Almora
उत्तराखंड: अब जागेश्वर धाम दिन भर नहीं, रात भर चमकेगा

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में इन दिनों बदलाव की बयार चल रही है। देवदार के साये में बसे इस प्राचीन मंदिर समूह की सुंदरता अब रात के समय भी नज़र आएगी। मास्टर प्लान के तहत चल रहा लाइटिंग का काम अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और जुलाई से पूरी धाम रौशन नजर आएगी।
125 मंदिरों के समूह जागेश्वर धाम को सीएम ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से लाइटिंग व्यवस्था तैयार की जा रही है। कार्यदायी संस्था लोनिवि पीआईयू के एई हेमंत पाठक ने जानकारी दी कि जून के अंत तक लाइटिंग का कार्य पूरा हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक से तैयार की जा रही लाइटिंग से रात के समय मंदिर की भव्यता और भी निखर कर सामने आएगी। इसके बाद मास्टर प्लान के तहत अन्य विकास कार्य शुरू होंगे।
गर्मी बढ़ते ही जागेश्वर धाम में पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। प्रतिदिन यहां 5 से 6 हजार श्रद्धालु और सैलानी पहुंच रहे हैं…जबकि शनिवार और रविवार को यह आंकड़ा 10 से 12 हजार तक पहुंच रहा है। ऐसे में रात को रोशनी के साथ मंदिर परिसर का दृश्य और भी मनमोहक हो जाएगा।
#JageshwarTempleLighting #AlmoraTourism #ReligiousTourismDevelopment #NightIlluminationProject
Almora
पहाड़ में इलाज की ऐसी बेबसी! 6 अस्पतालों के चक्कर, फिर मां और दोनों बच्चों की मौत

Almora News : अल्मोड़ा के इनोलू गांव से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलती खबर सामने आ रही है। यहां इलाज के लिए एक परिवार को दर-दर भटकना पड़ा। जिसका खामियाजा परिवार को एक साथ तीन जानों से चुकाना पड़ा।
Table of Contents
3 दिन अस्पतालों के चक्कर लगाए फिर भी नहीं बची गर्भवती
अल्मोड़ा के इनोलू गांव की 24 वर्षीय गर्भवती निशा की मौत ने पहाड़ी क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के मुताबिक, निशा की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे बेहतर इलाज की उम्मीद में रामनगर से हल्द्वानी और फिर काशीपुर तक ले जाया गया। परिवार तीन दिनों तक अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाता रहा, लेकिन निशा और उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों को समय पर उपचार नहीं मिल सका।
निशा को अचानक सांस लेने में हुई थी परेशानी
30 अगस्त की रात निशा को अचानक सांस लेने में परेशानी हुई। कुछ समय बाद हालत सामान्य लगी तो परिवार ने इसे गंभीर नहीं माना, लेकिन 31 अगस्त की सुबह उसकी दिक्कत दोबारा बढ़ गई। इसके बाद परिजन उसे रामनगर के रामदत्त जोशी राजकीय चिकित्सालय ले गए। वहां उसकी स्थिति को जटिल बताते हुए हल्द्वानी ले जाने की सलाह दी गई।
परिजन निशा को सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल, हल्द्वानी लेकर पहुंचे। यहां निजी अस्पताल में उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया। परिजनों के अनुसार जांच के बाद उसकी स्थिति ठीक बताई गई और उसे घर ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद परिवार उसे एक रिश्तेदार के घर ले गया।
रात में फिर बिगड़ी थी तबीयत
एक सितंबर की रात करीब नौ बजे निशा की हालत अचानक फिर खराब हो गई। सांस लेने में परेशानी बढ़ने के बाद परिवार उसे दोबारा सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि उसकी हालत गंभीर और मामला जटिल बताते हुए उसे भर्ती नहीं किया गया और आगे इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।
इसके बाद परिवार ने एक निजी अस्पताल में इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन वहां भी उपचार नहीं हो पाया। निशा की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे काशीपुर ले गए। वहां भी उन्हें तीन अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े।
गर्भवती मां के साथ दोनों बच्चों की भी मौत
परिजनों के मुताबिक 2 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे निशा को ऑपरेशन थिएटर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसे लगातार दो अटैक आए और उसकी मौत हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गर्भ में मौजूद दोनों बच्चों को बाहर निकाला। परिजनों के अनुसार, एक बच्चा पहले ही दम तोड़ चुका था, जबकि दूसरे की भी कुछ घंटे बाद मौत हो गई। निशा की मौत के साथ ही परिवार ने एक साथ तीन जिंदगियां खो दीं।
Uttarakhand
ब्रेकिंग न्यूज : अल्मोड़ा में भारी बारिश का कहर, मलबा मकान में घुसने 3 लोगों की मौत

Almora News : प्रदेश में बीते 24 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। अल्मोड़ा में भारी बारिश के कारण एक घर में मलबा घुस गया। जिस कारण तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
Table of Contents
अल्मोड़ा में भारी बारिश का कहर
प्रदेश में हो रही लगातार जारी भारी बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है। अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर तहसील क्षेत्र के हवालबाग ब्लॉक अंतर्गत वडयूड़ा गांव में देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज बारिश के दौरान पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा खिसककर एक मकान में जा घुसा, जिससे घर में मौजूद एक ही परिवार के तीन लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई।
सोमेश्वर में मलबा मकान में घुसने 3 लोगों की मौत
मिली जानकारी के अनुसार हादसा देर रात करीब दो बजे हुआ। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी का मलबा अचानक नीचे आ गया और सीधे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया।

इस हादसे में मृतकों की पहचान प्रेमा देवी, पत्नी राजेंद्र राम, कल्पना आर्या, पुत्री राजेंद्र राम और मनीष कुमार, पुत्र राजेंद्र कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मलबे की चपेट में आई महिला के साथ उनके बेटे और बेटी की भी जान चली गई।
घटना के बाद से गांव में पसरा मातम
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू टीमों ने मलबे के बीच दबे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया। लेकिन तब तक तीनों लोगों की मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद से गांव में मातम पसर गया है।
Almora
अल्मोड़ा में तेंदुए का आतंक! घर में घुसकर सो रही बुजुर्ग पर किया हमला, इलाके में सनसनी

Almora News : उत्तराखंड में गुलदार का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अल्मोड़ा जिले के स्यालदे में गुलदार ने घर में घुसकर एक बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया।
Table of Contents
अल्मोड़ा में घर में घुसकर तेंदुए ने बुजुर्ग पर किया हमला
अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे क्षेत्र के फूलाई गांव में तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में डर का माहौल है। शुक्रवार तड़के एक तेंदुआ घर के अंदर घुस गया और वहां सो रही 88 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया। हमले में महिला घायल हो गईं।
तेंदुए ने घर के अंदर सो रही बुजुर्ग महिला पर किया हमला
ग्राम प्रधान अमन बिष्ट के मुताबिक फूलाई गांव निवासी 88 वर्षीय परुली देवी अपने घर में सो रही थीं। बताया गया कि रात करीब तीन बजे तेंदुआ अचानक घर में घुस आया और उसने बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में उनके सिर और हाथों पर चोटें आईं।
महिला के शोर मचाने पर घर में मौजूद उनकी बहू की नींद खुल गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद तेंदुआ वहां से भाग गया। ग्रामीणों ने घायल परुली देवी को तत्काल भिकियासैंण अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आगे की जांच के लिए रामनगर रेफर कर दिया।

घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल
बताया जा रहा है कि उपचार के बाद वृद्धा की स्थिति स्थिर है और वो खतरे से बाहर हैं। वहीं, घर के अंदर तेंदुए के घुसने और बुजुर्ग महिला पर हमला करने की घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया जाएगा पिंजरा
जौरासी रेंज के रेंजर आशुतोष जोशी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके का जायजा लिया और अस्पताल पहुंचकर घायल महिला का हाल जाना। इसके बाद प्रभावित क्षेत्र में तेंदुए की तलाश और निगरानी के लिए गश्त बढ़ा दी गई है।
वन विभाग के अनुसार, तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित इलाके में नियमित पेट्रोलिंग की जा रही है और जल्द ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया जाएगा।
Dehradun23 hours agoदेहरादून में बुजुर्ग महिला की घर में घुसकर हत्या, दो दिनों में तीन मर्डर से मची सनसनी
big news6 hours agoनौकरी चाहने वालों के लिए खुशखबरी, 29 सितंबर को रोजगार मेला, दुबई का जाने का भी मौका
Dehradun23 hours agoउत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल, 3 CO का हुआ ट्रांसफर, देखें लिस्ट
uttarakhand weather7 hours agoउत्तराखंड में अगले 6 दिन बारिश की चेतावनी, पढ़ें मौसम विभाग का नया अपडेट
Chamoli5 hours agoबद्रीनाथ धाम में आस्था का नया रिकॉर्ड, पहली बार 17.79 लाख के पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या
Dehradun4 hours agoNEET UG फर्जी सर्टिफिकेट कांड में एक और गिरफ्तारी, SIT ने भोपाल से दबोचा आरोपी







































