Nainital
कोटाबाग उभर रहा है एक नए टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में , पैराग्लाइडिंग के साथ अब पर्यटक साइकिलिंग का भी ले सकेंगे आनंद….

रामनगर , नैनीताल : उत्तराखंड के प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क और नैनीताल में अब पर्यटक केवल पैराग्लाइडिंग का लुफ्त नहीं उठाएंगे, बल्कि कोटाबाग क्षेत्र में साइकिलिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का भी आनंद ले सकेंगे। कोटाबाग, जो नैनीताल जिले के खूबसूरत पहाड़ी इलाके में स्थित है, अब एक नए टूरिज़्म डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है।
कोटाबाग के स्थानीय निवासियों ने टूरिज़्म को प्रमोट करने के लिए एक नई पहल की है, जिसमें जंगल सफारी के अलावा अन्य रोमांचक गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। यहाँ अब जिम्मेदार पर्यटन (Responsible Tourism) को बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है। स्थानीय लोगों का उद्देश्य है कि पर्यटकों को सिर्फ वन्यजीवों और प्रकृति का ही अनुभव न हो, बल्कि वे अन्य एडवेंचर गतिविधियों का भी आनंद लें।
इस पहल में उत्तराखंडी टूरिज्म रिप्रसेंटेटिव्स एसोसिएशन ने भी भागीदारी की है और यहाँ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काम शुरू कर दिया है। इस अभियान में प्रकृति की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी है, ताकि पर्यटकों को प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ पर्यावरण का भी ख्याल रखा जा सके।
यहाँ अब बर्ड वाचिंग, साइकिलिंग और पैरा ग्लाइडिंग जैसी गतिविधियाँ शुरू की जाएंगी। खास तौर पर, कोटाबाग में पैरा ग्लाइडिंग और बर्ड वाचिंग के लिए अपार संभावनाएं हैं। इन गतिविधियों से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं पर्यटकों को नैनीताल और कॉर्बेट पार्क के पास एक नया एडवेंचर अनुभव मिलेगा।
big news
नैनीताल में गहरी खाई में गिरी यूपी के पर्यटकों की कार, हादसे में पांच लोग घायल

Nainital News : नैनीताल जिले में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां नैनीताल से घूमकर वापस लौट रहे यूपी के पर्यटकों की कार हादसे का शिकार हो गई। तेज रफ्तार के कारण कारण गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में पांच लोग घायल हो गए।
Table of Contents
नैनीताल में गहरी खाई में गिरी यूपी के पर्यटकों की कार
नैनीताल देर रात एक तेज रफ्तार कार हादसे का शिकार हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी पर्यटकों की कार हनुमानगढ़ी के पास अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में चालक समेत कार सवार पांच लोग घायल हो गए।

तेज रफ्तार बना nainital accident का कारण
इस हादसे (nainital accident) की जानकारी आसा-पास मौजद लोगों ने पुलिस को दी। जिसके बाद तल्लीताल पुलिस, एसडीआरएफ और दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया। टीम ने सभी घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया।
सड़क किनारे लगी रेलिंग को तोड़ खाई में गिरी थी कार
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ है। उन्होंने बताया कि चालक बेहद ही तेज गति से वाहन को चला रहा था। इसी दौरान हनुमागढ़ी से कुछ आगे पहुंचने पर पास लेते वक्त वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे लगी रेलिंग को तोड़ते हुए खाई में जा गिरा।
Nainital
नैनीताल में घास काट रही महिला को गुलदार ने मार डाला, दो किलोमीटर तक घसीटकर ले गया जंगल

Nainital News : उत्तराखंड में मानव वन्यजीव संघर्ष कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन जंगली जानवर लोगों को अपना निवाला बना रहे हैं। नैनीताल में गुलदार ने घास काटने गई महिला को निवाला बना लिया। गुलदार महिला को दो किलोमीटर तक जंगल में घसीटकर ले गया।
Table of Contents
नैनीताल में घास काट रही महिला को गुलदार ने मार डाला
Nainital जिले के ओखलकांडा ब्लॉक के चमोली गांव के कीटोड़ा तोक में एक महिला को गुलदार ने निवाला बना लिया। मिली जानकारी के मुताबिक कीटोड़ा तोक गांव की रेखा देवी पत्नी पान सिंह अपनी साथी गांव की महिलाओंके साथ घास काटने के लिए गई। घास काटने के दौरान वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया।
दो किलोमीटर तक घसीटकर ले गया जंगल
रेखा पर गुलदार पर हमला करने पर साथी महिलाओं के शोर मचाने और रेखा देवी की चीखों के बावजूद गुलदार ने उसे नहीं छोड़ा। गुलदार महिला को करीब दो किलोमीटर तक जंगल के भीतर घसीटकर ले गया। इस हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
हमले के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश
ओखलकांडा ब्लॉक में इस हमले के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग और सरकार ने पर्वतीय इलाकों में लगातार बढ़ रहे वन्यजीव हमलों पर समय रहते सख्त और प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले समय में कोई बड़ी और गंभीर घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
Uttarakhand
एक मंदिर, दो राज्य ! जानिए शक्तिपीठ, आस्था और इतिहास का दिव्य संगम…

Naina Devi Mandir: नैनिताल और हिमाचल मे शक्तिपीठ, आस्था और इतिहास का दिव्य संगम
भारत में कुछ धार्मिक स्थल ऐसे हैं जो केवल एक जगह तक सीमित नहीं रहते, बल्कि आस्था के अलग-अलग रूपों में पूरे देश में पूजे जाते हैं। Naina Devi Mandir ऐसा ही एक नाम है, जो उत्तराखंड के नैनीताल और हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर दोनों स्थानों पर शक्ति, विश्वास और पौराणिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
इन दोनों ही स्थानों पर स्थित नैना देवी मंदिर, माता सती के नयनों से जुड़ी मान्यताओं के कारण श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं।
यह लेख न केवल धार्मिक जानकारी देता है, बल्कि इतिहास, मान्यताओं, यात्रा मार्ग और आध्यात्मिक अनुभव को भी सरल और मानवीय भाषा में प्रस्तुत करता है।
Table of Contents
Naina Devi Mandir का पौराणिक महत्व
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता सती के आत्मोत्सर्ग के बाद भगवान शिव उन्हें लेकर तांडव करने लगे। ब्रह्मांड की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के अंगों को अलग किया।
जहां माता के नयन (आंखें) गिरीं, वही स्थान नैना देवी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
यही कारण है कि उत्तराखंड और हिमाचल, दोनों ही स्थानों को माता नयना देवी की शक्ति से जुड़ा हुआ माना जाता है।
Naina Devi Mandir, नैनीताल (उत्तराखंड)


उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल में स्थित नैना देवी मंदिर, नैनी झील के उत्तरी किनारे पर मौजूद है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी नैनीताल की पहचान है।
धार्मिक मान्यता
कहा जाता है कि माता सती की आंखें इसी स्थान पर गिरी थीं और उन्हीं से नैनी झील की उत्पत्ति हुई। इसलिए झील और मंदिर को एक-दूसरे से अलग नहीं किया जाता।
वास्तुकला
मंदिर की बनावट सरल है, लेकिन गर्भगृह में स्थापित माता की दो नेत्रों के प्रतीक भक्तों को गहरी आध्यात्मिक अनुभूति कराते हैं।
विशेष आयोजन
- नवरात्रि में विशेष पूजा
- प्रतिदिन सुबह और शाम आरती
- पूर्णिमा और अमावस्या पर विशेष अनुष्ठान
Naina Devi Mandir, हिमाचल प्रदेश (बिलासपुर)


हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की शिवालिक पहाड़ियों पर स्थित नैना देवी मंदिर को देश के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है।
धार्मिक महत्व
यहां माता नयना देवी की पिंडी रूप में पूजा होती है। मान्यता है कि माता यहां भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और विशेष रूप से नेत्र रोगों से मुक्ति देती हैं।
श्रावण अष्टमी और नवरात्रि मेला
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह मेला हिमाचल के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में से एक है।
रोपवे सुविधा
वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए रोपवे यात्रा एक बड़ी सुविधा है, जो दर्शन को आसान बनाती है।
नैनीताल और हिमाचल के Naina Devi Mandir में अंतर और समानता
समानताएं
- दोनों ही माता सती के नयनों से जुड़े हैं
- दोनों स्थानों को शक्ति उपासना का केंद्र माना जाता है
- नवरात्रि में विशेष पूजा और भीड़
अंतर
- नैनीताल का मंदिर झील किनारे स्थित है
- हिमाचल का मंदिर पहाड़ी चोटी पर स्थित शक्तिपीठ है
- हिमाचल मंदिर में बड़े धार्मिक मेले लगते हैं
Naina Devi Mandir दर्शन का सही समय
- नैनीताल: मार्च से जून, सितंबर से नवंबर
- हिमाचल: मार्च से अक्टूबर, विशेषकर नवरात्रि और श्रावण अष्टमी
कैसे पहुंचें
नैनीताल (उत्तराखंड)
- रेल: काठगोदाम
- हवाई: पंतनगर
- सड़क: हल्द्वानी से सीधा मार्ग
हिमाचल (बिलासपुर)
- रेल: आनंदपुर साहिब
- हवाई: चंडीगढ़
- सड़क: चंडीगढ़ और बिलासपुर से बस सुविधा
Naina Devi Mandir से जुड़ी आस्थाएं
- सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है
- मानसिक तनाव और नेत्र रोगों में राहत मिलती है
- माता अपने भक्तों की रक्षा स्वयं करती हैं
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में Naina Devi Mandir जैसे स्थल लोगों को ठहराव, विश्वास और शांति देते हैं। चाहे वह नैनीताल की झील के किनारे स्थित मंदिर हो या हिमाचल की पहाड़ियों पर बसा शक्तिपीठ, दोनों ही स्थान आत्मा को सुकून देने वाले हैं।
निष्कर्ष
Naina Devi Mandir उत्तराखंड और हिमाचल, दोनों ही रूपों में माता शक्ति की उपासना का प्रतीक है।
नैनीताल का मंदिर जहां सौंदर्य और शांति का अनुभव कराता है, वहीं हिमाचल का मंदिर शक्ति और भक्ति का विराट स्वरूप दिखाता है।
इन दोनों स्थानों के दर्शन करने से आस्था और आत्मिक ऊर्जा का अद्भुत अनुभव होता है।
FAQs:
Q1. Naina Devi Mandir कितने स्थानों पर प्रसिद्ध है?
मुख्य रूप से नैनीताल (उत्तराखंड) और बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) में।
Q2. क्या दोनों मंदिर शक्तिपीठ माने जाते हैं?
हिमाचल का मंदिर प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है, जबकि नैनीताल का मंदिर माता के नयनों से जुड़ा है।
Q3. Naina Devi Mandir जाने का सबसे अच्छा समय क्या है?
मार्च से अक्टूबर तक का समय सबसे उपयुक्त है।
Q4. क्या हिमाचल के Naina Devi Mandir में रोपवे है?
हां, वहां रोपवे सुविधा उपलब्ध है।
Q5. क्या नवरात्रि में विशेष पूजा होती है?
दोनों ही स्थानों पर नवरात्रि में विशेष पूजा और आयोजन होते हैं।
Pithoragarh15 hours agoपिथौरागढ़ में युवा ग्राम प्रधान की खाई में गिरने से मौत, कई घंटों बाद मिला शव
Cricket15 hours agoJSK vs PR Dream 11 Prediction: जोबर्ग vs पार्ल आज का मैच रिपोर्ट, टीम, पिच रिपोर्ट और फैंटेसी टिप्स
Uttarkashi13 hours agoउत्तरकाशी में जन सेवा शिविर से नदारद रहे अधिकारी, DM ने मांगा स्पष्टीकरण, 1 दिन का वेतन काटने के भी निर्देश
Udham Singh Nagar10 hours agoUTTARAKHAND: रिश्ते हुए शर्मशार, नाबालिग बेटी ने लगाए पिता पर गंभीर आरोप
Dehradun8 hours agoविधानसभा चुनाव से पहले अपना कुनबा बढ़ाने में जुटी कांग्रेस, 30 रिटायर्ड कर्मचारियों ने ली सदस्यता
Cricket10 hours agoहॉबर्ट हरिकेन्स बनाम एडिलेड स्ट्राइकर्स, BBL 2025-26 28वां मुकाबला…
Entertainment13 hours agoFriday OTT Release 9 Jan : इस वीकेंड कौन-कौन सी नई फिल्में और सीरीज स्ट्रीमिंग हो रही हैं?
health and life style9 hours agoCoffee Butter Benefits: त्वचा के लिए कॉफी बटर के 6 फायदे, पढें इस्तेमाल और सही तरीका…






































