Dehradun
सीएम धामी के निर्देशों पर रेस्टोरेशन के लिए आयुक्त, गढ़वाल मंडल को नोडल अधिकारी किया नियुक्त।

देहरादून – रुद्रप्रयाग जनपद में भारी वर्षा से केदारनाथ यात्रा मार्ग के प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के रेस्टोरेशन के लिए शासन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर आयुक्त, गढ़वाल मंडल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

सचिव लोक निर्माण विभाग रमेश कुमार सुधांशु की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि गत दिनों रुद्रप्रयाग जनपद में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भारी वर्षा से प्रभावित जान-माल के रेस्क्यू व यात्रा मार्ग की आधारभूत संरचना के रेस्टोरेशन के लिए मुख्यमंत्री द्वारा प्रदत्त निर्देशानुसार सचिव, आपदा प्रबन्धन विभाग, सचिव, लोक निर्माण विभाग तथा सचिव, ऊर्जा विभाग के द्वारा नामित ऊर्जा विभाग के उच्च अधिकारी तत्काल जनपद दौरा करते हुए रेस्क्यू और रेस्टोरेशन की व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे, जिसके लिए आयुक्त, गढ़वाल मण्डल नोडल अधिकारी होंगे।
Dehradun
अवैध खनन पर रोक लगने से चार गुना बढ़ा राजस्व, इन सुधारों से बदली तस्वीर

Dehradun News : खनन गतिविधियों को लेकर सामान्य तौर लोगों में नकारात्मक अवधारणा रहती है। लेकिन उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खनन आवंटन और खनन परिवहन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के साथ ही अवैध खनन पर सख्ती दिखाई, इसी का नतीजा है कि डेढ़ साल से कम समय में सालाना खनन राजस्व 300 करोड़ से 1200 करोड़ के पार पहुंच गया है।
Table of Contents
अवैध खनन पर रोक लगने से चार गुना बढ़ा राजस्व
प्रदेश सरकार ने सितंबर 2024 को नई खनन नीति लागू की थी। नई खनन नीति में ई-निलामी के जरिए खनन लॉट आवंटन, खनन गतिविधियों की सेटेलाइट निगरानी जैसे कई नए प्रयोग किए गए। एसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस- प्रशासन को भी अवैध खनन पर सख्ती दिखाने के निर्देश दिए। जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
2025 में 1200 करोड़ के पार पहुंचा
सितंबर 2024 से पहले राज्य को खनन से सिर्फ 300 करोड़ रुपए तक ही सालाना राजस्व प्राप्त हो पाता था। लेकिन अब ये राजस्व 1200 करोड़ के पार चला गया है। यही नहीं उत्तराखंड को खनन सुधार लागू करने के लिए देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हो चुका है, जिसके फलस्वरूप केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए “पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI)” के अंतर्गत उत्तराखंड के लिए ₹200 करोड़ की विशेष सहायता स्वीकृत की है।
इन सुधारों से बदली तस्वीर
- 1. ई निलामी के जरिए खनन लॉट आवंटन
- 2. अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई गई
- 3. खनन परिवहन के लिए माइनिंग सर्विलांस सिस्टम
- 4. खनन गतिविधियों की डिजिटल ट्रैकिंग और निरीक्षण
खनन हो रहा पर्यावरण के मानकों के अनुसार
आम लोगों को आवासीय या अन्य निर्माण के लिए खनन सामग्री की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भी खनन की आवश्यकता है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि खनन पर्यावरण के मानकों के अनुसार हो और साथ ही इसके लिए पारदर्शी तंत्र विकसित किया गया। जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। इससे राजस्व में भी शानदार वृद्धि हुई है।
Dehradun
उत्तराखंड में Pre-SIR के तहत 75 % मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 1 फरवरी से शूरू होगा दूसरा चरण

Uttarakhand News : भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में उत्तराखंड में Pre-SIR के तहत 75 % मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 1 फरवरी से शूरू होगा दूसरा चरण गतिविधियां सम्पादित की जा रही हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में बीएलओ आउटरीच अभियान के तहत प्रदेश में प्रत्येक मतदाता तक पंहुच, समन्वय और संवाद स्थापित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पहले चरण में प्रदेश के 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है।
Table of Contents
उत्तराखंड में Pre-SIR के तहत 75 % मतदाताओं की मैपिंग पूरी
उत्तराखंड में प्री एसआईआर के तहत 75 % मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो गई है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बीलएओ, ईआरओ सहित पूरी इलेक्शन मशीनरी ने बेहद उत्साहपूर्वक तरीके से 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की है।
1 फरवरी से शूरू होगा दूसरा चरण
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बीएलओ आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत एक फरवरी से की जा रही है। इस अभियान में प्रदेश के युवा और महिला मतदाताओं पर विशेष फोकस रहेगा। आउटरीच अभियान के दूसरे चरण को 15 फरवरी 2026 तक सम्पादित किया जाएगा।

2003 की मतदाता सूची से की जा रही है मैपिंग
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्री एसआईआर फेज में प्रदेश की वर्तमान मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के मतदाताओं से अपील की है कि वे इस अभियान में अपने बीएलओ का सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है, जहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, अपने तथा अपने पिता/पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक एवं बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही गली, मोहल्लों और एरिया के नाम से भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा प्रदान की गई है।
राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से बीएल नियुक्त करने की अपील
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की गई थी। वर्तमान में प्रदेश के 12070 बीएलए की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने राजनैतिक दलों से शतप्रतिशत बीएलए नियुक्त करने की अपील की है।
Dehradun
उत्तराखंड में आवास और शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा, नए नगरों के विकास में हडको बनेगा साझेदार

Uttarakhand News : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत–2047’ के संकल्प को साकार करने और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को सुनियोजित, आधुनिक और समावेशी राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है।
Table of Contents
Uttarakhand में आवास और शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा
Uttarakhand में सभी के लिए आवास, नए नगरों के विकास और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित विस्तार को गति देने के उद्देश्य से हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हडको) के सहयोग से संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, रेंटल हाउसिंग योजना और भविष्य की शहरी विकास रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक का मुख्य फोकस राज्य में आवासीय जरूरतों को दीर्घकालिक दृष्टि से पूरा करना, विशेषकर ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और एलआईजी (निम्न आय वर्ग) के लिए सस्ते, सुरक्षित और टिकाऊ आवास उपलब्ध कराना रहा।
2047 और 2050 तक की जरूरतों के हिसाब से बन रही रणनीति
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि Uttarakhand की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 2047 के विकसित भारत लक्ष्य और 2050 तक की आवासीय जरूरतों के लिए एक समग्र व व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सुनियोजित निर्माण, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और भविष्य के नए नगरों की परिकल्पना शामिल होगी।
नए नगरों के विकास में हडको बनेगा साझेदार
हडको के क्षेत्रीय प्रमुख एवं राज्य प्रभारी संजय भार्गव ने राज्य सरकार को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड में नए शहरों और टाउनशिप के विकास, भूमि अधिग्रहण, मास्टर प्लानिंग और वित्तीय सहयोग में हडको अपनी विशेषज्ञता और अनुभव का पूरा लाभ राज्य को देगा। देश के विभिन्न राज्यों में नए नगर बसाने के अनुभव को उत्तराखंड में भी लागू किया जाएगा।
रेंटल हाउसिंग और सस्ते आवास पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ रेंटल आवास योजना को भी गति देने पर चर्चा हुई, जिससे प्रवासी श्रमिकों, युवाओं और कामकाजी वर्ग को सुरक्षित एवं किफायती आवास उपलब्ध कराया जा सके। यह कदम शहरी क्षेत्रों में अनियोजित बसावट को रोकने में भी सहायक होगा।
हडको का मजबूत वित्तीय योगदान
बैठक में जानकारी दी गई कि हडको देहरादून द्वारा राज्य में अब तक 1543.34 करोड़ रुपए की ऋण राशि वाली 115 आवासीय और शहरी विकास योजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। ये आंकड़ा उत्तराखंड में आवास विकास के प्रति हडको की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Cricket23 hours agoUAE vs IRELAND 1st T20I: दुबई में रोमांचक मुकाबले की तैयारी, जानें पिच रिपोर्ट, संभावित प्लेइंग XI और Dream11 Prediction..
big news4 hours agoउत्तराखंड शासन ने किया बड़ा फेरबदल, एक साथ 18 पुलिस अधिकारियों के हुए तबादले, देखें लिस्ट
Dehradun22 hours agoउत्तराखंड में Pre-SIR के तहत 75 % मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 1 फरवरी से शूरू होगा दूसरा चरण
big news4 hours agoउत्तराखंड में एक बार फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 3 फरवरी तक होगी बारिश और बर्फबारी
Dehradun22 hours agoअवैध खनन पर रोक लगने से चार गुना बढ़ा राजस्व, इन सुधारों से बदली तस्वीर
Pauri23 hours agoपहाड़ की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल, अस्पताल बनाता रहा बहाने, माँ-बच्चे की मौत
Cricket4 hours agoIND vs NZ 5th T20I Dream11 Prediction : फैंटेसी खिलाड़ियों के लिए परफेक्ट गाइड
धर्म-कर्म24 hours agoकब है vijaya ekadashi 2026 ? जाने , तिथि शुभ मुहूर्त और पूजन काल…








































