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विलुप्ति के कगार पर पहुंची देहरादूनी बासमती को मिला नया जीवन, किसानों को दी जा रही ट्रेनिंग

Dehraduni Basmati : विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी देहरादूनी बासमती को अब नया जीवन मिल गया है। देहरादून की मशहूर बासमती वापस लौट आई है। देहरादून जिला प्रशासन की पहल से किसानों को बासमती उगाने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
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विलुप्ति के कगार पर पहुंची Dehraduni Basmati को मिला नया जीवन
देहरादून की विश्व प्रसिद्ध बासमती चावल की महक एक बार फिर से देहरादून को महकाने जा रही है। राजधानी की मशहूर दून बासमती धान के पुनर्जीवन का संकल्प अब धरातल पर साकार होता हुआ दिख रहा है। जिला प्रशासन की दूरदर्शी पहल ने इस पारंपरिक और सुगंधित धान को फिर से नई पहचान और नई ऊर्जा प्रदान की है।
किसानों को दी जा रही Dehraduni Basmati उगाने की ट्रेनिंग
दून बासमती या देहरादूनी बासमती जो कभी देहरादून की पहचान और किसानों की शान थी। कई वर्षों से घटते उत्पादन और आधुनिक किस्मों की आड़ में लगभग समाप्त होती दिख रही थी। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशन और जिला प्रशासन की सक्रियता ने इस कीमती धान की पैदावार को फिर से जीवित किया है।

सहसपुर और विकास नगर होती है सबसे ज्यादा खेती
देहरादून जिला प्रशासन की सराहनीय पहल की बदौलत देहरादून के सहसपुर और विकास नगर के किसानों ने दून बासमती की टाइप-3 खेती को विस्तार दिया। वही नई पहचान के साथ अन्य किसानों को भी आगामी फसल के लिए प्रोत्साहित किया।
देहरादून जिला परियोजना प्रबंधक रीप कैलाश भट्ट ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह द्वारा दून बासमती को पुनर्जीवित करने की पहल वाकई में किसानों व समूह की महिलाओं के लिए लाभदायक साबित हुई है। उन्होंने बताया कि किसानों के द्वारा ही Dehraduni Basmati का मूल्य 65 रुपए किलो भी तय किया गया था। जिससे किसानों को भी अपनी फसल का सही दाम मिल सके।

Dehraduni Basmati दुनिया में है मशहूर
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में दून बासमती विलुप्त हो रही प्रजाति को पुनर्जीवित करने के संकल्प से इस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया है। दून बासमती को पुनः परंपरागत तरीके से पुनर्जीवित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कार्य योजना बनाई गई।
आपको बता दें कि Doon Basmati देश ही नहीं दुनियाभर में अपने जायके के लिए मशहूर है। इसकी सुगंध आज भी दुनियाभर में धआक जमाती है। ज्यादातर लोगों को मालूम नहीं होगा कि ‘देहरादूनी बासमती’ अफगानिस्तान से यहां आई थी। लेकिन देहरादून आने के बाद इसकी गुणवत्ता में निखार आया। जिसके बाद ये अपनी मिठास, महक और स्वाद के लिए देश ही नहीं दुनियाभर में मशहूर हो गई।
1. देहरादूनी बासमती क्या है?
देहरादूनी बासमती उत्तराखंड के देहरादून में उगाई जाने वाली एक पारंपरिक, सुगंधित और उच्च गुणवत्ता वाली बासमती चावल की किस्म है। यह अपने स्वाद, महक और लंबाई के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
2. देहरादूनी बासमती विलुप्ति के कगार पर क्यों पहुंच गई थी?
आधुनिक धान की किस्मों की बढ़ती लोकप्रियता, उत्पादन में कमी, और किसानों द्वारा पारंपरिक किस्में छोड़ देने के कारण इसका उत्पादन बहुत कम हो गया था।
3. देहरादूनी बासमती को पुनर्जीवित कैसे किया जा रहा है?
देहरादून जिला प्रशासन ने किसानों को इसकी खेती की ट्रेनिंग देने, बीज उपलब्ध कराने और इसके पारंपरिक तरीके से उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोजेक्ट शुरू किया है।
4. किसानों को कहां-कहां ट्रेनिंग दी जा रही है?
मुख्य रूप से देहरादून के सहसपुर और विकासनगर क्षेत्र में किसानों को देहरादूनी बासमती (टाइप-3) उगाने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
5. इस प्रोजेक्ट से किसानों को क्या लाभ हो रहा है?
किसानों को पारंपरिक बासमती की खेती से अच्छी आय मिल रही है। किसानों ने इसका मूल्य ₹65 प्रति किलोग्राम तय किया है, जिससे उन्हें सही दाम और लाभ सुनिश्चित हो रहा है।
6. इस पहल की शुरुआत किसने की?
मुख्यमंत्री के निर्देशन और देहरादून जिला प्रशासन की सक्रियता से यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने इसे आगे बढ़ाया।
7. देहरादूनी बासमती की खासियत क्या है?
- शानदार सुगंध
- बेहतरीन स्वाद
- मुलायम बनावट
- पकने के बाद दानों की लंबाई बढ़ना
- दुनियाभर में लोकप्रियता
8. देहरादूनी बासमती की उत्पत्ति कहां से हुई थी?
ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार, यह किस्म अफगानिस्तान से आई थी; लेकिन देहरादून की मिट्टी, जलवायु और पारंपरिक खेती ने इसकी गुणवत्ता को अद्वितीय बना दिया।
9. क्या देहरादूनी बासमती की खेती फिर से बड़े पैमाने पर की जाएगी?
हाँ, जिला प्रशासन की योजना है कि आने वाले वर्षों में ज्यादा किसानों को जोड़कर इसकी खेती को तेजी से बढ़ाया जाए।
10. क्या देहरादूनी बासमती को GI टैग प्राप्त है?
हाँ, देहरादूनी बासमती को Geographical Indication (GI) टैग प्राप्त है, जो इसकी विशिष्टता और असलियत को प्रमाणित करता है।
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हरिद्वार जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, IAS अफसर को किया बर्खास्त, तत्कालीन DM पर हुआ ये एक्शन

Haridwar News : हरिद्वार जमीन घोटाले में उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच और समीक्षा के बाद कई अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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हरिद्वार जमीन घोटाले में IAS अफसर को किया बर्खास्त
प्रकरण में तत्कालीन नगर आयुक्त हरिद्वार नगर निगम वरुण चौधरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर की संस्तुति की गई है। वहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने पदीय दायित्वों और कर्तव्यों के समुचित निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध दीर्घ शास्ति (मेजर पनिशमेंट) अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को संस्तुति भेजी जा रही है।
तत्कालीन DM पर भी हुआ एक्शन
उस समय कार्यरत एसडीएम अजयवीर सिंह के विरुद्ध परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने और उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था।

प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विशेष जांच और ऑडिट के माध्यम से पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल कराई गई।
भ्रष्टाचार के मामलों में नहीं होगा समझौता – सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वोपरि है तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।
धामी सरकार की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनधन के दुरुपयोग और पद के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अंकिता भंडारी केस से जुड़े ऑडियो विवाद में सुरेश राठौर को राहत, कोर्ट से मिली जमानत
Uttarakhand Politics : बड़ी खबर – पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर को मिली जमानत
Uttarakhand Politics : पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट मामले में जमानत मिल गई है।
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अंकिता भंडारी केस से जुड़े ऑडियो विवाद में सुरेश राठौर को राहत
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व विधायक सुरेश राठौर को अदालत से राहत मिल गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) रवि प्रकाश की अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत प्रदान की है।
पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर को मिली जमानत
अदालत ने सुरेश राठौर की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है।
मामला डालनवाला कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री साझा किए जाने के आरोप में सुरेश राठौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) के तहत केस दर्ज किया गया था।
14 जून 2026 को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने 14 जून 2026 को मामले में बीएनएस की धारा 308(6) भी जोड़ी थी। इसके बाद सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था।
सुनवाई के बाद अदालत ने मामले के तथ्यों और प्रस्तुत दलीलों पर विचार करते हुए उन्हें जमानत देने का निर्णय लिया। फिलहाल मामले की जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं जारी हैं।
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देहरादून में दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार बुजुर्ग को मारी टक्कर, मौके पर मौत

Dehradun Accident : देहरादून के क्लेमेनटाउन थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ग्राफिक एरा तिराहे के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार बुजुर्ग को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सड़क पर यातायात प्रभावित रहा।
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देहरादून में तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार बुजुर्ग को मारी टक्कर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तिब्बती कॉलोनी निवासी 56 वर्षीय कर्मा स्कूटी से आईएसबीटी की ओर से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक ट्रक ने ग्राफिक एरा तिराहे के निकट उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी गंभीर थी कि बुजुर्ग ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
बुजुर्ग की मौके पर ही मौत
घटना की सूचना मिलते ही क्लेमेनटाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। साथ ही सड़क पर लगे जाम को हटाकर यातायात को सामान्य कराया गया।

पुलिस ने ट्रक चालक को लिया हिरासत में
पुलिस ने हादसे में शामिल ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
क्लेमेनटाउन थाना प्रभारी मोहन सिंह ने बताया कि चालक को मौके से हिरासत में लेकर थाने लाया गया है। फिलहाल मृतक के परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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