Udham Singh Nagar
बाजपुर में नकली दवाइयों का बड़ा भंडाफोड़, लाखों की जीवनरक्षक दवाएं और अवैध शराब बरामद

Bazpur News : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और औषधि प्रशासन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर नकली एलोपैथिक दवाइयों के एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है।
Table of Contents
बाजपुर में नकली दवाइयों का बड़ा भंडाफोड़
एसटीएफ द्वारा जनस्वास्थ्य से जुड़े अपराधों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निर्देशन में कुमाऊं यूनिट और औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने 18 जुलाई की शाम बाजपुर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित कोविल बायोटेक में छापेमारी की।
लाखों की जीवनरक्षक दवाएं और अवैध शराब बरामद
जांच के दौरान सामने आया कि यहां प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर नकली एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण और पैकेजिंग की जा रही थी।
कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी धीरेंद्र, पुत्र ब्रह्म सिंह, को मौके से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी के पास एलोपैथिक दवाओं के निर्माण का वैध लाइसेंस नहीं था। आरोप है कि वह आयुर्वेदिक और फूड लाइसेंस का उपयोग कर नकली एलोपैथिक दवाइयां तैयार कर बाजार में सप्लाई कर रहा था।

छापेमारी के दौरान लगभग एक लाख टैबलेट बरामद
जांच एजेंसियों के अनुसार, फैक्ट्री में ऐसी दवाइयां बनाई जा रही थीं जिनका उपयोग अम्लता, बैक्टीरियल संक्रमण, दर्द और सूजन, नसों के दर्द, प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं, कैल्शियम और विटामिन की कमी तथा रक्तवर्धक उपचार में किया जाता है। छापेमारी के दौरान लगभग एक लाख टैबलेट और करीब 15 हजार सिरप की बोतलें बरामद की गईं, जिन्हें बाजार में बेचने की तैयारी थी।
अवैध अंग्रेजी शराब और आबकारी विभाग के होलोग्राम बरामद
पूछताछ के आधार पर टीम ने एनएच-74 स्थित एक गोदाम में भी तलाशी अभियान चलाया। वहां से बड़ी मात्रा में तैयार नकली दवाइयां, पैकिंग सामग्री, अवैध अंग्रेजी शराब और आबकारी विभाग के होलोग्राम बरामद किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर अपने सहयोगियों के साथ हरियाणा से अवैध शराब मंगाकर उत्तराखंड में उसकी आपूर्ति करता था।
Udham Singh Nagar
बाजपुर में मदरसा सील होने पर हड़कंप, संचालक ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

Bazpur News : उधम सिंह नगर के बाजपुर में प्रशासन ने मदरसा जामिया हनफिया रज़ाउल उलूम को सील कर दिया। इस कार्रवाई को राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। प्रशासन की अचानक हुई कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हलचल देखने को मिली।
Table of Contents
बाजपुर में मदरसा सील होने पर हड़कंप
बाजपुर में मदरसा सील होने पर हड़कंप मच गया है। मदरसा संचालक इरशाद अली ने सीलिंग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मदरसे के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले से चल रही थी और इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा कराया जा चुका था।
संचालक ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
संचालक के अनुसार, प्रशासनिक अधिकारियों को रजिस्ट्रेशन आवेदन से जुड़े दस्तावेज और शुल्क जमा करने की रसीद भी दिखाई गई थी। इसके बावजूद टीम ने मदरसे को सील कर दिया।

इरशाद अली का कहना है कि जब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी, तो आखिर किस आधार पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई की वजह स्पष्ट करने और पूरी प्रक्रिया की जानकारी देने की मांग की है।
कार्रवाई के बाद मदरसा संचालक ने जताया विरोध
बताया जा रहा है कि प्रशासनिक टीम अधिकारियों की मौजूदगी में मदरसा परिसर पहुंची और सीलिंग की कार्रवाई पूरी की। कार्रवाई के बाद मदरसा संचालक ने विरोध जताते हुए प्रशासन की प्रक्रिया और फैसले पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कार्रवाई के विस्तृत आधार को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
Udham Singh Nagar
रुद्रपुर में मौलाना को भड़काऊ बयान देना पड़ा भारी, मुदकमा दर्ज, विधायक ने भी दिया जवाब

Rudrapur News : ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में त्रिशूल चौक पर ईद उल मिलादुन्नबी के जलूस के दौरान एक ऐसा भड़काऊ बयान वायरल हुआ जो कि मौलवी को भारी पड़ गया है। इस विवादित भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस एशन मे आई और मुकदमा दर्ज कर दिया और जाँच शुरू कर दी है।
Table of Contents
रुद्रपुर में मौलाना को भड़काऊ बयान देना पड़ा भारी
ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में ईद-उल-मिलादुन्नबी के दौरान रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्म के लोगों के बीच एक विवादित बयान दे डाला, जिसके बाद सियासत में उबाल आ गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस एक्शन में आई और विवादित बयान देने वाले मौलवी पर मुकदमा दर्ज कर दिया।
वीडियो में वक्ता द्वारा कहा गया कि अगर मदरसे बंद कर दिए तो फिर देखना मुसलमान क्या हाल करेंगे। ये किसी की सुनने वाले नहीं हैं। ये तो अपने मौलाना की इज्जत करते हैं, तो सुन लेते हैं, वरना आज भी वही जज्बा है, जब शहादत के समय था, जब जंग हुई थी और नबी जब परेशान हुए थे। इस तरह के बयान मुस्लिम वक्ता द्वारा दिए गए, जिसके बाद माहौल गरमा गया है और भाजपा विधायक शिव अरोड़ा ने इसका जवाब दिया है।

विधायक शिव अरोड़ा ने भी दिया जवाब
भड़काऊ भाषण को लेकर कहा कि बारावफात पर रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर कुछ कट्टरपंथी ये धमकाते हैं कि मुसलमान क्या हाल करेंगे, अगर मदरसे बंद कर दिए गए तो। ये जितने भी अवैध मदरसे हैं, ये आतंकवादी और दंगाई पैदा होते हैं, वह बंद ही नहीं, नस्तेनाबूद होंगे। ये मुख्यमंत्री धामी की सरकार है। यहां दंगाइयों और आतंकवादियों को पैदा करने वाले मदरसों की कोई जगह नहीं है।
और कांग्रेस की मानसिकता, जो तुम्हें मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने के सपने दिखाती थी, ऐसे सपने देखना बंद करो। और ये जो धमकाने की हिमाकत कर रहे हो, सुधर जाओ, नहीं तो ऐसा हाल होगा कि सात पुश्तें याद रखेंगी।
सरकारी जमीनें ली गईं हैं वापस
विधायक ने कहा कि रुद्रपुर ईदगाह की जमीन की बात है, वो सरकारी जमीन थी, वापस ली गई और दुनिया की कोई ताकत उस जमीन को तुम्हें वापस नहीं दिला सकती। और यहां के नए-नए नेता, जो कांग्रेसी बने हैं, वो इसी जलसे में कूद-कूदकर मुबारकबाद देते फिर रहे थे और जब हिंदुओं को धमकाया गया कि मुसलमान क्या हाल करेंगे, तब उनकी जुबान सिल जाती है।
Udham Singh Nagar
राखी से पहले मिठाई की दुकानों पर छापा, मिलावटी मावा-मिठाई का भंडाफोड़

Bazpur News : ऊधम सिंह नगर के बाजपुर क्षेत्र में मिलावटी मिठाई और मावे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सुल्तानपुर पट्टी इलाके में एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने मिठाई की दुकानों और निर्माण स्थलों पर अचानक छापेमारी की। कार्रवाई की खबर फैलते ही कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
Table of Contents
राखी से पहले मिठाई की दुकानों पर छापा
जांच के दौरान एक घर में मिठाई और मावा तैयार किए जाने का मामला सामने आया। टीम ने मौके से तैयार मिठाइयां, मावा और कथित तौर पर मिलावटी मावा बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की। खाद्य विभाग ने जांच के लिए नमूने लिए और मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कराया।
मिलावटी मावा-मिठाई का भंडाफोड़
एक मिठाई की दुकान की जांच के दौरान करीब 50 किलो खोया और छैना से बनी मिठाइयां मिलीं। टीम के मुताबिक, इन खाद्य पदार्थों में गंदगी और कीड़े-मकोड़े पाए गए। संबंधित सामग्री को नष्ट करने के साथ खोये के नमूने जांच के लिए भेजे गए। साफ-सफाई के नियमों का पालन नहीं करने पर दुकान का चालान भी किया गया।

इसके बाद टीम ने एक अन्य प्रतिष्ठान पर कार्रवाई की। यहां मिल्क पाउडर और रिफाइंड ऑयल से मावा तैयार किए जाने की बात सामने आई। मौके से करीब 80 किलो कथित मिलावटी खोया, 40 किलो बर्फी और करीब डेढ़ क्विंटल केक बरामद किया गया।
नकली मावे से बनी मिठाईयों को कराया नष्ट
खाद्य विभाग ने सभी संबंधित खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए और दुकान संचालक की मौजूदगी में तैयार मिठाइयों व मावे को नष्ट कराया। प्रशासन की ओर से प्रतिष्ठान पर एक लाख रुपये तक के जुर्माने की कार्रवाई की गई है। वहीं, खाद्य विभाग ने मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।











































