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हल्द्वानी में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष–2025 का भव्य शुभारंभ, सीएम धामी ने 17 करोड़ से अधिक की बांटी सहायता

हल्द्वानी में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष–2025 का भव्य शुभारंभ — सीएम धामी ने 17 करोड़ से अधिक की सहायता बांटी, सहकारिता व पर्यटन को नई दिशा
सीएम धामी का बड़ा ऐलान: सहकारी समितियाँ होंगी राज्य विकास की रीढ़, 671 समितियाँ पूरी तरह डिजिटल — सहकारिता क्षेत्र में उत्तराखंड राष्ट्रीय मॉडल बना
महिलाओं को बड़ी सौगात — मुख्यमंत्री ने कहा: ‘1 लाख 68 हजार से अधिक लखपति दीदी हमारी शक्ति’, SHG समूहों को करोड़ों की सहायता प्रदान
धर्मांतरण, लैंड जिहाद और भ्रष्टाचार पर सीएम धामी का सख्त संदेश — 10 हजार एकड़ भूमि मुक्त, 250 अवैध मदरसे सील, 200 से अधिक भ्रष्टाचारी जेल में
हल्द्वानी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एम0बी0 इंटर कॉलेज, हल्द्वानी (जनपद नैनीताल) में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष–2025 के उपलक्ष्य में भव्य सहकारिता मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पशुपालन एवं सब्जी उत्पादन में कार्यरत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मध्यकालीन दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता कल्याण योजना के तहत 16.97 करोड़ रुपये तथा एनआरएलएम स्वयं सहायता समूहों के अंतर्गत 75.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय ने गर्मजोशी से मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मेले के शुभारंभ पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष और राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित यह मेला प्रदेश में सहकारिता आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि ‘सहकारिता से पर्यटन विकास’ थीम पर आधारित इस सात दिवसीय मेले में प्रदेश की सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और किसानों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को मंच मिलेगा। साथ ही ईको-आतिथ्य, ईको-पर्यटन, होमस्टे प्रबंधन, स्थानीय व्यंजन, कृषि एवं फल उत्पाद संवर्धन जैसे विषयों पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सहकारिता की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता मानव समाज का प्राचीन सिद्धांत है, जो सामूहिक प्रगति, सहयोग और एकता को बढ़ावा देता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को “अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया जाना सहकारिता की वैश्विक महत्ता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एक अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया है, जो केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में अभूतपूर्व कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में सहकारिता को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण की शुरुआत पूरे देश में पहली बार उत्तराखंड से हुई और आज सभी 671 समितियाँ पूरी तरह डिजिटल प्रणाली से कार्यरत हैं। 24 समितियाँ जन औषधि केंद्रों के रूप में कार्य कर रही हैं तथा 640 समितियाँ कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित की गई हैं, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा, पेंशन, आधार तथा अन्य डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 5511 समितियों में से 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड किया जा चुका है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ी हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने फरवरी 2023 से अब तक 800 नई PACS, 248 नई डेयरी समितियाँ और 116 मत्स्य समितियाँ गठित की हैं। मिलेट मिशन के अंतर्गत किसानों से मंडुवा की खरीद दर भी बढ़ाई गई है, जो इस वर्ष 48.86 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि “दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना” के तहत किसानों व स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मत्स्य पालन एवं फ्लोरीकल्चर जैसे कार्यों हेतु 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण, तथा सहकारी समितियों के माध्यम से 1 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त फसली ऋण प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी होना जनता के भरोसे का प्रमाण है।
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बड़ी खबर : हल्द्वानी में आंधी-तूफान का कहर, स्कूल की दीवार गिरने से मलबे में दबे आठ लोग

Haldwani News : उत्तराखंड में रविवार को मौसम ने करवट ली और जोरदार आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। बारिश और आंधी तूफान के कारण भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। हल्द्वानी में आंधी के कारण एक स्कूल की दीवार गिर गई। जिसके मलबे में आठ लोग दब गए।
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हल्द्वानी में आंधी-तूफान से गिरी स्कूल की दीवार
नैनीताल जिले के हल्द्वानी में रविवार रात आंधी के कारण सेंट स्कूल की दीवार गिर गई। दिवार गिरने के कारण बगल में रह रहे आठ लोग मलबे में दब गए। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और सभी को मलबे से निकालकर आस्पताल पहुंचाया।
स्कूल की दीवार गिरने से मलबे में दबे आठ लोग
मिली जानकारी के मुताबिक रविवार रात करीब डेढ़ बजे भीषण तूफान के कारण हल्द्वानी के सेंट स्कूल की दीवार गिर गई। जिसके मलबे में आठ लोग दब गए। गनीमत रही कि पड़ोसियों ने सभी तुरंत मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया जिस से बड़ी घटना टल गई।

देर रात आंधी-तूफान ने नैनीताल में मचाया तांडव
बताया जा रहा है कि देर रात आए आंधी-तूफान के कारण नैनीताल जिले में भारी नुकसान हुआ है। भीषण तूफान के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई जगह पर पेड़ गिरने से नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर बिजली की लाइनें भी टूट गई हैं। यहां तक कि कुछ स्थानों पर घरों की छतें उड़ने की खबरें भी आ रही हैं।
पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग भी उखड़ी
तेज हवाओं के कारण हल्द्वानी में सड़कों पर पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग भी उखड़ गई। जिस कारण कई जगहों पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई। अचानक आए इस तूफान के कारण लोगों में हड़कंप मच गया। तूफान के कारण पेड़ गिरने से काफी देर तक आज सुबह यातायात भी प्रभावित रहा।
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नैनीताल : मुक्तेश्वर के सालियाकोट गांव में कॉटेज में लगी भीषण आग, कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया काबू

Nainital News : नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर में सालियाकोट गांव में एक कॉटेज में आग लग गई। आग लगने की जानकारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू।
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मुक्तेश्वर के सालियाकोट गांव में कॉटेज में लगी भीषण आग
मुक्तेश्वर में सालियाकोट गांव देर रात एक कॉटेज में आग लगने से हड़कंप मच गया। कॉटेज से धुंआ उठता देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आग को बुझाने की कोशिश की लेकिन तक तक आग भंयकर रूप ले चुकी थी। जिसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचा दी गई। सूचना पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका
अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने जानकारी दी कि मुक्तेश्वर के सालियाकोट गांव में बने अनीता सूद कॉटेज आग लगी थी। प्रथम दृष्टया आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। लेकिन आग लगने की घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि कड़ी मशक्त के बाद आग पर काबू पा लिया गया है।

लकड़ियों का कॉटेज होने के कारण तेजी से फैली आग
बताया जा रहा है कि गांव वालों ने कॉटेज से धुंआ उठता हुआ देखा। जिसके बाद वो मौके पर पहुंचे तो देखा आग लगी हुई थी। ग्रामीणों ने खुद आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन कॉटेज लकड़ियों का बना होने के कारण आग तेजी से फैली और विकराल रूप ले लिया।
Ramnagar
होली के रंगों से स्किन नहीं होगी खराब, उत्तराखंड में यहां बनाया जा रहा सब्जियों-फूलों से सुरक्षित हर्बल गुलाल

Ramnagar News : होली का त्योहार नजदीक है और रंगों की बाजार में भरमार है, लेकिन अगर आप केमिकल वाले रंगों से त्वचा को होने वाले नुकसान से परेशान हैं तो ये खबर आपके लिए है। उत्तराखंड के रामनगर में महिलाएं सब्जियों-फूलों से सुरक्षित गुलाल बना रही हैं।
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होली के रंगों से आपकी स्किन नहीं होगी डैमेज
होली का त्यौहार रंगों का त्यौहार है। जिसमें हर कोई एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। लेकिन बाजार में आजकल कैमिकल वाले रंग भी आ रहे हैं। जिस कारण स्किन खराब हो जाती है। कई बार इसके गंभीर परिणाम भी देखने को मिलते हैं। इसी को देखते हुए नैनीताल जिले के रामनगर के पास स्थित कानियां ग्रामसभा की महिलाओं ने इसका बेहतरीन विकल्प तैयार किया है। यहां महिलाएं पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से हर्बल गुलाल बना रही हैं।
बनाया जा रहा सब्जियों-फूलों से बन रहा सुरक्षित हर्बल गुलाल
महिलाएं फलों, फूलों और सब्जियों से हर्बल गुलाल तैयार कर रहीं हैं। जिसकी मांग स्थानीय स्तर से लेकर महानगरों तक पहुंच चुकी है। बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त रंगों ने कई लोगों को परेशानी में डाला है, त्वचा पर एलर्जी, आंखों में जलन और बालों को नुकसान जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में लोग अब सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प तलाश रहे हैं।

इसी मांग को समझते हुए रामनगर की कानियां ग्रामसभा में वुमेन रिसोर्सेज सेंटर (WRC) समूह की महिलाओं ने हर्बल गुलाल तैयार करने की अनोखी पहल शुरू की है।
ये समूह देहरादून से संचालित पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी के संस्थान हिमालयन एनवायरनमेंटल स्टडीज़ एंड कंजरवेशन ऑर्गनाइजेशन (HESCO) के अंतर्गत कार्य कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद तैयार करना है।
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