Dehradun
10 साल से देश बहुत सारी परेशानियां झेल रहा है और उन सारी परेशानियों का इस घोषणा पत्र में है समाधान -राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत

अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सोशल मीडिया चेयरमैन और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत का कांग्रेस के घोषणा पत्र “न्याय पत्र”पर वक्तव्य:
ये घोषणा पत्र कमरे में बैठकर पूंजी पतियों की लिस्ट पर नहीं बना है ,यह घोषणा पत्र कुछ विशेषज्ञ या जानकारों से बात करके नहीं बना है। यह घोषणा पत्र इस देश की आवाज है इसकी जो वेबसाइट है उसका नाम भी है “आवाज भारत की।”
और यह घोषणा पत्र भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान जिन करोड़ों करोड़ लोगों से हम इस देश के मिले जिनकी आशाओं को, अपेक्षाओं को, आकांक्षाओं को और आशंकाओं को भी, उनके दुख,कष्ट और तकलीफों को भी हमने सुना यह उसका प्रतिबिंब है और इस घोषणा पत्र के पांच प्रमुख बिंदु है
नारी न्याय
युवा न्याय
किसान न्याय
श्रमिक न्याय और हिस्सेदारी न्याय
10 साल से देश बहुत सारी परेशानियां झेल रहा है और उन सारी परेशानियों का इस घोषणा पत्र में समाधान है।
*युवा न्याय*

देहरादून – इस देश में बेरोजगारी अपने 45 साल की चरम सीमा पर है इस देश में बेरोजगार जब अपनी नौकरी की बात करता है तो उसको सड़कों पर लाठियों से पीटा जाता है इस देश में बेरोजगारी का यह आलम है कि हर घंटे दो युवा अपनी जान ले रहे हैं। और इसलिए जब हमने युवा न्याय की बात करी तो हमने साफ तौर पर कहा सर्वप्रथम 30 लाख रिक्त सरकारी पद भरे जाएंगे,हर शिक्षित युवा को एक लाख सालाना के हिसाब से अप्रेंटिसशिप मिलेगी, पेपर लीक से युवाओं को मुक्ति दिलाएगी कांग्रेस पेपर लीक होता है और साल 10 साल मेहनत करने वाले बच्चे जिनके मां-बाप एक रोटी कम खाते हैं ताकि उनका बच्चा पर लिख जाए और जो युवा गाजर मूली की तरह बसों और गाड़ियों में भर भर के परीक्षा देने जाते हैं इंटरव्यू देने जाते हैं और उन्हें पता चलता है कि व्हाट्सएप पर पेपर लीक हो गया तो उनकी आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है, उस से पूरी तरह से छुटकारा पाने के लिए हम पेपर लीक के खिलाफ सख्त से सख्त कानून लाएंगे हमने यह भी फैसला किया है कि हम एक जॉब कैलेंडर बनाएंगे जिसमें नौकरी की घोषणा से लेकर नियुक्ति पत्र पाने तक की तिथियां अंकित होगी जो की पूरी तरह से एक पारदर्शी सिस्टम होगा। और खास तौर से एक योजना उत्तराखंड के युवाओं के लिए है सारे देश को पता है कि उत्तराखंड के तमाम युवा इस देश की सेना में अपनी शौर्य और पराक्रम की सेवाएं देते हैं और इस सरकार ने सेना की मनोबल को तोड़ने के लिए उनके शौर्य और पराक्रम का उपहास उड़ाया जब इन्होंने 4 सालों के लिए ठेके पर अग्नि वीर रखने शुरू कर दिए अग्निपथ योजना के माध्यम से हमारी पार्टी का संकल्प है कि हम इस अग्निवीर योजना को पूरी तरह से खत्म कर देंगे और पूर्व की भांति सेना को उसका खोया हुआ गौरव लौटाएंगे।

नारी न्याय
अब बात करते हैं नारी न्याय की कहा जाता है कि यदि एक महिला शिक्षित होती है तो उसका पूरा परिवार पर शिक्षित हो जाता है हमारा मानना है कि यदि एक महिला के हाथ में पैसा आएगा तो उसके परिवार की ही तरक्की होगी इसलिए हम महालक्ष्मी योजना के तहत गरीब परिवार की मुखिया के अकाउंट में ₹100000 सालाना डालेंगे। नई सरकारी नौकरियों में 50% आरक्षण महिलाओं के नाम होगा, महिलाओं को सुरक्षित और संरक्षित माहौल देने के लिए कामकाजी महिलाओं के लिए महिला हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा, यह वूमंस हॉस्टल हर जिले में होगा, हनुमान तौर पर यह देखा गया है कि महिला के साथ अपराध तब होता है जब उसे अपने हक के बारे में पता नहीं होता है, हर महिला पंचायत में एक नारी मैत्री कार्यक्रम के अंतर्गत एक महिला की नियुक्ति की जाएगी जो महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देने का काम करेगी और उनके कानूनी विकल्पों के बारे में उन्हें बताएगी।

किसान न्याय
अब बात करते हैं किसान न्याय की उत्तराखंड की उपज आज पूरे देश और विश्व में जानी जाती है पिछले 10 सालों में किसानों ने जब-जब अपने हक की बात की तब तब उनके ऊपर बर्बरता की गई और जब वह दिल्ली आना चाहते थे तो किसी तानाशाह ने दिल्ली को अपनी बपौती समझते हुए उनके लिए कीलें तक बिछा दीं
साड़ी 700 किसानों ने अपनी शहादत दे दी किसान आंदोलन में पर किसी तानाशाह का दिल नहीं पिघला और एमएसपी पर कानून आज तक नहीं बदला। हमने अपने न्याय पत्र में वादा किया है कि हम किसानों को एमएसपी की पूर्ण कानूनी गारंटी देंगे हम किसानों का कर्ज माफ करेंगे मौजूदा सरकार ने अपने पूंजीपति मित्रों के 16 लाख करोड रुपए माफ करे लेकिन हम किसानों का कर्ज माफ करेंगे हमने पूर्व में भी किया है 2009 में 72000 करोड़ रुपए मनमोहन सरकार ने माफ किए हैं हम खेती के तमाम उपकरणों को जीएसटी मुक्त करेंगे जिससे किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी।
श्रमिक न्याय
मनरेगा और सभी मज़दूरी का न्यूनतम मानदेय बढ़ा कर 400 रुपये प्रतिदिन किया जाएगा
ज़ोमैटो, स्वीगी जैसी कंपनी में काम करने वालों की क़ानून से मिलेगी सामाजिक सुरक्षा
25 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य योजना – जिसमें इलाज, टेस्ट, दवाई सब मिलेगा
हिस्सेदारी न्याय
गिनती करो: देश के लोगों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए आर्थिक और जातिगत जनगणना होगी
जल, जंगल, ज़मीन का क़ानूनी हक़ – वन अधिकार क़ानून वाले पट्टों का 1 साल में फ़ैसला
वन अधिकार अधिनियम लागू किया जाएगा
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र अधिसूचित होंगे
पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन महारा अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा नियुक्त मीडिया प्रभारी डॉक्टर चयनिका उनियाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) मथुरादत्त जोशी,चीफ कोऑर्डिनेटर राजीव महर्षि, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, राजनीतिक एवं मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह, उत्तराखंड सोशल मीडिया अध्यक्ष विकास नेगी, प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट,सुनीता प्रकाश प्रदेश संयोजक सोशल मीडिया विशाल मौर्य उपस्थित रहे।
Uttarakhand
धामी सरकार की बड़ी सौगात, मात्र 3 लाख रुपये में मिलेगा आधुनिक फ्लैट, तैयार हुई उत्तराखंड की सबसे बड़ी EWS आवासीय परियोजना…

तैयार हुई उत्तराखंड की सबसे बड़ी EWS आवासीय परियोजना
गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के संकल्प के साथ उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार मिलकर एक ऐसी आवासीय परियोजना को अंतिम रूप दे रही हैं, जो हजारों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के ग्राम बागवाला में 1872 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की सतत निगरानी में विकसित यह परियोजना राज्य में गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (उधमसिंह नगर) द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास अब तक पक्का मकान नहीं है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद हजारों लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है।
गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की नई बस्ती
‘अपना घर, अपना स्वाभिमान’ की भावना के साथ तैयार की गई इस EWS आवासीय परियोजना में कुल 1872 आवासों का निर्माण किया गया है। इनमें से 832 फ्लैट पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 512 अतिरिक्त फ्लैटों में अंतिम चरण के छोटे-मोटे कार्य तेजी से चल रहे हैं। सरकार की योजना शीघ्र ही परियोजना का लोकार्पण कर लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपने की है। सबसे बड़ी बात यह है कि छह लाख रुपये लागत वाले इन आधुनिक फ्लैटों के लिए लाभार्थी को मात्र तीन लाख रुपये ही देने होंगे। शेष राशि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी। इससे सीमित आय वाले परिवारों को भी सम्मानजनक आवास प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय परिसर
करीब 6.0281 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस आवासीय परियोजना का निर्माण क्षेत्रफल लगभग 39,220 वर्ग मीटर है। योजना में कुल 23 बहुमंजिला आवासीय ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें आधुनिक शहरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक फ्लैट में एक बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन, टॉयलेट, बाथरूम और बरामदा उपलब्ध कराया गया है। लगभग 28 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इन आवासों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि छोटे परिवारों को पर्याप्त सुविधा और बेहतर जीवन स्तर मिल सके। परियोजना की विशेषता यह है कि सभी भवन भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित किए गए हैं। इसके साथ ही चौड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर
बागवाला आवासीय परियोजना को केवल मकानों का समूह नहीं, बल्कि एक आधुनिक और टिकाऊ आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया गया है। परिसर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), सीवरेज सिस्टम और अत्याधुनिक एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था की गई है।परियोजना में हरे-भरे पार्क, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र और सौंदर्यीकरण के व्यापक कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं। हॉर्टिकल्चर का कार्य पूर्ण होने से परिसर का वातावरण आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बन गया है।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगी सुविधा
आवासीय परिसर का स्थान भी इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। बागवाला स्थित यह परियोजना मुख्य बाजार और प्रमुख मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर है। बस स्टेशन छह किलोमीटर और रेलवे स्टेशन आठ किलोमीटर दूर स्थित है। बेहतर सड़क संपर्क और शहर के प्रमुख क्षेत्रों से नजदीकी के कारण यहां रहने वाले परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।
पारदर्शी होगी आवंटन प्रक्रिया
सरकार ने आवास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। पात्र लाभार्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन के लिए आवेदक का प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक को 17 जून 2015 से पूर्व का उत्तराखंड निवासी होना चाहिए तथा उसकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। मात्र पांच हजार रुपये जमा कर आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। शेष राशि के भुगतान के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों पर खरा परिसर
परियोजना में सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परिसर में आरसीसी बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। सभी ब्लॉकों में विद्युत कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा यूपीसीएल द्वारा इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जांच भी पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा फायर डिपार्टमेंट द्वारा फायर फाइटिंग सिस्टम का सफल परीक्षण किया जा चुका है। जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अंडरग्राउंड टैंक और ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए हैं, जबकि एसटीपी भी परीक्षण चरण में पहुंच चुका है।
धामी सरकार की समावेशी विकास सोच का उदाहरण
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित बागवाला परियोजना उत्तराखंड में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं को गति दे रही है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिल रहा है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की निगरानी में तेजी से आगे बढ़ी यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में जब हजारों परिवार अपने नए घरों में प्रवेश करेंगे, तब यह केवल मकानों का हस्तांतरण नहीं होगा, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की एक नई शुरुआत होगी। बागवाला की यह आवासीय बस्ती उत्तराखंड में गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बदलने वाली एक नई पहचान बनने जा रही है।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
सचिव आवास एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के बागवाला में विकसित की गई यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना में गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए गए हैं। शीघ्र ही पात्र लाभार्थियों को आवासों का आवंटन कर चाबियां सौंपी जाएंगी, जिससे हजारों परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा।
Uttarakhand
नंदा गौरा योजना: हरिद्वार और उत्तरकाशी की 4098 बालिकाओं को मिला लाभ, खातों में पहुंचे 19.23 करोड़ रुपये

नंदा गौरा योजना के तहत बड़ी डीबीटी ट्रांसफर
देहरादून : नंदा गौरा योजना के तहत गुरुवार को हरिद्वार और उत्तरकाशी जनपद की कुल 4098 पात्र बालिकाओं को योजना का लाभ प्रदान किया गया। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से इन बालिकाओं के बैंक खातों में लगभग 19.23 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की।
पहले छूटी हुई बालिकाओं को मिला लाभ
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश की 33,251 पात्र बालिकाओं को 26 फरवरी 2026 को ही योजना का लाभ दिया जा चुका था।
हालांकि, हरिद्वार और उत्तरकाशी जनपद की कुछ बालिकाओं की आवश्यक औपचारिकताएं और जनपद स्तरीय समिति से अनुमोदन समय पर पूरा नहीं हो सका था, जिसके कारण उन्हें उस समय लाभ नहीं मिल पाया था।
अब सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय से इन 4098 बालिकाओं को डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि जारी की गई।

सरकार की प्रतिबद्धता
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश की कोई भी पात्र बेटी योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि नंदा गौरा योजना बालिकाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
लाभार्थियों का विवरण
इस बार लाभान्वित बालिकाओं में शामिल हैं:
- जन्म के समय सहायता पाने वाली 417 बालिकाएं
- 12वीं उत्तीर्ण कर स्नातक में प्रवेश लेने वाली 3681 बालिकाएं
योजना का अब तक का कुल आंकड़ा
गौरतलब है कि नंदा गौरा योजना के अंतर्गत वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश की कुल 4,11,035 बालिकाओं को लगभग 1314 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की जा चुकी है।
Uttarakhand
स्व. जसपाल राणा के त्रयोदशी संस्कार में पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और CM धामी, दी भावभीनी श्रद्धांजलि

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मझौन, देहरादून में प्रसिद्ध निशानेबाज़ एवं पद्मश्री स्व. जसपाल राणा के त्रयोदशी संस्कार में शामिल होकर स्वर्गीय जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वर्गीय जसपाल राणा के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। साथ ही उन्होंने परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त की तथा भगवान से इस दुःख की घड़ी में परिवार को धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।


इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश बृजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सौरव बहुगुणा, खजान दास , सांसद डॉ. महेश शर्मा, अजय भट्ट, डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, विधायक पंकज सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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