Dehradun
विधानसभा सत्र आज से शुरू; पुलिस ने कसी कमर, एसएसपी ने अराजकता करने वालों पर कार्रवाई। के दिए निर्देश

देहरादून – विधानसभा सत्र आज से शुरू हो रहा है। विभिन्न संगठनों और पार्टियों ने सत्र के दौरान यूसीसी के विरोध में प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। इसके मद्देनजर पुलिस ने कमर कस ली है। शहर में चयनित जगहों पर पुलिस बैरियर लगाकर गहन चेकिंग करेगी। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को अराजकता करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

एसएसपी अजय सिंह ने विधानसभा ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को अपना आचरण संयमित रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ड्यूटी स्थल पर समय से पहुंचने को कहा है। वह रविवार को सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होने वाली पुलिस फोर्स को ब्रीफ कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि विधानसभा भवन के तीन ओर मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है। जुलूस प्रदर्शनों के दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रहेगी। एसएसपी अजय सिंह ने इसी के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।

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उत्तराखंड के सरकारी डेटा सेंटर पर फिर मंडराया खतरा, चीन के वायरस ने किया बड़ा हमला

Uttarakhand News : उत्तराखंड के सरकारी डिजिटल सिस्टम पर साइबर खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। हाल ही में राज्य के डेटा सेंटर में एक संदिग्ध ‘बहरूपिया वायरस’ (Polymorphic Malware) मिलने के बाद साइबर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। शुरुआती आशंका है कि इस हमले के पीछे विदेशी हैकर गिरोह, विशेष रूप से चीन से जुड़े किसी साइबर समूह का हाथ हो सकता है।
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उत्तराखंड के सरकारी डेटा सेंटर पर फिर मंडराया खतरा
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार यह एक ऐसा मैलवेयर है जो सिस्टम में प्रवेश करने के बाद अपना स्वरूप बदल लेता है। यही वजह है कि पारंपरिक एंटीवायरस या सुरक्षा प्रणालियों के लिए इसे पहचानना आसान नहीं होता। कई बार यह सिस्टम की सामान्य फाइल जैसा दिखाई देता है, लेकिन सक्रिय होते ही यह संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने या अन्य नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है।
पिछले साल भी हुआ था बड़ा साइबर हमला
साल 2024 में उत्तराखंड के डेटा सेंटर पर माकोप रैनसमवेयर का हमला हुआ था। उस साइबर हमले में कई सिस्टम लॉक हो गए थे और कथित तौर पर डेटा को अनलॉक करने के बदले फिरौती की मांग की गई थी। उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था, लेकिन अब नए प्रकार के वायरस की मौजूदगी ने फिर से चिंता बढ़ा दी है।

डेटा चोरी की आशंका, लेकिन पुष्टि नहीं
प्रारंभिक जांच में इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि साइबर अपराधियों ने कुछ डेटा की कॉपी करने की कोशिश की हो। हालांकि, अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। न ही किसी प्रकार की फिरौती या अन्य मांग सामने आई है।
मामले की जांच में जुटे
सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े अधिकारी फिलहाल पूरे मामले की तकनीकी जांच में जुटे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ सिस्टम लॉग, नेटवर्क गतिविधियों और संभावित मैलवेयर की जांच कर रहे हैं ताकि ये स्पष्ट हो सके कि वायरस ने कितना प्रभाव डाला और किसी प्रकार का डेटा प्रभावित हुआ या नहीं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से नागरिकों को घबराने की बजाय आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करने और साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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मसूरी में कब्रगाह ध्वस्त होने पर बवाल, मुस्लिम समुदाय का प्रदर्शन, NH हुआ जाम

Mussoorie News : मसूरी में प्रशासन की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद विवाद गहरा गया है। कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया, जबकि प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को पूरी तरह कानूनी बताया।
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मसूरी में कब्रगाह ध्वस्त होने पर बवाल
मसूरी में कब्रगाह से जुड़े विवाद को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए उस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि जिस भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, वह नगर पालिका परिषद की संपत्ति है। अधिकारियों के अनुसार, सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही संबंधित निर्माण हटाया गया।
समुदाय ने जताई आपत्ति
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर कार्रवाई की गई, वो कोई हालिया निर्माण नहीं था। उनके अनुसार ये स्थल लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए उपयोग में रहा है तथा यहां उनके पूर्वजों की कब्रें मौजूद हैं। समुदाय का दावा है कि इस स्थान का इतिहास लगभग 200 साल पुराना है।

टीनशेड को लेकर भी उठे सवाल
समुदाय के लोगों ने प्रशासन के उस दावे पर भी आपत्ति जताई, जिसमें संरचना को मस्जिद बताया गया। उनका कहना है कि वहां नियमित नमाज नहीं होती थी, बल्कि यह एक टीनशेड था, जिसका उपयोग अंतिम संस्कार के बाद जनाजे की अंतिम नमाज अदा करने के लिए किया जाता था।
संवेदनशीलता बरतने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले उनकी भावनाओं और पक्ष को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उनका कहना था कि अगर भूमि सरकारी थी तो इतने वर्षों तक इस संबंध में कोई कार्रवाई या विवाद सामने क्यों नहीं आया। उन्होंने धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में प्रशासन से संवाद और संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग की।
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देहरादून में रॉन्ग साइड चलना पड़ेगा भारी, लगने जा रहे ‘टायर किलर’, फट सकता है टायर

Dehradun News : देहरादून में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस अब और सख्त कदम उठाने जा रही है। राजधानी की वन-वे सड़कों पर रॉन्ग साइड से वाहन चलाने वालों को रोकने के लिए जल्द ही स्पाइक बैरियर (टायर किलर) लगाए जाएंगे। इन बैरियरों पर अगर कोई वाहन गलत दिशा से प्रवेश करेगा तो उसके टायर पंचर हो सकते हैं, जिससे नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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देहरादून में रॉन्ग साइड चलना पड़ेगा भारी
देहरादून में जल्द ही रॉन्ग साइड से वाहन चलाने वालों को रोकने के लिए जल्द ही स्पाइक बैरियर लगाए जाएंगे। पुलिस विभाग ने इसके लिए विशेष स्पाइक बैरियर मंगवा लिए हैं। इन्हें शहर के उन वन-वे मार्गों पर लगाया जाएगा, जहां सबसे अधिक यातायात नियमों का उल्लंघन होता है। अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से रॉन्ग साइड ड्राइविंग की घटनाओं में कमी आएगी और सड़क दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण लगेगा।
लगने जा रहे ‘टायर किलर, फट सकता है टायर
फिलहाल शहर में कई प्रमुख स्थानों पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू है। इनमें परेड ग्राउंड के चारों ओर का मार्ग, आराघर टी-जंक्शन और होटल रिकी रिक से आईजी चौक तक का रास्ता प्रमुख हैं। इन इलाकों में अक्सर वाहन चालक गलत दिशा से प्रवेश कर लेते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

रोजाना तैनात करनी पड़ती है पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार वन-वे व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगानी पड़ती है। इसके बावजूद कई चालक नियमों की अनदेखी करते हुए रॉन्ग साइड से वाहन चलाते हैं। ऐसे में केवल चालान या समझाइश पर्याप्त साबित नहीं हो रही थी, इसलिए अब तकनीकी समाधान के रूप में स्पाइक बैरियर लगाने का निर्णय लिया गया है।
ट्रैफिक व्यवस्था होगी बेहतर
पुलिस का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना है। अगर वाहन चालक वन-वे नियमों का पालन करेंगे तो जाम की समस्या कम होगी और दुर्घटनाओं का जोखिम भी घटेगा।
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