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करोड़ों की संपत्ति लेकिन फिर भी उत्तराखंड के नेता नहीं उठा पा रहे अपनी यात्रा का खर्चा, RTI से हुआ बड़ा खुलासा

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में यूं तो नेताओं के पास करोड़ों की संपत्ति है लेकिन फिर नेता और उनके परिवार वाले दान में मिलने वाले पैसों से यात्रा कर रहे हैं।
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करोड़ों की संपत्ति लेकिन फिर भी उत्तराखंड के नेता BKTC के खर्चे पर कर रहे यात्रा
उत्तराखंड के नेता और उनके बच्चे बद्रीनाथ और बाबा केदार के दर्शनों के लिए जाने का खर्चा तक नहीं उठा पा रहे हैं तभी तो इनकी यात्राओं के पैसे बीकेटीसी को देने पड़ रहे हैं।
जिस पैसे को आप अपनी श्रद्धा से बद्री केदार में चढ़ाते हैं ये सोचते हुए कि इनसे कुछ पुण्य का काम होगा या ये पैसे किसी जरूरतमंद के काम आएंगे तो वहीं इन पैसों को भी उत्तराखंड के मंत्री विधायक और उनके परिवार की खुशामत के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि आरटीआई एक्टिविस्ट विकेश नेगी कह रहे हैं। उनके द्वारा किए गए खुलासे और पेश किए गए दस्तावेज पूरी कहानी बयां कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी नहीं उठा पाई अपनी यात्रा का खर्चा
उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी नेहा जोशी और खुद केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल मंदिर समिति के खर्चे पर चलती हैं। कैबिनेट मंत्री की बेटी नेहा जोशी बाबा केदार के दर्शनों के लिए जाती हैं लेकिन अपने खर्चे के लिए साथ कुछ भी नहीं ले जाती।
उनके रहने की व्यवस्था भी मंदिर समिति करती है और खाने की भी। विकेश नेगी ने आरटीआई से खुलासा किया है कि नेहा जोशी की आवभगत में बीकेटीसी ने महज दो दिन में ही 60 हजार रूपए खर्च दिए। अब यहां सवाल उठता है कि क्या उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री की बेटी इतनी गरीब हैं कि अपनी दो दिन की यात्रा का खर्चा तक खुद नहीं उठा सकतीं।

केदारनाथ विधायक पर बीकेटीसी ने खर्च किए 37,500 रूपए
ये लिस्ट यहीं नहीं रूकटी अगला नाम जो है वो आपको सोचने पर मजबूर कर देगा। क्योंकि ये नाम किसी और का नहीं बल्कि खुद बाबा केदार की नगरी केदारनाथ की विधायक का है। यूं तो विधायक महोदया महीने का चार लाख रूपए सभी भत्ते मिलाकर लेती हैं लेकिन अपनी एक दो दिन की यात्रा के कुछ हजार भी खुद नहीं चुका पा रहीं। केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के दर्शन और रहने पर बीकेटीसी ने 37,500 रूपए खर्चे किए। ये ब्यौरा तब का है जब पिछले साल कपाट खुलने के दौरान विधायक महोदया केदारनाथ पहुंची थीं।
पीएम मोदी के भाई से जिलाध्यक्ष पर खर्च हुए हजारों रूपए
ये लिस्ट यहीं पर नहीं रूकती इसमें पीएम मोदी के भाई से लेकर रुद्रप्रयाग भाजपा जिलाध्यक्ष तक कई नाम शामिल हैं। जो खुद का खर्चा ही नहीं उठा पाते इसलिए चंदे पर जीते हैं। बीकेटीसी ने प्रधानमंत्री मोदी के भाई पंकज मोदी पर: ₹22,000, आरएसएस नेता प्रकाश व निरंजन पर: ₹20,000, रुद्रप्रयाग भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट और अन्य कार्यकर्ताओं के ऊपर: ₹24,000 और बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सहायक अजय श्रीवास्तव के ऊपर: 23,000 रूपए खर्च किए हैं।

सभी से पैसे वापस ले बीकेटीसी – गणेश गोदियाल
बीकेटीसी के अध्यक्ष रह चुके कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया की अगर बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष इन दौरों के दौरान खुद भी मौजूद थे तो यह खर्चा समिति के खाते में जुड़ सकता है लेकिन अगर इससे इतर ये लोग अपने निजी दौरे पर थे और समिति द्वारा खर्च किया गया है तो मंदिर समिति को चाहिए कि इन सभी नेताओं को एक पत्र जारी करें और उनसे वह पैसा वापस लिया जाए जो उनके दौरे के दौरान खर्च हुआ।
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Petrol-Diesel Price Hike Today: आम जनता को बड़ा झटका! 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम, पेट्रोल ₹100 के पार, जानें उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों का हाल
Petrol-Diesel Price Hike Today: उत्तराखंड में 100 के पार हुआ पेट्रोल
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे भूचाल का असर अब सीधे तौर पर भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है। देश में महंगाई की चौतरफा मार झेल रही आम जनता को आज एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन के दामों में यह चौथी बड़ी वृद्धि है, जिसने आम आदमी के मासिक बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है।
ताजा बढ़ोतरी के बाद उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित पूरे देश में पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को पार कर गई है, जबकि डीजल भी शतक लगाने की राह पर अग्रसर है।
10 दिनों में ₹7.50 से अधिक महंगा हुआ ईंधन: एक नजर में
रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी तेजी के कारण घरेलू तेल कंपनियों ने पिछले कुछ दिनों से लगातार दाम बढ़ाने का सिलसिला शुरू किया है। आज की बढ़ोतरी का विवरण और पिछले 10 दिनों का गणित इस प्रकार है:
- आज पेट्रोल में बढ़ोतरी: ₹2.61 प्रति लीटर
- आज डीजल में बढ़ोतरी: ₹2.71 प्रति लीटर
- 10 दिनों का कुल बोझ: 15 मई को अप्रैल 2022 के बाद पहली बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। तब से लेकर अब तक मात्र 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दाम कुल मिलाकर ₹7.50 प्रति लीटर से अधिक बढ़ चुके हैं। ईंधन के दामों में बढ़ोतरी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी (CNG) के दामों में भी ₹1 प्रति किलो का इजाफा किया गया है, जिसके बाद दिल्ली में CNG की कीमत ₹81.09 प्रति किलोग्राम हो गई है। परिवहन के सभी साधनों का एक साथ महंगा होना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में माल ढुलाई और यात्रा दोनों बेहद खर्चीली होने वाली हैं।
उत्तराखंड में पेट्रोल-डीजल के दाम (Uttarakhand Petrol Diesel Prices Today)
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में ईंधन की कीमतें भौगोलिक स्थिति और स्थानीय करों (VAT) के कारण मैदानी इलाकों से थोड़ी भिन्न होती हैं। राज्य के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिससे स्थानीय निवासियों और यहां आने वाले पर्यटकों दोनों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
उत्तराखंड के प्रमुख शहरों के ताजा रेट्स नीचे दिए गए हैं:

1. देहरादून (Dehradun)
राज्य की राजधानी देहरादून में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
- पेट्रोल: ₹101.45 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.30 प्रति लीटर
2. हरिद्वार (Haridwar)
धार्मिक नगरी हरिद्वार में मैदानी इलाका होने के कारण दाम देहरादून से मामूली कम हैं, लेकिन यहां भी बढ़ोतरी का असर साफ देखा जा रहा है।
- पेट्रोल: ₹100.80 प्रति लीटर
- डीजल: ₹93.65 प्रति लीटर
3. नैनीताल (Nainital)
सैलानियों के पसंदीदा हिल स्टेशन नैनीताल में परिवहन लागत अधिक होने के कारण ईंधन के दाम हमेशा थोड़े ऊंचे रहते हैं।
- पेट्रोल: ₹102.10 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.95 प्रति लीटर
4. हल्द्वानी (Haldwani)
कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में भी आज तेल के दामों में उछाल आया है।
- पेट्रोल: ₹101.15 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.05 प्रति लीटर
पहाड़ी क्षेत्रों पर प्रभाव: उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी जिलों जैसे पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी में परिवहन व्यय (Freight Charges) अधिक होने के कारण पेट्रोल की कीमत ₹103 से ₹104 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। चारधाम यात्रा के इस सीजन में ईंधन का महंगा होना टूर एंड ट्रैवल्स ऑपरेटरों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है।
चार बड़े महानगरों में आज के लेटेस्ट रेट्स (Metro Cities Fuel Rates)
भारत के विभिन्न राज्यों में स्थानीय करों (VAT) और डीलर कमिशन के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। देश के चार प्रमुख महानगरों में आज के संशोधित रेट्स नीचे तालिका में विस्तृत रूप से दिए गए हैं:
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली (New Delhi) | ₹102.12 | ₹95.20 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹111.21 | ₹97.83 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹113.51 | ₹99.82 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹107.77 | ₹99.55 |
तालिका से स्पष्ट है कि मुंबई और कोलकाता में पेट्रोल की कीमतें ₹110 के पार जा चुकी हैं, जबकि डीजल भी ₹100 के आंकड़े को छूने के बेहद करीब पहुंच गया है।
आखिर क्यों लग रही है ईंधन के दामों में आग? (Reasons Behind Price Hike)
वैश्विक बाजार में चल रही उथल-पुथल भारतीय ईंधन बाजारों को सीधे और गहराई से प्रभावित कर रही है। आर्थिक और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा संकट के पीछे निम्नलिखित तीन प्रमुख कारण हैं:
1. पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव (West Asia Geopolitical Crisis)
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य और कूटनीतिक संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन न रोकने की जिद और अमेरिकी प्रतिबंधों की चेतावनियों के चलते कच्चा तेल उत्पादक क्षेत्र पूरी तरह से अस्थिर है।
2. होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी (Strait of Hormuz Blockade)
वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र में तेल टैंकरों की आवाजाही बाधित होने और सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतें लगातार $100 प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं। जब भी शांति समझौते की खबरें आती हैं, तो कीमतों में थोड़ी गिरावट होती है, लेकिन समझौता विफल होते ही दाम फिर से आसमान छूने लगते हैं।
3. तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी और घाटा (OMCs Financial Losses)
भारतीय तेल मार्केटिंग कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद घरेलू स्तर पर लंबे समय तक दामों को स्थिर रखा था। ओएनजीसी (ONGC) के अधिकारियों के अनुसार, तेल कंपनियों को घरेलू बाजार में दाम न बढ़ाने के कारण दैनिक रूप से लगभग ₹1,000 करोड़ का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने और इस घाटे की भरपाई के लिए तेल कंपनियां अब लगातार दाम बढ़ा रही हैं।
आम जनता और भारतीय अर्थव्यवस्था पर चौतरफा असर
पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों को चलाने वाला ईंधन नहीं हैं, बल्कि ये किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। इनके दामों में होने वाली वृद्धि का एक ‘डोमिनोज़ इफेक्ट’ (Chain Reaction) होता है, जो समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है:
* लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई लागत में वृद्धि
भारत में 70% से अधिक वाणिज्यिक सामानों की ढुलाई सड़कों के माध्यम से डीजल चालित ट्रकों द्वारा होती है। डीजल के दाम ₹95 के पार जाने से ट्रांसपोर्टर्स ने माल ढुलाई शुल्क (Freight Rates) में 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है।
* रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं होंगी महंगी
माल ढुलाई महंगी होने का सीधा असर सीधे आपकी रसोई पर पड़ता है। आने वाले दिनों में फल, सब्जियां, दूध, दालें और अन्य एफएमसीजी (FMCG) उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। थोक बाजारों से खुदरा बाजारों तक सामान पहुंचाने की लागत बढ़ने से खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) में बढ़ोतरी होना तय है।
* मध्यम और गरीब वर्ग का बजट ध्वस्त
एक तरफ जहां वेतन और आय में उस अनुपात में वृद्धि नहीं हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल, सीएनजी और घरेलू सामानों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। आम नौकरीपेशा इंसान के लिए ऑफिस आने-जाने का खर्च (Commuting Cost) बढ़ गया है, जिससे उनके मासिक निवेश और अन्य आवश्यक खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है।
राजनीतिक घमासान और टैक्स कटौती की मांग
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने देश में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि पेट्रोल-डीजल पर लगाया जाने वाला अत्यधिक उत्पाद शुल्क (Excise Duty) आम जनता पर एक ‘साइलेंट टैक्स’ की तरह है, जिसे तुरंत कम किया जाना चाहिए।
व्यापारिक संगठनों (जैसे CTI) ने भी केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि वे पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट (VAT) और एक्साइज ड्यूटी में कम से कम ₹10 से ₹15 की कटौती करें, ताकि बाजार में मांग बनी रहे और आम आदमी को कुछ राहत मिल सके।
अपने शहर के दैनिक रेट्स कैसे चेक करें? (How to Check Daily Fuel Rates)
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे संशोधित की जाती हैं। यदि आप अपने शहर के सटीक और नवीनतम रेट्स जानना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित तरीकों से घर बैठे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:
- SMS के जरिए: * Indian Oil (IOCL): अपने मोबाइल से
RSP <स्पेस> शहर का कोडलिखकर 9224992249 पर भेजें।- BPCL:
RSP <स्पेस> शहर का कोडलिखकर 9223112222 पर भेजें। - HPCL:
HPPRICE <स्पेस> शहर का कोडलिखकर 9222201122 पर भेजें।
- BPCL:
- मोबाइल ऐप्स: आप इंडियन ऑयल के ‘Fuel@IOC’ ऐप या अन्य कंपनियों के आधिकारिक ऐप्स को प्ले स्टोर से डाउनलोड करके सीधे ‘Check Price for Your Location’ विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।
वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया का संकट जल्द नहीं सुलझा, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में कुछ और दौर की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को अपने कड़े बजटीय प्रबंधन के लिए तैयार रहना होगा।
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उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, देर रात हुए IAS और PCS अधिकारियों के बंपर तबादले, देखें लिस्ट

Uttarakhand IAS Transfers : उत्तराखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित प्रशासनिक फेरबदल को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए आईएएस अधिकारियों के व्यापक स्तर पर तबादले किए हैं। इसके साथ ही पीसीएस और सचिवालय सेवा के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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देर रात हुए IAS और PCS अधिकारियों के बंपर तबादले
देर रात उत्तराखंड में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। 19 आईएएस और 9 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस नई सूची में कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं।
गढ़वाल कमिश्नर के पद से लेकर देहरादून के जिलाधिकारी की जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया गया है। वहीं बागेश्वर के जिलाधिकारी के पद पर भी बदलाव किया गया है।
19 आईएएस और 9 पीसीएस अधिकारियों के हुए तबादले



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