Chhattisgarh
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के सबसे बड़े मेगा किचन अक्षय पात्र का किया उद्घाटन।
देहरादून – उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ी पहल की है। आज देहरादून के छोटे बच्चों को पौष्टिक आहार देने की की कवायद शुरू की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून के सुद्धोवाला में उत्तराखण्ड के सबसे बड़े मेगा किचन अक्षय पात्र का उद्घाटन किया।

इस किचन के जरिये 35 हजार स्कूली बच्चों को प्रतिदिन मध्यान्ह भोजन उपलब्ध करवाया जा सकेगा। बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के साथ ही आपदा राहत में भी ये किचन उपयोगी साबित होगा। अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ शिक्षा विभाग ने इसकी शुरुआत की है।

हंस फाउंडेशन की वित्तीय मदद से ही मेगा किचन की स्थापना संभव हो पाई है। प्रोजेक्ट का शिलान्यास फरवरी 2018 में हुआ था। कोरोना संक्रमण समेत तमाम कारणों से इसके निर्माण में देरी हुई। मुख्यमंत्री धामी ने प्रोजेक्ट की बहुउपयोगिता को देखते हुए इसके निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए थे, उसके बाद शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी के दिशा निर्देशन में इसे पूरा किया गया।

अक्षय पात्र की यह किचन बेहद आधुनिक है। इसमें मशीनों के जरिये रोटी, सब्जी, दाल व चावल तैयार होगा। एक बार में करीब एक क्विण्टल आटा गुंथने की मशीन एवं चपाती मशीन से 20 हजार रोटियां बनाई जा सकेगी। साथ ही एक बार में 1200 लीटर दाल व कुकर में 100 किलो चावल बन सकेगा।
दो एकड़ में फैली इस किचन की निर्माण लागत करीब 10 करोड़ आई है। प्रथम चरण में 120 स्कूलों के 15 हजार विधार्थियों को मिड डे मील भोजन मिलेगा, जो अगले 6 माह में 500 विधालयों के 35 हजार विधार्थियों तक भोजन पहुंचाया जाएगा। इसके लिए करीब 150 कार्मिक प्रतिदिन भोजन निर्माण में जुटेगें। किचन की साफ-सफाई के लिए भी बेहद शानदार व्यवस्था की गई है।
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अबूझमाड़ में सुरक्षाबलों की बड़ी जीत: 27 नक्सली ढेर, इनामी बसवराजू का खात्मा, पीएम मोदी ने जवानों को दी बधाई…

नारायणपुर/बस्तर – छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में बुधवार सुबह एक ऐतिहासिक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने अबूझमाड़ के घने जंगलों में 27 खूंखार नक्सलियों को ढेर कर दिया। यह ऑपरेशन ‘ब्लैक फॉरेस्ट’ के नाम से जाना जा रहा है, जिसमें सीपीआई (माओवादी) के महासचिव और सबसे बड़े नक्सली सरगना नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को भी मार गिराया गया। बसवराजू पर 1.5 करोड़ रुपये का इनाम था। मुठभेड़ के दौरान डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) का एक जवान भी शहीद हुआ है, जबकि कुछ अन्य घायल हुए हैं।
19 मई को नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोण्डागांव से डीआरजी की संयुक्त टीमें अबूझमाड़ रवाना हुई थीं। 21 मई की सुबह माओवादियों ने सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला किया, जिसके जवाब में बहादुर जवानों ने न केवल मुकाबला किया, बल्कि 27 नक्सलियों को ढेर कर decisive बढ़त हासिल की।
इस अभियान में बसवराजू जैसे टॉप नक्सली लीडर को मार गिराना सुरक्षा बलों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि 30 वर्षों में पहली बार किसी महासचिव स्तर के नक्सली को खत्म किया गया है। इस कार्रवाई से सुरक्षाबलों का मनोबल उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
मुठभेड़ के बाद चलाए गए तलाशी अभियान में AK-47, SLR, INSAS, कार्बाइन सहित भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री बरामद की गई है। जंगल में अभी भी तलाशी अभियान जारी है और घायल अथवा फरार माओवादियों की तलाश की जा रही है।
कौन था बसवराजू ?
उम्र: लगभग 70 वर्ष
शिक्षा: B.Tech, वारंगल
निवासी: जियान्नापेटा गांव, श्रीकाकुलम, आंध्र प्रदेश
उपनाम: प्रकाश, विजय, कमलू, कृष्णा आदि
भूमिका: माओवादी पोलित ब्यूरो का प्रमुख रणनीतिकार
इनाम: 1.5 करोड़
इतिहास: 1970 के दशक से नक्सली आंदोलन से जुड़ा, छत्तीसगढ़ में कई हमलों का मास्टरमाइंड
नेताओं और सरकार की प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – छत्तीसगढ़ में 27 माओवादियों को मार गिराने वाले सुरक्षा बलों पर गर्व है। यह सफलता हमारे बहादुर जवानों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
गृह मंत्री अमित शाह – तीन दशकों की लड़ाई में यह पहली बार है जब महासचिव रैंक के नक्सली को मारा गया है। यह नक्सलवाद के खिलाफ हमारी निर्णायक विजय है।
सीएम विष्णुदेव साय – जवानों ने दुर्गम परिस्थितियों में साहस दिखाते हुए बसवराजू जैसे खतरनाक माओवादी को मार गिराया। मैं उनकी वीरता को नमन करता हूं।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा – 30 वर्षों में पहली बार महासचिव स्तर का नक्सली मारा गया है। यह जवानों के अद्भुत शौर्य का परिणाम है।
डिप्टी सीएम अरुण साव – यह ऐतिहासिक सफलता केंद्र सरकार की रणनीति और हमारे जवानों की बहादुरी का परिणाम है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल – यह बड़ी ऑपरेशनल सफलता है। हमारी सरकार के दौरान 600 गांव नक्सलियों से मुक्त कराए गए। अब वे सीमित क्षेत्र में सिमट गए हैं।
इस मुठभेड़ में एक डीआरजी जवान शहीद हुआ है और कुछ जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों को समय पर चिकित्सा सुविधा दी गई है और सभी खतरे से बाहर हैं। शहीद जवान को पूरे राज्य ने श्रद्धांजलि अर्पित की है।
इस ऑपरेशन के साथ ही छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ एक निर्णायक मोड़ आया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर नक्सली हमला: IED ब्लास्ट में तीन जवान शहीद, तीन घायल…

सुकमा(छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर एक बार फिर नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। सूत्रों के अनुसार, तेलंगाना के वेंकटपुरम और ईडमिली की पहाड़ियों में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। इसी दौरान मूलगु जिले के वाजेडु गांव के पास हुए आईईडी ब्लास्ट में तीन जवान शहीद हो गए हैं, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि, इस घटना की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जिस क्षेत्र में यह धमाका हुआ है, वह छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की सीमा से सटा हुआ है और नक्सली गतिविधियों के लिहाज से यह इलाका अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। ब्लास्ट के तुरंत बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को रवाना किया गया है और संभावित नक्सली ठिकानों की घेराबंदी की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी 7 मई को बीजापुर जिले के जंगलों में एक भीषण मुठभेड़ हुई थी, जिसमें कई नक्सली मारे गए थे। यह घटना उसी सिलसिले की अगली कड़ी मानी जा रही है।
फिलहाल, घायल जवानों को एवैक्यूएट कर नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है और पूरे घटनाक्रम पर सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया विभाग नजर बनाए हुए हैं।
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इंटरनेशनल मास्टर लीग में भारत की शानदार जीत , वेस्टइंडीज मास्टर्स को हराकर बना चैंपियन……

रायपुर : इंटरनेशनल मास्टर लीग के फाइनल में अंबाती रायुडू की शानदार 74 रनों की पारी के दम पर इंडिया मास्टर्स ने वेस्टइंडीज मास्टर्स को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस रोमांचक मुकाबले में ब्रायन लारा की कप्तानी वाली वेस्टइंडीज मास्टर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 148 रन बनाए थे। इसके जवाब में, इंडिया मास्टर्स ने रायुडू की तूफानी पारी और सचिन तेंदुलकर के योगदान से 17.1 ओवर में 149 रन बनाकर मैच जीत लिया।
इंडिया मास्टर्स ने पहले गेंदबाजी करते हुए वेस्टइंडीज मास्टर्स को 148/7 के स्कोर पर रोक दिया था। इसके बाद सचिन तेंदुलकर (25) और अंबाती रायुडू (74) की शानदार साझेदारी ने लक्ष्य का पीछा करने की दिशा तय की। तेंदुलकर और रायुडू ने अपनी बल्लेबाजी से स्टेडियम में मौजूद करीब 50,000 दर्शकों का दिल जीत लिया। तेंदुलकर ने अपनी खास कवर ड्राइव और फ्लिक से मैदान को हिला दिया, जबकि रायुडू ने आक्रामक खेल खेलते हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किए।
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रायुडू ने अपनी 50 गेंदों की पारी में नौ चौके और तीन छक्के लगाए। हालांकि, टीनो बेस्ट की तेज गेंद पर उन्हें आउट होना पड़ा, लेकिन तब तक इंडिया मास्टर्स के जीत की ओर बढ़ने की राह पक्की हो चुकी थी। रायुडू ने अपना अर्धशतक महज 34 गेंदों में पूरा किया। गुरकीरत सिंह मान (14) के साथ उनकी दूसरे विकेट की साझेदारी ने भारत के स्कोर में 28 रन और जोड़े।
वेस्टइंडीज मास्टर्स के स्पिनरों ने रायुडू का विकेट लिया और उसे आउट करने के बाद भारत को 17 रन की जरूरत थी। इस मौके पर स्टुअर्ट बिन्नी (नाबाद 16) ने दो छक्के लगाकर इंडिया मास्टर्स को जीत दिलाई।

इससे पहले, वेस्टइंडीज मास्टर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए लेंडल सिमंस के अर्धशतक की बदौलत कुछ मजबूत स्कोर की नींव रखी। ब्रायन लारा (6) और ड्वेन स्मिथ (45) ने आक्रमण की शुरुआत की, लेकिन इंडिया मास्टर्स के गेंदबाज विनय कुमार ने लारा को आउट कर वेस्टइंडीज के आक्रमण को रोका।
इस मैच के दौरान दर्शकों ने एक बार फिर क्रिकेट के स्वर्णिम युग के जादू का अनुभव किया। सचिन तेंदुलकर और अंबाती रायुडू की बल्लेबाजी से यह मैच भारत के पक्ष में जा सका, और इंडिया मास्टर्स ने शानदार जीत दर्ज करते हुए फाइनल को यादगार बना दिया।




































