Delhi
15 महीने के संघर्ष का अंत , इजराइल और हमास के बीच हुआ युद्ध विराम समझौता…..

दिल्ली : इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को पुष्टि की कि कतर में इजराइल और हमास के बीच गाजा में बंधकों की रिहाई और युद्ध विराम लागू करने के लिए एक समझौता हुआ है। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले नेतन्याहू के कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई थी, ताकि इस समझौते पर मतदान किया जा सके।
यह समझौता 15 महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संघर्ष की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हुई थी, जब हमास के बंदूकधारियों ने गाजा से दक्षिणी इजराइल में धावा बोल दिया था। इस हमले में 1,200 इजराइली नागरिकों की हत्या कर दी गई और 240 लोगों को बंधक बना लिया गया था, जिससे युद्ध का आरंभ हुआ।

गाजा पर इजराइल का हमला और मानवीय संकट
इसके बाद इजराइली सेना ने गाजा पर भयानक हमला किया, जिसमें अक्टूबर 2023 से अब तक 41,689 लोग मारे गए और 96,625 लोग घायल हुए हैं (2 अक्टूबर 2024 तक)। लगभग 1.9 मिलियन लोग विस्थापित हो गए हैं। गाजा के अधिकांश क्षेत्र इजराइल की लगातार बमबारी और जमीनी हमलों से मलबे में तब्दील हो गए हैं। जुलाई 2024 में द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, गाजा में मौतों की वास्तविक संख्या 186,000 से अधिक हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, बुनियादी ढांचे के अधिकांश हिस्से पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं, जिनमें 68 प्रतिशत फसल भूमि और सड़कें शामिल हैं। अस्पतालों की स्थिति भी खस्ता है, जिसमें केवल 17 अस्पताल आंशिक रूप से काम कर रहे हैं। गाजा में बच्चों के लिए स्थिति और भी भयावह है, जहां 25,000 से अधिक बच्चे या तो माता-पिता को खो चुके हैं या अनाथ हो गए हैं।

ईरान में हमास प्रमुख की हत्या और गाजा-इजराइल युद्ध का और विस्तार
2024 में, हमास प्रमुख इस्माइल हानिया की ईरान की राजधानी तेहरान में हत्या कर दी गई। हमास और ईरान ने इस हत्या के लिए इजराइल को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद, 17 अक्टूबर 2024 को इजराइली सेना ने गाजा में हमास नेता याह्या सिनवार की हत्या कर दी। इन घटनाओं के कारण गाजा-इजराइल युद्ध और भी तेज हो गया।
आर्थिक और मानवीय नुकसान
गाजा में आर्थिक नुकसान भी अत्यधिक है। मार्च 2024 में प्रकाशित एक संयुक्त रिपोर्ट में बताया गया कि गाजा के बुनियादी ढांचे को 18.5 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। गाजा का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 2023 की अंतिम तिमाही में 81 प्रतिशत तक गिर गया। इसके साथ ही, 2024 की शुरुआत तक गाजा की 80 प्रतिशत से 96 प्रतिशत कृषि संपत्ति नष्ट हो गई, जिससे क्षेत्र में खाद्य असुरक्षा की स्थिति और भी गंभीर हो गई।
संघर्ष के दौरान गाजा में 1.9 मिलियन लोग विस्थापित हुए हैं, और यहां की मानवीय स्थिति और भी बिगड़ गई है। आश्रय गृहों में भीड़भाड़ है और स्वच्छता सेवाएं अपर्याप्त हैं।

समझौते का महत्व
इजराइल और हमास के बीच हुए इस समझौते को 15 महीने के संघर्ष को समाप्त करने और गाजा में शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह समझौता न केवल युद्ध में शामिल दोनों पक्षों के लिए, बल्कि गाजा के नागरिकों के लिए भी राहत का एक नया अवसर प्रदान करता है।
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CM Dhami ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात, चारधाम यात्रा को लेकर किया ये अनुरोध

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात कर राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
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CM Dhami ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात
CM Dhami ने आज केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के सुचारू, सुरक्षित और निर्बाध संचालन के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को पहले की तरह 100 प्रतिशत बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि अप्रैल से नवंबर तक चलने वाली इस यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे एलपीजी की मांग में काफी बढ़ोतरी होती है। इस अवधि में राज्य को करीब 9.67 लाख व्यावसायिक सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।
चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी के लिए किया अनुरोध
मुख्यमंत्री ने ये भी उल्लेख किया कि जून से सितंबर के बीच मानसून के दौरान उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए एलपीजी गैस बेहद जरूरी होती है। ऐसे में उन्होंने अतिरिक्त 5 प्रतिशत यानी लगभग 48 हजार सिलेंडरों का अतिरिक्त आवंटन करने का भी अनुरोध किया, ताकि आपदा के समय राहत कार्य तेजी से किए जा सकें।

राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्धता
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित है, जिसमें धार्मिक और साहसिक पर्यटन का अहम योगदान है। चारधाम यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख आधार है।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के सभी सुझावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया और राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
Dehradun
देहरादून से दिल्ली का सफर हुआ सस्ता, उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया हुआ कम, देखें नया किराया

Dehradun News : देहरादून से दिल्ली जाना हुआ सस्ता, बसों का किराया हुआ कम
Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से दिल्ली तक का सफर अब पहले से ज्यादा किफायती और तेज हो गया है। इस रूट पर उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया कम हो गया है।
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देहरादून से दिल्ली का सफर हुआ सस्ता
देहरादून से दिल्ली का सफर सस्ता हो गया है। देहरादून से दिल्ली के रूट पर उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों का किराया कम कर दिया गया है। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से यात्रियों को समय के साथ-साथ किराए में भी बड़ी राहत मिली है। इस एक्सप्रेसवे की सौगात आम लोगों के लिए सुविधाजनक और बजट-फ्रेंडली साबित हो रही है।
उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया हुआ कम
दिल्ली से देहरादून की यात्रा अब सिर्फ तेज ही नहीं, बल्कि काफी सस्ती भी हो गई है। नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद बस किराए में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। पहले जहां इस सफर में अधिक समय लगता था, वहीं अब यह दूरी महज ढाई से तीन घंटे में पूरी की जा सकती है।

जानें अब कितना करर दिया गया है किराया
इस नए मार्ग पर उत्तराखंड परिवहन विभाग ने कुल 16 बसों का संचालन शुरू किया है। इनमें 8 वोल्वो बसें, 6 एसी बसें और 2 साधारण बसें शामिल हैं।
किराए में भी उल्लेखनीय कटौती की गई है—एसी बस का किराया 704 रुपये से घटाकर 557 रुपये कर दिया गया है, वोल्वो बस का किराया 945 रुपये से घटकर 709 रुपये हो गया है, जबकि साधारण बस का किराया 420 रुपये से कम होकर 355 रुपये रह गया है।
| बस का प्रकार | पुराना किराया (₹) | नया किराया (₹) | कमी (₹) |
|---|---|---|---|
| एसी बस | 704 | 557 | 147 |
| वोल्वो बस | 945 | 709 | 236 |
| साधारण बस | 420 | 355 | 65 |
सस्ती, सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना उद्देश्य
उत्तराखंड परिवहन निगम के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर चलने वाली बस सेवाओं के किराए में 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इस कदम का उद्देश्य यात्रियों को सस्ती, सुविधाजनक और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
रोडवेज की इस पहल को जनता का अच्छा समर्थन मिल रहा है। किराए में कमी के कारण अब लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे रहे हैं। ये न केवल जेब पर हल्का है, बल्कि अब गति के मामले में भी किसी से पीछे नहीं है।
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अस्मिता नेशनल योगासना चैंपियनशिप में उत्तराखंड की बेटियों का कमाल, गोल्ड मेडल किया अपने नाम

Asmita Yogasana League 2026 : उत्तराखंड की बेटियों ने अस्मिता नेशनल योगासना चैंपियनशिप में कमाल कर दिखाया है। उत्तराखंड की artistic group की टीम ने गोल्ड मेडल हासिल कर पूरे देश में प्रदेश का नाम रोशन किया है।
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Asmita Yogasana League 2026 में उत्तराखंड की बेटियों का कमाल
दिल्ली के आनंदधाम आश्रम में 29 से 31 मार्च 2026 तक अस्मिता योगासन वूमेन लीग (नेशनल) 2025-26 का सफल आयोजन किया गया।
ये राष्ट्रीय प्रतियोगिता भारत सरकार की खेलो इंडिया पहल और योगासन भारत के सहयोग से आयोजित हुई, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से महिला योगासन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। जिसमें उत्तराखंड की टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

गोल्ड मेडल जीत देश में रोशन किया प्रदेश का नाम
दिल्ली स्थित आनंद धाम आश्रम में हुई इस योगासना प्रतियोगिता में 20- राज्यों की टीमों ने प्रतिभाग किया था। जिसमें से उत्तराखंड की टीम ने पहला स्थान हासिल किया है। आर्टिस्टिक ग्रुप (सीनीयर) में उत्तराखंड की टीम ने 94.46 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल जीता है।

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