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सीएम धामी ने अजय भट्ट की जनसभा में किया प्रतिभाग,बोले जनता का उत्साह और जोश देखकर लगता 5 लाख से अधिक मतों से करेंगे विजय प्राप्त।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रूद्रपुर में नैनिताल – उधम सिंह नगर लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट के पक्ष में आयोजित जनसभा में किया प्रतिभाग।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गाँधी मैदान, रूद्रपुर में नैनिताल – उधम सिंह नगर लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट के पक्ष में आयोजित जनसभा में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कार्यकर्ताओं एवं जनता का उत्साह, उमंग, जोश को देखकर लगता है कि जनता के आशीर्वाद से हम 5 लाख से भी अधिक मतों से विजय प्राप्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में जनता का अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। जनता लोकतंत्र के त्योहार को मनाने के लिए तैयार है।
4 जून को हम सब मिलकर जीत की दीवाली मनाएंगे।
रुद्रपुर – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रूद्रपुर में लोकसभा प्रत्याशी अजय भट्ट के पक्ष में आयोजित जनसभा में प्रतिभाग किया इस दौरान उन्होंने कहा कि निश्चित ही जनता जनार्दन के आशीर्वाद से अजय भट्ट दूसरी बार सांसद एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के तीसरे कार्यकाल में और अधिक बड़े फैसले होने वाले हैं। विकसित भारत का संकल्प तेजी से आगे बढ़ेगा। भारत और बड़ी वैश्विक शक्ति के रूप में उभरेगा। तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उन्होंने मन की बात के साथ ही अन्य कई कार्यक्रमों में उत्तराखंड का जिक्र किया है। हर अवसर में प्रधानमंत्री उत्तराखंड का जिक्र करते हैं। उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया है। प्रधानमंत्री के ह्रदय में उत्तराखंड बसता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड में कई नई ट्रेनों का संचालन हुआ है। विभिन्न रेलवे स्टेशनो का निर्माण कार्य जारी है। लंबे समय से लंबित जमरानी बांध परियोजना को केंद्रीय स्वीकृति प्रदान हुई है। किच्छा में एम्स का सैटेलाइट सेंटर बनने जा रहा है। एचएमटी फैक्ट्री की कई एकड़ जमीन उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अजय भट्ट के नेतृत्व में नैनिताल लोकसभा क्षेत्र में कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। धामपुर – काशीपुर रेलवे लाइन को भविष्य के लिए स्वीकृति मिल गई है। सड़को का चौड़ीकरण हुआ है। अजय भट्ट निरंतर क्षेत्र के विकास में लगे रहते हैं। उन्होंने सभी से अजय भट्ट को ऐतिहासिक जीत दिलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में कठिन से कठिन काम धरातल पर उतरे हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद लोगों का मनोबल बड़ा है। देश की कार्य संस्कृति बदली है। प्रधानमंत्री हर वर्ग को समृद्ध और सशक्त बना रहे है। मोदी की गारंटी है कि वो जो कहते हैं वो करते हैं। यह गारंटी किसानों, नौजवानों, गरीबों, महिलाओं को आगे बढ़ाने की गारंटी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में पारदर्शिता से काबिल युवाओं को रोजगार मिल रहा है। मोदी के नेतृत्व में चार धाम का निरंतर विकास हो रहा है। मानसखंड कॉरिडोर पर भी कार्य जारी है। प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया है। जिस क्रम में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं । इन्वेस्टर समिट के दौरान उधम सिंह नगर जिले के लिए 24 हज़ार करोड़ के एमओयू साइन किए गए। जिसमें से 18 हज़ार करोड़ की ग्राउंडिंग हो चुकी है। हमने अपने संकल्प अनुसार यूसीसी लागू किया है। यूसीसी लागू करने का गौरव उत्तराखंड वासियों को प्राप्त है। सरकारी नौकरियां में प्रदेश की महिलाओं हेतु 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। गरीब परिवारों को साल में निःशुल्क 3 सिलेंडर रिफिल करवाने की योजना जारी है। प्रदेश की महिलाओं को लखपति दीदी बनाने पर कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में उत्तराखंड की अलग छवि है। यह शांत प्रदेश है। इसे देवभूमि के नाम से जाना जाता हैं। हमारे राज्य में सभी एकता और शांति से रहते हैं। यहां दंगाईयों के लिए कोई जगह नहीं है। कोई उत्तराखंड में दंगे न फैलाए इसके लिए दंगरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी 4 जून को दिवाली मनाएंगे। मां लक्ष्मी कमल के फूल में वास करती हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 19 अप्रैल को हम सबने कमल के फूल वाले बटन को दबाकर अजय भट्ट जी को विजय बनाना है। और नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने में अपना योगदान देना है।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि मैं जनता का आभारी हूं जो पांच साल सेवा का अवसर दिया। देश बहुत आगे बढ़ गया है। जो प्यार जनता का मोदी के लिए है, उस प्रेम को आगे भी बरकरार रखना है। उन्होंने कहा कि मोदी पुनः विश्व के सबसे शक्तिशाली नेता के तौर पर उभर कर आने वाले हैं। नैनीताल उधम सिंह नगर की जनता भी उन्हें तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने में निश्चित ही अपना योगदान देगी।
इस दौरान प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, जिला अध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, विधायक शिव अरोड़ा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
Ramnagar
होली के रंगों से स्किन नहीं होगी खराब, उत्तराखंड में यहां बनाया जा रहा सब्जियों-फूलों से सुरक्षित हर्बल गुलाल

Ramnagar News : होली का त्योहार नजदीक है और रंगों की बाजार में भरमार है, लेकिन अगर आप केमिकल वाले रंगों से त्वचा को होने वाले नुकसान से परेशान हैं तो ये खबर आपके लिए है। उत्तराखंड के रामनगर में महिलाएं सब्जियों-फूलों से सुरक्षित गुलाल बना रही हैं।
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होली के रंगों से आपकी स्किन नहीं होगी डैमेज
होली का त्यौहार रंगों का त्यौहार है। जिसमें हर कोई एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। लेकिन बाजार में आजकल कैमिकल वाले रंग भी आ रहे हैं। जिस कारण स्किन खराब हो जाती है। कई बार इसके गंभीर परिणाम भी देखने को मिलते हैं। इसी को देखते हुए नैनीताल जिले के रामनगर के पास स्थित कानियां ग्रामसभा की महिलाओं ने इसका बेहतरीन विकल्प तैयार किया है। यहां महिलाएं पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से हर्बल गुलाल बना रही हैं।
बनाया जा रहा सब्जियों-फूलों से बन रहा सुरक्षित हर्बल गुलाल
महिलाएं फलों, फूलों और सब्जियों से हर्बल गुलाल तैयार कर रहीं हैं। जिसकी मांग स्थानीय स्तर से लेकर महानगरों तक पहुंच चुकी है। बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त रंगों ने कई लोगों को परेशानी में डाला है, त्वचा पर एलर्जी, आंखों में जलन और बालों को नुकसान जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में लोग अब सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प तलाश रहे हैं।

इसी मांग को समझते हुए रामनगर की कानियां ग्रामसभा में वुमेन रिसोर्सेज सेंटर (WRC) समूह की महिलाओं ने हर्बल गुलाल तैयार करने की अनोखी पहल शुरू की है।
ये समूह देहरादून से संचालित पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी के संस्थान हिमालयन एनवायरनमेंटल स्टडीज़ एंड कंजरवेशन ऑर्गनाइजेशन (HESCO) के अंतर्गत कार्य कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद तैयार करना है।
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नैनीताल में बाघ का आतंक, फतेहपुर रेंज में घास लेने गई महिला को बाघ ने बनाया निवाला
Nainital News : नैनीताल जिले के रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज में बाघ का आतंक देखने को मिला है। फतेहपुर रेंज में घास लेने गई महिला को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश झलक और उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को जमकर लताड़ा और महिला का शव एंबुलेंस से नहीं ले जाने दिया।
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फतेहपुर रेंज में घास लेने गई महिला को बाघ ने बनाया निवाला
नैनीताल जिले के रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज के पनियाली इलाके में एक महिला को आज बाघ ने अपना निवाला बना लिया। मिली जानकारी के मुताबिक महिला जानवरों के लिए चार पत्ती लेने सुबह जंगल गई थी। जब महिला दोपहर बाद तक भी घर नहीं लौटी तो ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी और खुद जंगल की ओर निकल पड़े।
जंगल में करीब 3 किलोमीटर अंदर से बरामद हुआ शव
काफी देर तक चल सर्च ऑपरेशन के बाद महिला के कपड़े जंगल से बरामद हुए। इसके बाद वन विभाग और ग्रामीण जंगल की काफी अंदर तक सर्च ऑपरेशन में जुटे रहे। घने जंगल में करीब 3 किलोमीटर अंदर जाकर कमला का शव बरामद किया जा सका।
घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया और उन्होंने महिला के शव को पंचनामें के लिए नहीं ले जाने दिया, काफी देर तक अधिकारियों के द्वारा समझे जाने के बावजूद भी ग्रामीण नहीं माने

मौके पर पहुंचे एसडीएस हल्द्वानी
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों को मौके पर समझने के लिए एसडीएम हल्द्वानी भी पहुंचे। एसडीएम ने वन विभाग के अधिकारियों को तुरंत जंगल में कैमरा ट्रैप लगाने और जंगल में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वन्य जीव को आदमखोर घोषित करने के लिए भी विभाग से बातचीत की जा रही है।
ग्रामीणों से जंगल में अकेले ना जाने की अपील
एसडीएम हल्द्वानी ने ग्रामीणों से जंगल में अकेले ना जाने की अपील की है। मौके पर पहुंची वन विभाग की SDO ने कहा की 12 फरवरी को हुई घटना के बाद 26 कैमरा ट्रैप जंगल में लगाए गए थे। लेकिन किसी में टाइगर का मूवमेंट कैप्चर नहीं हुआ है, फिलहाल ग्रामीणों से जंगल में न जाने की अपील की जा रही है।
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नैनीताल में तिब्बती समुदाय ने धूमधाम से मनाया लोसर, लोगों ने मठ में की पूजा अर्चना

Nainital News : तिब्बती समुदाय विश्वभर में अपने नये साल यानी लोसर (Losar Festival) का जश्न मना रहा है। नैनीताल में भी तिब्बती समुदाय ने सुख निवास स्थिति बौद्ध मठ में लोसर का जश्न मनाया।
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नैनीताल में तिब्बती समुदाय ने धूमधाम से मनाया Losar Festival
तिब्बती समुदाय विश्वभर में नये साल यानी लोसर का जश्न मना रहा है। इसी क्रम में नैनीताल में भी तिब्बती समुदाय के लोगों ने धूमधाम से लोसर पर्व मनाया। इस दौरान समुदाय के लोगों ने मठ में पूजा अर्चना की। तीन दिन तक चले लोसर के जश्न में लोगों ने एक दूसरे को नए वर्ष की शुभकामनाएं दी।
लोगों ने मठ में की पूजा अर्चना कर की शांति की कामना
तिब्बती समुदाय ने पूजा अर्चना कर विश्व शांति और दलाई लामा की दीर्घायु की कामना की। Losar Festival के मौके पर तिब्बती समुदाय की महिलाओं और पुरूषों ने पारंपरिक परिधानों में मंगल गीत गाये। आपको बता दें कि आज ही के दिन तिब्बती समुदाय द्वारा रंग बिरंगे झंडे लगाए जाते हैं जो 5 रंग के होते है।

तिब्बती समुदाय द्वारा इस दिन लगाए जाते हैं झंडे
आज के दिन लगाए जाने वाले रंगे बिरंगे झंडे में हरा जो हरियाली का लाल अग्नी सफेद जो शांति का नीला जो जल का और पीला जमीन का प्रतीक होते हैं। इन झंडों में मंत्र लिखे होते हैं और माना जाता है कि हवा के बहाव से जितनी बार यह झंडे हवा में लहराते हैं उतनी ही ज्यादा विश्व में शांति आएगी।
तीन दिन तक मनाया जाता है लोसर पर्व
लोसर का पर्व 3 दिन तक मनाया जाता है। जिसमें सामूहिक पूजा की जाती है विश्व और नगर की शांति के लिए नगर में देवी आपदा ना आये तिब्बतियों में लोसर का उत्साह देखा जाता है तिब्बती समुदाय के लोग लोसर को नए साल के रूप में मानते है। महिलाएं व बच्चों पर खासा उत्साह देखने को मिलता है महिलाएं अपने घरों दुल्हन की तरह को सजाते हैं।

Losar Festival FAQs (लोसर पर्व से जुड़े सवाल-जवाब)
Q1. लोसर क्या है?
Ans: लोसर तिब्बती समुदाय का नववर्ष (New Year) होता है। इसे तिब्बती लोग नए साल की शुरुआत के रूप में बड़े उत्साह और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाते हैं।
Q2. लोसर कितने दिन तक मनाया जाता है?
Ans: लोसर का पर्व आमतौर पर तीन दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, सजावट और सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
Q3. लोसर पर रंग-बिरंगे झंडे क्यों लगाए जाते हैं?
Ans: लोसर के दिन तिब्बती समुदाय पांच रंगों के झंडे लगाता है। इन झंडों पर मंत्र लिखे होते हैं और माना जाता है कि हवा के साथ लहराने पर ये मंत्र विश्व में शांति का संदेश फैलाते हैं।
Q4. लोसर के झंडों के रंग क्या दर्शाते हैं?
Ans:हरा – हरियाली का प्रतीक
- लाल – अग्नि का प्रतीक
- सफेद – शांति का प्रतीक
- नीला – जल का प्रतीक
- पीला – धरती (जमीन) का प्रतीक
Q5. लोसर पर क्या विशेष किया जाता है?
Ans: इस पर्व पर सामूहिक पूजा की जाती है, नगर और विश्व की शांति की कामना की जाती है, और घरों को दुल्हन की तरह सजाया जाता है।
Q6. लोसर किसका नया साल माना जाता है?
Ans: लोसर तिब्बती समुदाय का पारंपरिक नया साल होता है, जिसे बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
Q7. लोसर पर सबसे ज्यादा उत्साह किनमें देखा जाता है?
Ans: लोसर पर खासतौर पर महिलाओं और बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिलता है। महिलाएं घरों को सजाती हैं और पारंपरिक रीति-रिवाज निभाती हैं।
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