Trending
ELI Scheme 2026: युवाओं को नौकरी और उद्योगों को मजबूती देने वाली ऐतिहासिक रोजगार योजना

ELI Scheme 2026
भारत आज जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें सबसे बड़ा सवाल यही है – नौकरी कैसे मिले और नौकरी कैसे दी जाए? लाखों युवा हर साल पढ़ाई पूरी कर रोजगार की तलाश में निकलते हैं, वहीं दूसरी ओर कई उद्योग बढ़ती लागत और जोखिम के कारण नई भर्तियों से बचते हैं। इसी खाई को पाटने के लिए सरकार लेकर आई है ELI Scheme 2026 (Employment Linked Incentive Scheme)।
यह योजना सिर्फ एक सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास को एक साथ जोड़ने वाला मॉडल है। इसमें पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं और नौकरी देने वाले नियोक्ताओं—दोनों को सीधा लाभ मिलता है।
ELI Scheme 2026 क्या है? (What is ELI Scheme 2026)
ELI Scheme 2026 एक रोजगार-आधारित प्रोत्साहन योजना है, जिसमें सरकार उन कंपनियों और संस्थानों को आर्थिक सहायता देती है जो नए कर्मचारियों को नौकरी पर रखते हैं। साथ ही, जो युवा पहली बार औपचारिक नौकरी में कदम रखते हैं, उन्हें भी वित्तीय लाभ दिया जाता है।
सरल शब्दों में कहें तो:
“नौकरी दो – प्रोत्साहन लो, नौकरी पाओ – आर्थिक मदद पाओ”
यह योजना औपचारिक रोजगार (Formal Employment) को बढ़ावा देती है और EPFO जैसे सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करती है।
ELI Scheme 2026 लाने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
भारत में रोजगार से जुड़ी कुछ बड़ी चुनौतियां लंबे समय से बनी हुई हैं:
- पहली नौकरी पाने में युवाओं को कठिनाई
- कंपनियों के लिए नई भर्ती महंगी पड़ना
- असंगठित क्षेत्र में नौकरी, लेकिन सुरक्षा नहीं
- स्किल और अनुभव के बीच गैप
ELI Scheme 2026 इन सभी समस्याओं को एक साथ संबोधित करती है। सरकार का उद्देश्य है कि नियोक्ताओं का बोझ कम हो, ताकि वे ज्यादा लोगों को नौकरी देने के लिए प्रेरित हों।
ELI Scheme 2026 के प्रमुख उद्देश्य
इस योजना के पीछे सरकार के स्पष्ट और व्यावहारिक लक्ष्य हैं:
- देश में नए रोजगार का सृजन
- पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को अवसर
- EPFO के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाना
- MSME और निर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन
- असंगठित रोजगार को औपचारिक ढांचे में लाना
- युवाओं में आर्थिक साक्षरता विकसित करना
ELI Scheme 2026 के दो मुख्य भाग
🔹 भाग-A: पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए
यह हिस्सा पूरी तरह युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
मुख्य विशेषताएं:
- पहली बार EPFO से जुड़ने वाले कर्मचारी पात्र
- 6 महीने की निरंतर नौकरी पूरी करने पर पहली किस्त
- 12 महीने पूरे होने और वित्तीय साक्षरता कोर्स के बाद दूसरी किस्त
कुल प्रोत्साहन राशि:
➡️ ₹15,000 (दो किस्तों में)
यह पैसा सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में भेजा जाता है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
🔹 भाग-B: नियोक्ताओं (Employers) के लिए
इस भाग का मकसद है कंपनियों और उद्योगों को नई भर्ती के लिए प्रोत्साहित करना।
नियोक्ताओं को मिलने वाले लाभ:
- प्रति नए कर्मचारी ₹1,000 से ₹3,000 प्रति माह तक प्रोत्साहन
- यह सहायता 2 वर्षों तक दी जाती है
- निर्माण (Manufacturing) क्षेत्र को 4 वर्षों तक लाभ
इससे कंपनियों के लिए कर्मचारियों की लागत कम होती है और वे ज्यादा भर्तियां कर पाती हैं।
ELI Scheme 2026 की पात्रता (Eligibility Criteria)
👤 कर्मचारियों के लिए
- पहली बार औपचारिक नौकरी
- EPFO में नया पंजीकरण
- तय वेतन सीमा के भीतर आय
- आधार और बैंक खाता लिंक होना अनिवार्य
🏢 नियोक्ताओं के लिए
- EPFO में पंजीकृत प्रतिष्ठान
- योजना अवधि के दौरान नई भर्तियां
- समय पर ECR फाइल करना
- सभी रिकॉर्ड डिजिटल और सत्यापित होना
ELI Scheme 2026 के लाभ (Key Benefits)
✔️ युवाओं के लिए
- पहली नौकरी का अवसर
- सामाजिक सुरक्षा (PF)
- अतिरिक्त आर्थिक सहायता
- वित्तीय प्रबंधन की समझ
✔️ उद्योगों के लिए
- कर्मचारी लागत में कमी
- स्थायी वर्कफोर्स
- उत्पादकता में बढ़ोतरी
- सरकारी सहयोग और भरोसा
किन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
ELI Scheme 2026 का प्रभाव कई क्षेत्रों में देखने को मिलेगा:
- मैन्युफैक्चरिंग
- टेक्सटाइल और गारमेंट
- कंस्ट्रक्शन
- लॉजिस्टिक्स
- हॉस्पिटैलिटी
- MSME सेक्टर
- स्टार्टअप्स
ये वही क्षेत्र हैं जहां बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरी दी जा सकती है।
ELI Scheme 2026 का आर्थिक प्रभाव
यह योजना केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है:
- बेरोजगारी दर में गिरावट
- घरेलू खपत में वृद्धि
- टैक्स बेस का विस्तार
- स्किल्ड मैनपावर का निर्माण
- ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को मजबूती
संभावित चुनौतियां
हर योजना की तरह इसमें भी कुछ चुनौतियां हो सकती हैं:
- फर्जी भर्तियों का जोखिम
- छोटे उद्योगों में जानकारी की कमी
- तकनीकी समस्याएं
- भुगतान में देरी
हालांकि डिजिटल निगरानी और EPFO डेटा के जरिए इन जोखिमों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
ELI Scheme 2026 युवाओं के लिए क्यों अहम है?
आज का युवा सिर्फ नौकरी नहीं चाहता, वह सुरक्षित और स्थिर भविष्य चाहता है। यह योजना:
- फ्रेशर्स को मौका देती है
- कंपनियों को फ्रेश टैलेंट अपनाने के लिए प्रेरित करती है
- अनुभव और आय – दोनों की शुरुआत कराती है
निष्कर्ष (Conclusion)
ELI Scheme 2026 भारत में रोजगार नीति की दिशा बदलने वाली योजना है। यह युवाओं, उद्योगों और सरकार—तीनों के हितों को संतुलित करती है। अगर इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में यह योजना बेरोजगारी कम करने और आर्थिक विकास को तेज करने में अहम भूमिका निभाएगी।
यह कहना गलत नहीं होगा कि ELI Scheme 2026 ‘नौकरी और विकास’ के बीच की सबसे मजबूत कड़ी है।
FOR MORE VISIT JANMANCHTV
FAQs: ELI Scheme 2026
Q1. ELI Scheme 2026 क्या है?
यह रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना है, जिसमें नई भर्ती पर सरकार आर्थिक सहायता देती है।
Q2. क्या पहली बार नौकरी करने वालों को लाभ मिलेगा?
हां, उन्हें Rs15,000 तक की सहायता मिलती है।
Q3. नियोक्ताओं को कितना लाभ मिलता है?
Rs1,000–Rs3,000 प्रति कर्मचारी प्रति माह।
Q4. क्या यह योजना पूरे भारत में लागू है?
हां, यह राष्ट्रीय स्तर की योजना है।
Pauri
पहाड़ की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल, अस्पताल बनाता रहा बहाने, माँ-बच्चे की मौत
SRINAGAR: समय पर एम्बुलेंस न मिलने पर गई गर्भवती माँ ओर बच्चे की जान
मुख्य बिंदु
श्रीनगर (SRINAGAR): उत्तराखंड में बदहाल स्वास्थय व्यवस्था की एक बार फिर से पोल खुल गई है . एक गंभीर मामला श्रीनगर गढ़वाल से सामने आया है, जहां समय पर एम्बुलेंस न मिलने से एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की जान चली गई.
श्रीनगर में समय पर एम्बुलेंस न मिलने से जच्चा-बच्चा की मौत
दरअसल, बुधवार शाम करीब सात बजे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में कार्यरत विनोद की 31 वर्षीय पत्नी शिखा घर पर खाना बना रही थीं. इसी दौरान वो अचानक गिर पड़ीं और तेज रक्तस्राव होने लगा. पड़ोसी दुकानदार शीशपाल भंडारी ने चीख-पुकार सुनकर उन्हें लहूलुहान हालत में देखा और तत्काल निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागी पहुंचाया.
ये भी पढ़ें _ श्रीनगर में हरियाणा के पर्यटक और स्थानीय लोगों में मारपीट, पुलिस ने भांजी लाठियां
घटना ने खोली बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल
इस बीच 108 एम्बुलेंस सेवा को भी सूचना दी गई थी. स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर डॉक्टरों ने शिखा की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया. लेकिन, विडंबना ये रही कि अस्पताल परिसर में खड़ी एम्बुलेंस को ये कहकर नहीं भेजा गया कि चालक छुट्टी पर है और वाहन का स्टेयरिंग खराब है, जबकि एक स्थानीय व्यक्ति ने स्वयं वाहन चलाने की पेशकश भी की.
हॉस्पिटल ले जाते समय तोड़ा दम
करीब दो घंटे बाद रात नौ बजे 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे. श्रीनगर ले जाते समय रास्ते में ही शिखा और उनके 32 सप्ताह के अजन्मे बच्चे की मौत हो गई. ये घटना पहाड़ों में आपात स्वास्थ्य सेवाओं के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहां देरी और अव्यवस्था जानलेवा साबित हो रही है.
Uttarakhand
हरिद्वार में लगता बढ़ रही अग्निकांड की घटनाएँ, ज्वालापुर में बिजली के खम्भे में लगी आग

Haridwar: ज्वालापुर क्षेत्र में बिजली के खम्भे में आग लगने से हड़कंप
हरिद्वार (Haridwar): धर्मनगरी हरिद्वार में लगातार अग्निकांड की घटनाएँ सामने आ रही हैं. ताजा मामला ज्वालापुर के व्यस्त पीठ बाजार क्षेत्र से सामने आया है. जहाँ पर सड़क किनारे खड़े बिजली के खम्बे में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई.
मुख्य बिंदु
हरिद्वार में बिजली के खम्बे में आग लगने से हड़कंप
दरअसल, हरिद्वार जिले के ज्वालापुर व्यस्त पीठ बाजार क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े बिजली के खम्बे पर अचानक से आग लगने से सनसनी मच गई. जानकारी के मुताबिक, विद्युत तारों में हुए शॉर्ट सर्किट के चलते खंभे से तेज चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया.
ये भी देखें_ हरिद्वार के बैरागी कैंप में भीषण आग, लाखों का सामान हुआ जल कर ख़ाक
लोगों की समझदारी से नहीं हुई जनहानि
घटना के दौरान बाजार में मौजूद दुकानदारों और राहगीरों में दहशत फैल गई. लेकिन घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते दूरी बना ली. जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि होने से बच गई.
घटना के बाद कुछ देर बाधित रही विद्युत् आपूर्ति
आस-पास मौजूद लोगों ने तत्काल बिजली विभाग को घटना की सूचना दी, इस घटना के चलते कुछ देर के लिए क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित रही. स्थानीय लोगों ने जर्जर तारों और पुराने बिजली खंभों की जल्द मरम्मत की मांग की है, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके.
Kotdwar
कोटद्वार: 30 साल पुरानी दुकान के नाम ‘बाबा’ को लेकर विवाद, बजरंग दल ने जताई आपति, वीडियो वायरल

Kotdwar: विशेष समुदाय की दुकान के नाम को लेकर उपजा विवाद, बजरंग दल ने जताई आपति
मुख्य बिंदु
कोटद्वार (Kotdwar): उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार में एक विशेष समुदाय की कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर मामला तनाव पूर्ण हो गया. कुछ युवकों ने दुकान दार से नाम बदलने के लिए कहा. मामले में पहले नोकझोंक हुई जिसने बाद में विवाद का रूप ले लिया. जिसका बिदो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
ये भी पढ़ें_ चारधाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश बैन को लेकर गरमाया माहौल, बीकेटीसी अध्यक्ष ने कही बड़ी बात
कोटद्वार में विशेष समुदाय की दुकान का नाम बाबा रखने से विवाद
वायरल विडियो में कुछ युवक दुकान दार से तीखे तेवरों में बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं. जिसमें वो कह रहे हैं कि दुकान का नाम बाबा रखने का अधिकार केवल हिन्दू धर्म के लोगों का है. इसलिए दुकान दार अपनी दुकान का नाम बदल दे, इस पर दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान 30 सालों से इसी नाम से चल रही है. लेकिन ये मामला यहीं नहीं थमा विवाद बड़ा और हाथापाई शुरू होने लगी. जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करने की कोशिश की.
30 सालों से इसी नाम से चल रही दुकान
बता दें कि कोटद्वार के पटेल मार्ग पर एक दुकान “बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेण्टर” के नाम से चल रही है. दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान पिछले 30 सालों से इसी नाम से चल रही है. जिस पर बजरंग दल के कुछ लोगों ने आपति जताई और दुकानदार से नाम बदलने के लिए कहा. बजरंग दल के लोगों का कहना था कि बाबा नाम हिन्दू धर्म से जुड़ा हुआ है, इसलिए ये नाम रखने का विशेषाधिकार केवल हिन्दू धर्म के लोगों का है.
ये भी पढ़ें_ उत्तराखंड: ऑफिस जा रही युवती से दुष्कर्म का आरोप, लिफ्ट देने के बहाने की जबरदस्ती
आस-पास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां से लौट गए. पूरे क्षेत्र में घटना के बाद से सनसनी मची हुई है. वहीँ इस मामले पर कोतवाली प्रभारी प्रदीप नेगी ने कहा कि-
इस मामले की जांच की जा रही है. किसी भी व्यक्ति या संगठन को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी. जो भी कानून व्यवस्था को प्रभावित करेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
-प्रदीप नेगी, कोतवाली प्रभारी-
big news9 hours agoउत्तराखंड शासन ने किया बड़ा फेरबदल, एक साथ 18 पुलिस अधिकारियों के हुए तबादले, देखें लिस्ट
big news10 hours agoउत्तराखंड में एक बार फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 3 फरवरी तक होगी बारिश और बर्फबारी
Pauri7 hours agoगढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने किया घोस्ट विलेज पातली का दौरा, निर्जन गांवों आबाद बनाने का लिया संकल्प
Haridwar7 hours agoयूजीसी कानून पर रोक के बाद संतों का गंगा पूजन, 1 फरवरी को सवर्ण समाज से दुकानें बंद रखने की अपील
big news8 hours agoउत्तराखंड में बड़ा सड़क हादसा, स्कूल बस की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत
Cricket6 hours agoSA vs WI 3rd T20I Dream11 Team Prediction: आज के मैच की बेस्ट फैंटेसी टीम, पिच रिपोर्ट और प्लेइंग XI
Job4 hours agoIndia Post GDS Recruitment 2026: 10वीं पास युवाओं के लिए बिना परीक्षा सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका..
Cricket9 hours agoIND vs NZ 5th T20I : वर्ल्ड कप से पहले आज तिरुवनंतपुरम में होगा सीरीज का आखिरी मुकाबला…






































