोलन है जो यात्रियों को सस्ते सफर और ड्राइवरों को बेहतर कमाई की गारंटी देता है। आइए जानते हैं क्या है ‘भारत टैक्सी’ ऐप और यह आपकी यात्रा को कैसे बदलेगा।
Table of Contents
Bharat Taxi ऐप: 1 जनवरी से दिल्ली में लॉन्च, ओला-उबर की मनमानी होगी खत्म!
दिसंबर 2025 के अंत में दिल्लीवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। सहकारी मॉडल पर आधारित भारत की पहली सरकारी समर्थित कैब सर्विस भारत टॅक्सी अब पूरी तरह तैयार है। इसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (Sahakar Taxi Cooperative Ltd) द्वारा संचालित किया जा रहा है।
Bharat Taxi ऐप की मुख्य विशेषताएं और फायदे
इस ऐप को यात्रियों और ड्राइवरों दोनों की समस्याओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहाँ इसके कुछ प्रमुख लाभ दिए गए हैं:
- सर्ज प्राइसिंग से मुक्ति: अक्सर बारिश या पीक ऑवर्स में ओला-उबर का किराया 2-3 गुना बढ़ जाता है। भारत टॅक्सी में फिक्स और पारदर्शी किराया होगा, जो पीक टाइम में भी नहीं बढ़ेगा।
- ड्राइवरों के लिए ‘जीरो कमीशन’ मॉडल: निजी कंपनियां ड्राइवरों से 25-30% तक कमीशन लेती हैं। इसके विपरीत, भारत टैक्सी ड्राइवरों को किराये का 80% से 100% हिस्सा खुद रखने की अनुमति देती है (केवल एक छोटा सदस्यता शुल्क लेकर)।
- सुरक्षा का भरोसा: यह ऐप दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ एकीकृत (Integrate) है। इसमें रियल-टाइम व्हीकल ट्रैकिंग और 24×7 कस्टमर सपोर्ट की सुविधा मिलेगी।
- सभी वाहन एक ही जगह: इस एक ऐप के जरिए आप ऑटो-रिक्शा, कार और बाइक टैक्सी तीनों बुक कर सकेंगे।
Bharat Taxi बनाम Ola-Uber
नीचे दी गई तालिका से आप समझ सकते हैं कि यह नया ऐप मार्केट में मौजूद पुराने खिलाड़ियों से कैसे अलग है:
| फीचर | Ola / Uber | Bharat Taxi ऐप |
| किराया मॉडल | सर्ज प्राइसिंग (अस्थिर) | स्थिर और पारदर्शी किराया |
| ड्राइवर कमीशन | 25% – 30% | 0% – 20% (सहकारी मॉडल) |
| स्वामित्व | प्राइवेट इन्वेस्टर | ड्राइवर-स्वामित्व (Co-owners) |
| सफलता का आधार | दिल्ली-गुजरात ट्रायल सफल | 56,000+ ड्राइवर रजिस्टर्ड |
Bharat Taxi ऐप पर बुकिंग कैसे करें? (Step-by-Step)
- डाउनलोड और साइन-अप: Google Play Store या Apple App Store से Bharat Taxi ऐप डाउनलोड करें और मोबाइल नंबर/OTP से रजिस्टर करें।
- लोकेशन चुनें: पिक-अप और ड्रॉप लोकेशन दर्ज करें।
- राइड का प्रकार: ऑटो, मिनी, सेडान या बाइक में से अपनी पसंद का विकल्प चुनें।
- बुकिंग कंफर्म करें: किराया चेक करें और ‘Book Now’ पर क्लिक करें। आप नकद, UPI या डिजिटल वॉलेट से भुगतान कर सकते हैं।
प्रो टिप: यह ऐप फिलहाल दिल्ली और गुजरात (राजकोट) में उपलब्ध है। सरकार की योजना अगले एक साल में इसे मुंबई, लखनऊ, पुणे और भोपाल जैसे 20 अन्य प्रमुख शहरों में विस्तार देने की है।
निष्कर्ष: क्या यह गेम चेंजर साबित होगा?
Bharat Taxi ऐप न केवल यात्रियों की जेब पर बोझ कम करेगा, बल्कि यह ड्राइवरों को ‘सारथी’ बनाकर उन्हें वित्तीय आजादी भी देगा। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भारत के परिवहन क्षेत्र में यह एक बड़ी क्रांति साबित हो सकता है।
Get the latest Uttarakhand news, breaking headlines, local stories, politics, jobs, and updates only on Janmanch TV. Fast, trusted and simple news daily.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. भारत टैक्सी (Bharat Taxi) ऐप क्या है? उत्तर: भारत टैक्सी एक सहकारी (Cooperative) कैब सर्विस ऐप है, जिसे ड्राइवरों के समूह और सरकार के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य ओला और उबर जैसी निजी कंपनियों के मुकाबले कम किराए में बेहतर सेवा देना है।
Q2. क्या भारत टैक्सी ऐप में सर्ज प्राइसिंग (किराया बढ़ना) लागू है? उत्तर: नहीं, भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें बारिश या पीक ऑवर्स के दौरान किराया अचानक नहीं बढ़ता। इसमें एक तय और पारदर्शी किराया प्रणाली लागू की गई है।
Q3. ड्राइवर ओला-उबर छोड़कर भारत टैक्सी से क्यों जुड़ रहे हैं? उत्तर: निजी कंपनियां ड्राइवरों से 25% से 30% तक कमीशन लेती हैं, जबकि भारत टैक्सी ‘जीरो या न्यूनतम कमीशन’ मॉडल पर काम करती है, जिससे ड्राइवरों की बचत 20-30% तक बढ़ जाती है।
Q4. भारत टैक्सी ऐप वर्तमान में किन शहरों में उपलब्ध है? उत्तर: फिलहाल इसकी सेवाएं दिल्ली और गुजरात (राजकोट) में शुरू की गई हैं। 1 जनवरी 2026 से इसका विस्तार लखनऊ, मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में किया जा रहा है।
National
RBI Polymer Notes 2026 : भारत में आने वाले हैं ₹200 और ₹500 के नए नोट , जानिए RBI की नई योजना…

RBI Polymer Notes 2026: क्या ₹200 और ₹500 के प्लास्टिक नोट आने वाले हैं?
भारत में एक बार फिर मुद्रा व्यवस्था को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। हाल ही में कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में Polymer Banknotes यानी प्लास्टिक नोटों को शुरू करने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इस खबर के सामने आने के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या ₹200 और ₹500 के नोट बदल जाएंगे? क्या पुराने नोट बंद हो जाएंगे? क्या यह 2016 की नोटबंदी जैसा कदम होगा?
फिलहाल RBI ने किसी नोटबंदी की घोषणा नहीं की है, लेकिन Polymer Currency Notes को लेकर चर्चा तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार RBI जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है, जिसके तहत कुछ मूल्यवर्ग के नोटों को Polymer Material पर छापा जा सकता है।
Polymer Notes क्या होते हैं?
Polymer Notes ऐसे बैंक नोट होते हैं जो पारंपरिक कागज के बजाय विशेष प्रकार की प्लास्टिक सामग्री पर बनाए जाते हैं। इन्हें आम भाषा में Plastic Currency Notes भी कहा जाता है।
हालांकि ये क्रेडिट कार्ड की तरह कठोर नहीं होते। ये सामान्य नोटों की तरह ही मुड़ सकते हैं और आसानी से इस्तेमाल किए जा सकते हैं। दुनिया के कई देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम में Polymer Currency पहले से सफलतापूर्वक उपयोग की जा रही है।
RBI Polymer Notes पर विचार क्यों कर रहा है?
भारत में डिजिटल पेमेंट्स तेजी से बढ़े हैं, लेकिन नकदी की मांग अभी भी काफी अधिक है। RBI के आंकड़ों के अनुसार देश में Currency in Circulation लगातार बढ़ रही है। इसी के साथ नोटों की छपाई और रखरखाव की लागत भी बढ़ रही है।
Polymer Notes पर विचार करने के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं:
1. नकली नोटों पर रोक
हाल ही में RBI की रिपोर्ट में नकली ₹500 नोटों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बैंकिंग सिस्टम में पकड़े गए फर्जी ₹500 नोटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
Polymer Notes में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं, जिनकी नकल करना काफी कठिन होता है।
2. लंबी उम्र
कागज के नोट जल्दी फट जाते हैं, गंदे हो जाते हैं या खराब हो जाते हैं। Polymer Notes अधिक समय तक चलते हैं और बार-बार बदलने की जरूरत कम होती है।
3. लागत में कमी
शुरुआत में Polymer Notes की छपाई महंगी हो सकती है, लेकिन उनकी लाइफ ज्यादा होने के कारण लंबे समय में खर्च कम हो सकता है।
4. ATM Compatibility
रिपोर्ट्स के अनुसार RBI अब ऐसी तकनीक विकसित कर चुका है जिससे ATM मशीनें Polymer Notes को आसानी से संभाल सकेंगी।
क्या ₹200 और ₹500 के नोट बदले जाएंगे?
सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा ₹200 और ₹500 नोटों को लेकर हो रही है। हालांकि कई रिपोर्ट्स में शुरुआती परीक्षण के लिए ₹10 और ₹20 नोटों का भी जिक्र किया गया है। अभी तक RBI ने आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि कौन-से मूल्यवर्ग सबसे पहले Polymer Format में आएंगे।
लेकिन ₹500 नोट पर विशेष ध्यान इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि यह भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले नोटों में से एक है और नकली नोटों के मामलों में भी इसका बड़ा हिस्सा सामने आता है।
क्या यह नोटबंदी होगी?
इस सवाल का जवाब है – नहीं।
फिलहाल ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि RBI या केंद्र सरकार मौजूदा ₹200 या ₹500 नोटों को अमान्य घोषित करने वाली है।
2016 की नोटबंदी में पुराने ₹500 और ₹1000 नोटों को कानूनी मान्यता से बाहर कर दिया गया था और उनकी जगह नए नोट जारी किए गए थे। वर्तमान Polymer Notes योजना केवल नोटों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुधारने से जुड़ी हुई दिखाई दे रही है।
इसलिए लोगों को किसी भी तरह की अफवाहों से बचना चाहिए।
Polymer Notes के प्रमुख फायदे
अधिक टिकाऊ
- जल्दी नहीं फटते
- पानी से कम खराब होते हैं
- गंदगी कम पकड़ते हैं
बेहतर सुरक्षा
- Transparent Windows
- Micro-Optic Features
- Advanced Holograms
- विशेष सुरक्षा स्याही
इन फीचर्स के कारण नकली नोट बनाना कठिन हो जाता है।
कम Replacement Cost
हर साल बड़ी संख्या में खराब नोटों को हटाना पड़ता है। Polymer Notes लंबे समय तक उपयोग में बने रह सकते हैं।
Polymer Notes के संभावित नुकसान
हालांकि इसके कई फायदे हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां भी मौजूद हैं।
शुरुआती निवेश अधिक
नई प्रिंटिंग तकनीक और मशीनों पर बड़ा खर्च करना पड़ सकता है।
लोगों की आदत बदलना
भारत में लोग लंबे समय से कागज के नोटों का इस्तेमाल करते आए हैं। नए नोटों को स्वीकार करने में समय लग सकता है।
बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव
ATM, Cash Sorting Machines और अन्य उपकरणों में कुछ तकनीकी बदलाव करने पड़ सकते हैं।
दुनिया के किन देशों में Polymer Notes हैं?
कई विकसित और विकासशील देशों ने Polymer Currency को अपनाया है।
कुछ प्रमुख देश:
- Australia
- Canada
- United Kingdom
- New Zealand
- Singapore
- Romania
- Vietnam
इन देशों में Polymer Notes को सफल माना जाता है क्योंकि इनकी लाइफ कागज के नोटों से काफी अधिक होती है।
भारत में Polymer Notes का पुराना इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब भारत में Polymer Currency की चर्चा हो रही है।
RBI ने 2013 में ₹10 Polymer Notes का सीमित परीक्षण भी किया था। हालांकि तकनीकी और परिचालन कारणों से उस समय यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब लगभग 12 साल बाद इस विचार को दोबारा जीवित किया जा रहा है।
क्या UPI के दौर में भी नकदी की जरूरत है?
भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट बाजार बन चुका है। UPI ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं।
इसके बावजूद नकदी की मांग खत्म नहीं हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे व्यापारियों और कई स्थानीय बाजारों में आज भी कैश का उपयोग व्यापक रूप से होता है। यही कारण है कि RBI नकदी प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए Polymer Notes पर विचार कर रहा है।
RBI की अगली रणनीति क्या हो सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI पहले सीमित स्तर पर Pilot Project शुरू कर सकता है।
संभावित चरण:
- चुनिंदा शहरों में परीक्षण
- सीमित मूल्यवर्ग के नोट जारी करना
- ATM और बैंकिंग सिस्टम की जांच
- जनता की प्रतिक्रिया लेना
- सफल होने पर बड़े स्तर पर विस्तार
हालांकि अंतिम फैसला RBI की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
निष्कर्ष
RBI Polymer Notes 2026 भारत की मुद्रा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। बढ़ती नकदी मांग, नकली नोटों की समस्या और प्रिंटिंग लागत को देखते हुए Polymer Currency एक आधुनिक समाधान के रूप में सामने आ रही है।
फिलहाल ₹200 और ₹500 के मौजूदा नोट पूरी तरह वैध हैं और उन्हें बंद करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन यदि Polymer Notes का पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में भारतीय मुद्रा का स्वरूप बदल सकता है।
FOR MORE NEWS VISIT JANMANCHTV
FAQs
RBI Polymer Notes क्या हैं?
Polymer Notes प्लास्टिक आधारित बैंक नोट होते हैं जो सामान्य कागज के नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ और सुरक्षित होते हैं।
क्या ₹500 के नोट बंद होने वाले हैं?
नहीं, अभी तक RBI ने ₹500 नोट बंद करने की कोई घोषणा नहीं की है।
क्या Polymer Notes भारत में जल्द लॉन्च होंगे?
रिपोर्ट्स के अनुसार RBI एक पायलट प्रोजेक्ट पर विचार कर रहा है, लेकिन आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
Polymer Notes का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
इनकी लंबी उम्र और बेहतर सुरक्षा फीचर्स सबसे बड़े फायदे माने जाते हैं।
क्या यह 2016 की नोटबंदी जैसा कदम है?
नहीं, यह नोटबंदी नहीं है। यह केवल नई तकनीक वाले नोटों को लाने की संभावित योजना है।
National
पेट्रोल और डीजल के बाद अब बढ़े सीएनजी के दाम, 2 रुपये प्रति किलोग्राम हुई महंगी, देखें नए रेट

CNG Price Hike : पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी उपभोक्ताओं को भी महंगाई का झटका लगा है। 26 मई से सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर इजाफा किया गया है।
Table of Contents
पेट्रोल और डीजल के बाद अब बढ़े सीएनजी के दाम
पेट्रोल और डीजल के बाद अब सीएनजी के दाम बढ़ गए हैं। नई दरों के अनुसार, CNG अब 2 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो गई है। बीते कुछ दिनों में ये चौथी बार है जब सीएनजी की कीमतों में बदलाव किया गया है। नई बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में CNG की कीमत बढ़कर 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है।
चौथी बार सीएनजी के दामों में हुई बढ़ोतरी
पिछले दिनों कीमतों में क्रमिक वृद्धि देखी गई थी। 15 मई को 2 रुपये, 18 मई को 1 रुपये, 23 मई को 1 रुपये और अब 26 मई को 2 रुपये की बढ़ोतरी के साथ बीते 11 दिनों में कुल 6 रुपये प्रति किलोग्राम तक कीमत बढ़ चुकी है।

इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र पर पड़ सकता है, जहां बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी, स्कूल वाहन और निजी गाड़ियां सीएनजी पर निर्भर हैं।
आने वाले दिनों में रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें हो सकती हैं महंगी
गौरतलब है कि हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी कई बार बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल की बढ़ती लागत से परिवहन खर्च बढ़ सकता है, जिसका असर सब्जियों, फलों, दूध, दवाओं और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
- काशीपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, कार से हथियारों का जखीरा बरामद, 237 कारतूस बरामद
- वोटिंग के बीच मंत्री की एंट्री से मचा बवाल, चुनाव आयोग तक पहुंचा मामला, शिकायत दर्ज होते ही मचा सियासी घमासान
- PM मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल पर CM धामी ने लिखा पत्र, उत्तराखंड के लिए किए कार्यों के लिए जताया आभार
- IND-A vs AFG-A Dream11 Team Tri Nation Series 2026: फैंटेसी क्रिकेट प्रेडिक्शन, प्लेइंग XI और बेस्ट कप्तान-उपकप्तान की चॉइस
- उत्तराखंड में यहां चल रहा था बच्चा चोरी का बड़ा रैकेट, पुलिस ने बच्चा चोर गिरोह का किया भंडाफोड़
National
आज से नौतपा शुरू, अगले नौ दिन पड़ेगी भीषण गर्मी, लू से बचना है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां

Nautapa 2026 : 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है। नौतपा का संबंध सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने से माना जाता है। मान्यता के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब धरती पर गर्मी का असर सबसे अधिक महसूस होता है। इसी वजह से इन शुरुआती नौ दिनों को नौतपा कहा जाता है।
Table of Contents
आज से नौतपा शुरू, अगले नौ दिन पड़ेगी भीषण गर्मी
Nautapa 2026 शुरू होते ही कई इलाकों में भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। भारतीय पंचांग के अनुसार ये नौ दिन साल के सबसे गर्म दिनों में शामिल होते हैं। इस दौरान लू लगना, शरीर में पानी की कमी, पेट संबंधी समस्याएं और थकान जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में खानपान और दिनचर्या का विशेष ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।
लू से बचना है तो भूलकर भी न करें ये गलतियां
विशेषज्ञों के अनुसार इस समय ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को ठंडा रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी की पूर्ति करें। वहीं, शरीर की गर्मी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है। सही खानपान अपनाकर गर्मी के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नौतपा में क्या करें और क्या ना करें ?
खाने-पीने में ज्यादा तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन कम लेना चाहिए, क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है। भारी नॉनवेज भोजन जैसे मटन से भी परहेज करना बेहतर माना जाता है। इसकी जगह हल्का भोजन जैसे दाल, हरी सब्जियां और ताजे फल शामिल किए जा सकते हैं।
चाय और कॉफी का अधिक सेवन करने के बजाय पानी, जूस और अन्य तरल पदार्थों को प्राथमिकता देना चाहिए। साथ ही शराब और धूम्रपान से दूरी बनाए रखना बेहतर रहता है।

नौतपा के दौरान इन चीजों को डाइट में करें शामिल
- छाछ और लस्सी
- नारियल पानी
- तरबूज, खरबूजा और खीरा
- नींबू पानी
- दही और हल्का भोजन
- मौसमी फल
- अधिक पानी और ORS

गर्मी से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
इसके अलावा गर्मी से बचाव के लिए हल्के और सूती कपड़े पहनना फायदेमंद माना जाता है। दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि धूप में बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को कपड़े, टोपी या अन्य साधनों से ढककर रखना चाहिए।
Cricket19 hours agoWI-W vs AUS-W Dream11 Team Warm Up Match 2026 : फैंटेसी क्रिकेट टिप्स, पिच रिपोर्ट, प्लेइंग इलेवन
Breakingnews17 hours agoमसूरी के झड़ीपानी में ब्रेक फेल होने से खाई में गिरी कार, हादसे में चार यात्रियों की मौके पर ही मौत
Job17 hours agoDSSSB Recruitment 2026 : दिल्ली में 1,979 पदों पर बंपर भर्ती, ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई
big news18 hours agoNEET Re-Exam : उत्तराखंड सरकार का बड़ा ऐलान! NEET छात्रों को मिलेगी निशुल्क बस यात्रा
uttarakhand weather18 hours agoउत्तराखंड में बढ़ी गर्मी की मार, पहाड़ से मैदान तक चढ़ा पारा, जानें और कितने दिन होगी गर्मी
Cricket15 hours agoIND-A vs AFG-A Dream11 Team Tri Nation Series 2026: फैंटेसी क्रिकेट प्रेडिक्शन, प्लेइंग XI और बेस्ट कप्तान-उपकप्तान की चॉइस
Dehradun13 hours agoPM मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल पर CM धामी ने लिखा पत्र, उत्तराखंड के लिए किए कार्यों के लिए जताया आभार
big news15 hours agoउत्तराखंड में यहां चल रहा था बच्चा चोरी का बड़ा रैकेट, पुलिस ने बच्चा चोर गिरोह का किया भंडाफोड़











































