Delhi
बिग ब्रेकिंग: गणतंत्र दिवस की परेड में कर्तव्य पथ पर पहली बार निकली उत्तराखंड की झांकी ने पहला स्थान हासिल कर रचा इतिहास।

देहरादून – गणतंत्र दिवस परेड को अभी तक राजपथ के नाम से जाना जाता था, किंतु इस वर्ष उसका नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखा गया है। नाम बदलने के बाद कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की यह। पहली परेड थी, जिसमे उत्तराखंड की झांकी मानसखंड को देश मे प्रथम स्थान मिलने से इतिहास में उत्तराखंड राज्य का नाम दर्ज हो गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि हम सबके लिए गौरवशाली पल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराणों में गढ़वाल का केदारखंड और कुमाऊं का मानसखंड के रूप में वर्णन किया गया है। स्कंदपुराण में मानसखंड के बारे में बताया गया है। जागेश्वर मंदिर की बहुत धार्मिक मान्यता है।
प्रधानमंत्री ने हमेशा अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने की बात कही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक नवजागरण में उत्तराखंड सरकार भी काम कर रही है। मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। “मानसखण्ड” मंदिर माला मिशन के तहत चार धाम की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों को भी विकसित किया जा रहा है।
भारत सरकार को भेजे गए झांकी का विषय/टाइटिल “मानसखंड”मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुझाया था। उन्होंने मंदिर माला मिशन के अंतर्गत मानसखंड के रूप में इस विषय का सुझाव दिया था।
झांकी निर्माण की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जब दिल्ली कैंट में झांकी का निर्माण किया जा रहा था तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने झांकी का निरीक्षण करते हुए झांकी को उत्कृष्ट एवं राज्य की संस्कृति के अनुरुप निर्माण के लिये सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक/ नोडल अधिकारी के एस चौहान को निर्देश दिए थे तथा झांकी के कलाकारों से मिलकर उनको शुभकामनाएं भी दी थीl
झांकी के निर्माण तथा झांकी में सम्मिलित कलाकार दिन रात मेहनत करते है। झांकी निर्माण का कार्य 31 दिसंबर को प्रारंभ किया गया था, जिसको सुबह 4 बजे से रात 12 बजे तक किया जाता है। साथ ही झांकी में सम्मिलित कलाकारों को टीम लीडर के साथ कड़ाके की सर्दी में कर्तव्य पथ रिहर्सल के लिए 4 बजे जाना पड़ता है।
सितंबर माह में भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों एवं मंत्रालयों से प्रस्ताव मांगे जाते हैं।अक्टूबर तक राज्य सरकारें विषय का चयन कर प्रस्ताव भारत सरकार को भेजती है। उसके बाद भारत सरकार प्रस्तुतिकरण के किये आमंत्रित करती है। पहले बार की मीटिंग में विषय के आधार चार्ट पेपर में डिजाइन तैयार कर प्रस्तुत करना होता है। आवश्यक संशोधन करते हुए तीन बैठके डिजाइन निर्माण के सन्दर्भ में होती है जिन प्रदेशों के डिजाइन कमेटी को सही नही लगते हैं उनको शार्टलिस्ट कर देती है। उसके बाद झांकी का मॉडल बनाया जाता है। मॉडल के बाद थीम सॉंग 50 सेकंड का जो उस प्रदेश की संस्कृति को प्रदर्शित करता हो तैयार किया जाता है। इस प्रकार जब सभी स्तर से भारत सरकार की विशेषज्ञ समिति संतुष्ट हो जाती है तब झांकी का अंतिम चयन किया जाता है।
गढ़वाल की चारधाम यात्रा की भांति सरकार कुमाऊं में मंदिर माला मिशन के अंतर्गत पर्यटन बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं इसी के दृष्टिगत प्रसिद्ध पौराणिक जागेश्वर धाम को दिखाया गया था। उत्तराखंड का प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क, बारहसिंगा, उत्तराखंड का राज्य पशु कस्तूरी मृग, गोरल, देश की राष्ट्रीय पक्षी मोर जो उधमसिंह नगर में पाई जाती है, उत्तराखंड के प्रसिद्ध पक्षी घुघुती, तीतर, चकोर, मोनाल आदि, तथा उत्तराखंड की प्रसिद्ध ऐपन कला को प्रदर्शित किया गया था। झांकी के आगे और पीछे उत्तराखंड का नाम भी ऐपन कला से लिखा गया था।
जागेश्वर धाम के मंदिर घनघोर देवदार के वृक्षों के बीच में है। इसलिए झांकी में मंदिर के आगे और पीछे घनघोर देवदार के वृक्षो का सीन तैयार किया गया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2025 तक उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी दृष्टि से गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड की झांकी को देश मे प्रथम स्थान पर आना उनके विजन को दर्शाता है।
मानसखंड खंड की झांकी को देश मे प्रथम स्थान प्राप्त होने से कुमाऊं क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे क्योंकि देश विदेश के पर्यटको को मंदिर माला मिशन की जानकारी होने से वह कुमाऊं की ओर रुख करेंगे। इसलिए गढ़वाल मंडल के साथ अब कुमाऊं मंडल में भी धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
झांकी में उत्तराखंड की कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए उत्तराखंड का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य करने में पिथौरागढ़ के भीम राम के दल के 16 कलाकारों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ ही योग भूमि भी कहा जाता है। झांकी के ऊपर योग करते हुए बारु सिंह और अनिल सिंह ने योग करते हुए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
झांकी का थीम सांग “जय हो कुमाऊं, जय हो गड़वाला” को पिथौरागढ़ के प्रसिद्ध जनकवि जनार्दन उप्रेती ने लिखा था तथा उसको सौरभ मैठाणी और साथियों ने सुर दिया था। इस थीम गीत के निर्माता पहाड़ी दगड़िया, देहरादून थे।
सोसल मीडिया के माध्यम से गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड की झांकी मानसखंड को देश विदेश में करोड़ो लोगों ने देखा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर केदारनाथ और बद्रीनाथ की भांति ही कुमाऊं के प्रमुख पौराणिक महत्व के मंदिर क्षेत्रो में अवस्थापनात्मक विकास के लिए मानसखंड मन्दिर माला मिशन योजना पर काम किया जा रहा है। इन्हें बेहतर सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही इस योजना के ज़रिए गढ़वाल और कुमाऊं के बीच सड़क कनेक्टिविटी को भी सुधारा जाएगा, ताकि उत्तराखण्ड में गढ़वाल और कुमाऊं के बीच यातायात सुगम हो।
मानसखंड कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखंड कॉरिडोर पर काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विभिन्न धार्मिक सर्किटों का विकास किया जाए। उन्होंने कहा इसके तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले मुख्य मंदिरों को आपस में जोड़ेंगे एवं सर्किट के रूप में विकसित करके धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी के विजन के अनुसार पहले चरण में क़रीब 2 दर्जन से अधिक मंदिरों को इसमें शामिल किया गया है। इनमें जागेश्वर महादेव, चितई गोलज्यू मंदिर, सूर्यदेव मंदिर, नंदादेवी मंदिर कसारदेवी मंदिर, झांकर सैम मंदिर पाताल भुवनेश्वर, हाटकालिका मंदिर, मोस्टमाणु मंदिर, बेरीनाग मंदिर, मलेनाथ मंदिर, थालकेदार मंदिर, बागनाथ महादेव, बैजनाथ मंदिर, कोट भ्रामरी मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर गुफा, गोल्ज्यू मंदिर, निकट गोरलचौड मैदान, पूर्णागिरी मंदिर, वारही देवी मंदिर देवीधुरा, रीठा मीठा साहिब, नैनादेवी मंदिर, गर्जियादेवी मंदिर, कैंचीधाम, चैती (बाल सुंदरी) मंदिर, अटरिया देवी मंदिर व नानकमत्ता साहिब प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं।
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DSSSB Recruitment 2026 : दिल्ली में 1,979 पदों पर बंपर भर्ती, ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई

DSSSB Recruitment 2026 1,979 पदों के लिए बंपर भर्ती
दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बंपर भर्ती का ऐलान कर दिया है। अगर आप भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (GNCTD) के विभिन्न विभागों, स्वायत्त निकायों (Autonomous Bodies) और स्थानीय निकायों में एक प्रतिष्ठित सरकारी पद पर काम करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है।
इस विस्तृत लेख में हम से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जैसे— पदों का विवरण, महत्वपूर्ण तिथियां, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
DSSSB Recruitment 2026: एक नजर में
दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में प्रशासनिक, तकनीकी, शैक्षणिक (Teaching) और वैज्ञानिक (Scientific) श्रेणियों के खाली पड़े पदों को भरने के लिए कुल 1979 पदों पर वैकेंसी निकाली गई है। यह भर्ती ग्रुप-B और ग्रुप-C श्रेणियों के अंतर्गत की जा रही है।
| भर्ती बोर्ड का नाम | दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) |
| कुल पदों की संख्या | 1979 पद |
| पद की श्रेणियां | ग्रुप-B और ग्रुप-C (शैक्षणिक, तकनीकी, प्रशासनिक और वैज्ञानिक) |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन (Online) |
| नौकरी का स्थान | दिल्ली (NCR) |
| आधिकारिक वेबसाइट | dsssb.delhi.gov.in |
महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय में वेबसाइट पर होने वाली संभावित तकनीकी दिक्कतों और भारी ट्रैफिक से बचने के लिए समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लें।
| कार्यक्रम | तिथि और समय |
| अधिसूचना जारी होने की तिथि | 09 जून 2026 |
| ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि | 16 जून 2026 (दोपहर 12:00 बजे से) |
| आवेदन करने की अंतिम तिथि | 15 जुलाई 2026 (रात 11:59 बजे तक) |
| परीक्षा की तिथि | जल्द ही घोषित की जाएगी |
पदों का विवरण (Vacancy Details)
इस भर्ती अभियान के तहत शिक्षण (Teaching) क्षेत्र में सबसे ज्यादा भर्तियां निकाली गई हैं, जो उन अभ्यर्थियों के लिए एक शानदार मौका है जो दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं। इसके अलावा टेक्निकल और साइंटिफिक बैकग्राउंड वाले युवाओं के लिए भी पर्याप्त पद उपलब्ध हैं।
प्रमुख पदों की सूची नीचे दी गई है:
| क्र.सं. | पद का नाम (Post Name) | कुल पदों की संख्या |
| 1. | ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर – TGT (कंप्यूटर साइंस) | 675 |
| 2. | स्पेशल एजुकेटर (प्राइमरी) | 450 |
| 3. | ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर – TGT (स्पेशल एजुकेशन) | 163 |
| 4. | डोमेस्टिक साइंस टीचर | 129 |
| 5. | आईटी असिस्टेंट (ग्रेड-A) | 125 |
| 6. | जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट (साइबर फॉरेंसिक) | 81 |
| 7. | अन्य पद (लिफ्ट ऑपरेटर, फिटर ग्रेड-II, आदि) | 356 |
| कुल | सभी पद मिलाकर | 1,979 |
नोट: जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट के तहत बायोलॉजी, बैलिस्टिक्स, केमिस्ट्री, डॉक्यूमेंट्स, फिंगरप्रिंट, फोटो, क्राइम सीन और फिजिक्स जैसे विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ पदों को शामिल किया गया है।
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
DSSSB Recruitment 2026 के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की आवश्यकता अलग-अलग पदों के अनुसार निर्धारित की गई है:
- टीचिंग पद (TGT/स्पेशल एजुकेटर): उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में स्नातक (Graduation), बी.एड (B.Ed) या स्पेशल एजुकेशन में डिप्लोमा होना अनिवार्य है। इसके साथ ही CTET परीक्षा पास होना भी आवश्यक योग्यता का हिस्सा हो सकता है।
- आईटी असिस्टेंट व तकनीकी पद: कंप्यूटर साइंस/आईटी में बीई (B.E), बी.टेक (B.Tech), एमसीए (MCA) या समकक्ष डिग्री/डिप्लोमा होना चाहिए।
- वैज्ञानिक पद (Junior Scientific Assistant): संबंधित विषय (जैसे फिजिक्स, केमिस्ट्री, फॉरेंसिक साइंस, बायोलॉजी आदि) में पोस्ट ग्रेजुएशन (M.Sc) या ग्रेजुएशन के साथ प्रासंगिक कार्य अनुभव की मांग की जा सकती है।
महत्वपूर्ण सूचना: शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी पूरी और विस्तृत जानकारी के लिए आवेदन करने से पहले विभाग द्वारा जारी आधिकारिक विस्तृत अधिसूचना (Detailed Notification) को ध्यानपूर्वक जरूर पढ़ें।
आयु सीमा (Age Limit)
अलग-अलग पदों की जिम्मेदारियों और श्रेणियों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा तय की है, जिसका विवरण इस प्रकार है:
| पद का नाम | निर्धारित आयु सीमा |
| जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट (अधिकतर पद) | 18 से 27 वर्ष |
| टेक्निकल असिस्टेंट (हिंदी) | अधिकतम 30 वर्ष |
| असिस्टेंट आर्किविस्ट (ग्रेड-I) | अधिकतम 30 वर्ष |
| आईटी असिस्टेंट (ग्रेड-A) | अधिकतम 27 वर्ष |
| फिटर (ग्रेड-II) | 20 से 32 वर्ष |
| लिफ्ट ऑपरेटर | 18 से 37 वर्ष |
आयु सीमा में छूट (Age Relaxation):
सरकारी नियमानुसार आरक्षित श्रेणियों (OBC, SC, ST, PwD, और भूतपूर्व सैनिक) के आवेदकों को अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जाएगी। दिल्ली के ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) उम्मीदवारों को ही केवल दिल्ली राज्य के आरक्षण का लाभ मिलेगा, जबकि अन्य राज्यों के आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार सामान्य (General) श्रेणी के तहत आवेदन कर सकेंगे।
चयन प्रक्रिया (Selection Process)
DSSSB पारदर्शी और योग्यता-आधारित चयन प्रणाली का पालन करता है। अलग-अलग पदों के लिए चयन के चरण थोड़े भिन्न हो सकते हैं, लेकिन सामान्य तौर पर प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी होगी:
- लिखित परीक्षा (One Tier / Two Tier Written Exam): सभी पदों के लिए वस्तुनिष्ठ (Objective Type) बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी। कुछ तकनीकी या उच्च स्तर के पदों के लिए दो चरणों (Tier-I और Tier-II) में परीक्षा ली जा सकती है।
- कौशल परीक्षा / एप्टीट्यूड टेस्ट (Skill Test): डेटा एंट्री ऑपरेटर, आईटी असिस्टेंट, लिफ्ट ऑपरेटर या फिटर जैसे पदों के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल की जांच हेतु स्किल टेस्ट लिया जाएगा (जहां लागू हो)।
- दस्तावेज सत्यापन (Document Verification – DV): लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट की मेरिट के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को अपने मूल प्रमाणपत्रों की जांच करानी होगी।
- चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination): अंतिम चयन से पहले उम्मीदवारों का शारीरिक रूप से पद के योग्य होने की पुष्टि के लिए मेडिकल टेस्ट कराया जाएगा।
आवेदन शुल्क (Application Fee)
DSSSB आवेदकों से बेहद किफायती आवेदन शुल्क लेता है। भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम (नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई) से ही स्वीकार किया जाएगा।
| श्रेणी (Category) | आवेदन शुल्क |
| सामान्य वर्ग (General), ओबीसी (OBC), ईडब्ल्यूएस (EWS) | ₹100 |
| अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) | ₹0 (निःशुल्क) |
| दिव्यांगजन (PwD) और सभी महिला उम्मीदवार | ₹0 (निःशुल्क) |
DSSSB Recruitment 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
यदि आप इस भर्ती के लिए योग्य हैं और आवेदन करना चाहते हैं, तो 16 जून 2026 के बाद नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना फॉर्म भर सकते हैं:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले DSSSB के आधिकारिक ऑनलाइन आवेदन पोर्टल dsssbonline.nic.in पर जाएं।
- नया पंजीकरण (Registration): यदि आपने पहले कभी DSSSB पोर्टल पर आवेदन नहीं किया है, तो ‘Click for New Registration’ पर क्लिक करें और अपनी बुनियादी जानकारियां (नाम, जन्मतिथि, कक्षा 10वीं का रोल नंबर आदि) भरकर यूजर आईडी और पासवर्ड बनाएं।
- लॉगिन करें: पंजीकृत यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर लॉगिन करें।
- पद का चयन करें: ‘Apply Online’ सेक्शन में जाकर उस पद को चुनें जिसके लिए आप आवेदन करना चाहते हैं।
- फॉर्म भरें: आवेदन फॉर्म में मांगी गई अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यताओं की जानकारी सही-सही दर्ज करें।
- दस्तावेज अपलोड करें: अपनी हालिया पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक प्रमाणपत्रों की स्कैन कॉपी निर्धारित फॉर्मेट और साइज में अपलोड करें।
- आवेदन शुल्क का भुगतान: यदि आप सामान्य, ओबीसी या ईडब्ल्यूएस श्रेणी से आते हैं, तो ₹100 का आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करें। (महिलाएं और SC/ST उम्मीदवार इस चरण को छोड़ सकते हैं)।
- फॉर्म सबमिट और प्रिंट करें: पूरी जानकारी को एक बार दोबारा जांच (Preview) लें और ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें। भविष्य के संदर्भ के लिए भरे हुए आवेदन पत्र और फीस रसीद का प्रिंटआउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लें।
परीक्षा की तैयारी के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स
- सिलेबस को समझें: परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले बोर्ड द्वारा जारी विस्तृत पाठ्यक्रम (Syllabus) और परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह समझ लें।
- पुराने प्रश्न पत्रों का अभ्यास: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों (Previous Year Question Papers) को हल करने से आपको प्रश्नों के स्तर और परीक्षा के समय प्रबंधन (Time Management) का सही अंदाजा मिल जाएगा।
- नेगेटिव मार्किंग का ध्यान रखें: DSSSB की परीक्षाओं में आमतौर पर $0.25$ अंक की नेगेटिव मार्किंग (ऋणात्मक मूल्यांकन) होती है, इसलिए परीक्षा हॉल में तुक्का लगाने से बचें।
- सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इतिहास, भूगोल और समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि सामान्य जागरूकता खंड में इससे जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।
यह दिल्ली सरकार के अंतर्गत एक स्थिर, सुरक्षित और सम्मानित करियर बनाने का एक बेजोड़ मौका है। इच्छुक उम्मीदवार अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 से पहले अपना आवेदन सुनिश्चित करें। नियमित अपडेट के लिए DSSSB की ऑफिशियल वेबसाइट को समय-समय पर चेक करते रहें।
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Delhi
CM Dhami ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात, चारधाम यात्रा को लेकर किया ये अनुरोध

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात कर राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
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CM Dhami ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात
CM Dhami ने आज केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के सुचारू, सुरक्षित और निर्बाध संचालन के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को पहले की तरह 100 प्रतिशत बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि अप्रैल से नवंबर तक चलने वाली इस यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे एलपीजी की मांग में काफी बढ़ोतरी होती है। इस अवधि में राज्य को करीब 9.67 लाख व्यावसायिक सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।
चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी के लिए किया अनुरोध
मुख्यमंत्री ने ये भी उल्लेख किया कि जून से सितंबर के बीच मानसून के दौरान उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए एलपीजी गैस बेहद जरूरी होती है। ऐसे में उन्होंने अतिरिक्त 5 प्रतिशत यानी लगभग 48 हजार सिलेंडरों का अतिरिक्त आवंटन करने का भी अनुरोध किया, ताकि आपदा के समय राहत कार्य तेजी से किए जा सकें।

राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्धता
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित है, जिसमें धार्मिक और साहसिक पर्यटन का अहम योगदान है। चारधाम यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख आधार है।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के सभी सुझावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया और राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
Dehradun
देहरादून से दिल्ली का सफर हुआ सस्ता, उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया हुआ कम, देखें नया किराया

Dehradun News : देहरादून से दिल्ली जाना हुआ सस्ता, बसों का किराया हुआ कम
Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से दिल्ली तक का सफर अब पहले से ज्यादा किफायती और तेज हो गया है। इस रूट पर उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया कम हो गया है।
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देहरादून से दिल्ली का सफर हुआ सस्ता
देहरादून से दिल्ली का सफर सस्ता हो गया है। देहरादून से दिल्ली के रूट पर उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों का किराया कम कर दिया गया है। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से यात्रियों को समय के साथ-साथ किराए में भी बड़ी राहत मिली है। इस एक्सप्रेसवे की सौगात आम लोगों के लिए सुविधाजनक और बजट-फ्रेंडली साबित हो रही है।
उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया हुआ कम
दिल्ली से देहरादून की यात्रा अब सिर्फ तेज ही नहीं, बल्कि काफी सस्ती भी हो गई है। नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद बस किराए में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। पहले जहां इस सफर में अधिक समय लगता था, वहीं अब यह दूरी महज ढाई से तीन घंटे में पूरी की जा सकती है।

जानें अब कितना करर दिया गया है किराया
इस नए मार्ग पर उत्तराखंड परिवहन विभाग ने कुल 16 बसों का संचालन शुरू किया है। इनमें 8 वोल्वो बसें, 6 एसी बसें और 2 साधारण बसें शामिल हैं।
किराए में भी उल्लेखनीय कटौती की गई है—एसी बस का किराया 704 रुपये से घटाकर 557 रुपये कर दिया गया है, वोल्वो बस का किराया 945 रुपये से घटकर 709 रुपये हो गया है, जबकि साधारण बस का किराया 420 रुपये से कम होकर 355 रुपये रह गया है।
| बस का प्रकार | पुराना किराया (₹) | नया किराया (₹) | कमी (₹) |
|---|---|---|---|
| एसी बस | 704 | 557 | 147 |
| वोल्वो बस | 945 | 709 | 236 |
| साधारण बस | 420 | 355 | 65 |
सस्ती, सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना उद्देश्य
उत्तराखंड परिवहन निगम के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर चलने वाली बस सेवाओं के किराए में 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इस कदम का उद्देश्य यात्रियों को सस्ती, सुविधाजनक और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
रोडवेज की इस पहल को जनता का अच्छा समर्थन मिल रहा है। किराए में कमी के कारण अब लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे रहे हैं। ये न केवल जेब पर हल्का है, बल्कि अब गति के मामले में भी किसी से पीछे नहीं है।
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