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इन्तेहां हो गई इंतजार की, आई ना खबर मंत्रिमंडल विस्तार की…

उत्तराखंड में यूं तो धामी मन्त्रिमण्डल के विस्तार की चर्चा लंबे समय से हो रही है। ये चर्चा इतनी लंबी हो गई है कि अब ये सालों पुरानी बात हो गई। मंत्रिमंडल विस्तार की राह देख रहे विधायकों की आस भी अब खत्म होती नजर आ रही है। क्योंकि इस आस में एक नहीं दो नहीं ब्लकि चार साल बीत गए हैं। लेकिन अब तक सिर्फ इसकी चर्चाएं ही हो रही हैं।
इन्तेहां हो गई इंतजार की, आई ना खबर मंत्रिमंडल विस्तार की
मंत्रिमंडल विस्तार का शिगूफा इतना पुराना हो गया कि अब खुद विधायकों को भी लगने लगा है कि उनकी बारी इस बार तो नहीं आएगी। दिन महीने और साल तक बीत गए लेकिन विधायकों को अच्छी खबर नहीं मिली। विधायकों की मनोस्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें अब नींद में भी एक ही ख्वाब आता है जिसमें वो गुनगुना रहे हैं – इन्तेहां हो गई इंतजार की, आई ना खबर मंत्रिमंडल विस्तार की। एक साल का ही समय बचा है लेकिन इसके बाद भी वो मंत्री बनने के सपने देख रहे हैं।
विधायकों के अरमानों पर पानी फिरता आ रहा नजर
बीजेपी सरकार में मंत्री बनने की हसरत पाले विधायकों के अरमानों पर पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है। 4 साल पूरे हो गए हैं इस दौरान कई मौसम आए और गए, कई होली-दिवाली भी बीत गई। लेकिन धामी मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो पाया है। अब प्रदेश में चुनावी मौसम देखने को मिल रहा है और संगठन पूरी तरह से चुनावी मूड में आ गया है। लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार की खबर अब तक नहीं आई।
कभी लोकसभा, कभी संगठन के चुनाव तो कभी बिहार चुनाव के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की बात तो कही गई लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार की खबर आए ऐसी शुभ घड़ी अब तक नहीं आई। इस साल दिवाली से पहले तो चर्चाओं के बाजार गर्म थे कि दिवाली में विधायकों के सपने पूरे हो सकते हैं और जल्द ही नामों की घोषणा हो सकती है। लेकिन दिवाली को गए लंबा अरसा हो गया है और अब नया साल दस्तक देने को तैयार है लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार की खबर अब तक नहीं आई। अब तो आलम ये है कि चार साल से कुर्सी ताकते रहे विधायक जनाब, मंत्री बनने का सपना रहा बस एक ख़्वाब। फाइलें चलीं, चर्चाएँ बढ़ीं, तारीखें बदलती रहीं, मंत्रिमंडल विस्तार न हुआ, उम्मीदें ही सिमटती रहीं।
मंत्रिमंडल विस्तार के अंगूर अब भी मीठे नहीं हो सके
विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का तमगा लिए घूमने वाली भाजपा उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार नहीं कर पा रही है। ये हालात तब है जब 70 में से 47 विधायक बीजेपी के हैं। उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार वो अंगूर बन गए हैं जो अब भी मीठे नहीं हो सके हैं। राजनीतिक धुरंधरों की मानें तो कई माननीयों ने तो मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच ब्रांडेड सूट (कुर्ता-सुलार) भी सिलवा लिए थे। लेकिन अरसा बीत जाने के बाद भी वो समय नहीं आ पाया है कि वो इसे पहन सके। अब तो आलम ये है कि कुछ लोगों ने ये मान लिया है कि इस साल तो मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हो पाए। आसान भाषा में कह दें तो माननीयों के दिल अरमा आसुंओं में बह गए और वो मंत्रिमंडल विस्तार के सपने देखते रह गए।
मंत्रिमंडल में रिक्त पदों को भरने की बात पिछले 4 सालों से हो रही है, लेकिन इसके बाद भी स्थिति ढाक के तीन पात वाली ही बनी हुई है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार बयान दे चुके हैं। बावजूद इसके विधायकों की हसरत पूरी नहीं हो पा रही। विधायकों के जज्बातों ने कई बार मंत्रिमंडल पद के हिलोरे मारे, लेकिन विधायकों के जज्बातों को केवल तारीख पर तारीख मिलती रही। इस पर कांग्रेस ने चुटकी ली है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी में कई गुट हैं, जो अपने-अपने विधायकों को मंत्री बनाना चाहते है, विकास को लेकर कतई भी गंभीर नहीं है।
उधर भाजपा संगठन भी कह रहा है कि मंत्रिमंडल के रिक्त पद अपेक्षित है। मुख्यमंत्री इसको लेकर कई बार हाई कमान से मिल चुके हैं। भाजपा संगठन का ये भी मानना है कि 2027 में विधानसभा चुनाव भी है ऐसे में मंत्रिमंडल का विस्तार होना अनिवार्य है। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री से लेकर हाईकमान पर टिकीं हुईं हैं कि शेष एक वर्ष भाजपा में विधायकों की चार साल पुरानी हसरतें पूरी हो पाएंगी या ख्याली पुलाव अगले बरस भी पूरे साल पकते रहेंगे।
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उत्तराखंड में बड़ा सियासी उलटफेर, बीजेपी के इन नेताओं ने थामा कांग्रेस का दामन, देखें लिस्ट

Uttarakhand Politics : शनिवार दोपहर बाद उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। दिल्ली के एआईसीसी मुख्यालय में उत्तराखंड भाजपा के कई बड़े नेताओं ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली है।
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उत्तराखंड में बड़ा सियासी उलटफेर
उत्तराखंड की राजनीति में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय में पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भाजपा से जुड़े कई प्रमुख नेताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस घटनाक्रम को राज्य की सियासत में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

राज्य के 6 बड़े चेहरों ने थामा कांग्रेस का दामन
आज दिल्ली में प्रदेश के छह बड़े चेहरों ने कांग्रेस का दामन थामा है। ये सभी छह नेता बीजेपी को छोड़कर कांग्रेस के खेमे में शामिल हो गए हैं। बीजेपी छोड़ कांग्रेस का दामन थामने वालों में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, पूर्व विधायक नारायण पाल, रुड़की के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गौरव गोयल समेत मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, लाखन सिंह नेगी शामिल हैं।
2027 में उत्तराखंड में कांग्रेस बनाएगी सरकार
बीजेपी के छह बड़े नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस में उत्साह देखने को मिल रहा है। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश के बड़े भाजपा के चेहरों के कांग्रेस का दामन थामने से साफ संदेश गया है कि उत्तराखंड में अब बीजेपी के दिन लद चुके हैं। कांग्रेस का कहना है कि अब बीजेपी नेता भी मानने लगे हैं कि बीजेपी का जहाज उत्तराखंड में डूबने वाला है और साल 2027 में कांग्रेस उत्तराखंड में सरकार बनाने जा रही है।
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कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों को सौंपे गए जिलों के प्रभार, जानें किस मंत्री को मिली किस जिले की जिम्मेदारी ?

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में हाल ही में कैबिनेट विस्तार देखने को मिला था। जिसमें पांच नए कैबिनेट मंत्री बनाए गए। इसके बाद अब सीएम धामी ने मंत्रियों जिलों के प्रभार सौंप दिए हैं।
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कैबिनेट विस्तार के सीएम धामी ने मंत्रियों को सौंपे जिलों के प्रभार
कैबिनेट विस्तार के सीएम धामी ने मंत्रियों को जिलों के प्रभार सौंप दिए हैं। नियोजन विभाग ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। बता दें कि जहां पहले मंत्रियों पर दो-दो जिलों के प्रभार थे। तो वहीं अब मंत्रियों का बोझ हल्का हो गया है। लेकिन मंत्री गणेश जोशी और भरत चौधरी को दो-दो जिलों का प्रभारी बनाया गया है।
किस मंत्री को मिली किस जिले की जिम्मेदारी ?
नियोजन विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक कैबिनेट डॉ. धन सिंह रावत को अल्मोड़ा, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को हरिद्वार, रेखा आर्य को पिथौरागढ़, गणेश जोशी को टिहरी व रुद्रप्रयाग, सुबोध उनियाल को देहरादून की जिम्मेदारी मिली है।

जबकि भरत चौधरी को चमोली व चंपावत, मदन कौशिक को पौड़ी, सौरभ बहुगुणा को उत्तरकाशी, खजान दास को नैनीताल, प्रदीप बत्रा को ऊधमसिंह नगर और राम सिंह कैड़ा को बागेश्वर की जिम्मेदारी मिली है।
जानें किस मंत्री के पास है कौन सा विभाग ?
| मंत्री का नाम | जिला प्रभार | प्रमुख मंत्रालय / विभाग |
|---|---|---|
| सतपाल महाराज | हरिद्वार | लोक निर्माण, ग्रामीण निर्माण, संस्कृति, धर्मस्व, पर्यटन, सिंचाई, लघु सिंचाई, सामान्य प्रशासन, भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाएं |
| गणेश जोशी | टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग | कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि विपणन, उद्यान, फलोद्योग, रेशम विकास, सैनिक कल्याण |
| डॉ. धन सिंह रावत | अल्मोड़ा | विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, सहकारिता |
| सुबोध उनियाल | देहरादून | वन, निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्य, चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा |
| रेखा आर्या | पिथौरागढ़ | महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले, खेल, युवा कल्याण |
| सौरभ बहुगुणा | उत्तरकाशी | पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन, गन्ना विकास, चीनी उद्योग, प्रोटोकॉल, कौशल विकास |
| खजान दास | नैनीताल | समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, भाषा |
| भरत चौधरी | चमोली, चंपावत | ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग |
| मदन कौशिक | पौड़ी | पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, आयुष, आयुष शिक्षा, पुनर्गठन, जनगणना |
| प्रदीप बत्रा | ऊधम सिंह नगर | परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज, विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी |
| राम सिंह कैड़ा | बागेश्वर | शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जलागम प्रबंधन |
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उत्तराखंड में आज होगा एक घंटे ब्लैक आउट !, एक घंटे तक अंधेरे में डूबेगा पूरा प्रदेश, जानें वजह ?

Uttarakhand Blackout : उत्तराखंड में आज एक घंटे ब्लैक आउट रहेगा। इस दौरान पहाड़ से लेकर मैदान तक पूरा प्रदेश अंधेरे में डूब जाएगा। जिसका समय आज रात 8:30 से 9:30 बजे तक है।
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उत्तराखंड में आज होगा एक घंटे ब्लैक आउट !
उत्तराखंड शासन ने 28 मार्च 2026 को रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक ‘अर्थ ऑवर (Earth Hour)’ मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान प्रदेशवासियों से एक घंटे के लिए सभी गैर-जरूरी लाइटें और विद्युत उपकरण बंद रखने की अपील की गई है। इस दौरान प्रदेश के सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों से इस एक घंटे के दौरान गैर जरूरी लाइट्स बंद रखने की अपील की गई है।
आज मनाई जा रही है वर्ल्ड अर्थ आवर डे की 20वीं वर्षगांठ
आपको बता दें कि आज आज वर्ल्ड अर्थ आवर डे की 20वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इसी के तहत दुनियाभर में Earth Hour मनाया जा रहा है। ‘Earth Hour’ एक वैश्विक पर्यावरणीय अभियान है, जिसका उद्देश्य लोगों को ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूक करना है। ये पहल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

रात 8:30 से 9:30 बजे तक एक घंटे के लिए की गई अपील
दुनिया के साथ ही भारत में भी ‘Earth Hour’ मनाया जा रहा है। जिसके तहत उत्तराखंड शासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वो रात 8:30 से 9:30 बजे तक के दौरान गैर-जरूरी लाइटें बंद रखें। इसके साथ ही सरकार ने लोगों से विद्युत उपकरणों का उपयोग कम कर इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।
सरकार का मानना है कि ये एक छोटा कदम होते हुए भी बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे न सिर्फ ऊर्जा की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ेगी।
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