Rudraprayag
रुद्रप्रयाग : बर्फ़बारी न होने से औषधीय पौधों पर मंडरा रहा संकट, भेड़-बकरी पालकों के सामने भी समस्याएं

Rudraprayag news: मौसम की मार से जड़ी बूटी उत्पादन पर गंभीर असर
मुख्य बिंदु
Rudraprayag news: जिले के ऊखीमठ क्षेत्र में जनवरी के दूसरे सप्ताह तक भी मौसम के अनुरूप बर्फबारी नहीं हुई है। इसके कारण हिमालयी बुग्यालों की पारिस्थितिकी पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। स्थानीय लोग और जड़ी-बूटी संग्राहक इसे बेहद चिंताजनक स्थिति मान रहे हैं। साथ ही मौसम की मार से भेड़-बकरी पालकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बुग्यालों में बहुमूल्य जड़ी-बूटियों का अस्तित्व खतरे में (medicinal herbs under threat)
Rudraprayag जिले के उखीमठ क्षेत्रान्तर्गत कई हिमालयी घास के मैदान, यानी बुग्यालों में
- कीड़ाजड़ी (Ophiocordyceps sinensis)
- कूट (Saussurea costus)
- कुटकी(Picrorhiza kurroa)
- हथजारी/सलाम पंजा(Dactylorhiza hatagirea)
- अतीस (Aconitum heterophyllum)
समेत कई दुर्लभ जड़ी-बूटियाँ पाई जाती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इन औषधीय पौधों के प्राकृतिक विकास के लिए पर्याप्त बर्फबारी जरूरी है। लेकिन, इस साल अब तक बर्फ न गिरने से इनके अस्तित्व और उत्पादन दोनों पर खतरा मंडराने लगा है।

तापमान और नमी में आ रहा बदलाव
बर्फबारी के अभाव से मिट्टी की नमी घट रही है और तापमान में उतार-चढ़ाव बढ़ता जा रहा है। जिससे न केवल पौधों का उत्पादन रुक रहा है, बल्कि कई प्रजातियों के बीज अंकुरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव दिख रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। जिससे इन औषधीय पौधों पर संकट मंडरा रहा है।

भेड़-बकरी पालकों के सामने भी चारे का संकट (grazing shortage in Himalayan region)
जड़ी-बूटियों के साथ-साथ ऊँचाई वाले क्षेत्रों में पाए जाने वाले प्राकृतिक चारागाह (बुग्याल)भी प्रभावित हो रहे हैं। उखीमठ क्षेत्र में –
- मनणी बुग्याल
- खाम बुग्याल
- टिंगरी बुग्याल
- नंदी कुंड और
- पांडव सेरा
जैसे कई प्राकृतिक घास के मैदान मौजूद हैं। जिन पर चरवाहे अपने मवेशिओं के चारे के लिए निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर आने वाले दिनों में बर्फबारी नहीं हुई, तो बरसात के मौसम में बुग्यालों में 6 महीने प्रवास करने वाले भेड़-बकरी पालकों के सामने चारे की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। जिसका सीधा असर उनकी आजीविका पर पड़ेगा।वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता

पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में बदलते मौसम के पैटर्न पर वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है। उनका मानना है कि जड़ी-बूटियों के संरक्षण के साथ-साथ स्थायी आजीविका और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए नीतिगत स्तर पर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
Rudraprayag में बर्फबारी न होने का मुख्य असर क्या है?
औषधीय जड़ी-बूटियों और चरागाहों पर संकट बढ़ रहा है।
भेड़-बकरी पालकों को क्या समस्या हो रही है?
चारे की कमी और आजीविका पर खतरा।
र्फबारी औषधीय पौधों के लिए क्यों जरूरी है?
यह मिट्टी की नमी और पौधों के प्राकृतिक विकास को बनाए रखती है।
किन medicinal herbs पर खतरा मंडरा रहा है?
कीड़ाजड़ी, कुट, कुटकी, अतीस और सलाम पंजा।
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Rudraprayag
केदारनाथ पैदल मार्ग पर फिर हादसा, चीरबासा में बोल्डर गिरने से एक शख्स की मौत

Rudraprayag News : केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर रविवार को बड़ा हादसा हो गया। चीरबासा हेलिपैड के पास पहाड़ से अचानक बोल्डर गिरने की घटना में एक स्थानीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।
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केदारनाथ पैदल मार्ग पर बोल्डर गिरने से एक शख्स की मौत
केदारनाथ पैदल मार्ग पर रविवार को बोल्डर गिरने से एक शख्स की मौत हो गई। मृतक की पहचान ऊखीमठ क्षेत्र के ग्राम पठाली निवासी मोहन तिवारी के रूप में हुई है। घटना के बाद लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण राहत और बचाव कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ से लौट रहे करीब 3200 श्रद्धालुओं को अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है।
श्रद्धालुओं को अस्थायी रूप से रोका
सोनप्रयाग कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुरेश बलूनी के अनुसार, करीब 500 यात्रियों को लिनचोली, 1000 को भीमबली, 1000 को सोनप्रयाग और 700 श्रद्धालुओं को गौरीकुंड में अस्थायी रूप से रोका गया है।
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बोल्डर की चपेट में आने से मोहन तिवारी की मौत हुई। रेस्क्यू टीम ने शव को गौरीकुंड पहुंचाया, जहां से उसे जिला चिकित्सालय भेज दिया गया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता सुनील सिंह के मुताबिक मार्ग पर गिरे मलबे और पत्थरों को हटाने का काम जारी है। इसके लिए 26 श्रमिकों को लगाया गया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से केदारनाथ पैदल मार्ग समेत जिले के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोनप्रयाग और गौरीकुंड में यात्रियों को रोका गया है। मौसम और पैदल मार्ग की स्थिति का आकलन करने के बाद ही आगे की आवाजाही की अनुमति दी जाएगी।
Rudraprayag
रूद्रप्रयाग के मथ्यागांव में दर्दनाक हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, 2 की मौत

Rudraprayag News : जिले में मंगलवार सुबह हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक घायल हो गया। हादसा छेनागाड़ से करीब दो किलोमीटर ऊपर मथ्यागांव के समीप हुआ।
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रूद्रप्रयाग के मथ्यागांव में दर्दनाक हादसा
रूद्रप्रयाग में तीन सवारियों से भरा वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही DDRF और SDRF की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन तक पहुंचकर तीनों लोगों को बाहर निकाला। घायल युवक को तत्काल अस्पताल भेजा गया।
गहरी खाई में कार गिरने से 2 की मौत
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 8:20 बजे जिला आपदा कंट्रोल रूम को मथ्यागांव के पास वाहन दुर्घटना की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही DDRF और SDRF की रेस्क्यू टीमों को मौके के लिए रवाना कर दिया गया।

दुर्घटनाग्रस्त वाहन में रोहित पुत्र जगत सिंह, उम्र 26 वर्ष, मोहन सिंह पुत्र भाग सिंह, उम्र 65 वर्ष और विनोद सिंह पुत्र दरमान सिंह, उम्र 42 वर्ष सवार थे। रेस्क्यू टीम को रोहित घायल अवस्था में मिले, जबकि मोहन सिंह और विनोद सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी।
मुश्किल रास्ते के बीच जवानों ने चलाया रेस्क्यू
दुर्घटना स्थल तक पहुंचना रेस्क्यू टीम के लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद DDRF और SDRF के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए अभियान जारी रखा और वाहन तक पहुंचकर तीनों लोगों को बाहर निकाला। घायल रोहित को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
हादसे की खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में पसरा मातम
वहीं, दोनों मृतकों के शवों को भी रेस्क्यू कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। हादसे की खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। दो लोगों की मौत से उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
Rudraprayag
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मचा हड़कंप, पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण महिला की मौत

Rudraprayag News : केदारनाथ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा सामने आया है। चीरबासा के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से महाराष्ट्र की महिला श्रद्धालु की मौत हो गई।
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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हुआ दर्दनाक हादसा
केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान रविवार को गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। चीरबासा हेलीपैड के पास अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटना में महाराष्ट्र की 60 वर्षीय महिला श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गई। रेस्क्यू टीम ने उन्हें तत्काल गौरीकुंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण महिला की मौत
मिली जानकारी के मुताबिक 6 सितंबर रविवार को जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग को सूचना मिली कि गौरीकुंड से केदारनाथ धाम जाने वाले पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के नजदीक पहाड़ी से अचानक पत्थर गिर गया है। इस दौरान वहां से गुजर रही एक महिला श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गई और गंभीर रूप से घायल हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और पुलिस की रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजा। टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायल महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और उपचार के लिए गौरीकुंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
महाराष्ट्र की रहने वाली थीं महिला श्रद्धालु
मृतका की पहचान मंगल अपाराव सिंधे (60 वर्ष) के रूप में हुई है। वह महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के नीमगांव की रहने वाली थीं। हादसे की सूचना उनके परिजनों को दे दी गई है।
प्रशासन की ओर से शव के संबंध में आवश्यक पंचनामा और अन्य वैधानिक कार्रवाई की गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार और जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पत्थर की चपेट में आने से महिला श्रद्धालु की मौत की पुष्टि की है।
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