Uttarakhand
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बिहार में भाजपा उम्मीदवार के लिए किया जोरदार प्रचार

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बिहार के गोरियाकोठी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी देवेशकांत सिंह के समर्थन में आयोजित नामांकन सह आशीर्वाद सभा में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ सम्मिलित होकर जनता से एनडीए को प्रचंड मतों से विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देवेशकांत सिंह ने विधायक रहते हुए इस क्षेत्र में अनेक विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है। जनता के जोश और उत्साह को देखकर यह स्पष्ट है कि इस बार देवेशकांत जी पिछली बार की तुलना में और अधिक मतों से जीत दर्ज करेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी की डबल इंजन सरकार ने बिहार में अभूतपूर्व विकास कार्य किए हैं। आज बिहार के हर जिले में विकास की गति दिखाई दे रही है। सड़कों से लेकर रेल सेवाओं तक हर क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लिए करोड़ों की राशि स्वीकृत की है और रेल बजट में भी अभूतपूर्व वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीब कल्याण और अंत्योदय के लक्ष्य को साकार करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। आज बिहार के हर घर में बिजली, पानी और शौचालय की सुविधा पहुँची है। कांग्रेस के समय में सिर्फ ‘गरीबी हटाओ’ के नारे दिए जाते थे, लेकिन आज वास्तव में गरीबों के उत्थान के लिए काम हो रहा है और 30 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के पुनरुत्थान का कार्य भी निरंतर जारी है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने उत्तराखंड में किए गए सुधारात्मक निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जहाँ समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है। राज्य में ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’ और अवैध मदरसों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा ‘ऑपरेशन कालनेमि’ चलाकर पाखंडियों पर सख्त कार्रवाई की गई है।

राजद और कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस जैसी पार्टियाँ तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति में लिप्त हैं। लालू परिवार ने भ्रष्टाचार में कांग्रेस को भी पीछे छोड़ दिया है चारा घोटाला हो या IRCTC घोटाला, पूरा परिवार इसमें संलिप्त पाया गया है। यही वे लोग हैं जिन्होंने बिहार को जंगलराज में तब्दील कर दिया था, जब अपराध चरम पर था, दिनदहाड़े हत्याएँ होती थीं, महिला अपराध होते थे और रंगदारी मांगने वालों का बोलबाला था। उन्होंने कहा कि इन विरोधियों का एकमात्र लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी जी को रोकना है। इनके पास बिहार के विकास के लिए कोई विजन या एजेंडा नहीं है। राहुल गांधी चुनाव के बाद गायब हो जाते हैं और तेजस्वी यादव ट्वीट तक सीमित हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने अंत में कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि बिहार की जनता एक बार फिर विकासवादी सोच पर मुहर लगाकर एनडीए की सरकार बनाने जा रही है। बिहार का जनादेश इस बार भी विकास, सुशासन और स्थिरता के पक्ष में होगा।
big news
राहुल गांधी ने उठाया देहरादून में हुई ब्रिगेडियर की हत्या का मामला, उत्तराखंड की काूनन व्यवस्था पर साधा निशाना

Dehradun News : सोमवार को जोहड़ी में हुए गोलीकांड में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की हत्या मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चिंता जताई है। इस मामले को लेकर उन्होंने उत्तराखंड की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।
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देहरादून में हुई ब्रिगेडियर की हत्या पर राहुल गांधी ने जताई चिंता
सोमवार को देहरादून के जोहड़ी इलाके में हुए फायरिंग मामले में एक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की मौत को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस घटना पर सवाल उठाए और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधा।

उत्तराखंड की काूनन व्यवस्था पूरी तरह धवस्त
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा है कि ‘ देहरादून में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर वी के जोशी जी की दिनदहाड़े निर्मम हत्या साफ बताती है कि उत्तराखंड की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। सरहद पर देश की रक्षा में जीवन समर्पित करने वाले ही आज अपने शहर में ही असुरक्षित हैं।

आम नागरिक और कई समुदाय डर कर जीने को मजबूर हैं। BJP राज में सिर्फ़ अपराधी बेखौफ और महफूज़ है। कभी शांति और सुरक्षा की पहचान रहा है हमारा उत्तराखंड, आज BJP के ग़ैर-जिम्मेदार नेतृत्व में हिंसा, हत्या और भय के साये में सिमट कर रह गया है।”
Dehradun
चारधाम यात्रा रूट पर 24 घंटे तैनात रहेगी डॉक्टरों की टीम, प्रवेश बिंदुओं पर होगी स्क्रीनिंग

Char Dham Yatra 2026 : 19 अप्रैल से प्रारंभ हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों में जुटा हुआ है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्गों तथा ट्रांजिट कैंपों में चिकित्सा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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चारधाम यात्रा रूट पर 24 घंटे तैनात रहेगी डॉक्टरों की टीम
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चारधाम यात्रा रूट पर लगभग 1350 डॉक्टरों Qj पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती हेतु विस्तृत रोस्टर तैयार किया गया है। ये टीमें विभिन्न पड़ावों, कैंपों और प्रमुख स्थलों पर 24 घंटे सेवाएं प्रदान करेंगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके। सभी चिकित्सा कर्मियों को संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के अधीन रखा गया है।
यात्रा के प्रवेश बिंदुओं पर होगी स्क्रीनिंग
यात्रा के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग एवं मेडिकल चेकअप की सख्त व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही यात्रा मार्गों पर आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी भी प्रदर्शित की जाएगी। ताकि श्रद्धालु यात्रा के दौरान सतर्क एवं सुरक्षित रह सकें।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी की जाएगी तैनाती
महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखंड, डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यात्रा मार्गों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
मेडिकल कॉलेजों में दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों को जनपद स्तर व राजधानी स्थित मेडिकल कॉलेजों में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सक्षम बनाना है।
प्रशिक्षण के दौरान सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक थकान, रक्तचाप असंतुलन और हृदय संबंधी समस्याओं के त्वरित उपचार की विशेष जानकारी दी जा रही है। साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने का अभ्यास भी कराया जा रहा है।
Rishikesh
अच्छी खबर : ऋषिकेश में अब जाम के झाम से मिलेगी मुक्ति, ऋषिकेश बाईपास 4-लेन को मिली मंजूरी

Rishikesh News : ऋषिकेश में जल्द ही जाम के झाम से राहत मिलने वाली है। ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई है।
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ऋषिकेश में अब जाम के झाम से मिलेगी मुक्ति
ऋषिकेश में अब जाम के झाम से लोगों को छुटकारा मिलने जा रहा है। केंद्र से ऋषिकेश बाईपास 4-लेन को मंजूरी मिल गई है। मंत्रालय द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से गुजरेगा बाईपास
बता दें कि ये बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा ये बाईपास भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा और इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।
सरकार सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रयासरत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश बाईपास परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “ ये परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार राज्य के दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”
केंद्र ने 1105.79 करोड़ रुपए की दी स्वीकृति
मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना के लिए प्रारंभिक अनुमान ₹1151.18 करोड़ था, जिसे संशोधित कर ₹1139.40 करोड़ किया गया और अंततः ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना को तीन वर्षों की समयावधि में पूरा किया जाएगा और कार्य में किसी प्रकार की लागत या समय वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी।
निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी तथा सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे। इस परियोजना के लिए व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में भारत सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के अंतर्गत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है।
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