Dehradun
उत्तराखंड में ट्राॅलियों से नदियों को पार करने के जोखिम से जल्द मिलेगी मुक्ति, लोनिवि 28 जगहों पर बनाएगा पुल।

देहरादून – उत्तराखंड को ट्राॅलियों से नदियों को पार करने के जोखिम से जल्द मुक्ति मिलेगी। लोक निर्माण विभाग के स्तर पर संचालित हो रहीं 28 ट्राॅलियों के स्थान पर सरकार नए पुल बनाने जा रही है। विश्व बैंक से तीन ट्राॅलियों की जगह पुलों के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है।

एक पुल प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाया जाएगा। शेष 24 ट्राॅलियों वाले स्थानों पर पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य के अभी भी कई दुर्गम और दूरस्थ गांवों में आवागमन के लिए ट्रालियों का सहारा लिया जाता है। कई बार इन ट्राॅलियों के टूटने या उनसे दुर्घटना होने की खबरें भी सामने आती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश में ऐसे सभी स्थानों पर पुल बनाए जाने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में अब लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव बनाने शुरू कर दिए हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2024-25 में इन सभी ट्राॅलियों के स्थान पर नए पुल और झूला पुल बनाने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। विभागीय स्तर पर ऐसे सभी स्थानों का चिह्नीकरण हो चुका है और विभाग से शासन को प्रस्ताव भेजे जाने शुरू हो गए हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, शासन को अब तक आठ स्थानों पर ट्राॅलियों के स्थान पर पुल बनाने के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें पिथौरागढ़ जिले की गौरा नदी पर बुगडियार, सेलमाली में बुजगड़ नदी पर लुंगटी में अस्कोट के घट्टाबगड़ में मनकोट, घटखोला में पुल बनाए जाने प्रस्तावित हैं। धौला नदी के खेलादारम पैदल मार्ग पर और तवाघाट शोभला मार्ग पर भी पुल बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा शासन ने विभाग को अन्य स्थानों पर ट्राॅलियों की जगह पुल बनाए जाने के प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए हैं।
लोनिवि सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि प्रदेश में जहां भी आवागमन के लिए ट्राॅलियों का इस्तेमाल हो रहा है, उनकी जगह नए पुल बनाए जाएंगे। विभागीय स्तर से ऐसे प्रस्तावों की एक सूची प्राप्त हो गई है। अन्य पुलों के लिए भी प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया है। कोशिश है कि इस वित्तीय वर्ष में ऐसे सभी पुलों पर काम शुरू हो जाए।
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देहरादून में नगर आयुक्त का एक्शन, बैठक के बहाने बुलाए इंस्पेक्टर, फोन जब्त कर सड़क पर ले गए

Dehradun News : शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए नगर आयुक्त ने आज अचानक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम में हड़कंप मच गया। नगर आयुक्त ने पहले सभी इंस्पेक्टरों को बैठक के बहाने नगर निगम कार्यालय बुलाया। यहां सभी के फोन जब्त कराए गए। इसके बाद नगर आयुक्त सभी इंस्पेक्टरों के साथ शहर की सड़कों पर निरीक्षण के लिए निकल पड़े।
निरीक्षण के दौरान राजपुर रोड पर कई जगह कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले। इस पर नगर आयुक्त ने संबंधित इंस्पेक्टरों और सुपरवाइजरों से जवाब तलब किया। मौके पर ही एक सुपरवाइजर को निलंबित करने के आदेश भी जारी कर दिए गए।
नगर आयुक्त की इस कार्रवाई से निगम कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। औचक निरीक्षण के जरिए नगर निगम की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की ड्यूटी में लापरवाही की स्थिति को परखा गया।
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करवाचौथ पर उत्तराखंड की महिला कर्मचारियों की रहेगी छुट्टी, शासन ने जारी किए आदेश

Uttarakhand News : करवाचौथ के अवसर पर उत्तराखंड में महिला कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत प्रदेश के शासकीय और अशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और शासकीय प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिला कार्मिकों को 29 अक्टूबर 2026, बृहस्पतिवार को अवकाश मिलेगा।
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करवाचौथ पर उत्तराखंड की महिला कर्मचारियों की रहेगी छुट्टी
उत्तराखंड शासन के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में राज्यपाल की स्वीकृति के बाद महिला कार्मिकों के लिए करवाचौथ पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। आदेश संबंधित कार्यालयों और संस्थानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों पर लागू होगा।
हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है करवाचौथ
करवाचौथ का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। पर्व को लेकर महिलाओं में खास उत्साह रहता है। इस अवसर पर महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना करती हैं।

चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद खोलती हैं व्रत
करवाचौथ पर महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करती हैं। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को चंद्रमा के दर्शन किए जाते हैं और उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद महिलाएं व्रत खोलती हैं। यह पर्व पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और आपसी समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
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मसूरी में विंटर लाइन का मनमोहक नजारा, सूर्यास्त के रंगों में खो रहे पर्यटक

Mussoorie News : मसूरी में इन दिनों विंटर लाइन का खूबसूरत नजारा पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सूर्यास्त के वक्त दून घाटी के आसमान में लाल, नारंगी और सुनहरे रंगों की अनूठी छटा बिखरती है। इस दृश्य को देखने के लिए पर्यटक माल रोड समेत शहर के कई स्थानों पर रुक रहे हैं।
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मसूरी में विंटर लाइन का मनमोहक नजारा
विंटर लाइन एक खास प्राकृतिक घटना है, जो आमतौर पर नवंबर से फरवरी के बीच दिखाई देती है। सूर्यास्त के दौरान क्षितिज पर रंगों की एक आकर्षक पट्टी उभरती है, जो लगभग 15 से 20 मिनट तक नजर आती है। मसूरी के अलावा स्विट्जरलैंड में भी इस तरह का नजारा देखने को मिलता है।
सूर्यास्त के रंगों में खो रहे पर्यटक
मसूरी में माल रोड, लालटिब्बा, गनहिल, विंसेट हिल, सिस्टर बाजार, राधा भवन स्टेट, सर्कुलर रोड, कुलड़ी और शहर के दक्षिणी हिस्सों से विंटर लाइन का दीदार किया जा सकता है। साफ मौसम में आसमान के बदलते रंग इस दृश्य को और भी खास बना देते हैं।

प्रसिद्ध लेखक गणेश सैली के अनुसार, मसूरी की प्राकृतिक खूबसूरती उसे दूसरे पर्यटन स्थलों से अलग पहचान देती है। विंटर लाइन भी प्रकृति की ऐसी ही खास देन है, जिसे देखने के लिए माल रोड पर घूम रहे पर्यटक भी ठहर जाते हैं।
शहर में विशेष व्यू पॉइंट विकसित करने की योजना
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि विंटर लाइन को बढ़ावा देने के लिए शहर में विशेष व्यू पॉइंट विकसित करने की योजना है। इसके साथ ही इस प्राकृतिक आकर्षण का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि कम पर्यटकों वाले मौसम में भी मसूरी की ओर अधिक सैलानी आकर्षित हो सकें।
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