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हल्द्वानी: सरकार का करीबी बन ठग लिए 35 लाख, खनन पट्टा दिलाने का दिया था झांसा…

हल्द्वानी: नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर में ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने खुद को शासन और सरकार का करीबी बताकर खनन पट्टा दिलाने का झांसा दिया और पीड़ित से 35 लाख रुपये ठग लिए। मामला सामने आने के बाद हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आदर्श कॉलोनी, सुभाष नगर निवासी गिरीश बिष्ट ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि लामाचौड़ निवासी एक व्यक्ति से उनकी पहचान हुई थी। उस व्यक्ति ने दावा किया कि उसकी शासन और सरकार में ऊंची पकड़ है और वह खनन पट्टा दिला सकता है। इस भरोसे पर गिरीश बिष्ट ने अक्टूबर 2023 में 15 लाख रुपये एक कंपनी के खाते में जमा किए और 20 लाख रुपये नकद आरोपी को सौंप दिए।
शुरुआत में आरोपी पट्टा दिलाने का आश्वासन देता रहा, लेकिन बाद में वह टालमटोल करने लगा। जब गिरीश को शक हुआ और उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
गिरीश ने यह भी बताया कि वह डीआईजी, आईजी और कुमाऊं कमिश्नर तक इस मामले की शिकायत कर चुके हैं। लेकिन अब जब बात जान की धमकी तक पहुंच गई तो उन्होंने कोतवाली में सीधे मुकदमा दर्ज कराया है।
वरिष्ठ उप निरीक्षक रोहिताश सागर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी) और 506 (धमकी देना) के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को मिली जमानत, विवादित टिप्पणी में हुआ था मुकदमा
Haldwani news: इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को मिली सशर्त जमानत, पाँच दिन बाद मिली राहत
मुख्य बिंदु
Haldwani news: हल्द्वानी से बड़ी खबर सामने आई है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को आखिरकार जमानत मिल गई है। हल्द्वानी की एसीजे (द्वितीय) कोर्ट ने सुनवाई के बाद उनकी सशर्त जमानत मंजूर कर दी। बता दें कि Jyoti Adhikari बीते पाँच दिनों से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थीं। उन पर उत्तराखंड के देवी–देवताओं और कुमाऊं की महिलाओं के बारे में विवादित टिप्पणी करने के साथ-साथ खुलेआम दराती लहराने के आरोप लगे थे। अब कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें बड़ी राहत मिली है।
8 जनवरी से जेल में थीं ज्योति अधिकारी
मिली जानकारी के मुताबिक, ज्योति अधिकारी को 13 जनवरी को जमानत का आदेश मिला। इससे पहले वो 8 जनवरी से जेल में बंद थीं। सिविल और दंड न्यायालय हल्द्वानी के अपर मुख्य सिविल जज (द्वितीय) की अदालत में सुनवाई के दौरान जमानत याचिका पर विचार किया गया और फिर कोर्ट ने जमानत मंजूर कर दी। उनके खिलाफ उत्तराखंड की महिलाओं और देवी-देवताओं का अपमान करने के आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी मामला काफी तूल पकड़ गया था।
विवादित टिप्पणी और दराती लहराने के वीडियो से भड़का विवाद
दरअसल, अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच और कथित वीआईपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन चल रहा था। इस आंदोलन में Jyoti Adhikariभी सक्रिय रहीं। इसी दौरान उनके कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें वे हाथ में दराती लेकर नज़र आ रही थीं। साथ ही, उन पर महिलाओं और देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप भी लगे। इसके बाद सोशल मीडिया पर विरोध तेज हो गया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी।

शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
हल्द्वानी निवासी जूही चुफाल ने ज्योति अधिकारी के बयानों पर गंभीर आपत्ति लेते हुए मुखानी थाना पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने ज्योति अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और नोटिस भी जारी किया। नोटिस मिलने के बाद ज्योति के कुछ वीडियो फिर सामने आए, जिनमें वो इस मामले में कोर्ट में जाने की बात करती दिखाई दीं।
Jyoti Adhikari Bail- गिरफ्तारी के पाँच दिन बाद मिली जमानत
बाद में 8 जनवरी को मुखानी थाना पुलिस ने ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसके बाद उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत याचिका दायर की गई। आज 13 जनवरी को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत मंजूर कर दी। इससे ज्योति अधिकारी और उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली।
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उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह, राज्यपाल ने 18 हजार से अधिक विद्यार्थियों को दी डिग्री

HALDWANI NEWS : राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया UOU दीक्षांत समारोह का उद्घाटन
HALDWANI NEWS : राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सोमवार को उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने कुल 18,146 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा स्तर की उपाधियाँ प्रदान की जबकि 6 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया गया।
बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ
इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों को युवा दिवस की बधाई देते हुये कहा कि सत्य, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों के साथ निरंतर सीखते रहने का संदेश दिया। कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षिक कार्यों की सराहना की तथा कहा कि विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को घर घर पहुँचाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अच्छा कार्य कर रहा है, विश्वविद्यालय ने कई शिक्षण संस्थान, कारागार, सेना, आईआईटी रुड़की जैसे संस्थानों से समझौता कर सभी को उच्च शिक्षा से जोड़ने का काम किया है।

शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया
राज्यपाल ने विभिन्न विधाओं में स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों से कहा कि आप लोग क्रान्तिकारी है अपने ज्ञान को प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों तक पहुच कर शिक्षा से वंचित लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य करें। उन्होंने कहा कि कोई राष्ट्र तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक कि शिक्षा को अपना मुख्य आधार न बनाए।
राज्यपाल ने कहा कि उठो जागो, तब तक जागो जब तक लक्ष्य प्राप्त ना हो। राष्ट्र सर्वाेपरि है और अपने आप में परिवर्तन लायें तथा अपने सपनों को लक्ष्य के रूप में परिभाषित करें।
युवा दिवस पर दिया प्रेरक संदेश
उन्होंने कहा शिक्षा एक अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है जीवन में सीखने की वृत्ति एक विद्यार्थी के भीतर हमेशा होनी चाहिए। जिज्ञासा का उदय व उसके शमन हेतु निरंतर अन्वेषण एक शिक्षार्थी का प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा आज के युग में डिजिटल शिक्षा हमारी आवश्यकता है राष्ट्र की प्रगति शिक्षा व्यवस्था से तय होती है।

डिजिटल शिक्षा को बताया समय की आवश्यकता
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा वर्ष 2027 विकसित भारत का संकल्प लिया गया है उसे साकार करने हेतु यह शिक्षण संस्थान भी अपने स्तर से अमृत कार्य कर रहा है उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी शिक्षा से तय होती है
60 देशों के 2 लाख से ज्यादा विद्यार्थी जुड़े
शिक्षा के स्तर को आगे बढ़ने का कार्य इस विश्वविद्यालय द्वारा नियंत्रित तौर पर किया जा रहा है। 60 से अधिक देशों के 2 लाख से अधिक शिक्षणार्थी यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। साइबर सुरक्षा डिजिटल जैसे पाठ्यक्रम यहां संचालित हो रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला प्रदेश का यह प्रथम विश्वविद्यालय है ।इस पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी बधाई दी इस अवसर पर विभिन्न पत्रिकाओं वार्षिक कैलेंडर हिंदी वेबसाइट का भी लोकार्पण किया है।

इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.नवीन चन्द्र लोहनी ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार, शोध गतिविधियों एवं शिक्षण गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण के प्रयासों की जानकारी दी।
दीक्षांत समारोह में विद्यापरिषद के सदस्य प्रो. पी.एस. बिष्ट, डॉ. एच.सी. पुरोहित एवं कार्यपरिषद के सदस्य प्रो. बी.एस. राजपूत, रमेश चंद्र बिंजोला और डॉ. अजय कुमार गुप्ता, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, जी बी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एम एस चौहान, श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एन के जोशी, प्रो. एच पी शुक्ला, प्रो. उमा जोशी उपस्थित थे।
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लालकुआं पहुंचे सांसद अजय भट्ट, अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI जांच पर दिया बड़ा बयान

Haldwani News : अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सीबीआई जांच के आदेश को लेकर सांसद अजय भट्ट ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है। लालकुआं पहुंचे सांसद अजय भट्ट ने कहा कि विपक्ष जो चाह रहा था, वो उन्हें मिल गया है।
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अंकिता हत्याकांड की CBI जांच पर अजय भट्ट का बड़ा बयान
सासंद अजय भट्ट ने अपने लालकुंआ दौरे के दौरान अंकिता Ankita Bhandari हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि विपक्ष जो चाह रहा था, वह उन्हें मिल गया है।
अंकिता भंडारी हमारे लिए सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि एक बहन और बेटी थी। उन्होंने कहा कि दिवंगत अंकिता के माता–पिता को न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार पूरी गंभीरता और ईमानदारी के साथ प्रयास कर रही है और उन्हें पूरा आश्वासन दिया गया है।
विपक्ष का काम रह गया है सिर्फ अनर्गल बयानबाजी करना
अजय भट्ट ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए सांसद अजय भट्ट ने कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ अनर्गल बयानबाजी करना रह गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश के होते हैं, लेकिन कांग्रेस के कुछ नेता जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
हरीश रावत और गणेश गोदियाल पर साधा निशाना
सांसद अजय भट्ट ने कहा कि “मुख्यमंत्री के लिए ‘मर गया–मर गया धामी मर गया’ जैसे शब्दों का प्रयोग करना क्या किसी भी सियासी दल को शोभा देता है?” उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं हरीश रावत और गणेश गोदियाल की भाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी बयानबाजी लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। अजय भट्ट ने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य Ankita Bhandari को न्याय दिलाना है और इस दिशा में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।
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