Uttarakhand
पश्चिम बंगाल में धामी ने भरी हुंकार, ममता सरकार पर साधा निशाना, कहा- बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीति ने विकास रोका
हिंगलगंज से धामी ने भरी हुंकार, परिवर्तन यात्रा की शुरुआत, बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़
West Bengal: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने हिंगलगंज विधानसभा क्षेत्र से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की। परिवर्तन यात्रा के तहत आयोजित जनसभा और रोड शो में भी उन्होंने भाग लिया। बड़ी संख्या में लोग उन्हें सुनने के लिए पहुंचे।
मुख्य बिंदु
सनातनी हिन्दू न मामता दीदी के अण्डों से डरता है न डंडों से: सीएम धामी
अपने संबोधन में धामी ने सनातन मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि “सनातनी हिंदू कभी डरता नहीं, वो सत्य और राष्ट्र के लिए खड़ा रहता है”। उनके इस वक्तव्य पर जनसभा में जोरदार उत्साह देखने को मिला। सीएम धामी बोले सनातनी हिन्दू न ममता दीदी के अण्डों से डरता है और न उनके डंडों से.
धामी का हमला: बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीति ने विकास रोका
धामी ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया गया है।उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं को कर्मवीर बनाने के बजाय भत्तावीर बनाया जा रहा है। इससे युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हो रहा है।
अपने संबोधन में उठाया अवैध घुसपैठ का मुद्दा
धामी ने कहा कि आज पश्चिम बंगाल करोड़ों के कर्ज के बोझ से दबा हुआ है। कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और मातृशक्ति स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के कर्मचारियों को भी उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है। कार्मिकों को उनका डीए और महंगाई भत्ता तक समय पर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हजारों स्कूल बंद हो चुके हैं, जिससे आने वाली पीढ़ी का भविष्य कमजोर हो रहा है। धामी ने सीमा पार से हो रही अवैध घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस गंभीर विषय पर राज्य सरकार की चुप्पी चिंताजनक है।
भाजपा सरकार आते ही ख़त्म होगी अराजक व्यवस्था
धामी ने कहा कि भाजपा का स्पष्ट संकल्प है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही अराजक व्यवस्था समाप्त की जाएगी और राज्य में सुशासन, सुरक्षा और विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा।उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए ‘राष्ट्र प्रथम’ सर्वोच्च सिद्धांत है और इसी विचार के साथ पार्टी देश और समाज की सेवा कर रही है।
देशभर में ख्याति पा रहा धामी का सुशासन मॉडल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने धाकड़ और निर्णायक फैसलों के कारण देशभर में अलग पहचान बना चुके हैं। उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC) राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून, अवैध मदरसों पर कार्रवाई और अतिक्रमण हटाने जैसे फैसले अन्य राज्यों के लिए भी नजीर बन रहे हैं। यही कारण है कि आज उत्तराखंड से बाहर भी लोग धामी को सुनना चाहते हैं और उनके नेतृत्व को मजबूत व निर्णायक शासन का प्रतीक मानते हैं।
Chamoli
बद्रीनाथ से कांग्रेस का बड़ा अभियान शुरू, न्याय यात्रा लेकर जनता के बीच पहुंचे गणेश गोदियाल

Chamoli News :उत्तराखंड में कांग्रेस ने जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी न्याय यात्रा की शुरुआत बदरीनाथ धाम से की है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में निकाली जा रही इस यात्रा के जरिए पार्टी जनता के अधिकारों, समस्याओं और न्याय से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाना चाहती है।
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बद्रीनाथ से कांग्रेस का बड़ा अभियान शुरू
बद्रीनाथ से कांग्रेस का बड़ा अभियान शुरू हो गया है। कांग्रेस इस अभियान को प्रदेशभर में विस्तार देने की तैयारी कर रही है। पार्टी का कहना है कि यात्रा के माध्यम से लोगों के बीच पहुंचकर उनकी परेशानियों और अपेक्षाओं को समझा जाएगा। साथ ही जनहित से जुड़े मुद्दों पर जनता की आवाज को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
देहरादून में भी निकाली गई न्याय यात्रा
इससे पहले देहरादून में भी कांग्रेस ने न्याय यात्रा का शुभारंभ किया था। चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर अभियान की शुरुआत की थी। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और न्याय की कामना की।

देहरादून में कांग्रेस भवन से राजपुर और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाने की योजना बनाई गई थी। इसके तहत राजपुर विधानसभा क्षेत्र में चौक, घंटाघर और पलटन बाजार से होते हुए राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स तक पदयात्रा प्रस्तावित थी।
दूसरे विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा
कांग्रेस न्याय यात्रा को केवल एक क्षेत्र तक सीमित रखने के बजाय प्रदेशव्यापी अभियान का रूप देना चाहती है। इसके तहत आने वाले दिनों में सहसपुर, विकासनगर, चकराता, धर्मपुर, कैंट और ऋषिकेश समेत अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी यात्रा निकालने की योजना है।

पार्टी के मुताबिक, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता से सीधा संवाद स्थापित करना और उनके सवालों को सामने लाना है। कांग्रेस इसे न्याय, अधिकार और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर जनसंपर्क बढ़ाने की पहल के रूप में पेश कर रही है।
big news
धामी कैबिनेट की अहम बैठक आज, अनुपूरक बजट समेत इन प्रस्तावों पर टिकी नजरें

Dhami Cabinet : उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को सचिवालय में मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। शाम करीब चार बजे प्रस्तावित इस बैठक में कई विभागों से जुड़े अहम प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। आगामी विधानसभा सत्र के मद्देनजर इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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गैरसैंण सत्र से पहले धामी कैबिनेट की बैठक आज
कैबिनेट की बैठक में तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक के अनुपूरक बजट को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इसके साथ ही विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करने के प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिल सकती है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद बजट को सदन में रखने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके साथ ही बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित प्रस्तावों और विधेयकों पर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है।
छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट होगी प्रस्तुत
बैठक में छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी। यह रिपोर्ट प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों और नगर निकायों को राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनुदान से संबंधित है। रिपोर्ट के प्रस्तुत होने के साथ स्थानीय निकायों को मिलने वाले वित्तीय संसाधनों से जुड़े विषय भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

कई विभागों के प्रस्तावों पर हो सकती है चर्चा
धामी कैबिनेट की बैठक में पर्यटन, शहरी विकास, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण समेत कई विभागों के प्रस्ताव रखे जाने की संभावना है। इनके अलावा कुछ विधेयकों पर भी चर्चा हो सकती है।
यदि कैबिनेट संबंधित विधेयकों को मंजूरी देती है, तो उन्हें आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखने का रास्ता साफ हो सकता है। ऐसे में अनुपूरक बजट, राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट और विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को लेकर आज होने वाली बैठक पर सबकी नजरें रहेंगी।
Dehradun
गैरसैंण सत्र से पहले 24 को देहरादून में होगी कार्यमंत्रणा की बैठक, प्रीतम सिंह ने उठाए सवाल

Uttarakhand News : 27 अक्टूबर से गैरसैंण में विधानसभा सत्र होना है। जिसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। सत्र से पहले 24 अक्टूबर को देहरादून में विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई है। देहरादून में बैठक बुलाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह ने सवाल उठाए हैं।
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गैरसैंण सत्र से पहले 24 को देहरादून में होगी कार्यमंत्रणा की बैठक
उत्तराखंड में 27 और 28 अक्टूबर को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में विधानसभा सत्र प्रस्तावित है। सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही और एजेंडा तय करने के लिए 24 अक्टूबर को देहरादून में विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई है। इस फैसले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सवाल उठाते हुए इसे सरकार की कथनी और करनी में अंतर बताया है।
गैरसैंण में ही क्यों नहीं हो सकती कार्यमंत्रणा की बैठक
प्रीतम सिंह ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बताकर वहां विधानसभा सत्र आयोजित करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सत्र की कार्यवाही तय करने वाली महत्वपूर्ण समिति की बैठक देहरादून में रखी गई है। उन्होंने इस निर्णय को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि जब विधानसभा सत्र भराड़ीसैंण में होना है, तो कार्य मंत्रणा समिति की बैठक भी वहीं आयोजित की जानी चाहिए।
गैरसैंण में सत्र आयोजित करना अब रह गया केवल औपचारिकता
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करना अब केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। उनके अनुसार, सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित करने और वहां राजधानी के अनुरूप सुविधाएं तैयार करने को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है।

प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का श्रेय तो लेती है, लेकिन वहां नियमित रूप से विधानसभा सत्र आयोजित करने और जरूरी व्यवस्थाएं विकसित करने के मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाती। उन्होंने इसे सरकार के दोहरे रवैये का उदाहरण बताया।
दो दिन के सत्र पर भी उठाए सवाल
प्रीतम सिंह ने विधानसभा सत्र केवल दो दिनों तक आयोजित किए जाने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, पलायन और आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि इतने अहम विषयों पर केवल दो दिन के सत्र में सार्थक और व्यापक चर्चा कैसे हो सकेगी। कांग्रेस नेता ने सरकार से सत्र की अवधि और उसमें प्रदेश की प्रमुख समस्याओं पर होने वाली चर्चा को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
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