Uttarakhand
उत्तरकाशी में दोपहर बाद बदला मौसम, बारिश के साथ हुई जमकर बरसे ओले।

उत्तरकाशी – उत्तराखंड में दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली। उत्तरकाशी में झमाझम बारिश हुई। वहीं जमकर ओलावृष्टि भी हुई। बारिश होने से तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। उधर मैदानी इलाकों में तेज धूप से उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया हुआ है। साथ ही गंगोत्री हाईवे पर आधे घंटे की बारिश से जलभराव हो गया, जिससे यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को असुविधा हुई।

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आज और कल मौसम बदलने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से इन दोनों दिनों के लिए बारिश और झोंकेदार हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
Dehradun
Dehradun News: DM सेविन बंसल का बड़ा फैसला, अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर पर सख्त नियम लागू

डायग्नोस्टिक सेंटरों की होगी कड़ी जांच, बिना मानक नहीं मिलेगा लाइसेंस
DEHRADUN NEWS: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले में संचालित और प्रस्तावित अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के पंजीकरण और नवीनीकरण को लेकर कड़े मानक तय कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के मुताबिक अब किसी भी सेंटर को बिना निर्धारित सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे आमजन को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मुख्य बिंदु
पंजीकरण और नवीनीकरण प्रक्रिया पर सख्ती
जिला प्रशासन द्वारा बीते छह महीनों से लगातार ऐसे डायग्नोस्टिक सेंटरों की जांच और मूल्यांकन किया जा रहा है, जो नए पंजीकरण के लिए आवेदन कर रहे हैं या पहले से संचालित होकर नवीनीकरण चाहते हैं। DM सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि केवल वही केंद्र अनुमति प्राप्त कर सकेंगे, जो सभी निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन करेंगे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य जिले में अनियमित रूप से संचालित हो रहे केंद्रों पर नियंत्रण स्थापित करना और स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता को बढ़ाना है।

कानूनी प्रावधानों का पालन अनिवार्य
सभी अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के लिए क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित निस्तारण के लिए बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान करने वाले केंद्रों को पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत सभी नियमों का सख्ती से अनुपालन करना होगा, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
आवश्यक मानक और सुरक्षा व्यवस्थाएं
पंजीकरण या नवीनीकरण के लिए आवेदन करने वाले सभी केंद्रों को स्वच्छता, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की वैध व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी जैसी अनिवार्य शर्तों को पूरा करना होगा। प्रशासन ने इन सभी पहलुओं को जनसुरक्षा से सीधे जुड़ा बताते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई और प्रशासन का उद्देश्य
जिलाधिकारी सविन बंसल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी आवेदनों की गहन जांच की जाए और केवल पात्र केंद्रों को ही अनुमति प्रदान की जाए। यदि किसी भी सेंटर में अनियमितता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बनाए रखना और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है, ताकि लोग भरोसे के साथ चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकें।
Udham Singh Nagar
RUDRAPUR ACCIDENT: पंतनगर में तेज रफ्तार का कहर, डंपर और बाइक की टक्कर से दो लोगों की मौत

पंतनगर में दर्दनाक हादसा, डंपर ने बाइक को मारी टक्कर दो की मौत
RUDRAPUR ACCIDENT: रुद्रपुर के पंतनगर क्षेत्र में देर रात एक भीषण सड़क हादसा सामने आया, जिसमें बाइक सवार दो लोगों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि दोनों व्यक्ति एक पार्टी से लौट रहे थे, तभी रास्ते में तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
Table of Contents
तेज रफ्तार डम्पर ने ली जान
दरअसल, ये घटना ऊधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र स्थित दरऊ चौक के पास हुई। मृतकों की पहचान 62 वर्षीय मोहन स्वरूप और 45 वर्षीय हसिक अहमद के रूप में हुई है, जो रामपुर जिले के रहने वाले थे। दोनों पंतनगर के फूलबाग इलाके में एक परिचित के यहां पार्टी में शामिल होकर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान टूटी सांसें
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। लेकिन, मोहन स्वरूप ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। वहीं, गंभीर रूप से घायल हसिक अहमद को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
जांच जारी, क्षेत्र में शोक का माहौल
इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों को सूचना दे दी गई। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के कड़े उपाय लागू करने की मांग की है।
Dehradun
DEHRADUN NEWS: 2 साल तक पुलिस रही नाकाम, माँ ने खुद ढूंढ निकाला बेटे का कातिल!

2 साल तक भटकती रही माँ, पुलिस नहीं कर पाई जांच… फिर खुद ढूंढ लाई बेटे का कातिल!
DEHRADUN NEWS: देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो सिस्टम पर सवाल खड़े करती है. साल 2024 में 18 वर्षीय क्षितिज चौधरी की एक तेज रफ्तार डंपर से कुचलकर मौत हो गई थी, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी न आरोपी पकड़ा गया और न ही पुलिस किसी ठोस नतीजे तक पहुंच पाई. इस दौरान मृतक की मां इंसाफ के लिए दर-दर भटकती रही.
मुख्य बिंदु
क्या है पूरा मामला- क्षितिज चौधरी एक्सीडेंट
15-16 फरवरी 2024 की रात क्षितिज अपने दोस्त के साथ प्रेमनगर क्षेत्र में पैदल जा रहा था, तभी पीछे से आए डंपर ने उसे कुचल दिया. हादसे के बाद करीब 45 मिनट तक वो सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन न समय पर एंबुलेंस पहुंची और न ही पुलिस. बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया और फिर एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां 17 फरवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
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पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, माँ पहुँच गई आरोपी तक
19 फरवरी 2024 को मृतक की मां ललिता चौधरी ने केस दर्ज कराया, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी. आरोप है कि पुलिस ने जब डंपर का नंबर मांगा, तो मां ने खुद सीसीटीवी फुटेज खंगालकर वाहन की पहचान की. पुलिस के हाथ खाली रहने पर मां ने खुद ही जांच की कमान संभाली और आखिरकार 2 साल बाद आरोपी डंपर चालक तक पहुंच गई.

क्षितिज चौधरी एक्सीडेंट मामले में जांच के आदेश
मूल रूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली ललिता चौधरी पिछले कई वर्षों से अकेले अपने बच्चों की परवरिश कर रही थीं. बेटे की मौत के बाद अब वह इंसाफ के लिए संघर्ष कर रही हैं. मामले में प्रमेंद्र डोभाल ने संज्ञान लेते हुए केस को दोबारा जांच के लिए रेफर कर दिया है और कोर्ट में री-इन्वेस्टिगेशन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
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