Udham Singh Nagar
बाजपुर में दर्दनाक हादसा: बाढ़ देखने गए 11 साल के मासूम की डूबकर मौत, गांव में मातम

बाजपुर। उत्तराखंड के बाजपुर में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। लेवड़ा नदी में आई बाढ़ का नजारा देखने गए 11 साल के किशोर यश की डूबकर मौत हो गई। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
रविवार को पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद लेवड़ा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। गांव खमरिया निवासी यश अपने दोस्तों के साथ बेरिया दौलत रोड पर बाढ़ देखने गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में बहता चला गया। साथ में मौजूद बच्चों ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और बच्चे की तलाश शुरू कर दी।
लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद टाट वाले बाबा मंदिर के पास बनी नहर में यश को ढूंढ निकाला। उसे आनन-फानन में उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया। मौके पर एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा, तहसीलदार अक्षय कुमार भट्ट, भाजपा नेता राजेश कुमार, गौरव शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि भी पहुंचे। पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव के लोग इस दुखद घटना से सदमे में हैं, किसी को यकीन नहीं हो रहा कि महज बाढ़ का नजारा देखने निकला एक मासूम बच्चा अब उनके बीच नहीं रहा।
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बेटी से छेड़छाड़ का विरोध किया तो कर दी हत्या, पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

Khatima News : ऊधम सिंह नगर के खटीमा में युवती से कथित छेड़छाड़ का विरोध करना उसके पिता को भारी पड़ गया। मामले में पुलिस ने फरार चल रहे दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि विरोध करने पर दोनों भाइयों ने युवती के पिता के साथ मारपीट की और इसी दौरान चारपाई की पाटी से उनके सिर पर हमला कर दिया। गंभीर हालत में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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बेटी से छेड़छाड़ का विरोध किया तो कर दिया सिर पर वार
पुलिस के अनुसार घटना 27 सितंबर की है। खटीमा क्षेत्र में एक युवती सरकारी नल से पानी लेने गई थी। इसी दौरान उसके साथ छेड़छाड़ किए जाने का आरोप लगा। युवती के पिता ने इसका विरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि संजय और उसके भाई सुभाष ने उनके साथ मारपीट की। इसी दौरान संजय ने चारपाई की पाटी से उनके सिर पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।\
इलाज के दौरान पिता की मौत
घायल व्यक्ति को परिजनों ने इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर ले जाया जा रहा था, लेकिन 28 सितंबर को रास्ते में उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर खटीमा कोतवाली में धारा 103(1), 117(2), 3(5) और 74 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामला गंभीर होने के चलते एसएसपी अजय गणपति ने पुलिस टीमों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को पुराने रेलवे फाटक, खेतल संडा खाम के पास से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 35 वर्षीय संजय और 33 वर्षीय सुभाष, दोनों पुत्र रामभरोसे के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों सगे भाई हैं। बुधवार को दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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बाजपुर में मदरसा सील होने पर हड़कंप, संचालक ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

Bazpur News : उधम सिंह नगर के बाजपुर में प्रशासन ने मदरसा जामिया हनफिया रज़ाउल उलूम को सील कर दिया। इस कार्रवाई को राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। प्रशासन की अचानक हुई कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हलचल देखने को मिली।
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बाजपुर में मदरसा सील होने पर हड़कंप
बाजपुर में मदरसा सील होने पर हड़कंप मच गया है। मदरसा संचालक इरशाद अली ने सीलिंग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मदरसे के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले से चल रही थी और इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा कराया जा चुका था।
संचालक ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
संचालक के अनुसार, प्रशासनिक अधिकारियों को रजिस्ट्रेशन आवेदन से जुड़े दस्तावेज और शुल्क जमा करने की रसीद भी दिखाई गई थी। इसके बावजूद टीम ने मदरसे को सील कर दिया।

इरशाद अली का कहना है कि जब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी, तो आखिर किस आधार पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई की वजह स्पष्ट करने और पूरी प्रक्रिया की जानकारी देने की मांग की है।
कार्रवाई के बाद मदरसा संचालक ने जताया विरोध
बताया जा रहा है कि प्रशासनिक टीम अधिकारियों की मौजूदगी में मदरसा परिसर पहुंची और सीलिंग की कार्रवाई पूरी की। कार्रवाई के बाद मदरसा संचालक ने विरोध जताते हुए प्रशासन की प्रक्रिया और फैसले पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कार्रवाई के विस्तृत आधार को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
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रुद्रपुर में मौलाना को भड़काऊ बयान देना पड़ा भारी, मुदकमा दर्ज, विधायक ने भी दिया जवाब

Rudrapur News : ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में त्रिशूल चौक पर ईद उल मिलादुन्नबी के जलूस के दौरान एक ऐसा भड़काऊ बयान वायरल हुआ जो कि मौलवी को भारी पड़ गया है। इस विवादित भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस एशन मे आई और मुकदमा दर्ज कर दिया और जाँच शुरू कर दी है।
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रुद्रपुर में मौलाना को भड़काऊ बयान देना पड़ा भारी
ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में ईद-उल-मिलादुन्नबी के दौरान रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्म के लोगों के बीच एक विवादित बयान दे डाला, जिसके बाद सियासत में उबाल आ गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस एक्शन में आई और विवादित बयान देने वाले मौलवी पर मुकदमा दर्ज कर दिया।
वीडियो में वक्ता द्वारा कहा गया कि अगर मदरसे बंद कर दिए तो फिर देखना मुसलमान क्या हाल करेंगे। ये किसी की सुनने वाले नहीं हैं। ये तो अपने मौलाना की इज्जत करते हैं, तो सुन लेते हैं, वरना आज भी वही जज्बा है, जब शहादत के समय था, जब जंग हुई थी और नबी जब परेशान हुए थे। इस तरह के बयान मुस्लिम वक्ता द्वारा दिए गए, जिसके बाद माहौल गरमा गया है और भाजपा विधायक शिव अरोड़ा ने इसका जवाब दिया है।

विधायक शिव अरोड़ा ने भी दिया जवाब
भड़काऊ भाषण को लेकर कहा कि बारावफात पर रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर कुछ कट्टरपंथी ये धमकाते हैं कि मुसलमान क्या हाल करेंगे, अगर मदरसे बंद कर दिए गए तो। ये जितने भी अवैध मदरसे हैं, ये आतंकवादी और दंगाई पैदा होते हैं, वह बंद ही नहीं, नस्तेनाबूद होंगे। ये मुख्यमंत्री धामी की सरकार है। यहां दंगाइयों और आतंकवादियों को पैदा करने वाले मदरसों की कोई जगह नहीं है।
और कांग्रेस की मानसिकता, जो तुम्हें मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने के सपने दिखाती थी, ऐसे सपने देखना बंद करो। और ये जो धमकाने की हिमाकत कर रहे हो, सुधर जाओ, नहीं तो ऐसा हाल होगा कि सात पुश्तें याद रखेंगी।
सरकारी जमीनें ली गईं हैं वापस
विधायक ने कहा कि रुद्रपुर ईदगाह की जमीन की बात है, वो सरकारी जमीन थी, वापस ली गई और दुनिया की कोई ताकत उस जमीन को तुम्हें वापस नहीं दिला सकती। और यहां के नए-नए नेता, जो कांग्रेसी बने हैं, वो इसी जलसे में कूद-कूदकर मुबारकबाद देते फिर रहे थे और जब हिंदुओं को धमकाया गया कि मुसलमान क्या हाल करेंगे, तब उनकी जुबान सिल जाती है।
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