Rudraprayag
केदारनाथ धाम: तीन दिनों में 75,139 श्रद्धालु कर चुके है बाबा के दर्शन, सुबह से ही भक्तों की लग रही लम्बी लाइन।

केदारनाथ – भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक केदारनाथ में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। कपाट खुलने के बाद से अभी तक धाम में कुल 75,139 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। बीते तीन दिनों से धाम में प्रतिदिन 20 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे सुबह से ही भक्तों की लंबी लाइन लग रही है।

इसके साथ ही पैदल मार्ग से लेकर केदारनाथ तक रौनक बनी हुई है। पंच केदार में प्रमुख केदारनाथ धाम के कपाट 10 मई को खुल गए थे। कपाटोद्घाटन पर धाम में रिकाॅर्ड 29,030 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। केदारनाथ में व्यापारिक गतिविधियां बंद होने के बाद भी धाम में यात्रियों का उत्साह अपने चरम पर रहा। वहीं, शनिवार को भी धाम में आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ा जो रविवार को भी जारी रहा। रविवार को धाम में 23,510 शिव भक्तों ने अपने आराध्य के दर्शन किए।
हर घंटे 1,700 श्रद्धालु से अधिक कर रहे दर्शन
श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा बाबा के भक्तों को बेहतर से बेहतर तरीके से दर्शन कराए जा रहे हैं। सुबह चार से आठ बजे तक भीड़ कम होने पर भक्त गर्भगृह से दर्शन कर रहे हैं। वहीं, भीड़ बढ़ने पर सभामंडप से दर्शन हो रहे हैं। धाम में औसतन 1,700 से अधिक श्रद्धालु हरघंटे दर्शन कर रहे हैं। बीकेटीसी के अनुसार, तीन दिनों में धाम में कुल 75,139 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो बीते पांच वर्ष में नया रिकॉर्ड है। दर्शनार्थियों में 49,144 पुरुष, 25,002 महिलाएं, 991 बच्चे शामिल हैं। साथ ही दो विदेशी महिला शिवभक्त भी केदारनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित कर चुकी हैं।
बीकेटीसी के कार्याधिकारी रमेश चंद्र तिवारी ने बताया, धर्म दर्शन सुबह चार बजे से शुरू हो रहे हैं। अपराह्न तीन बजे भगवान केदारनाथ को भोग लगाने के लिए मंदिर बंद किया जा रहा है। साफ-सफाई के बाद पुन: चार से शाम 6.30 बजे तक भक्तों को दर्शन कराए जा रहे हैं। इसके बाद सात बजे बाबा केदार की सायंकालीन आरती के बाद बाबा केदार के शृंगार दर्शन कराए जा रहे हैं, जो सभामंडप से ही होते हैं।
Rudraprayag
सड़क पर अचानक आई भैंस…, अगले ही पल स्कॉर्पियो से भिड़ी कार, एक की दर्दनाक मौत

Rudrapur News : उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के पंतनगर थाना क्षेत्र में देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने चार लोगों की जिंदगी बदल दी। कार के आगे भैंस आने के कारण दर्दनाक हादसा हो गया। जिसमें कार सवार एक शख्स की मौत हो गई।
Table of Contents
सड़क पर अचानक आई भैंस, अगले ही पल स्कॉर्पियो से भिड़ी कार
हल्द्वानी से आ रही एक स्विफ्ट कार पहले सड़क पर अचानक आए एक भैंस से टकरा गई। टक्कर के बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार सामने से आ रही स्कॉर्पियो से जा भिड़ी। हादसे में स्विफ्ट कार में सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि तीन अन्य का अस्पताल में उपचार जारी है।
दर्दनाक हादसे में एक शख्स की मौत
जानकारी के अनुसार यह हादसा शुक्रवार रात करीब 11 बजे टांडा जंगल क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग से कुछ पहले हुआ। स्विफ्ट कार में सवार सभी लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार सामान्य रफ्तार से आगे बढ़ रही थी, तभी अचानक एक भैंस सड़क पर आ गई। चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और कार सीधे भैंस से टकरा गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार का संतुलन बिगड़ने से वो दूसरी लेन में चली गई और सामने से रुद्रपुर की ओर आ रही स्कॉर्पियो से आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि स्विफ्ट कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

कार सवार तीन गंभीर रूप से घायल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक घायल को मृत घोषित कर दिया। बाकी तीन घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत पर चिकित्सकों की लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच की शुरू
पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सड़क पर अचानक पशु के आने के कारण यह हादसा हुआ, लेकिन पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।
Rudraprayag
रूद्रप्रयाग में अचानक बढ़ा मंदाकिनी का जल स्तर, बीच नदी में फंसे जेसीबी का ड्राइवर और हेल्पर

Rudraprayag News : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया। मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने के कारण एक जेसीबी और उसका चालक समेत हेल्पर नदी में ही फंस गए।
Table of Contents
रूद्रप्रयाग में अचानक बढ़ा मंदाकिनी का जल स्तर
ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जिससे नदी के बीच निर्माण कार्य में लगी एक जेसीबी मशीन तेज बहाव में फंस गई। मशीन में मौजूद चालक और उसका सहयोगी चारों तरफ से उफनती नदी के पानी से घिर गए।
बीच नदी में फंसे जेसीबी का ड्राइवर और हेल्पर
जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष को मोबाइल के माध्यम से मिली। बताया गया कि सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना के कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद मंदाकिनी नदी का जलप्रवाह अचानक कई गुना बढ़ गया। जलस्तर में आई इस तेजी के कारण नदी के बीच काम कर रही जेसीबी बाहर नहीं निकल सकी और उसमें सवार दोनों लोग फंस गए।
बचाव दल ने सावधानी और सूझबूझ से बचे दोनों
सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बिना देर किए राहत और बचाव अभियान शुरू कराया। एसडीआरएफ, जल पुलिस और नगर पंचायत अगस्त्यमुनि की संयुक्त टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।

तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल ने सावधानी और सूझबूझ के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद नदी के बीच फंसे जेसीबी चालक और उसके सहयोगी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रशासन ने लोगों से की नदी के आस-पास ना जाने की अपील
समय पर की गई इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि लगातार हो रही बारिश के दौरान नदी-नालों के आसपास जाने से बचें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पूरी सतर्कता बरतें। साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान मौसम और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने की भी सलाह दी गई है।
Rudraprayag
बाबा तुंगनाथ के दरबार में उमड़ा जनसैलाब, अब तक किए 1.18 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन

Rudraprayag News : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में समुद्र तल से करीब 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक है। 21 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक 1,18,381 श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं।
Table of Contents
बाबा तुंगनाथ के दरबार में उमड़ा जनसैलाब
चोपता से तुंगनाथ तक का पैदल मार्ग इन दिनों श्रद्धालुओं से गुलजार है। हिमालय की बर्फीली चोटियां, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण यात्रा को खास बना रहे हैं। बढ़ती श्रद्धालु संख्या से चोपता, बणियाकुंड और आसपास के क्षेत्रों में होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट और स्थानीय कारोबार को भी अच्छा लाभ मिल रहा है।
अब तक किए 1.18 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन
मंदिर समिति, वन विभाग, तीर्थ पुरोहित समाज और स्थानीय संस्थाएं मिलकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का ध्यान रख रही हैं। तुंगनाथ धाम के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित के अनुसार, अब तक दर्शन करने वालों में 60,962 पुरुष, 50,815 महिलाएं, 6,384 बच्चे, 151 साधु-संत और 69 विदेशी श्रद्धालु शामिल हैं।

लगातार बढ़ रही है श्रद्धालुओं की संख्या
तुंगनाथ धाम के प्रबंधक ने बताया कि चोपता से सीधे चंद्रशिला जाने वाले पर्यटकों को इस आंकड़े में शामिल नहीं किया गया है। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या यह साबित कर रही है कि तुंगनाथ धाम अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ उत्तराखंड का एक प्रमुख आध्यात्मिक और पर्वतीय पर्यटन केंद्र भी बनता जा रहा है।
Haridwar23 hours agoबाइक से जाते वक्त पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला ने एक साल की बच्ची के साथ गंगनहर में छलांग
धर्म-कर्म22 hours agoRaashifal 14 July 2026: भौमवती अमावस्या और व्याघात योग का महासंयोग, जानें सभी 12 राशियों का भाग्यफल
big news19 hours agoकैसी चाहिए उत्तराखंड की खेल नीति ?, आम जनता 30 जुलाई तक दे सकती है सुझाव, यहां जानें कैसे ?
Dehradun20 hours agoडिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.47 करोड़ की साइबर ठगी, हरियाणा से आरोपी गिरफ्तार
uttarakhand weather3 hours agoउत्तराखंड में आज भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, इन जिलों में जमकर बरसेंगे बदरा
Tehri Garhwal2 hours agoकेतन हत्याकांड में आया बड़ा मोड़, मृतक और उसके दोस्त खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
Roorkee38 minutes agoरूड़की में चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक लगी आग, युवक ने कूदकर बचाई जान
Cricket7 minutes agoZIM vs BAN Dream11 Prediction 1st T20I 2026: फैंटेसी क्रिकेट टिप्स, संभावित प्लेइंग XI, पिच रिपोर्ट और ड्रीम11 टीम





































