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धामी सरकार की सतर्कता : चारधाम यात्रा 2025 के लिए सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित….

देहरादून : चारधाम यात्रा 2025 को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने ज़मीनी स्तर पर व्यापक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। सरकार और विभाग की समर्पित कोशिश इस वर्ष की चारधाम यात्रा को न केवल सुरक्षित बल्कि सुगम और संगठित बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों पर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार लगातार चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। उनके नेतृत्व में न केवल ज़मीनी स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, बल्कि विशेषज्ञों के समन्वय से संपूर्ण यात्रा मार्ग पर एक सुगठित, आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य ढांचा तैयार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु अपने आध्यात्मिक सफर को स्वस्थ और सुरक्षित रूप से पूर्ण कर सके—हर पड़ाव पर एक मज़बूत और सुलभ स्वास्थ्य सेवा के सहयोग से।
सभी चिकित्सा इकाइयों को पूर्ण रूप से तैयार रखने के निर्देश
सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार ने चारधाम यात्रा मार्ग पर तैनात सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ सचिवालय स्थित अपने सभा कक्ष में समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्थाई और अस्थाई सभी चिकित्सा इकाइयों को आवश्यक दवाओं, चिकित्सकीय उपकरणों और प्रशिक्षित मानव संसाधन के साथ पूरी तरह से तैयार रखा जाए। साथ ही यात्रा के दौरान डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त तैनाती भी सुनिश्चित की जाए।
श्रद्धालुओं के लिए बहुभाषी हेल्थ एडवाइजरी और होर्डिंग्स
श्रद्धालुओं को सहज व स्पष्ट स्वास्थ्य जानकारी प्रदान करने के लिए बहुभाषी हेल्थ एडवाइजरी तैयार की जा रही है, जो 13 विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध होगी। यह एडवाइजरी यात्रा मार्ग पर होटलों, रेस्टोरेंट्स, पार्किंग स्थलों आदि पर QR कोड के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रदान की जाएगी। साथ ही जाम संभावित क्षेत्रों एवं प्रमुख ठहराव स्थलों पर बड़े होर्डिंग्स के माध्यम से भी स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का प्रचार किया जाएगा।
केदारनाथ चिकित्सालय आधुनिक सुविधाओं से लैस
17 बेड वाले श्री केदारनाथ चिकित्सालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। कार्यदायी संस्था ने यात्रा आरंभ से पूर्व इसकी दो मंज़िलें पूर्ण रूप से संचालित करने का भरोसा दिया है। इस वर्ष अस्पताल को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है—जिनमें एक्स-रे, रक्त जांच, ईसीजी, मल्टीपैरामॉनीटर और ऑर्थो स्पेशलिस्ट की सेवाएं भी शामिल हैं। आवश्यक चिकित्सा उपकरणों का डुलान तेज़ी से किया जा रहा है और अधिकांश उपकरण पहले ही पहुंच चुके हैं।
फाटा और पैदल मार्ग की चिकित्सा इकाइयों को भी किया गया सशक्त
फाटा स्थित अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जा रही है, जिसमें एक्स-रे की सुविधा भी उपलब्ध होगी। वहीं पैदल मार्ग पर स्थित 12 चिकित्सा इकाइयों में प्रशिक्षित चिकित्सक एवं फार्मेसी अधिकारी मय उपकरण तैनात किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 12 चिन्हित हेलिपैड और पार्किंग स्थलों पर स्क्रीनिंग टीमों की भी तैनाती सुनिश्चित की गई है।
चमोली जनपद में तैयार हैं चिकित्सा व्यवस्थाएं
चमोली जिले में यात्रा रूट पर स्थित 20 चिकित्सा इकाइयों को 30 अप्रैल तक पूर्ण रूप से तैयार कर लिया जाएगा। सभी आवश्यक उपकरण, दवाएं और स्टाफ यहाँ तैनात किए जा रहे हैं। चार प्रमुख विभागीय स्क्रीनिंग पॉइंट—गोचर बैरियर, पांडुकेश्वर बाजार, ट्रॉमा सेंटर कर्णप्रयाग, और पांडुवाखाल (गैरसैंण)—पर तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी हैं। श्री बद्रीनाथ धाम में स्वामी विवेकानंद संस्था द्वारा अलग से एक स्क्रीनिंग पॉइंट भी संचालित किया जाएगा। इन सभी स्थानों पर फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, CHO, वार्ड बॉय और सफाई कर्मियों की सुबह-शाम की ड्यूटी सुनिश्चित की गई है।
गंगोत्री-यमुनोत्री धाम पर स्वास्थ्य विभाग की मुकम्मल तैयारी
चारधाम यात्रा के पहले चरण में शामिल मां गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम पर स्वास्थ्य विभाग की सभी चिकित्सा इकाइयों में तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इन दोनों धामों सहित स्क्रीनिंग पॉइंट्स पर आवश्यक चिकित्सा एवं सहायक कार्मिकों की तैनाती 28 अप्रैल से रोस्टरवार विधिवत रूप से की जाएगी। गंगोत्री धाम व जानकीचट्टी में महानिदेशालय स्तर से फिजिशियन की विशेष तैनाती की जा रही है। यात्रा मार्गों पर विभागीय एवं 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी चिकित्सा इकाइयों में जीवनरक्षक दवाइयां एवं आवश्यक उपकरण पहले ही पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने हेतु विभिन्न प्रकार की IEC गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं, जिससे वे सुरक्षित और स्वस्थ यात्रा का अनुभव कर सकें। स्क्रीनिंग पॉइंट्स पर सभी 50 वर्ष से ऊपर के श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रुप से किए जाने हेतु निर्देश दिए जा चुके है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की रोटेशनल तैनाती
इस बार यात्रा मार्ग पर 69 चिकित्सा अधिकारी पहले से ही तैनात हैं। इनके अतिरिक्त अन्य जनपदों से हर 15 दिन में रोटेशनल आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। तैनात किए जाने वाले विशेषज्ञों में 2 ऑर्थो सर्जन, 2 फिजीशियन, 5 निश्चेतक (एनेस्थेटिस्ट), 5 जनरल सर्जन, 10 अतिरिक्त ऑर्थो सर्जन और भारत सरकार से नियुक्त विशेषज्ञ (विशेष रूप से बद्रीनाथ/जोशीमठ के लिए) शामिल हैं। इस व्यवस्था के तहत कुल 121 स्टाफ नर्स, 26 फार्मासिस्ट, 309 ऑक्सीजन बेड, 6 ICU बेड, 13 विभागीय एम्बुलेंस, 17 ‘108’ सेवा एम्बुलेंस, 1 ब्लड बैंक और 2 ब्लड स्टोरेज यूनिट्स की तैनाती की जा रही है।
मेडिकल रिलीफ पोस्ट (MRP) का संचालन और विस्तार
बद्रीनाथ, गोविंदगढ़ और पालना भंडार में स्थापित MRP इस वर्ष भी संचालित रहेंगे। इसके अलावा, 5 नए स्थानों—गोचर, नांगसू, मंडल, कटोरा और हनुमानचट्टी—में भी MRP बनाए जा रहे हैं। इन स्थलों पर प्लेटफार्म निर्माण कार्य प्रगति पर है और संबंधित एजेंसियों को कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग भी मुस्तैद
श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने हेतु खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि यात्रा मार्ग पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी। लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि बिना पंजीकरण वाले खाद्य विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने एक खाद्य सुरक्षा मोबाइल वैन भी तैनात की है, जो यात्रा मार्ग पर सतत निरीक्षण करेगी और संदिग्ध खाद्य सामग्री की ऑन-स्पॉट जांच भी करेगी।
स्क्रीनिंग पॉइंट्स पर बहुभाषी स्टाफ और पुख्ता इंतज़ाम
चारधाम यात्रा मार्ग पर गोचर बैरियर, पांडुकेश्वर, कर्णप्रयाग और पांडुवाखाल जैसे प्रमुख स्क्रीनिंग पॉइंट्स पर आवश्यक मानव संसाधन की तैनाती की जा चुकी है। इनमें फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, CHO, वार्ड बॉय और सफाई नायक की सुबह-शाम ड्यूटी सुनिश्चित की गई है। बद्रीनाथ धाम में स्वामी विवेकानंद संस्था द्वारा एक अलग स्क्रीनिंग सेंटर भी संचालित किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए हैं कि यहां तैनात स्टाफ बहुभाषी हो ताकि देशभर से आने वाले तीर्थयात्रियों को आसानी से सेवा मिल सके और उन्हें तुरंत प्राथमिक जांच एवं स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया जा सके।
चारधाम यात्रा को लेकर समीक्षा बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य अनुराधा पाल, महानिदेशक स्वास्थ्य डाॅ सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ आशुतोष सयाना, निदेशक गढ़वाल मंडल डाॅ शिखा जंगपांगी, निदेशक एनएचएम डाॅ मनु जैन, अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून डाॅ मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार डाॅ आर के सिंह सहित उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, के मुख्यचिकित्सा अधिकारी वर्चुवल रूप से समीक्षा बैठक में मौजूद रहे।
Maharastra
नागपुर के बारूद कारखाने में भीषण विस्फोट, 15 की मौत, 18 घायल

महाराष्ट्र के नागपुर में बारूद फैक्ट्री में धमाका, 15 की मौत
Nagpur Blast News: महाराष्ट्र के नागपुर जिले में स्थित राउलगांव के एक विस्फोटक कारखाने में भीषण धमाका हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल नागपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मुख्य बिंदु
नागपुर में बारूद कारखाने में धमाका
ये विस्फोट कटोल तहसील के राउलगांव स्थित SBL Energy Limited के कारखाने में हुआ, जहां खनन और औद्योगिक कार्यों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक बनाए जाते हैं। नागपुर ग्रामीण के एसपी हर्ष पोद्दार के मुतबिक, धमाका सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच हुआ।
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विस्फोट के समय काम पर थे मजदूर
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जिस यूनिट में विस्फोट हुआ वहां करीब 25 से 30 मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोटक तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी।

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Nagpur Blast News-धमाके के बाद लगी भीषण आग
धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री में आग लग गई और पूरे इलाके में धुआं फैल गया। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकालने में जुट गए। आशंका जताई जा रही है कि कुछ मजदूर अभी भी मलबे के अंदर फंसे हो सकते हैं।
राहत एवं बचाव दल मौके पर जुटे
स्थानीय प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
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आंध्र प्रदेश पटाखा फैक्ट्री में धमाका
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में शनिवार 28 फरवरी को एक पटाखा फैक्ट्री में बड़े धमाके से हड़कंप मच गया। वेटलापालेम गांव में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि घटना में 15 लोगों के गंभीर रुप से घायल होने की सूचना है, घायलों को एयर एम्बुलेंस की मदद से हायर सेंटर रेफ़र किया जा रहा है।
हादसे के बाद फैक्ट्री मालिक फरार
ये धमाका उस समय हुआ जब फैक्ट्री के अंदर कुछ महिला कर्मचारी विस्फोटक सामग्री तैयार करने के काम में लगी थीं। अचानक हुए तेज विस्फोट से पूरी इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास का इलाका भी हिल गया और कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद फैक्ट्री मालिक मौके से फरार बताया जा रहा है।
Andhra Pradesh
आंध्रप्रदेश: पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 लोगों की मौत कई की हालत गंभीर, मालिक फरार

पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 21 की मौत, राहत-बचाव कार्य जारी
Andhra firecracker unit blast: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है. जहाँ पर सामरलकोट मंडल स्थित वेटलापालेम गांव में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट में 21 लोगों की जलकर मौत हो गई है. जबकि घटना में 15 लोगों के गंभीर रुप से घायल होने की सूचना है, घायलों को एयर एम्बुलेंस की मदद से हायर सेंटर रेफ़र किया जा रहा है.
मुख्य बिंदु
आंध्र प्रदेश में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये धमाका उस समय हुआ जब फैक्ट्री के अन्दर महिलाएं विस्फोटक सामग्री तैयार कर रही थीं. विस्फोट इतना तेज था कि फैक्ट्री की इमारत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर लगातार अभियान चला रहा है. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री का मालिक घटना के बाद से फरार है.
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Andhra firecracker unit blast: कई मीटर दूर गिरे शव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विस्फोट बेहद शक्तिशाली था, जिससे कई शव दूर खेतों में जा गिरे. मृतकों में अधिकांश महिलाएं बताई जा रही हैं. विस्फोट के कई घंटों बाद तक फैक्ट्री से रुक-रुक कर धमाकों की आवाजें आती रहीं, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई. विस्फोट से उठे घने धुएं का असर आसपास के कम से कम पांच गांवों तक देखा गया, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है.

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प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए. घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास जारी है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जाए और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए. उनके निर्देश पर गृह मंत्री वांगलापुडी अनीता घटनास्थल के लिए रवाना हो गई हैं ताकि स्थिति की निगरानी की जा सके.
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सोशल मीडिया पर चंद्रबाबू नायडू ने जताया शोक
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि इस हादसे में कई लोगों की जान जाने की खबर बेहद दुखद है. उन्होंने अधिकारियों से बात कर पीड़ितों को तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए हैं और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.
जांच में जुटा प्रशासन
प्रशासन द्वारा घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है. ये भी पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था या नहीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं. बताया जा रहा है कि इसी गांव में पहले भी पटाखा फैक्ट्री में हादसा हो चुका है.
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और मृतकों व घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है.
Uttarakhand
Rudraprayag; पथरी की शिकायत लेकर हॉस्पिटल पहुंची 16 वर्षीय छात्रा बनी मां, दुष्कर्म की आशंका

9वीं की छात्रा की डिलीवरी से मचा हड़कंप, जांच में जुटा प्रशासन
रुद्रप्रयाग (Rudraprayag): उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहाँ पर नौवीं कक्षा की एक 16 साल की किशोरी ने अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया है. पुलिस ने POCSO एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मुख्य बिंदु
रुद्रप्रयाग में 16 साल की किशोरी ने बच्ची की दिया जन्म
जानकारी के मुताबिक, नाबालिग को पथरी की शिकायत थी, जिसका चेकअप करवाने वो परिजनों के साथ जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग गई थी. चेकअप के दौरान डॉक्टर्स भी हैरान हो गए, 16 साल की ये नाबालिग गर्भवती थी. जिसके बाद डॉक्टरों ने लड़की को श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया.
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11 दिन बाद नवजात का हुआ नामकरण संस्कार
बेस हॉस्पिटल श्रीनगर में अल्ट्रासाउंड जांच के बाद गर्भावस्था की पुष्टि हुई, जिसके बाद नबालिग ने एक एक बच्ची कोई जन्म दिया. अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल घटना की सूचना बाल कल्याण समिति को दी. बाल कल्याण समिति के निर्देश पर नवजात शिशु को Special Adoption Agency Rudraprayag के सुपुर्द कर दिया गया है. इसके बाद बच्ची के जन्म के 11वें दिन प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा की मौजूदगी में स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी, बाल कल्याण समिति, वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त सहयोग से हिंदू रीति-रिवाजों केमुताबिक नामकरण संस्कार कराया गया.
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एजेंसी की देखरेख में सुरक्षित है बच्ची
स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी के प्रबंधक पुनीत चौकियाल ने जानकारी दी कि फिलहाल बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और एजेंसी की देखरेख में रखी गई है. उन्होंने बताया कि लगभग दो माह बाद भारत सरकार द्वारा संचालित Central Adoption Resource Authority (CARA) पोर्टल के माध्यम से बच्ची को दत्तक देने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
दुष्कर्म की आशंका से मामला गंभीर
दूसरी ओर, नाबालिग के साथ दुष्कर्म की आशंका के चलते मामला गंभीर बना हुआ है. अभी तक आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है. सूत्रों के मुताबिक पीड़िता ने अब तक कथित आरोपी का नाम उजागर नहीं किया है, जिसके कारण जांच आगे बढ़ाने में कठिनाई आ रही है.
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पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज करने की तैयारी
वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक रंजना गैरोला के मुताबिक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रशासन भी इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से ले रहा है. यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब लोगों की नजरें पुलिस व प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
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