big news
देशभर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर संकट, देहरादून में कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक

Dehradun News : मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के कारण देश में गैस संकट गहराता जा रहा है। लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इसी बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। देहरादून में कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है।
Table of Contents
देशभर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर संकट
ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद दुनिया के कई देशों में गैस, पेट्रोल और डीजल की कमी हो रही है। भारत में भी गैस की किल्लत सामने आ रही है। इसी बीच सरकार ने Essential Commodities Act, 1955 यानी आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है।
देहरादून में कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक
देशभर में हो रही गैस की किल्लत के बीच देहरादून में करीब दो दिन का बैकलॉग हो गया है। जिस कारण देहरादून में कमर्शियल गैस सिलिंडरों की सामान्य आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। जानकारी के मुताबिक गैस एजेंसियों को कमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई केवल आवश्यक सेवाओं को ही दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके तहत शहर के अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ही प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आवश्यक सेवाएं बाधित न हों। वहीं, होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी। ऐसे में व्यापार से जुड़े लोगों की परेशानियां बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बुकिंग नंबर भी ठीक से नहीं कर रहा काम
शहर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर संकट के बीच लोगों को बुकिंग करने में दिक्कत हो रही है। बुकिंग नंबर भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। जिस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और अनावश्यक गैस की बुकिंग न करने की अपील की है।
big news
गैरसैंण में मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में ऐतिहासिक रहा विधानसभा सत्र, जानें बजट सत्र की खास बातें

Uttarakhand News : उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण रहा। धामी सरकार के चार वर्ष पूरे होने की दहलीज पर आयोजित यह सत्र न केवल सरकार की उपलब्धियों और नीतियों का प्रतिबिंब बना, बल्कि सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के एक नए, आक्रामक और मुखर राजनीतिक अंदाज की भी झलक का साक्षी बना।
Table of Contents
गैरसैंण में सीएम धामी के नेतृत्व में ऐतिहासिक रहा विधानसभा सत्र
9 मार्च से शुरू हुए इस बजट सत्र के दौरान गैरसैंण में सदन की कार्रवाई कुल 41 घंटे 10 मिनट तक चली, जो घंटों के लिहाज से गैरसैंण में अब तक का सबसे लंबा विधानसभा सत्र माना जा रहा है। इस दौरान सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित किया गया और कुल 12 विधेयकों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही चार अध्यादेशों को भी सदन ने स्वीकृति प्रदान की।
सत्र के दौरान विधानसभा को 50 अल्प सूचित प्रश्न और 545 तारांकित प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें से 291 प्रश्नों के उत्तर सदन में दिए गए। यह सत्र केवल विधायी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य के विकास और सरकार की कार्यशैली को लेकर व्यापक चर्चा का मंच भी बना। इस दौरान कई विधायकों ने सदन में धामी सरकार के कार्यों और विकासात्मक प्रयासों की सराहना भी की।
सदन में आक्रामक दिखाई दिए सीएम धामी
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अलग ही तेवर देखने को मिला। आम तौर पर शांत, संयमित और संतुलित अंदाज में नजर आने वाले धामी इस बार पूरी तरह आक्रामक दिखाई दिए। उन्होंने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर तीखे हमले करते हुए एक-एक मुद्दे पर कांग्रेस की राजनीति, उसके कार्यकाल और उसकी नीतियों को कठघरे में खड़ा किया।

सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उनकी सरकार घोषणाएँ करने वाली सरकार नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने वाली सरकार है। उन्होंने बताया कि मुख्य सेवक के रूप में की गई 3885 घोषणाओं में से 2408 घोषणाएँ पूरी हो चुकी हैं और बाकी पर तेजी से काम जारी है।
खनन का राजस्व बढ़कर हुआ 1200 करोड़
सीएम धामी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी सरकार केवल शिलान्यास और लोकार्पण के शिलापट लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि घोषणाओं को कर्म की स्याही से लिखने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि शायद विपक्ष के लिए यह समझना कठिन है, क्योंकि उनके समय में जनता के प्रति जवाबदेही का भाव ही नहीं था।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के कार्यकाल पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश में खनन गतिविधियां बाहुबलियों और दबंगों के भरोसे छोड़ दी गई थीं। नियमों की खुलेआम अनदेखी होती थी और राज्य का राजस्व खनन माफिया और उनके आकाओं की जेब में चला जाता था। उन्होंने बताया कि उस समय खनन से मिलने वाला राजस्व लगभग 400 करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 1200 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

2012 से 2017 के दौर था पॉलिसी पैरालिसिस
कांग्रेस सरकारों पर तीखा हमला जारी रखते हुए धामी ने वर्ष 2012 से 2017 के दौर को पॉलिसी पैरालिसिस का समय बताया। उन्होंने कहा कि उस समय सरकार का पूरा ध्यान केवल शराब नीति पर केंद्रित था और मुख्यमंत्री सचिवालय तक लाइसेंस के बदले नकदी की नीति में उलझा हुआ था। उस दौर के स्टिंग ऑपरेशनों ने पूरे देश में उत्तराखंड की छवि को नुकसान पहुंचाया था।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने राष्ट्रहित के बड़े फैसले लेने का साहस नहीं दिखाया। धारा 370 हटाने, तीन तलाक समाप्त करने और प्रभु श्रीराम मंदिर के निर्माण जैसे ऐतिहासिक निर्णय वर्षों तक टाले गए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन संकल्पों को सिद्धि में बदला गया।
समान नागरिक संहिता को लेकर सीएम ने विपक्ष को घेरा
समान नागरिक संहिता को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने स्वतंत्रता के बाद सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू की। इससे महिलाओं को तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाओं से मुक्ति मिली है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों की आँखों पर तुष्टिकरण की पट्टी बंधी हो और सिर पर वोट बैंक की राजनीति की टोपी हो, उन्हें समान अधिकारों की बात समझ में नहीं आती।
धामी ने लैंड जिहाद और अतिक्रमण के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने बताया कि सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में अवैध कब्जे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष की राजनीति हमेशा तुष्टिकरण और वोट बैंक के इर्द-गिर्द घूमती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों को केवल एक राजनीतिक औजार की तरह इस्तेमाल किया, जबकि उनकी सरकार चाहती है कि हर बच्चे के हाथ में टूलकिट नहीं बल्कि अच्छी किताब हो और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
big news
बागेश्वर में दर्दनाक सड़क हादसा, कपकोट के रिखाड़ी बैंड में खाई में गिरी बोलेरो, दो की मौत

Bageshwar News : बागेश्वर में दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। कपकोट के रिखाड़ी बैंड के पास एक बोलेरो वाहन खाई में गिर गया। जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई। जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
Table of Contents
बागेश्वर के कपकोट में रिखाड़ी बैंड में खाई में गिरी बोलेरो
बागेश्वर में गुरूवार देर शाम दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मिली जानकारी केे मुताबिक बागेश्वर के कपकोट में एक वाहन हादसे का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि बोलेरो वाहन खलझूनी जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
दर्दनाक हादसे में दो महिलाओं की मौत
बताया जा रहा है कि हादसा कपकोट के रिखाड़ी बैंड के पास हुआ है। इस हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में से एक महिला की पहचान पानुली देवी के रूप में हुई है। जबकि दूसरी की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।

बोलेरो वाहन में सात लोग थे सवार
हादसे की जानकारी पर पुलिस, एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने सभी घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया। जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि वाहन में सात लोग सवार बताए जा रहे हैं। जिसमें पांच पुरूष और दो महिलाएं शामिल थीं। महिलाओं की मौत की खब से परिजनों में कोहराम मच गया है।
big news
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी को लेकर गैरसैंण में विपक्ष का प्रदर्शन, सीएम धामी बोले प्रदर्शन वाली कोई बात नहीं…

Chamoli News : उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गैस सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी को लेकर विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसको लेकर जब सीएम धामी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसमें प्रदर्शन जैसी कोई बात नहीं।
Table of Contents
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी को लेकर गैरसैंण में विपक्ष का प्रदर्शन
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी को लेकर गैरसैंण में विपक्ष ने का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिली। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में रसोई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान है। लेकिन सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
कालाबाजारी पर तुरंत लगाई जाए रोक
कांग्रेस विधायकों ने कहा कि कई जगहों पर उपभोक्ताओं को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

सीएम धामी बोले प्रदर्शन वाली कोई बात नहीं…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इसमें प्रदर्शन की कोई आवश्यकता नहीं है और यह विश्व व्यापी मामला है। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी और सिलेंडरों की कमी जैसी उत्तराखंड में कोई स्थिति नहीं है, और सरकार जांच कर रही है। धामी ने कहा कि अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं और उनके साथ कई दौर की मीटिंग भी की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उत्तराखंड में गैस सिलेंडर का पर्याप्त मात्रा में स्टॉक मौजूद है।
Cricket22 hours agoROC vs WAR Dream11 Prediction : पार्ल की पिच पर कौन मारेगा बाजी? जानें आज की बेस्ट ड्रीम 11 टीम..
Cricket8 hours agoMSP vs ING Dream11 Team Today : आज के मैच की बेस्ट ड्रीम11 टीम, पिच रिपोर्ट और संभावित प्लेइंग XI…
Cricket11 hours agoDOL vs NWD Dream11 Prediction : पिच रिपोर्ट, प्लेइंग 11, और बेस्ट फैंटेसी टीम टिप्स (CSA One-Day Cup 2026)
uttarakhand weather5 hours agoउत्तराखंड में आज से बदलेगा मौसम, 17 मार्च तक होगी बारिश, इन जिलों के लिए अलर्ट जारी
Uttarakhand8 hours agoUttarakhand Budget Session 2026: 5 दिन में 1.11 लाख करोड़ बजट, 12 बिल और 4 अध्यादेश पारित
Dehradun4 hours agoदेहरादून में आंगबाड़ी कार्यकर्ताओं का हल्ला बोल, अपनी मांगों को लेकर किया सीएम आवास कूच
Chamoli7 hours agoचमोली : पोखरी के डुंगर गांव में सड़क पहुंचने पर जश्न, ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर बनाई गांव तक रोड
Pithoragarh5 hours agoउत्तराखंड में यहां गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी अनिवार्य, कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई






































