Uttarakhand
उत्तरकाशी: डबरानी के समीप पहाड़ी से गिरे बोल्डर से गंगोत्री हाईवे क्षतिग्रस्त, करीब तीन से चार किमी लगी लम्बी लाइन।

उत्तरकाशी – डबरानी के समीप शुक्रवार सुबह पहाड़ी से बोल्डर आने के कारण गंगोत्री हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया। जिस कारण हाईवे करीब एक घंटे बंद रहा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची बीआरओ की मशीनरी और मजदूरों ने सड़क से बोल्डर हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।

वहीं बीआरओ ने समीप के मैदान पर जेसीबी से काटकर वाहनों की आवाजाही के लिए मार्ग बनाया। पुलिस ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से हर्षिल सहित सोनगाड़, डबरानी और सुनगर में वाहनों को रोका है। जहां से सुविधानुसार वाहनों को छोड़ा जा रहा है। दोपहर तक सुनगर में वाहनों की करीब तीन से चार किमी लम्बी कतार लग गई है।
Udham Singh Nagar
जसपुर में टायर पंचर की दुकान में लगी भीषण आग, घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू

Jaspur News : जसपुर में देर रात एक टायर पंचर की दुकान में भीषण आग लग गई। आग लगने से इलाके में दहशत मच गई। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस और फायर यूनिट को दी। जिसके बाद फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया।
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जसपुर में टायर पंचर की दुकान में लगी भीषण आग
जसपुर में लकड़ी मंडी पतरामपुर रोड स्थित कुमायूं ट्रक यूनियन जसपुर कार्यालय के बराबर में हासिम पुत्र अतीक अहमद की टायर रिपेयरिंग पंचर की दुकान है। जिसमें रविवार देर रात करीब को 12 बजे अचानक दुकान में आग लग गई। जिस से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
दुकान के आस-पास रहने वाले लोगों ने आग लगने की सूचना फायर बिग्रेड कार्यालय को दी। जिस पर अग्निशमन प्रभारी अधिकारी श्याम बहादुर थापा के नेतृत्व में फायर यूनिट के साथ घटना स्थल पर पहुंची। फायर कर्मियों द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए हौज रील, मॉनिटर ब्रांच का प्रयोग कर आग को बुझाना शुरू किया।
आग से भारी नुकसान की आशंका
दुकान के भीतर टायर, गैस सिलिंडर व गैस कंप्रेशर था जिसके फटने की संभावना थी इसके लिए एक हौज फैलाकर फोम का प्रयोग किया गया। आग को विकराल रूप धारण करते देख तुरन्त सहोता पेपर मिल के फायर टेंडर बुलाकर सहायता ली गई।
आग पर घंटों भारी मशक्कत के बाद आग पर पूर्ण रूप से काबू पाया गया। अग्नि दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। अग्निकांड के नुकसान की कीमत का भी आंकलन नहीं हो पाया है।
Dehradun
आदमपुर हवाई अड्डे का नाम गुरु रविदास महाराज को हुआ समर्पित, सीएम ने पीएम मोदी का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर समर्पित किया जाना, उनके महान विचारों, सामाजिक चेतना और मानवता के प्रति समर्पण को सच्ची श्रद्धांजलि है।
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आदमपुर हवाई अड्डे का नाम गुरु रविदास महाराज को हुआ समर्पित
संत रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर लिया गया ये निर्णय न केवल अत्यंत सराहनीय है, बल्कि सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समानता, करुणा, सेवा और मानव मात्र के सम्मान का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
सीएम ने पीएम मोदी का जताया आभार
सीएम धामी ने कहा कि उन्होंने भेदभाव, ऊंच-नीच और असमानता के विरुद्ध आवाज़ उठाकर एक समतामूलक समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की, जो आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महापुरुषों और संतों के विचारों को सम्मान देने की परंपरा निरंतर सशक्त हो रही है।
आदमपुर हवाई अड्डे को संत गुरु रविदास महाराज जी के नाम से जोड़ना, उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये निर्णय सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संत रविदास जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज समरसता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।
Uttarakhand
उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026: 5 से 8 फरवरी तक देहरादून में आयोजित होगा महोत्सव

Uttarayani Kauthik Mahotsav: सेवा संकल्प फाउंडेशन करेगा उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 का आयोजन
मुख्य बिंदु
Uttarayani Kauthik Mahotsav: सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन देहरादून, परेड ग्राउंड में 5 से 8 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। चार दिवसीय ये सांस्कृतिक उत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरागत कला एवं व्यंजन, लोकगीत, संगीत एवं लोकनृत्यों की मनोहारी प्रस्तुतियों का सजीव मंच बनेगा।
महोत्सव का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का प्रचार-प्रसार
महोत्सव का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे जन-जन तक सशक्त रूप में पहुँचाना है। उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को केंद्र में रखते हुए भारत के विभिन्न क्षेत्रों की जनजातीय संस्कृतियों की भी भव्य प्रस्तुति की जाएगी। विशेष रूप से इस महोत्सव में उत्तर-पूर्वी भारत की सांस्कृतिक झलक, वहां की परंपराएं, लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक विविधता को मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे देश की सांस्कृतिक एकता और विविधता का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।

पांच फरवरी से शरू होगा महोत्सव
उत्तरायणी कौथिक महोत्सव का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, लोककला एवं लोकसंगीत को जन-जन तक पहुँचाना, स्थानीय प्रतिभाओं को सशक्त मंच प्रदान करना तथा समाज में सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक सहभागिता को मजबूत करना है। ये महोत्सव देहरादून, परेड ग्राउंड में 5 से 8 फरवरी 2026 तक आयोजित्त होगा।



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