Dehradun
बाल संरक्षण आयोग ने राष्ट्रीय बालिका दिवस का किया आयोजन; राज्यपाल ने मुख्यातिथि के तौर पर किया प्रतिभाग,बहादुरी बेटियों को किया सम्मानित।

देहरादून – उत्तराखण्ड बाल संरक्षण आयोग द्वारा राजभवन में ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने बहादुर बेटियों कु. आराधना एवं कु. नाजिया को उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया।

पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड खिर्सु की 10 वर्षीय बालिका, आराधना द्वारा 2023 में बहादुरी का परिचय देते हुए गुलदार से अपने 07 वर्षीय भाई की जान बचाई थी। 2023 में ही देहरादून के विकासखंड सहसपुर की 10 वर्षीय बालिका नाजिया नेे गुलदार के हमले से अपने 03 भाईयों की जान बचाई थी। राज्यपाल ने दोनों बच्चियों को प्रशस्ती पत्र दिया और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही राज्यपाल ने बाल संरक्षण आयोग द्वारा बनाए गए बाल विधायकों कु. भूमिका रौथाण, कु. दीक्षा खर्कवाल, कु. अगमसिफत कौर, कु. काजल कश्यप, कु. सुमेधा उपाध्याय को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया। बाल कल्याण हेतु किए जा रहे प्रयासों के लिए भी उन्होंने गीतिका शर्मा, प्रज्ञा भारद्वाज, राजेन्द्र प्रसाद, गुरप्रीत सिंह एवं मंजू शर्मा को भी सम्मानित किया।

‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में जिस तेजी से स्थिति बदल रही है, उसमें कहा जा सकता है कि आने वाले समय में बदलाव की क्रांति का नेतृत्व हमारी महिलाओं एवं बेटियों द्वारा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज निरंतर हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिकाएं निभा रही हैं। फाइटर प्लेन हो या स्पेस हो या फिर देश की सीमाओं की रक्षा हो, हमारी बेटियां किसी से कम नहीं हैं। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं छोटे-छोटे उद्योग चलाकर समाज में बड़ा बदलाव ला रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि जिस प्रकार हमारी बेटियों की क्षमता है वे आसमान को छूने में ही सक्षम नहीं हैं, बल्कि वे ब्रह्मांड तक पहुंचने का जज्बा रखती हैं।

उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश में किसी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में डिग्री या अवॉर्ड दिए जाते हैं तो लड़कों की तुलना में बेटियों की संख्या अधिक होती है जो एक सुखद बदलाव है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस हमारी प्रतिबद्वता को दोहराने और बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए चल रहे प्रयासों को और मजबूत करने का एक अवसर है। यह बेटियों की उपलब्धियों का जश्न मनाने का दिन है। राज्यपाल ने कहा कि आज के दिन का उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों के बारे में जागरुकता को बढ़ावा देना और बालिका शिक्षा, उनके स्वास्थ्य और पोषण के बारे में जागरुकता बढ़ाना है।

राज्यपाल ने कहा कि हम सभी बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें और उन्हें अपनी अदभूत प्रतिभा निखारने के अवसर मुहैया करवाएं। उन्होंने कहा कि बेटियां हमेशा अपनी सोच और अपना लक्ष्य ऊंचा रखें और अपने आत्ममूल्य को पहचानें। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं चला रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि बेटियों को स्कूल ड्रॉप आउट को कम करने और उन्हें मानव तस्करी जैसे अपराधों से बचाना हम सभी के लिए चुनौती के रूप में है। इस अवसर पर आयोग द्वारा तैयार कराई गई फिल्म ‘छूने चली है आसमान’ को प्रदर्शित किया गया जिसे सभी लोगों ने सराहा।

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने अपने संबोधन में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के क्रियाकलापों और गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आयोग द्वारा नशा प्रवृत्ति, बाल अधिकारों, बाल विवाह, अवैधानिक रूप से संचालित कोचिंग इंस्ट्यूिटस, शासन स्तर पर किड्स स्कूलों हेतु नियमावली तैयार किये जाने पर आयोग स्तर से की गई कार्यवाही से अवगत कराया गया। बालक-बालिकाओं में विधानसभा की कार्यप्रणाली को समझने व उससे जागरुकता हेतु आयोग स्तर से आयोजित बाल विधानसभा-2022 से भी अवगत कराया गया। इस कार्यक्रम में आयोग के सचिव प्रदीप सिंह रावत ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में प्रथम महिला गुरमीत कौर, आयोग के सदस्य विनोद कपरवाण, दीपक गुलाटी, अजय वर्मा, रेखा रौतेला, विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के साथ-साथ राज्यमंत्री स्तर के दायित्वधारी कैलाश पंत, मूरतराम नौटियाल, विश्वास रावत, राजू बिंद्रा, शादाब शम्स, मुकेश कुमार, विनय रोहिला आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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Dehradun Accident : चकराता में दर्दनाक सड़क हादसा, खाई में गिरी कार, हादसे में युवक की मौत

Dehradun Accident : देहरादून के चकराता क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। चकराता में एक कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में एख युवक की मौत हो गई।
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चकराता में अ नियंत्रित होकर खाई में गिरी कार
देहरादून के चकराता क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवक की जान चली गई। हादसा दुनुवा-मलेथा मोटर मार्ग पर दुनुवा गांव से कुछ दूरी पर हुआ, जहां एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे में एक युवक की मौत
हादसे में दुनुवा गांव निवासी जगमोहन (25) गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, साहिया पहुंचाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी चकराता बीएल भारती ने बताया कि दुर्घटना के समय कार में केवल चालक ही सवार था। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
युवक की असमय मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
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उपनल कर्मियों पर सख्त सरकार, 3 दिन में कॉन्ट्रैक्ट करो, वरना होगी कार्रवाई, CS का बड़ा अल्टीमेटम

Dehradun News : उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी विभागों को उपनल कर्मियों के साथ अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) की प्रक्रिया तीन दिनों के भीतर पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समयसीमा का पालन नहीं करने वाले विभागाध्यक्षों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि (नेगेटिव रिमार्क) दर्ज की जाएगी।
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उपनलकर्मियों और विभागों के बीच कॉन्ट्रैक्ट पर अल्टीमेटम
सचिवालय में आयोजित सचिव समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने विभागाध्यक्षों से कहा कि उपनल कर्मियों के साथ अनुबंध की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

3 दिन में कॉन्ट्रैक्ट करो, वरना होगी कार्रवाई
बैठक में कर्मचारियों की पदोन्नति (प्रमोशन) और वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (एसीआर) से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सरकार के पूर्व आदेशों का पूरी तरह पालन करते हुए पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया अगले एक महीने के भीतर शुरू की जाए। साथ ही सभी विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर एसीआर तैयार करने और बैच क्रिएशन का कार्य जल्द पूरा करें।
सभी विभागों से प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी विभागों से प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने, लंबित मामलों का समय पर निस्तारण करने और शासन के निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
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उत्तराखंड का ‘लेखक गांव’ बनेगा नया टूरिस्ट हॉटस्पॉट, सरकार ने शुरू की बड़ी तैयारी

Dehradun News : उत्तराखंड सरकार द्वारा साहित्य पर्यटन को प्रोत्साहित करने की घोषणा का देश के पहले लेखक गांव ने स्वागत किया है। लेखक गांव का मानना है कि राज्य सरकार की इस पहल से उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी तथा साहित्य आधारित पर्यटन को व्यापक और संस्थागत स्वरूप प्राप्त होगा।
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उत्तराखंड का ‘लेखक गांव’ बनेगा नया टूरिस्ट हॉटस्पॉट
देश के प्रथम लेखक गांव ने अपनी स्थापना के बाद से साहित्य, संस्कृति, पर्यावरण और पर्यटन को एक सूत्र में जोड़ते हुए “साहित्य पर्यटन पथ” की अवधारणा पर निरंतर कार्य किया है। लेखक गांव का उद्देश्य केवल पर्यटन नहीं, बल्कि साहित्यकारों के जीवन, उनकी रचनाओं, जन्मस्थलों, कर्मभूमि और उनसे जुड़े सांस्कृतिक परिवेश को अनुभव कराने वाली एक नई पर्यटन संस्कृति विकसित करना रहा है। इसी दृष्टि से लेखक गांव ने साहित्य ग्रामों की अवधारणा को भी निरंतर आगे बढ़ाया है।
उत्तराखंड सरकार की पहल से मिलेगा व्यापक विस्तार
साल 2025 में सुमित्रानंदन पंत जयंती के अवसर पर हेनब गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग के सहयोग से “सुमित्रानंदन पंत साहित्य पर्यटन पथ” का सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वेक्षण पर आधारित डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन लेखक गांव में किया गया। तदोपरांत 23 मई 2026 को लेखक गांव द्वारा “साहित्य पर्यटन पथ” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें साहित्यकारों, पर्यटन विशेषज्ञों, शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं ने उत्तराखंड में साहित्य पर्यटन की संभावनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया।

कई ऐतिहासिक स्थलों को किया जा सकता है विकसित
लेखक गांव का मानना है कि उत्तराखंड में अनेक ऐसे साहित्यिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल हैं, जिन्हें साहित्य ग्राम और साहित्य पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित किया जा सकता है। इनमें कौसानी प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत की जन्मस्थली, रामगढ़ गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर और महादेवी वर्मा की साहित्य साधना से जुड़ा स्थल, मायावती स्वामी विवेकानंद की तपोभूमि भी है।
अल्मोड़ा महात्मा गांधी के प्रवास से जुड़ा क्षेत्र, कालीमठ आदि कवि कालिदास की जन्मस्थली, कण्वाश्रम ऋषि कण्व और चक्रवर्ती सम्राट भरत की परंपरा से जुड़ा क्षेत्र, माणा महर्षि वेदव्यास की तपस्थली, दुगड्डा इतिहासकार डॉ. शिवप्रसाद डबराल की कर्मभूमि, पाली हिंदी के प्रथम डी.लिट्. डॉ. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल तथा मालकोटी (पट्टी तल्ला नागपुर) सुप्रसिद्ध कवि चंद्रकुँवर बर्त्वाल की जन्मस्थली जैसे अनेक साहित्यिक स्थल शामिल हैं, जिन्हें एक समेकित “साहित्य पर्यटन पथ” के रूप में विकसित किया जा सकता है।
“सुमित्रानंदन पंत साहित्य पर्यटन पथ यात्रा” का जल्द होगा शुभारंभ
लेखक गांव की निदेशक विदुषी ‘निशंक’ ने कहा कि साहित्य पर्यटन केवल पर्यटन नहीं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक स्मृतियों, साहित्यिक विभूतियों और प्रकृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। लेखक गांव इस दिशा में निरंतर कार्य करता रहा है और आगे भी राज्य सरकार, पर्यटन विभाग, शैक्षणिक संस्थानों तथा साहित्यिक जगत के सहयोग से इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
इसी क्रम में आगामी सितंबर माह में लेखक गांव से “सुमित्रानंदन पंत साहित्य पर्यटन पथ यात्रा” का शुभारंभ किया जाएगा। यह यात्रा कौसानी तक जाएगी, जहाँ सुमित्रानंदन पंत की जन्मस्थली पर साहित्यिक आयोजन एवं लिटरेचर फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा।
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