Uttar Pradesh
शादी से पहले ब्यूटी पार्लर में पड़ा दिल का दौरा, दुल्हन की मौत से मातम में बदली खुशियां…

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शादी से कुछ घंटे पहले शहर के एक ब्यूटी पार्लर में दुल्हन को दिल का दौरा पड़ा, और परिजनों द्वारा उसे मेरठ ले जाते वक्त रास्ते में उसकी मौत हो गई। यह घटना मंगलवार को हुई, जब झांसी के प्रसिद्ध योगाचार्य अविनाश की पुत्री डॉ. सुषुम्ना शर्मा की शादी डॉ. विजय भूषण से होनी थी।
शादी की तैयारियां जोरों पर थीं, दुल्हन को सजने के लिए ब्यूटी पार्लर भेजा गया था, लेकिन उसी दौरान उसे दिल का दौरा पड़ गया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के लिए दौड़े, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना से पहले दुल्हन के परिवार और दूल्हे के परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन अचानक यह घटना सभी के लिए शोक में बदल गई।
दुल्हन की मौत की सूचना मिलते ही रिश्तेदार और मेहमान गमजदा हो गए, और शादी की सारी तैयारियों को रद्द करना पड़ा। अब, यह घटना सभी के लिए एक खौ़फनाक याद बन गई है, जिससे पूरे परिवार में शोक का माहौल है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में दिल के मरीजों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है, क्योंकि ठंड और वायरल इंफेक्शन से दिल की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
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Uttar Pradesh
जानिए कब होगी UKSSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा, सूत्रों के हवाले से बड़ा अपडेट

UKSSSC Paper Leak: अप्रैल महीने में हो सकती है भर्ती परीक्षा, सूत्रों के हवाले से बड़ा अपडेट
मुख्य बिंदु
UKSSSC Paper Leak: परीक्षा पर बड़ा अपडेट सामने आया है। साल 2025 में सितम्बर माह में आयोजित की गई ये भर्ती परीक्षा पेपर लीक के चलते स्थगित कर दी गई थी। जिसके बाद मामले की जांच भी सीबीआई को सौंपी गई थी। तब से ही अभ्यर्थियों को इस परीक्षा का इंतजार था।
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UKSSSC Bharti: जल्द हो सकती है परीक्षा
दरअसल, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा 21 सितम्बर 2025 को आयोजित की गई थी। मामले में पेपर लीक प्रकरण के सामने आने के बाद अभ्यर्थियों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किया गया। करने के बाद परीक्षा को स्थगित किया गया था। जिसके बाद सरकार ने सीबीआई जाँच की सिफारिश करने के साथ ही 11 अक्टूबर को परीक्षा स्थगित कर दी थी।
UKSSSC Bharti: परीक्षा को लेकर कवायद शुरू
अब सूत्रों के हवाले से खबर सामने आयी है कि आयोग इस परीक्षा को अप्रैल महीने में करवा सकता है। जिसे लेकर कवायद भी शुरू हो चुकी है। सीबीआई जांच की मांग के साथ अभ्यर्थियों ने 3 महीने के अंदर ही परीक्षा दोबारा से करवाने की बात कही थी। लेकिन सीबीआई जांच होने से इसमें विलम्ब हो गया। तब से ही अभ्यर्थियों को परीक्षा की तिथि का इंतजार है।
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प्रदेशभर में किया जा रहा परीक्षा केंद्रों का चिह्निकरण
ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि आयोग जल्द ही परीक्षा का कार्यक्रम साझा कर सकता है। साथ ही अप्रैल महीने में परीक्षा पूरी होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। प्रदेशभर में परीक्षा केंद्रों का चिह्निकरण किया जा रहा है।
आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि
जल्द ही बैठक कर परीक्षा तिथि तय की जाएगी। साथ ही, परीक्षा के दौरान सभी सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। वहीं, पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच फिलहाल जारी है।
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UKSSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा कब होगी ?
सूत्रों के अनुसार, UKSSSC स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा अप्रैल महीने में आयोजित हो सकती है।
UKSSSC परीक्षा तिथि की आधिकारिक घोषणा कब होगी?
आयोग के अनुसार, जल्द ही बैठक के बाद परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी।
UKSSSC graduate level paper क्या पुराने एडमिट कार्ड मान्य होंगे?
नहीं, नई परीक्षा तिथि के अनुसार नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
uksssc bharti 2026 latest update
फिलहाल अप्रैल में परीक्षा होने की संभावना है, अंतिम फैसला आधिकारिक नोटिस के बाद होगा।
Uttar Pradesh
प्रतीक यादव का बड़ा ऐलान : अपर्णा यादव से लेंगे तलाक, सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये लगाया ‘घर तोड़ने’ का आरोप…

Aparna Yadav : पति प्रतीक जैन से तलाक की खबर
उत्तर प्रदेश की चर्चित महिला नेता Aparna Yadav एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह राजनीति नहीं बल्कि उनका निजी जीवन है। हाल ही में पति प्रतीक यादव के साथ तलाक की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मच गई है। प्रतीक यादव ने सार्वजनिक रूप से रिश्ते में तनाव की बात कही, जिसके बाद अपर्णा यादव का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय मीडिया में ट्रेंड करने लगा।
Aparna Yadav Divorce News: क्या है पूरा मामला?
हाल के दिनों में प्रतीक यादव ने अपने और अपर्णा यादव के रिश्ते को लेकर तलाक की प्रक्रिया शुरू करने की बात सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये बयानों में उन्होंने पारिवारिक मतभेद और मानसिक तनाव का जिक्र किया।
हालांकि अपर्णा यादव की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई औपचारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह खबर इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि वे मुलायम सिंह यादव परिवार की बहू रह चुकी हैं और वर्तमान में भाजपा की सक्रिय नेता हैं।
यह मामला सिर्फ एक निजी विवाद नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी काफी संवेदनशील माना जा रहा है।

कौन हैं Aparna Yadav? | Early Life and Education
पूरा नाम: अपर्णा बिष्ट यादव
जन्म: उत्तराखंड मूल का परिवार
शिक्षा: इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में मास्टर्स (यूके से)
पेशा: राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता
अपर्णा यादव का जन्म एक पढ़े-लिखे और प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में हुआ। उनके पिता एक वरिष्ठ पत्रकार और सूचना आयुक्त रह चुके हैं। शुरू से ही अपर्णा की रुचि राजनीति, अंतरराष्ट्रीय मामलों और समाज सेवा में रही।
उन्होंने विदेश से राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उच्च शिक्षा प्राप्त की, जो आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की मजबूत नींव बनी।
मुलायम सिंह यादव परिवार से रिश्ता
अपर्णा यादव की पहचान तब और मजबूत हुई जब उन्होंने समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव से विवाह किया। इस रिश्ते के बाद वे यादव परिवार की बहू बनीं और सीधे राजनीति के केंद्र में आ गईं।
हालांकि पारिवारिक रिश्तों में समय के साथ तनाव बढ़ता गया और अब यह रिश्ता तलाक की कगार तक पहुंच चुका है।

राजनीतिक करियर की शुरुआत
अपर्णा यादव ने राजनीति में कदम समाजवादी पार्टी से रखा।
2017 विधानसभा चुनाव
- सीट: लखनऊ कैंट
- पार्टी: समाजवादी पार्टी
- परिणाम: हार
हालांकि वे चुनाव नहीं जीत सकीं, लेकिन उनकी सक्रियता और साफ छवि ने उन्हें एक अलग पहचान दी।
BJP में एंट्री और बड़ा राजनीतिक मोड़
जनवरी 2022 में अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) जॉइन कर ली। यह कदम उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा झटका माना गया क्योंकि वे यादव परिवार से जुड़ी थीं।
भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने खुलकर योगी सरकार की नीतियों का समर्थन किया और महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और समाज सेवा के मुद्दों पर काम शुरू किया।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में भूमिका
BJP में आने के बाद अपर्णा यादव को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
इस पद पर रहते हुए उन्होंने:
- महिला सुरक्षा मामलों में हस्तक्षेप किया
- सरकारी महिला संस्थानों का निरीक्षण किया
- उत्पीड़न और घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई
- प्रशासन और मुख्यमंत्री से सीधे संवाद किया
यह भूमिका उनके राजनीतिक करियर का अब तक का सबसे अहम पद मानी जाती है।
समाजिक कार्य और छवि
अपर्णा यादव खुद को सिर्फ राजनेता नहीं बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर भी स्थापित करना चाहती हैं।
वे खासतौर पर इन मुद्दों पर काम करती रहीं:
- महिला अधिकार
- वृद्धाश्रम और अनाथालय सहायता
- गरीब महिलाओं के लिए सरकारी योजनाओं की निगरानी
- स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम
उनकी छवि एक सॉफ्ट लेकिन स्पष्टवादी नेता की रही है।
विवाद और चर्चाएं
अपर्णा यादव का नाम समय-समय पर कुछ विवादों में भी आया:
- पार्टी बदलने को लेकर राजनीतिक आलोचना
- पारिवारिक मतभेद
- तलाक विवाद (लेटेस्ट और सबसे बड़ा मामला)
हालांकि हर बार उन्होंने खुद को संयमित तरीके से पेश किया और सीधे टकराव से बचती रहीं।
वर्तमान स्थिति
आज अपर्णा यादव:
- भाजपा की सक्रिय महिला नेता हैं
- उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं
- तलाक विवाद के बाद निजी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर चर्चा में हैं
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इस निजी संकट से निकलकर राजनीति में अपनी भूमिका को कैसे आगे बढ़ाती हैं।
संक्षेप में | Aparna Yadav Profile
- समाजवादी परिवार की बहू से BJP नेता तक का सफर
- महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में अहम भूमिका
- तलाक विवाद के बाद फिर सुर्खियों में
- शिक्षित, अंतरराष्ट्रीय राजनीति की समझ रखने वाली नेता
FAQs
Q1. Aparna Yadav कौन हैं?
अपर्णा यादव उत्तर प्रदेश की महिला नेता, भाजपा सदस्य और महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष हैं।
Q2. Aparna Yadav Divorce News क्यों चर्चा में है?
पति प्रतीक यादव के साथ तलाक की खबर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया।
Q3. Aparna Yadav किस पार्टी में हैं?
वर्तमान में वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में हैं।
Q4. उनका सबसे बड़ा राजनीतिक पद क्या रहा है?
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष।
Uttar Pradesh
भारत का एक ऐसा गांव जहाँ कुत्ता बना भगवान, दूर-दराज से लोग आ रहे दर्शन के लिए

Bijnor news: मूर्ति की परिक्रमा करने वाला एक कुत्ता, लोग दूर दराज से आ रहे दर्शन करने
मुख्य बिंदु
Bijnor news: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नंदपुर गांव में इन दिनों एक ऐसा दृश्य देखने को मिल रहा है, जिसने लोगों की आस्था के साथ-साथ जिज्ञासा भी चरम पर पहुंचा दी है। यहां बीते चार दिनों से गांव में लगातार परिक्रमा कर रहे एक कुत्ते को ग्रामीणों ने श्रद्धा के साथ ‘कुत्ता महाराज’ का दर्जा दे दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग उसे भगवान का रूप मानकर माथा टेकने लगे हैं।
बिजनौर में कुत्ता महाराज के दर्शन के लिए दूर-दराज से पहुँच रहे लोग
दरअसल, नंदपुर गांव में ये अनोखी घटना देखते-ही-देखते चर्चा का विषय बन गई। मंदिरों में देवताओं के चमत्कारों की कहानियां तो आम हैं, लेकिन यहां मामला कुछ अलग ही नजर आया। चार दिनों तक बिना रुके परिक्रमा करते कुत्ते को देखकर ग्रामीणों की आस्था जाग उठी और फिर शुरू हो गया पूजा-पाठ का सिलसिला। देखते ही देखते कुत्ते के आसपास भीड़ जमा होने लगी और दूर-दराज से लोग भी ‘कुत्ता महाराज’ के दर्शन के लिए पहुंचने लगे।
ग्रामीणों ने कहा कि ये घटना है दैवीय संकेत
चार दिन की लगातार परिक्रमा के बाद कुत्ता अब थककर एक स्थान पर बैठ गया है, लेकिन ग्रामीणों की श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई है। इसी बीच प्रशासन को भी मामले की सूचना मिली, जिसके बाद वेटरनरी डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। जांच के बाद डॉक्टरों ने साफ किया कि कुत्ता पूरी तरह स्वस्थ है और उसमें किसी तरह की बीमारी के लक्षण नहीं हैं। इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि दैवी संकेत है।
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स्थानीय लोग कुत्ते को मान रहे भैरव बाबा का रूप Source
स्थानीय लोगों का मानना है कि कुत्ता भैरव बाबा की परिक्रमा कर रहा था। एक ग्रामीण ने बताया कि “चार दिन से लगातार परिक्रमा कर रहे हैं, आज थोड़ा विश्राम कर रहे हैं। कुछ लोगों को लगा कि शायद कुत्ता बीमार है, लेकिन डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि सब ठीक है। अब जब डॉक्टर भी कह चुके हैं, तो हम तो इन्हें भगवान का ही रूप मानते हैं।”
कुल मिलाकर, नंदपुर गांव में इन दिनों आस्था, आश्चर्य और हल्की-सी हैरानी का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।
भारत का कौन-सा गांव कुत्ते को भगवान मानकर पूजा कर रहा है?
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नंदपुर गांव में एक कुत्ते को भगवान के रूप में पूजा जा रही है।
लोग कुत्ते को ‘कुत्ता महाराज’ क्यों कह रहे हैं?
ग्रामीणों का मानना है कि कुत्ते ने लगातार चार दिनों तक गांव की परिक्रमा की, जिसे वे दैवी संकेत मान रहे हैं, इसी कारण उसे ‘कुत्ता महाराज’ कहा जा रहा है।
क्या लोग सच में कुत्ते की पूजा कर रहे हैं?
हां, ग्रामीण कुत्ते को भगवान का रूप मानकर उसके सामने माथा टेक रहे हैं और भोजन अर्पित कर रहे हैं।
भारतीय संस्कृति में कुत्ते का क्या धार्मिक महत्व है?
हिंदू मान्यताओं में कुत्ते को भैरव बाबा से जोड़ा जाता है, हालांकि किसी जीवित कुत्ते की इस तरह पूजा होना दुर्लभ माना जाता है।
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