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मोदी–धामी तालमेल बना विकास का इंजन, उत्तराखंड को मिली विकास की नई रफ्तार

Uttarakhand News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सशक्त केमिस्ट्री केवल राजनीतिक समीकरण नहीं, बल्कि परिणाम देने वाली साझेदारी के रूप में सामने आई है। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से उत्तराखंड के विकास की रफ्तार मिली है।
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मोदी–धामी तालमेल बना विकास का इंजन
केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की धामी सरकार का तालमेल उत्तराखंड के विकास के लिए इंजन बन गया है। बहुप्रतीक्षित लखवाड़ और सौंग परियोजनाओं को गति देना हो, वंदे भारत ट्रेन का संचालन सुनिश्चित करना हो, एयरपोर्ट विस्तार की दिशा में ठोस प्रगति हो, ऑल वेदर सड़क परियोजना के लिए अतिरिक्त धनराशि मुक्त करानी हो या उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच वर्षों से उलझे परिसंपत्ति विवाद को सुलझाना—ऐसे अनेक जटिल और संवेदनशील मुद्दों पर धामी ने अपनी धाकड़ शैली में समाधान प्रस्तुत किए हैं।
यही कारण है कि राज्य गठन के बाद के कालखंड में अपने साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में पुष्कर धामी ने मुख्यमंत्री के रूप में केंद्र से सर्वाधिक विकास योजनाओं को स्वीकृत कराकर उन्हें धरातल पर उतारने का रिकॉर्ड स्थापित किया है।
उत्तराखंड को मिली विकास की नई रफ्तार
कुछ दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में कुंभ की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की थी। इस बैठक में व्यवस्थाओं, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, सुरक्षा और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए गए। उन्होंने दो टूक कहा कि कुंभ की तैयारियों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। इस प्रशासनिक कसावट के तुरंत बाद वे पूरी तैयारी और विस्तृत प्रस्तावों के साथ दिल्ली रवाना हुए।

वहां केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल से हुई मुलाकात निर्णायक साबित हुई। राज्य की आवश्यकताओं, विस्तृत परियोजना खाके और वित्तीय औचित्य को मजबूती से रखने के बाद ही हरिद्वार कुंभ 2027 के लिए ₹500 करोड़ की राशि जारी हुई। यह स्पष्ट संकेत है कि दिल्ली की यात्रा केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि ठोस परिणाम लेकर लौटी।
कुंभ 2027 बनेगा भीड़ प्रबंधन का मॉडल
हरिद्वार में 2027 का कुंभ अब केवल धार्मिक आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि आधुनिक अवसंरचना, सुनियोजित यातायात, सुदृढ़ पेयजल व्यवस्था और व्यवस्थित भीड़ प्रबंधन का मॉडल बनने की दिशा में अग्रसर है। 34 बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स घाटों का पुनर्निर्माण, 90 मीटर स्पान का द्वि-लेन स्टील गर्डर पुल, अस्थायी पुलों की स्थापना, प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण, पेयजल के लिए ओवरहेड टैंक और नए ट्यूबवेल इन सबके पीछे एक स्पष्ट प्रशासनिक दृष्टि दिखाई देती है।
Dehradun
Dehradun Crime: युवती को चापड़ दिखाकर धमकाने वाला आरोपी गिरफ्तार

देहरादून में युवती को चापड़ दिखाकर धमकी, आरोपी गिरफ्तार
Dehradun Crime: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के में लगातार बढ़ रहे अपराधिक ममलों से आम जनता में दहशत का माहौल है. इसी बीच थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के अंतर्गत राजीव नगर से एक युवक द्वारा युवती को चापड़ दिखाना और अश्लील कमेंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है.
मुख्य बिंदु
युवती को चापड़ दिखाकर धमकाने का विडियो वायरल
जानकारी के मुताबिक, 24 फरवरी को थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस को सूचना मिली कि राजीव नगर इलाके में एक व्यक्ति युवती को चापड़ दिखाकर धमकी दे रहा था. सोशल मीडिया पर विडियो वायरल होने के बाद थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस मौके पर पहुंची.
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पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पूछताछ में पता चला कि लड़के ने युवती पर अश्लील कमेंट भी किए थे. साथ ही युवती जब कुछ अन्य साथियों के साथ जब युवक के पास पहुंची तो आरोपी ने उनके साथ अभद्रता की. इस दौरान आरोपी ने युवती को धारदार हथियार चापड़ दिखाकर धमकी भी दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लिया है. मामले में आगे क़ानूनी कार्रवाई की जा रही है.
- आरोपी की पहचान – शिव सिंह रावत, निवासी राजेन्द्र नगर
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थाना नेहरू कॉलोनी प्रभारी, संजीत कुमार ने बताया कि-
एक युवती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की थी, जिस पर राजेन्द्र नगर निवासी शिव सिंह रावत ने आपत्ति जताते हुए कथित रूप से अभद्रता की. इसके बाद युवती अपने कुछ साथियों के साथ लोअर राजीव नगर स्थित युवक की दुकान पर पहुंची, जहां युवक ने युवती और उसके साथियों के साथ अभद्र व्यवहार किया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया. थाना नेहरू कॉलोनी प्रभारी संजीत कुमार के मुताबिक आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है.
-संजीत कुमार, प्रभारी, थाना नेहरू कॉलोनी-
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आज होगी धामी कैबिनेट की अहम बैठक, बजट सत्र से पहले कई अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

Dhami Cabinet : आज सचिवालय में धामी कैबिनेट की अहम बैठक होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। आगामी विधानसभा बजट सत्र के मद्देनजर कैबिनेट की बैठक को बेहद ही अहम माना जा रहा है।
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आज होगी धामी कैबिनेट की अहम बैठक
आज सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में धामी कौबिनेट की अहम बैठक होगी। मंत्रिमंडल की बैठक सचिवालय में 12:30 बजे शुरू होगी। आगामी विधानसभा बजट सत्र से पहले होने वाली इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बजट सत्र से पहले कई अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में बजट सत्र से पहले कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। बता दें कि गैरसैंण के भराड़ीसैंण में 9 मार्च सेबजट सत्र शुरू होगा। इसलिए आज की बैठक में सदन में पेश होने वाले विधेयकों को कैबिनेट की मंजूरी संभव है।
आउट ऑफ टर्न जॉब के प्रस्ताव पर भी लग सकती है मुहर
मंत्रिमंडल की बैठक में 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान प्रदेश के पदक विजेताओं की नौकरी पर भी आज फैसला होगा। 243 पदक विजेताओं की आउट ऑफ टर्न जॉब के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है।
इसके साथ ही समान नागरिक संहिता संशोधन विधेयक पर भी अंतिम स्वीकृति मिल सकती है। बता दें कि इसमें कई अपराधों में दंड अवधि तय करने का प्रावधान शामिल है। मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों के वार्षिक प्रतिवेदन भी पेश होंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को भी हरी झंडी मिल सकती है।
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इमरजेंसी में भी देरी! कोरोनेशन अस्पताल की व्यवस्था कटघरे में, घायल युवती ने खोली हॉस्पिटल की पोल

उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्थिति – कोरोनेशन अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल
DEHRADUN NEWS: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय कोरोनेशन अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएँ सामने आई हैं। हाल ही में एक युवती, प्रियंका चौहान, को उपचार के दौरान जिस प्रकार की अव्यवस्था, देरी और प्रक्रियात्मक जटिलताओं का सामना करना पड़ा, वो सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है।
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मुख्य बिंदु
घायल युवती ने खोली उत्तराखंड की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल
मिली जानकारी के मुताबिक, प्रियंका चौहान गंभीर अवस्था में अस्पताल की इमरजेंसी में पहुँचीं। लेकिन तत्काल उपचार देने के बजाय उन्हें पहले इमरजेंसी विभाग से ऑर्थोपेडिक विभाग में भेजा गया। ऑर्थो विभाग में भी प्राथमिक उपचार शुरू करने से पहले बिलिंग की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद एक्स-रे के लिए भेजा गया, जहाँ पुनः बिलिंग की औपचारिकता पूरी करनी पड़ी। एक्स-रे रिपोर्ट आने के बाद प्लास्टर के लिए फिर से अलग से बिलिंग करवाई गई। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद जाकर उनका प्लास्टर किया गया।
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DEHRADUN NEWS– घायल को प्राथमिक उपचार देने में फेल हॉस्पिटल प्रशासन
सबसे बड़ा प्रश्न ये है कि यदि कोई मरीज अत्यंत गंभीर स्थिति में हो या जीवन-मृत्यु की अवस्था में हो, तो क्या इस प्रकार की लंबी और जटिल प्रक्रिया उसकी जान को खतरे में नहीं डाल सकती? आपातकालीन सेवाओं का मूल उद्देश्य त्वरित और प्राथमिक उपचार देना होता है, न कि मरीज और उसके परिजनों को विभागों और बिलिंग काउंटरों के चक्कर लगवाना।
जिला अस्पताल देहरादून में मूलभूत सुविधाओं की चिंताजनक स्थिति
अस्पताल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है। व्हीलचेयर जर्जर अवस्था में हैं, जिनका संचालन ठीक से नहीं हो पा रहा था। स्वच्छता व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। मरीजों और उनके परिजनों को उचित मार्गदर्शन और सहयोग का अभाव महसूस हुआ।
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सरकारी अस्पताल विशेषकर उन लोगों के लिए जीवनरेखा होते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और निजी अस्पतालों का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। यदि सरकारी अस्पतालों में भी इस प्रकार की लापरवाही और अव्यवस्था बनी रही, तो आम जनता का भरोसा पूरी तरह से डगमगा सकता है।
हम उत्तराखंड सरकार एवं संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से निम्नलिखित मांग करते हैं:
- पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- आपातकालीन सेवाओं में “ट्रीटमेंट फर्स्ट, बिलिंग लेटर” की नीति लागू की जाए।
- विभागों के बीच समन्वय व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
- अस्पताल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे व्हीलचेयर, स्ट्रेचर, स्वच्छता और उपकरणों का तत्काल निरीक्षण कर सुधार किया जाए।
- जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
- यह विषय केवल एक मरीज का नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र से जुड़ा हुआ है। जनहित में आवश्यक है कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए और आम नागरिकों को सम्मानजनक तथा त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
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